ईश्वर दुबे
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Bhilai
सरकार ने पात्रता का दायरा बढ़ाया, विगत 9 वर्षो से निवासरत परिवारों को भी अब मिलेगा लाभ
राज्य शासन ने निकायों को नई कट-ऑफ तिथि के अनुसार 15 दिनों में नए हितग्राहियों को एएचपी आवासों का लाभ दिलाना सुनिश्चित करने कहा
गरीब परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थाई आवास उपलब्ध कराने हम प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
एएचपी परियोजनाओं में हितग्राही चयन और योजनाबद्ध बसाहट को मिलेगी नई गति – उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव
रायपुर. सितम्बर 2026. शहरी गरीबों के आशियाने के सपने को पूरा करने छत्तीसगढ़ सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नगरीय निकायों में रहने वाले परिवारों के हित में संवेदनशील फैसला लेते हुए राज्य शासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के लिए निवास की वैधता की कट-ऑफ तिथि को 31 अगस्त 2015 से बढ़ाकर अब 31 अगस्त 2024 कर दिया है। सरकार के इस निर्णय से विगत 9 वर्षों से शहरों में रह रहे लोगों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा। छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय हजारों शहरी परिवारों के लिए पक्के घर का नया अवसर लेकर आया है। “आवास से सम्मान, सम्मान से सशक्तीकरण” के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य शासन का यह महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में शासन ने शहरी गरीबों एवं जरूरतमंद परिवारों के आवास के सपने को साकार करने के लिए संवेदनशील और दूरदर्शी निर्णय लिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत हितग्राहियों के निवास की वैधता के निर्धारण के लिए नई कट-ऑफ-तिथि 31 अगस्त 2024 निर्धारित करते हुए इसका आदेश मंत्रालय से जारी कर दिया है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि शासन द्वारा इस आशय का आदेश प्रसारित कर दिया गया है। पूर्व में निर्धारित 31 अगस्त 2015 की तिथि में संशोधन से राज्य के नगरीय क्षेत्रों में निवासरत अधिक पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 का लाभ ले सकेंगे। यह निर्णय शहरी क्षेत्रों की बदलती आवश्यकताओं, बढ़ती आबादी तथा गरीब एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों की वास्तविक आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
हर पात्र परिवार तक पक्के आवास की पहुंच
राज्य शासन का यह निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “सबके लिए आवास” के संकल्प तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की गरीब कल्याण की प्राथमिकता को मजबूत करता है। इससे शहरी क्षेत्रों में निवासरत अधिक जरूरतमंद परिवारों का पारदर्शी सर्वेक्षण, दस्तावेज सत्यापन एवं पात्रता परीक्षण कर उन्हें योजना के दायरे में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस निर्णय से किराये के आवासों, अस्थायी बस्तियों या अपर्याप्त आवासीय परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे पात्र परिवारों को सुरक्षित, पक्के और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई गति मिलेगी। पक्का आवास केवल छत नहीं, बल्कि परिवारों के लिए सुरक्षा, स्थायित्व, गरिमा और बच्चों के बेहतर भविष्य का आधार है।
एएचपी परियोजनाओं में बसाहट को मिलेगी गति
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत निर्मित अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी) परियोजनाओं में पात्र हितग्राहियों का चयन एवं आबंटन अब और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। विस्तारित कट-ऑफ तिथि से हितग्राही आधार व्यापक होगा, जिससे अधिक परिवार योजनाबद्ध आवासीय परिसरों में सम्मानपूर्वक बस सकेंगे। एएचपी परिसरों में सुव्यवस्थित बसाहट को प्रोत्साहन के साथ ही पानी, बिजली, सड़क, स्वच्छता, सामुदायिक भवन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित होगा। शहरी गरीब परिवारों को बेहतर आवासीय वातावरण से जोड़ने के साथ-साथ यह पहल स्वस्थ, सुरक्षित और समावेशी शहरों के निर्माण में भी सहायक होगी।