0 से 3 साल के मध्यम कुपोषित बच्चों को मिलेगा आंगनबाड़ी में पौष्टिक भोजन Featured

दुर्ग। जिले में अब तक शून्य से तीन साल के गंभीर कुपोषित बच्चों को गर्म पौष्टिक भोजन खिलाया जा रहा था। अब इसमें मध्यम कुपोषित बच्चे भी शामिल होंगे। कलेक्टर श्री अंकित आनंद ने पाटन ब्लाक की आंगनबाडिय़ों के निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विपिन जैन को इस संबंध में प्रस्ताव देने कहा। कलेक्टर ने आज देवादा, तर्रा, जामगांव, अरसनारा, सांकरा, पंदर, दरबार मोखली, लोहर्सी की आंगनबाडिय़ों का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां चल रहे मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के क्रियान्वयन का अवलोकन किया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से और वहां उपस्थित गर्भवती माताओं एवं शिशुवती माताओं से बातचीत की। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का लक्ष्य कुपोषण को पूरी तरह से समाप्त करना है। इसके लिए विभागीय दायित्व के साथ ही लोगों को जागरूक करना भी आवश्यक है। सामुदायिक भागीदारी के लिए लगातार गांव के जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्यजनों से चर्चा करें। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी के साथ ही पाटन ब्लाक के परियोजना अधिकारी श्री सुमीत गंडेजा श्री जितेन्द्र साव भी उपस्थित थे।
    अच्छा कार्य कर रहे  आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका का होगा सम्मानए चिन्हांकन के दिए निर्देश. पाटन ब्लाक की आंगनबाडिय़ों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं द्वारा किए जा रहे उद्यम से कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गंभीर कुपोषित और मध्यम कुपोषित बच्चों का कुपोषण दूर करने की दिशा में अच्छा कार्य कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का सम्मान करें। उन्होंने देवादाए पंदरए दरबार मोखलीए लोहर्सी में हो रहे कार्यों की विशेष तौर पर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य निरंतर जारी रहें और इसके लिए सामुदायिक सहभागिता के साथ कार्य करें। इससे आपको विशेष रूप से मदद मिलेगी और कुपोषण से लडऩे के उद्देश्य को जल्द पाने में सफलता मिलेगी। चखा रेडी टू ईट, पैकेट का निरीक्षण भी किया. सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में कलेक्टर ने रेडी टू ईट चखा भी और इनके पैकेट भी देखे। पैकेट में निर्माण की तिथि और अन्य बारीकियों से भी वे संतुष्ट हुए। कलेक्टर ने केंद्र में आने वाली शिशुवती एवं गर्भवती माताओं से भी बातचीत की और भोजन की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि उन्हें पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है और यहां आकर उन्हें अच्छा लगता है। उन्होंने कहा कि एनीमिया से लडऩे के लिए एनीमिक महिलाओं को पौष्टिक आहार देने की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई है। अपने भोजन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बताये गए पोषण के अनुरूप खाना खाएं ताकि तेजी से हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ सके।

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