ईश्वर दुबे
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मुख्य मंच, साधू-संतों के आश्रम, डोम और अस्थायी सड़कों का निर्माण लगभग पूर्ण
इस बार भी छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम से सराबोर रहेगा पुन्नी मेला
जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने लगाये जायेंगे विभागीय स्टाल
गरियाबंद 07 फरवरी 2020 देश दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले राजिम माघी पुन्नी मेला इस वर्ष 09 फरवरी माघपूर्णिमा से 21 फरवरी महाशिवरात्रि तक पवित्र त्रिवेणी संगम के तट पर आयोजित होगा। राजिम माघी पुन्नी मेला की तैयारी युद्ध स्तर पर जारी है। तैयारियों को लेकर धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू स्वयं लगातार अधिकारियों के साथ बैठक लेकर समीक्षा कर रहे हैं, साथ ही वे स्वयं मेला क्षेत्र में भ्रमण कर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।
राजिम माघी पुन्नी मेला के अंतर्गत नदी पर रेत की अस्थायी सड़कों का निर्माण एवं राजिम को अन्य शहरों एवं गांवों से जोड़ने वाली सड़कों के मरम्मत का कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। जल संसाधन विभाग द्वारा विशेष पर्व स्नान के लिए कुण्ड निर्माण एवं समय पर नदी में पानी छोड़ने की तैयारी की गई है। वहीं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा मेला क्षेत्र में पेयजल की व्यवस्था करने तथा अस्थायी शौचालय बनाने, स्वास्थ्य विभाग को मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए व्यवस्था करने के साथ ही डॉक्टरों की टीम हमेशा मौजूद रखने के निर्देश दिये गये हैं। खाद्य विभाग को कुल 50 दाल-भात सेंटर संचालित करने, वन मण्डल को बांस-बल्ली उपलब्ध कराने, परिवहन विभाग को रायपुर, धमतरी, गरियाबंद, महासमुन्द जिलों के सभी रूटों में नियमित और पर्याप्त मात्रा में बसों का संचालन करने, विद्युत विभाग को लाईट की समुचित व्यवस्था करने एवं पुलिस विभाग को मेला क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी इंतजाम करने के साथ ही बसों में होमगार्ड की तैनाती करने की जिम्मेदारी दी गई है, जिसका निर्वहन किया जा रहा है। इस बार भी मेला क्षेत्र में कपड़ा एवं कागज के थैलों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जायेगा।
राजिम माघी पुन्नी मेला में छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक एवं लोक परम्पराओं पर आधारित कार्यक्रम की प्रमुखता रहेगी। राज्य के प्रमुख लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी। मुख्य मंच पर प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक यह रंगारंग प्रस्तुति होगी। वहीं स्थानीय कलाकारों को भी मौका दिया जायेगा। उनके कार्यक्रम शाम 5.30 बजे से रात्रि 8 बजे तक प्रस्तुत होंगे। मुख्य मंच के अलावा नीचे में भी मंच बनाया गया है, जहां प्रमुखतः छत्तीसगढ़ी संस्कृति और रीति रिवाजों से परिपूर्ण कार्यक्रम प्रस्तुत किये जायेंगे, जिनमें नाचा, पंडवानी, रामधुनी, सुआ नृत्य, बोजली, डंडा नृत्य, राउत नाचा, गेड़ी आकर्षण के केन्द्र होंगे।
पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी शासन की जनकल्याणकारी नीति और योजनाओं को प्रदर्शित करते हुए विभागीय स्टाल लगाये जायेंगे। इन स्टालो में विभागों की प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रम को आकर्षक मॉडल तथा प्रतिरूप से प्रस्तुत किये जायेंगे। विभागीय प्रदर्शनी में मुख्यतः कृषि एवं उनके सबद्ध विभाग, महिला बाल विकास, स्वास्थ्य, वन विभाग, ग्रामोद्योग, हस्तशिल्प, आदिवासी, पर्यटन, जनसंपर्क तथा जिला पंचायत के स्टाल लगाये जायेंगे।