ईश्वर दुबे
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मुख्यमंत्री ने दी बधाई, योग के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के कार्यों के लिए शुभकामनाएं
रायपुर 19 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल ने सौजन्य मुलाकात की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा का अभिन्न अंग है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रदेश में योग को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को योग से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुलाकात के दौरान योग के संवर्धन तथा प्रदेश में योग संबंधी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, जनजागरूकता तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात
छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसान हितैषी योजनाओं और कृषि विकास मॉडल का किया अध्ययन
छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था की प्रतिनिधिमंडल ने की सराहना
रायपुर 19 जून 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के हित में संचालित योजनाओं, कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला एवं संस्कृति के प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ कृषि निवेश में सहायता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो देश में धान खरीदी के सबसे बड़े अभियानों में से एक है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में लगभग 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से धान की खरीदी की जाती है। धान के सुरक्षित भंडारण के लिए संग्रहण केंद्रों और गोदामों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए पंजीयन से लेकर धान तौल, परिवहन और भुगतान तक की प्रक्रिया को तकनीक आधारित और सरल बनाया गया है। किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री ने कृषक उन्नति योजना सहित राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने तथा किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी में वृद्धि हो रही है।
चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगे महाराष्ट्र के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाला समर्थन और प्रशासनिक प्रबंधन अत्यंत प्रभावी एवं अनुकरणीय है। राज्य में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने तथा खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान खरीदी मॉडल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण है। उन्होंने इस मॉडल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों में भी ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।
'नियद नेल्लानार' मॉडल का राज्यव्यापी विस्तार: 23 जिलों में 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण
तकनीक आधारित निगरानी, विभागीय अभिसरण और जन-केंद्रित सेवा प्रदाय से मजबूत होगा विकसित छत्तीसगढ़ का आधार
जन-जन तक सुशासन, घर-घर तक विकास : 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान होगा प्रारंभ
जनकल्याणकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण का प्रदेशव्यापी अभियान : 'सुघ्घर छत्तीसगढ़'
रायपुर 19 जून 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक पात्र परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश के 23 जिलों में 31 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं के संतृप्तिकरण का व्यापक कार्यक्रम होगा, जिसके माध्यम से योजनाओं की पहुंच, प्रभावशीलता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शासन की योजनाओं की प्रभावी और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनके सकारात्मक परिणाम प्रत्येक परिवार के जीवन में दिखाई दें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ऐसी शासन व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े, बल्कि शासन स्वयं पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और उन्हें योजनाओं से जोड़े। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' इसी सोच का विस्तार है।
'नियद नेल्लानार' की सफलता से प्रेरित नई पहल
वर्ष 2024 से बस्तर संभाग में संचालित 'नियद नेल्लानार' योजना ने शासन और जनता के बीच विश्वास का नया सेतु निर्मित किया है।अभिसरण आधारित सेवा प्रदाय के माध्यम से इस योजना ने दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में शासन की उपस्थिति को मजबूत किया तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की।
योजना की सफलता को देखते हुए इसे 'नियद नेल्लानार 2.0' के रूप में 10 जिलों तक विस्तारित किया गया। अब इसी सफल मॉडल को प्रदेश के शेष 23 जिलों में लागू करते हुए 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान प्रारंभ किया जा रहा है।
यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में संचालित होगा और ग्रामीण परिवारों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान अंतर्गत रायपुर संभाग के रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी एवं महासमुंद जिले; बिलासपुर संभाग के बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़, सक्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले; दुर्ग संभाग के दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम (कवर्धा) एवं राजनांदगांव जिले तथा सरगुजा संभाग के सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर एवं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले शामिल हैं।
सुशासन से संतृप्ति की ओर
'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान का मूल उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक साझा मंच पर लाकर पात्र हितग्राहियों तक उनका शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है।
'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान विभिन्न विभागों के बीच अभिसरण स्थापित करते हुए एक ऐसी व्यवस्था विकसित करेगा, जिसमें योजनाओं की जानकारी, पात्रता, प्रगति और संतृप्तिकरण की स्थिति एकीकृत रूप से उपलब्ध होगी।
31 जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण
अभियान के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा, आवास, रोजगार, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि, कौशल विकास तथा बुनियादी नागरिक सेवाओं से जुड़ी 31 प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है।
Raipur, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai has extended his best wishes to Shri Sanjay Agrawal on his appointment as the Chairman of the Chhattisgarh Yoga Commission.
He said that the State Government considers yoga an important medium for building a healthy, aware and self-reliant society. He noted that yoga not only strengthens physical and mental well-being but also promotes discipline, balance and positivity in life.
He expressed confidence that under the leadership of Shri Sanjay Agrawal, efforts to promote yoga, increase public awareness and encourage a healthy lifestyle based on yogic practices across the state would gain new momentum.
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai’s decision to increase hostel capacity from 50 to 200 seats delivers positive outcomes
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai congratulates successful candidates
Raipur,Chhattisgarh has recorded a significant achievement in the Union Public Service Commission (UPSC) Civil Services Preliminary Examination 2026, with 13 candidates from the Tribal Youth Hostel in Dwarka, New Delhi, successfully cleared the preliminary stage. Most of the successful candidates come from Tribal and rural backgrounds have achieved this success through determination, hard work and talent despite limited resources.
Congratulating successful candidates, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said, “Clearing the preliminary stage of UPSC by these Tribal students reflects the talent, perseverance and commitment of Chhattisgarh’s youth. The state government is continuously working to provide quality education, competitive examination support and career development opportunities to young people.” Their success will inspire thousands of students across the state to pursue ambitious goals, he added.
Students who have qualified in the UPSC Civil Services Preliminary Examination–2026 includes Shri Gautam Kumar, Shri Kulbhushan Singh Poya, Shri Hari Chandra Prakash Singh, Shri Mayank Ratre, Shri Malikram Patel, Shri Aryan Rathore, Shri Chetan Lal, Shri Harish Kumar Patel, Shri Kishan Lal Sahu, Shri Satyanarayan Chandrakar, Ms. Diksha Diwakar, Shri Vikesh Kurre and Shri Prakash Patel.
Shri Sai noted that, with the objective of expanding opportunities for talented youth from marginalized communities, the capacity of the Tribal Youth Hostel in New Delhi was increased from 50 to 200 seats. The expansion has enabled students from remote forested, Tribal and rural areas to stay in the national capital and prepare for UPSC and other prestigious competitive examinations under better conditions.
The Tribal Youth Hostel was established to provide Scheduled Tribe, Scheduled Caste and Other Backward Class students with a conducive environment for preparing for civil services and other competitive examinations. Selected students receive free accommodation, nutritious meals, study facilities, library access, quality coaching and regular guidance from experienced mentors.
Tribal and Scheduled Caste Development Minister Shri Ramvichar Netam said that institutions such as the Tribal Youth Hostel play a vital role in identifying talent and providing the right direction to aspiring youth. He expressed confidence that the successful candidates would also perform well in the Main Examination and Interview stages and bring further recognition to Chhattisgarh in the civil services.
Principal Secretary, Tribal and Scheduled Caste Development Department, Shri Sonmani Borah said that the achievement reflects the positive impact of the educational opportunities and guidance being provided by the state government. The success of 13 candidates in the UPSC Civil Services Preliminary Examination 2026 adds another significant chapter to the institution’s record of accomplishments.
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग का अध्यक्ष नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार योग को स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम मानती है। योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि जीवन में अनुशासन, संतुलन और सकारात्मकता का भी संचार करता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, जन-जागरूकता एवं योग आधारित स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।
ट्राइबल यूथ हॉस्टल के 13 अभ्यर्थियों ने यूपीएससी प्रीलिम्स में हासिल की सफलता
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा सीटें 50 से बढ़ाकर 200 किए जाने का मिला सकारात्मक परिणाम
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई, कहा- युवा शक्ति की सफलता विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान
दूरस्थ जनजातीय एवं ग्रामीण अंचलों के युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज कराई दमदार मौजूदगी
रायपुर : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति की प्रतिभा, परिश्रम और अटूट संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और करियर निर्माण के लिए बेहतर अवसर एवं संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन युवाओं की सफलता प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने की प्रेरणा देगी।
यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में श्री गौतम कुमार, श्री कुलभूषण सिंह पोया, श्री हरि चंद्र प्रकाश सिंह, श्री मयंक रात्रे, श्री मलिकराम पटेल, श्री आर्यन राठौर, श्री चेतन लाल, श्री हरीश कुमार पटेल, श्री किशन लाल साहू, श्री सत्यनारायण चंद्राकर, सुश्री दीक्षा दिवाकर, श्री विकेश कुर्रे तथा श्री प्रकाश पटेल शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल की स्थापना राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को सिविल सेवा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। यहां चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, अध्ययन कक्ष, पुस्तकालय, उत्कृष्ट कोचिंग तथा अनुभवी विशेषज्ञों का नियमित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है।
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल जैसे संस्थान प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें उचित दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रारंभिक परीक्षा में सफल ये विद्यार्थी मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रशासनिक सेवाओं में छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएंगे।
आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि यह सफलता राज्य सरकार द्वारा युवाओं के लिए उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक अवसरों और मार्गदर्शन व्यवस्था का सकारात्मक परिणाम है। UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में 13 अभ्यर्थियों की सफलता ने इस संस्थान की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।
The world today needs the message of non-violence, compassion, truth and self-restraint: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai
Chief Minister and Lok Sabha Speaker seek blessings of Jain monks at Acharya Padarohan and Sahastravadhan Tapasya Mahotsav
Raipur, Lok Sabha Speaker Shri Om Birla and Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Thursday attended the Acharya Padarohan and Sahastravadhan Tapasya Mahotsav at Sardar Balbir Singh Juneja Indoor Stadium in Raipur. They received blessings from Jain monks and paid respects to Pujya Vinaykushal Muni Ji Maharaj on his elevation to the position of Acharya.
Addressing the gathering, Shri Om Birla said that the Acharya position symbolizes the highest ideals of penance, sacrifice, knowledge and spiritual leadership. Referring to Jain philosophy, he noted that the teachings of Lord Mahavir continue to inspire peace, self-discipline, compassion and non-violence, values that are increasingly relevant in a world facing tensions and conflicts.
Observing spiritual state of Jain priests, Shri Birla observed that their lives of austerity, self-control and spiritual practice inspire society and contribute to the welfare of humanity. He described Acharya-designate Pujya Vinaykushal Muni Ji Maharaj’s elevation as a proud moment for the Jain community and praised Shatavadhani Hansbhadra Muni Ji Maharaj for his exceptional memory, knowledge and dedication to spiritual discipline.
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said that hosting the Acharya Padarohan Mahotsav in Chhattisgarh for the first time is a matter of pride and privilege for the state. He welcomed saints, devotees and guests from across the country, stating that the event has created a historic spiritual atmosphere and infused the state with positive energy.
Speaking about Jain monks, Shri Sai said they have consistently propagated the values of non-violence, compassion, truth and self-restraint, which are essential for the modern world. He described Pujya Vinaykushal Muni Ji Maharaj’s elevation as recognition of a life devoted to knowledge, penance, discipline and service. He also lauded the remarkable memory, concentration and spiritual pursuit of 14-year-old Bal Muni Shatavadhani Hansbhadra Muni Ji Maharaj.
Shri Sai added that Lord Mahavir’s message of “Live and Let Live” holds even greater significance today.
Assembly Speaker Dr. Raman Singh said that Jain monks inspire society through rigorous penance, fasting and disciplined living. He welcomed the saints who arrived in Raipur after long journeys undertaken as part of their spiritual practices.
Union Minister of State Shri Tokhan Sahu said that the gathering of saints and devotees from across India for such a major spiritual event is a matter of great fortune for the state. He observed that the sacrifice, penance and disciplined lifestyle of Jain monks serve as a constant source of inspiration and help strengthen spiritual and moral values in society.
The event was attended by office-bearers of Sakal Jain Shri Sangh, a large number of devotees and prominent citizens. Among those present were MPs Shri Brijmohan Agrawal, Shri Vijay Baghel, Smt. Kamlesh Jangde and Shri Mahesh Kashyap, along with MLA Shri Rajesh Munat and other public representatives.
RaipurLok Sabha Speaker Shri Om Birla met with Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai at the Chief Minister’s residence in Raipur on June 18. Chief Minister Shri Sai extended a warm welcome and honoured him by presenting a traditional shawl and a commemorative memento. He also gifted a coffee table book showcasing Chhattisgarh’s rich cultural heritage and the world-renowned Bastar Dussehra festival.
Welcoming Shri Om Birla to Chhattisgarh, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai stated that his contribution towards strengthening democratic traditions, upholding parliamentary values and enhancing the effectiveness of public representatives has been inspiring. He expressed confidence that under Shri Birla’s leadership and guidance, democratic institutions would become even stronger and the foundations of democracy would continue to deepen.
During the meeting, discussions were held on various contemporary issues related to the state’s development, good governance, the effective implementation of public welfare schemes, the promotion of democratic values, and matters of public interest.
Chhattisgarh Legislative Assembly Speaker Dr Raman Singh, Union Minister of State Shri Tokhan Sahu, Parliamentary Affairs Minister Shri Kedar Kashyap, Member of Parliament Shri Brijmohan Agrawal and other public representatives were also present.
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शॉल, स्मृति-चिन्ह एवं बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट कर किया स्वागत
रायपुर, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विश्वविख्यात बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भी उन्हें भेंट की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला के छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाने, संसदीय मर्यादाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा जनप्रतिनिधियों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने में उनका योगदान प्रेरणादायी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री बिरला के नेतृत्व और मार्गदर्शन से लोकतांत्रिक संस्थाएं और अधिक सशक्त होंगी तथा लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी। सौजन्य मुलाकात के दौरान राज्य के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन तथा जनहित से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप तथा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
अहिंसा, करुणा, सत्य और आत्मसंयम के संदेश की आज पूरे विश्व को आवश्यकता : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष ने आचार्य पदारोहण एवं सहस्त्रावधान तपस्या महोत्सव में जैन मुनियों का लिया आशीर्वाद
रायपुर/लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित आचार्य पदारोहण एवं सहस्त्रावधान तपस्या महोत्सव में शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने जैन मुनियों का आशीर्वाद प्राप्त कर आचार्य पद पर प्रतिष्ठित हो रहे पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज को नमन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि आचार्य पद केवल एक पद नहीं, बल्कि तप, त्याग, ज्ञान और समाज को दिशा देने वाली साधना का सर्वोच्च प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर और जैन दर्शन के सिद्धांत आज भी मानवता को शांति, आत्मसंयम, करुणा और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं। वर्तमान समय में जब विश्व तनाव और संघर्षों से जूझ रहा है, तब जैन दर्शन की शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक हो गई हैं।
श्री बिरला ने कहा कि पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पदारोहण संपूर्ण जैन समाज के लिए गौरव का क्षण है। वहीं शतावधानी हंसभद्र मुनि जी महाराज ने अपनी विलक्षण स्मरणशक्ति, ज्ञान और साधना के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। उनके तप और साधना से समाज को नई दिशा मिल रही है।
उन्होंने कहा कि भौतिक संसाधन केवल सुविधाएं प्रदान कर सकते हैं, लेकिन जीवन का वास्तविक सुख आत्मनियंत्रण, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक साधना से प्राप्त होता है। जैन संतों का तपस्वी जीवन समाज को प्रेरणा देता है और मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने सभी जैन संतों, साध्वियों और श्रद्धालुओं को नमन करते हुए महोत्सव के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर पहली बार आयोजित हो रहा यह आचार्य पदारोहण महोत्सव प्रदेश के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा, साधना और संस्कृति का यह विराट आयोजन पूरे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर बन गया है। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए संत-साध्वियों, श्रद्धालुओं एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ धन्य हुआ है और इस आयोजन से पूरे प्रदेश में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पद पर पदारोहण उनके ज्ञान, तप, संयम, साधना और समाज के प्रति समर्पित जीवन का सम्मान है। उन्होंने 14 वर्षीय बाल मुनि शतावधानी हंसभद्रमुनि जी महाराज को भी नमन करते हुए कहा कि इतनी कम आयु में उनकी अद्भुत स्मरणशक्ति, एकाग्रता और ज्ञान-साधना सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। एक साथ हजार प्रश्नों को स्मरण रखना और उनका क्रमवार उत्तर देना असाधारण उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रायपुर का यह इंडोर स्टेडियम ज्ञान, साधना और अध्यात्म का तीर्थस्थल प्रतीत हो रहा है। जैन संतों ने सदैव अहिंसा, करुणा, सत्य और आत्मसंयम का संदेश दिया है, जिसकी आज पूरे विश्व को आवश्यकता है। भगवान महावीर स्वामी का ‘जियो और जीने दो’ का संदेश वर्तमान समय में और अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि है तथा राज्य सरकार सर्वधर्म समभाव की भावना के साथ सभी वर्गों के कल्याण और प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जैन मुनिगण कठिन तप, उपवास और संयम के माध्यम से समाज को प्रेरणा देते हैं। उन्होंने लंबी पदयात्रा और तपस्या के बाद रायपुर पहुंचे साधु-संतों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि प्रदेश के लिए यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि इतने बड़े आध्यात्मिक आयोजन में देशभर के संत-साध्वी और श्रद्धालु एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि जैन संतों का त्याग, तपस्या और अनुशासित जीवन समाज को सदैव प्रेरित करता है।विनयकुशल मुनि जी के आचार्य पदारोहण का यह आयोजन लोगों को अध्यात्म और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करेगा।
कार्यक्रम में सकल जैन श्रीसंघ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्री विजय बघेल, श्रीमती कमलेश जांगड़े, श्री महेश कश्यप, विधायक श्री राजेश मूणत सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
बलौदाबाजार में तीन दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर शुरू, पहले ही दिन उमड़े हितग्राही
'विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के' कार्यक्रम के तहत 20 जून तक प्रदेशभर में लगेंगे शिविर
कैबिनेट मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने किया शुभारंभ, हितग्राहियों को मौके पर ही बांटे गए चेक
रायपुर,18 जून 2026/
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पूरे प्रदेश में "विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के" कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को जिला मुख्यालय बलौदाबाज़ार के नगर भवन में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने तीन दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर का शुभारंभ किया।
शिविर में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों ने करोड़ों नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का काम किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश का पूरा प्रशासनिक अमला पूरी तन्मयता के साथ जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान में जुटा हुआ है।
राजस्व अनुविभाग स्तर पर आयोजित यह विशेष शिविर 18 जून से 20 जून 2026 तक चलेंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस अवसर पर कलेक्टर ने भी जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे इन शिविरों में पहुंचकर अधिक से अधिक संख्या में शासकीय योजनाओं का लाभ उठाएं।
मौके पर ही मिला योजनाओं का
शिविर के पहले ही दिन आम जनता में भारी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम के दौरान 'प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना' के तहत हितग्राही स्वजाना डोंगरे और उर्मिला डोंगरे को मंच से चेक प्रदान किए गए। उद्घाटन दिवस पर ही जिले के सभी अनुविभागों से विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 55 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। शिविर में केंद्र और राज्य सरकार की सभी प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं के लिए 'ऑन-द-स्पॉट' पंजीकरण की व्यवस्था की गई है, जिनमें आयुष्मान भारत योजना एवं आयुष्मान वय वंदना योजना,प्रधानमंत्री सूर्यघर (मुफ्त बिजली) योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं जल जीवन मिशन,प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना व कौशल विकास योजनाविभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं शामिल हैं।
नागरिको की सुविधा के लिएशिविरों का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न केंद्रों पर किया जा रहा है। इसके तहत बलौदाबाज़ार और भाटापारा के नगर भवन, तथा सिमगा के सामुदायिक भवन में आम नागरिक पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं, कसडोल अनुविभाग के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के सभागार और पलारी अनुविभाग के लिए स्थानीय नगर भवन में इस विशेष शिविर की व्यवस्था की गई है।
इस कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जनप्रतिनिधियों से किया व्यापक पौधरोपण का आह्वान
रायपुर, 18 जून 2026/ प्रदेश में कुपोषण की समस्या के समाधान और जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ‘‘सुपोषण वृक्ष–मुनगा’’ के रोपण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों से वर्षा ऋतु के दौरान बड़े पैमाने पर मुनगा (सहजन) का पौधरोपण कर ‘‘घर-घर मुनगा, हर घर सुपोषण’’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस संबंध में जारी अपने पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश को सुपोषित बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों एवं हितग्राहियों के घरों में ‘‘सुपोषण वृक्ष–मुनगा’’ लगाने की परिकल्पना की गई है।
उन्होंने बताया कि मुनगा एक अत्यंत पौष्टिक एवं बहुउपयोगी पौधा है, जिसके पत्ते, फलियां और अन्य भाग पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन ‘ए’ और विटामिन ‘सी’ सहित अनेक आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने के कारण इसे ‘‘मदर ट्री’’ के नाम से भी जाना जाता है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि मुनगा का नियमित सेवन बच्चों, महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में सहायक है। यह शरीर को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने के साथ-साथ एनीमिया जैसी समस्याओं की रोकथाम में भी मददगार सिद्ध होता है।
श्रीमती राजवाड़े ने सभी जनप्रतिनिधियों से वर्षा ऋतु में जल स्रोतों के आसपास, ग्राम पंचायत परिसरों, सार्वजनिक स्थलों तथा हितग्राहियों के घरों में मुनगा पौधों का रोपण सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से संचालित यह अभियान प्रदेश में सुपोषण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा तथा लोगों में पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक बनेगा।
उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर ‘‘सुपोषित छत्तीसगढ़’’ के निर्माण में योगदान देने की अपील की है।
‘‘नशा मुक्त भारत अभियान-विकसित भारत की पहचान’’ थीम पर होंगे जागरूकता कार्यक्रम
प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ, सभी विभागों की सहभागिता से चलाया जाएगा अभियान
रायपुर, 18 जून 2026/ छत्तीसगढ़ समाज कल्याण विभाग द्वारा 17 जून से 26 जून तक प्रदेशभर में नशा मुक्त भारत सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना है।
समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने बताया कि इस वर्ष “नशा मुक्त भारत अभियान-विकसित भारत की पहचान” थीम के अंतर्गत सप्ताह भर विविध गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध जनभागीदारी को बढ़ावा देने और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सभी विभागों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की गई है।
सप्ताह के दौरान स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सेमिनार, समूह चर्चा, शपथ ग्रहण, जागरूकता रैलियां तथा संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नशा छोड़ चुके व्यक्तियों की प्रेरणादायक सफलता की कहानियों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मानव श्रृंखला, शपथ कार्यक्रम और जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। वहीं खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा फुटबॉल एवं हॉकी प्रतियोगिताएं तथा मैराथन आयोजित कर युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जाएगा।
नेहरू युवा केंद्र एवं विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जिले स्तर पर ओपन माइक प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य, लोकगीत, भाषण, समूह चर्चा, नशामुक्ति शपथ-पत्र वितरण तथा सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर चस्पा करने जैसी गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।
इसी कड़ी में आज महानदी भवन मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और समाज को नशामुक्त बनाने के अभियान में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
नशा मुक्त भारत सप्ताह के दौरान आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेशभर में जनजागरूकता का वातावरण निर्मित कर युवाओं को सकारात्मक जीवन मूल्यों और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित किया जाएगा।