ईश्वर दुबे
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Bhilai
बेमेतरा, जशपुर, डोंगरगढ़ और कांकेर में सहेजे जाएंगे तालाब, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और भूजल संवर्धन को मिलेगी मजबूती
शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ, हरित और जल-सुरक्षित बनाने सरकार प्रतिबद्ध – उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव
रायपुर. सितम्बनर 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के 4 शहरों में तालाबों के पुनर्जीवन के लिए 22 करोड़ 18 लाख रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय क्षेत्रों में जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों को सहेजने मिशन अमृत 2.0 के तहत बेमेतरा, जशपुर, डोंगरगढ़ और कांकेर के लिए यह राशि स्वीकृत की गई है। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा चारों शहरों में इन कार्यों के लिए आज प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।
राज्य शासन द्वारा शहरों में तालाबों को पुनर्जीवित करने और उनके जीर्णोद्धार के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मिशन अमृत 2.0 के वॉटर बॉडी रिज्यूविनेशन घटक के अंतर्गत 4 शहरों के लिए कुल 22 करोड़ 18 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। सूडा द्वारा स्वीकृत इन परियोजनाओं से शहरों के पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और भूजल संवर्धन की मजबूती के काम किए जाएंगे।
मिशन अमृत (अटल शहरी नवीकरण एवं परिवर्तन मिशन) 2.0 के तहत सूडा द्वारा जशपुर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-9 में सती तालाब के पुनर्जीवन के लिए 4 करोड़ 17 लाख रुपए, कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-19, अघननगर में दुधावा तालाब के लिए 5 करोड़ 4 लाख रुपए, अहिवारा नगर पालिका में छटवा तालाब के लिए 9 करोड़ 60 लाख रुपए तथा डोंगरगढ़ नगर पालिका में सिंघोला बांधा तालाब के पुनर्जीवन के लिए 3 करोड़ 38 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। स्वीकृत राशि में इन परियोजनाओं के 5 वर्षों के संचालन एवं संधारण (O&M) के प्रावधान भी शामिल है। इनके निर्माण कार्यों की निगरानी भारत सरकार द्वारा नियुक्त थर्ड पार्टी इंडिपेंडेंट रिव्यू एंड मॉनिटरिंग एजेंसी (IRMA) द्वारा की जाएगी।
चारों कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने चारों निकायों में कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ, हरित और जल-सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। 'अमृत मिशन 2.0' का मुख्य उद्देश्य हमारे पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना और नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाना है। अहिवारा, कांकेर, जशपुरनगर और डोंगरगढ़ में स्वीकृत ये 4 परियोजनाएं न केवल हमारे प्राकृतिक जल निकायों का अस्तित्व बचाएंगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव रखेंगी।
जल स्रोतों के संरक्षण और भूजल संवर्धन को मिलेगी मजबूती
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तालाब केवल जल संग्रहण के साधन नहीं हैं, बल्कि वे शहरों के पर्यावरणीय संतुलन और भूजल स्तर को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। श्री बोरा ने कहा कि इन तालाबों के पुनर्जीवन से जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को मजबूती मिलेगी तथा नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं और पर्यावरणीय गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। उन्होंने चारों निकायों को सभी कार्यों को निर्धारित मापदंडों और स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार सुनिश्चित करने को कहा है।