Google Analytics —— Meta Pixel
newscreation

newscreation

 

भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड (सेबी) ने 26 फरवरी को एक नया परिपत्र जारी कर म्यूचुअल फंड योजनाओं के वर्गीकरण और संरचना में व्यापक बदलाव किए हैं। सेबी की ओर से किए गए इन बदलावों में नई कैटेगरी भी जोड़ी गईं, जिसमें कॉन्ट्रा फंड, सेक्टोरल डेट फंड और लक्ष्य आधारित लाइफ साइकिल फंड के साथ ही योजना के नामकरण, पोर्टफोलियो ओवरलैप और परिसंपत्ति आवंटन के लिए भी दिशानिर्देश निर्धारित किए गए हैं।

 

भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड (सेबी) ने 26 फरवरी को एक नया परिपत्र जारी कर म्यूचुअल फंड योजनाओं के वर्गीकरण और संरचना में व्यापक बदलाव किए हैं। सेबी की ओर से किए गए इन बदलावों में नई कैटेगरी भी जोड़ी गईं, जिसमें कॉन्ट्रा फंड, सेक्टोरल डेट फंड और लक्ष्य आधारित लाइफ साइकिल फंड के साथ ही योजना के नामकरण, पोर्टफोलियो ओवरलैप और परिसंपत्ति आवंटन के लिए भी दिशानिर्देश निर्धारित किए गए हैं।

 

भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड (सेबी) ने 26 फरवरी को एक नया परिपत्र जारी कर म्यूचुअल फंड योजनाओं के वर्गीकरण और संरचना में व्यापक बदलाव किए हैं। सेबी की ओर से किए गए इन बदलावों में नई कैटेगरी भी जोड़ी गईं, जिसमें कॉन्ट्रा फंड, सेक्टोरल डेट फंड और लक्ष्य आधारित लाइफ साइकिल फंड के साथ ही योजना के नामकरण, पोर्टफोलियो ओवरलैप और परिसंपत्ति आवंटन के लिए भी दिशानिर्देश निर्धारित किए गए हैं।

 

सरकारी परियोजनाओं में 26 प्रतिशत ग्रीन स्टील का इस्तेमाल अनिवार्य होने से साल 2030 तक 20.9 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम किया जा सकता है। अगर ग्रीन स्टील की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत हो जाए तो इसके बाद 29.7 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन से बचा जा सकता है। यह हर वर्ष लगभ 90 लाख कारों को सड़कों से हटाने के बराबर है। यह जानकारी कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री यानी सीआईआई व क्लाइमेट कैटालिस्ट की ओर से गुरुवार को जारी आकलन रिपोर्ट में आए हैं।

क्या है विशेषज्ञों की राय?

सीआईआई के कार्यकारी निदेशक और ग्लोबल इकोलेबलिंग नेटवर्क बोर्ड के अध्यक्ष के. एस. वेंकटगिरी ने कहा कि 'ग्रीन पब्लिक प्रोक्योरमेंट भारत के इस्पात क्षेत्र को कम कार्बन उत्पादन की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।क्लाइमेट कैटालिस्ट की निदेशक साक्षी बलानी ने कहा, ग्रीन स्टील को लेकर एक मजबूत आदेश भारत के इस्पात क्षेत्र को किसी भी सब्सिडी या तकनीकी प्रोत्साहन से तेज गति से बदल सकता है। ग्रीन पब्लिक प्रोक्योरमेंट ही कार्बन उत्सर्जन घटा सकता है, बड़े पैमाने पर निवेश खोल सकता है।

इससे जुड़ी खास बातें

अगर इस्पात मंत्रालय साल 2028 में 26 प्रतिशत खरीद अनिवार्य कर दे तो 93 प्रतिशत इस्पात कंपनियां प्रमाणित ग्रीन स्टील के लिए तैयार है।
अभी सार्वजनिक खरीद पर प्रतिवर्ष लगभग 45-50 लाख करोड़ रुपये खर्च कर लगभग 3.16 करोड़ टन स्टील की खपत होती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0, मेट्रो रेल परियोजनाएं और रेल परियोजनाओं में ग्रीन स्टील के उपयोग से परियोजना लागत केवल 0.2 प्रतिशत से 1.2 प्रतिशत तक बढ़ती है।ग्रीन पब्लिक प्रोक्योरमेंट इस दशक में भारत के इस्पात क्षेत्र की जलवायु महत्वाकांक्षाओं को ठोस और मापने योग्य कार्रवाई में बदलने का सबसे प्रभावी साधन है।

 

 

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते का भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी सामरिक जरूरतों के आधार पर बहु-स्रोत रक्षा खरीद की नीति जारी रखेगा और साथ ही स्वदेशी रक्षा उत्पादन को और गति देगा। एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में सिंह ने कहा, अमेरिका के साथ व्यापार समझौता हमारे रूस के साथ रक्षा संबंधों में बाधा नहीं है।उन्होंने कहा कि भारत अपनी परिचालन आवश्यकताओं के अनुसार रूस से खरीद जारी रखेगा और जरूरत पड़ने पर फ्रांस, अमेरिका सहित अन्य देशों से भी रक्षा उपकरण लेगा। उनके अनुसार, भारत की नीति संतुलित और व्यावहारिक है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही सरकार- सिंह

सिंह ने जोर देकर कहा कि सरकार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को और मजबूत करना चाहती है। हम स्वदेशीकरण पर दोगुना जोर देंगे। उन्होंने कहा, हाल के वर्षों में भारत ने घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए कई पहल की हैं। उल्लेखनीय है कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के तहत दोनों देशों ने शुल्क बाधाओं को कम करने पर सहमति जताई है।

अमेरिका से भारत अगले पांच साल में 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा

इसके अलावा, भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर तक की ऊर्जा, विमान, प्रौद्योगिकी और कोकिंग कोयले की खरीद की मंशा जताई है। अमेरिका ने मसाले, चाय, कॉफी, आम, अंगूर और काजू जैसे भारतीय कृषि उत्पादों को शुल्क मुक्त पहुंच देने पर भी सहमति दी है। इससे भारतीय कृषि निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। रक्षा सचिव के बयान से संकेत मिलता है कि भारत रणनीतिक रूप से संतुलित विदेश और रक्षा नीति को बनाए रखते हुए अपने आर्थिक और सुरक्षा हितों को साथ लेकर आगे बढ़ेगा।

 

नई दिल्ली। ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद भी इजरायल और ईरान के बीच जंग थमती नहीं दिख रही है। सऊदी अरब से लेकर यूएई और कुवैत से लेकर बहरीन तक ईरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। ऐसे में बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने भारतीय पासपोर्ट छोड़कर मिडिल ईस्ट में बसने वाले भारतीयों पर तंज कसा है और मोदी सरकार की तारीफ की।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक निशिकांत दुबे ने कहा है कि अपना भारतीय पासपोर्ट छोड़कर दुबई जाने वाले लोगों के लिए सबक, मोदी जी हैं तो हम सुरक्षित हैं। लम्बे लम्बे सोशल मीडिया पर पोस्ट करना आसान है। दुबे का यह कमेंट ऐसे समय आया है, जब ईरान लगातार दुबई को भी अपनी मिसाइलों के जरिए निशाना बना रहा है। बता दें पिछले कुछ सालों में ऐसे कई मामले सामने आए जब भारतीय नागरिकों ने भारत की नागरिकता छोड़कर अमेरिका, ब्रिटेन या दुबई की नागरिकता हासिल कर ली है।
बता दें दुबई अपना अंतरराष्ट्रीय लेवल और ऊंचा करने के लिए दुनियाभर से अमीर और फेमस लोगों को दुबई आकर बस जाने के लिए आमंत्रित करता है। ऐसे लोगों को दुबई अपने यहां की नागरिकता भी देता है। आकर्षक ऑफर्स को देखते अलग-अलग देशों से बड़ी तादाद में लोग अपनी नागरिकता छोड़कर दुबई की नागरिकता ले लेते हैं।

 

 

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद दौरे के बाद यहां के लोगों की तारीफ की है। पीएम मोदी ने रविवार को एक्स पर रोड शो का एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने शनिवार को साणंद में रोड शो किया था। पीएम मोदी ने पोस्ट में लिखा- साणंद ने पिछले कई सालों में अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। पहले इसे कुछ लोग एक साधारण जगह मानते थे, लेकिन आज यह विकास और नवाचार का एक जीवंत केंद्र बन चुका है।
इससे पहले शनिवार को पीएम मोदी ने साणंद में माइक्रोन एटीएमपी केंद्र का उद्घाटन किया था। वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत का प्रतीक यह ऐतिहासिक आयोजन, वैश्विक प्रौद्योगिकी नेतृत्व की ओर भारत की यात्रा में एक अहम उपलब्धि है। इस परियोजना का शिलान्यास सितंबर 2023 में हुआ था और यह इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत होने वाला पहला प्रस्ताव था। इसे 22,500 करोड़ रुपए से ज्यादा के कुल परिव्यय के साथ, निर्माण कार्य स्वीकृति के तुरंत बाद शुरू किया गया। इससे देश

 

भूकंप ने पहाड़ी इलाके के निवासियों में दहशत, जानमाल की हा‎नि की सूचना नहीं


जम्मू । रविवार तड़के सुबह जम्मू-कश्मीर का डोडा ज़िला भूकंप के झटकों से दहल गया। रिक्टर स्केल पर 4.2 मैग्नीट्यूड की तीव्रता वाले इस भूकंप ने पहाड़ी इलाके के निवासियों में दहशत पैदा कर दी, हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। जैसे ही सुबह हुई, परेशान लोकल लोग हालात का अंदाज़ा लगाने के लिए अपने घरों से बाहर निकले, उन्हें हिमालय की ठंडी हवा के बीच अपने पहाड़ी गांवों को सही-सलामत पाकर राहत मिली। मौसम विभाग ने भूकंप की शुरुआत के लिए सटीक कोऑर्डिनेट्स दिए लैटीट्यूड 33.08 डिग्री नॉर्थ और लॉन्गिट्यूड 76.17 डिग्री ईस्ट, जिसका एपिसेंटर धरती की सतह से सिर्फ़ पाँच किलोमीटर नीचे था। इस कम गहराई ने सेंसिटिव डोडा घाटी में झटकों को और बढ़ा दिया, जो मॉनसून के दौरान लैंडस्लाइड के लिए जाने जाने वाले अपने नाज़ुक इलाके के लिए जानी जाती है। इलाके की मॉनिटरिंग कर रहे सीस्मोलॉजिस्ट ने इस घटना की वजह इंडियन-यूरेशियन प्लेट बाउंड्री पर चल रहे टेक्टोनिक स्ट्रेस को बताया। यह एक हॉटस्पॉट है जो अक्सर केंद्र शासित प्रदेश में हल्के झटके देता है। किसी चोट, बिल्डिंग गिरने या इंफ्रास्ट्रक्चर में रुकावट की कोई खबर नहीं होने पर, अधिकारियों ने लगातार सावधानी बरतने की अपील की और लोगों को खड़ी ढलानों से बचने और आफ्टरशॉक के लिए अलर्ट रहने की सलाह दी। डोडा, एक दूर का ज़िला है जहाँ हरे-भरे जंगल और बर्फ से ढकी चोटियाँ हैं, यहां पहले भी ऐसे भूकंप आए हैं, जहाँ अवेयरनेस ड्रिल के ज़रिए लोगों को मज़बूत बनाया गया है। जब राहत टीमों ने इलाके को स्कैन किया, तो यह घटना इस इलाके की भूकंपीय कमज़ोरी की एक साफ़ याद दिलाती है, जिससे पहले से चेतावनी देने वाले सिस्टम को अपग्रेड करने की मांग उठी।

 

जम्मू। एक बार फिर पाकिस्तान की ओर से नापाक हरकत की गई, जबकि जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास पाकिस्तानी ड्रोन भेजा गया। रविवार तड़के डिगवार इलाके में तैनात भारतीय सेना के जवानों ने उक्त संदिग्ध ड्रोन को देखते ही तुरंत जवाबी फायरिंग की।
जानकारी अनुसार पाकिस्तानी ड्रोन रविवार सुबह करीब 6 बजकर 10 मिनट पर भारतीय क्षेत्र में दाखिल होता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद सेना ने दर्जनभर से अधिक राउंड फायर करके वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। इस संबंध में सैन्य अधिकारियों ने मीडिया को बताया, कि भारतीय सीमा पर घुसा ड्रोन सेना की गोलीबारी से बच निकला। आसमान में मंडराने के बाद ड्रोन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की ओर वापस चला गया। यह दूसरी बार हुआ जबकि तीन दिनों के भीतर सीमा पार से ड्रोन गतिविधि देखी गई है, जिसके चलते भारतीय सेना को कड़े कदम उठाने पड़े हैं। यहां बताते चलें कि 27 फरवरी को भी इसी क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ हुई थी, जिस पर सेना ने कार्रवाई की थी। ऐसे में मौजूदा घटनाक्रम सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि ड्रोन का इस्तेमाल अक्सर हथियार या नशीले पदार्थ गिराने या फिर जासूसी करने के लिए किया जाता है।

 

काकीनाडा (आंध्र प्रदेश): काकीनाडा जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया. सरकार इस घटना के लिए RDO, DSP, जिला श्रम अधिकारी और अग्निशमन अधिकारी को जिम्मेदार माना है. वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार 2 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर देगी.

मुख्यमंत्री नायडू ने शनिवार रात काकीनाडा सरकारी जनरल हॉस्पिटल में भर्ती घायलों से मुलाकात की. इसके बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह घटना बहुत दुखद है. सभी पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर तबके के हैं. मरने वालों में 12 अनुसूचित जाति के लोग और 8 महिलाएं हैं. हम इस घटना को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. हाल ही में ऐसी ही एक घटना हुई थी और हमने जांच और कार्रवाई के आदेश दिए थे. इसके बावजूद, ऐसी घटना दोबारा होना बहुत दुखद है. हम घायलों को सबसे अच्छा इलाज दिलाने की कोशिश कर रहे हैं. इस हादसे में एक पति-पत्नी की भी मौत हो गई. मरने वालों के बच्चों को उनकी पढ़ाई के लिए आवासीय स्कूलों में एडमिशन दिलाया जाएगा."

Ads

R.O.NO. 13784/149 Advertisement Carousel

MP info RSS Feed

फेसबुक