ईश्वर दुबे
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Bhilai
रायपुर, 16 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल परिसर में अत्याधुनिक रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने नई कैंसर इकाई में उपलब्ध उपचार सुविधाओं एवं अत्याधुनिक मशीनरी का अवलोकन किया तथा अस्पताल प्रबंधन एवं चिकित्सकों को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान श्री साय ने डॉ. संदीप दवे के भाई श्री प्रदीप दवे को पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल पिछले 36 वर्षों से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ. संदीप दवे के भाई स्वर्गीय श्री प्रदीप दवे का कैंसर से निधन हुआ था। इस व्यक्तिगत पीड़ा ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ व्यापक स्तर पर काम करने का संकल्प मजबूत किया। आज उसी संकल्प का परिणाम रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आने वाले समय में हजारों-लाखों लोगों को बेहतर कैंसर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ा है। कैंसर मरीजों को अब एक ही परिसर में जांच, उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने डॉ. संदीप दवे और उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि निजी क्षेत्र की ऐसी पहल से प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को और गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार को गति मिली और वर्तमान सरकार भी पिछले ढाई वर्षों से प्रदेश के कोने-कोने तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेशवासियों को उपचार के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े और उन्हें आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अपने ही प्रदेश में उपलब्ध हों।
कैंसर की रोकथाम में स्क्रीनिंग और शुरुआती जांच जरूरी : डॉ. रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट के शुभारंभ को छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के पीछे सेवा और संवेदना की भावना जुड़ी हुई है। डॉ. दवे के भाई की कैंसर से मृत्यु ने उन्हें गहरा आघात दिया और संभवतः इसी पीड़ा ने कैंसर के उपचार के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की प्रेरणा दी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कैंसर केवल मरीज की नहीं, बल्कि पूरे परिवार की सामूहिक पीड़ा होती है। उन्होंने कैंसर की समय पर पहचान के लिए नियमित स्क्रीनिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में कैंसर की पहचान होने पर उपचार की संभावनाएं काफी बेहतर हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में पहले से उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के साथ अब कैंसर उपचार की सुविधा जुड़ने से मरीजों को एक ही छत के नीचे व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
15 मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं का बढ़ा दायरा : स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट के शुभारंभ से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण नई कड़ी जुड़ी है। इसका लाभ छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य हिस्सों के मरीजों को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 10 हुई और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पिछले ढाई वर्षों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के बाद प्रदेश में अब 15 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसी अवधि में प्रदेश में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार हुआ है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में दो नए सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों पर काम हो रहा है। बस्तर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की सुविधा शुरू होने से गंभीर मरीजों को उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर रायपुर लाने की आवश्यकता में कमी आई है और जगदलपुर में हृदय जैसी जटिल सर्जरी भी संभव हो रही है। बिलासपुर में भी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का शुभारंभ हो चुका है।
इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री मोतीलाल साहू, चिकित्सक, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोग एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।
रायपुर, 16 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अटल जी के विराट व्यक्तित्व, राष्ट्रसेवा और छत्तीसगढ़ निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी छत्तीसगढ़ के निर्माता और प्रदेशवासियों की भावनाओं को सम्मान देने वाले महान राष्ट्रनायक थे। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और संवेदनशील सोच का परिणाम है। उन्होंने इस अंचल की भौगोलिक विशिष्टताओं, विकास की आवश्यकताओं और पृथक राज्य की वर्षों पुरानी जनआकांक्षा को समझा तथा प्रधानमंत्री के रूप में उसे साकार किया। छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य के रूप में पहचान दिलाने वाला उनका यह ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी का छत्तीसगढ़ से रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि गहरा आत्मीय और भावनात्मक था। छत्तीसगढ़ और यहां के लोगों के प्रति उनके मन में विशेष स्नेह था। श्री साय ने अटल जी के साथ अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उन्हें स्वयं भी श्रद्धेय अटल जी का स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उनके साथ जुड़ी अनेक आत्मीय स्मृतियां आज भी मन में जीवंत हैं। अटल जी का स्नेह और उनका मार्गदर्शन उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियों में है, जो उन्हें जनसेवा के पथ पर निरंतर प्रेरित करता है।
राजनीति में संवेदनशीलता, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतीक थे अटल जी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। संवेदनशील कवि, प्रखर पत्रकार, ओजस्वी वक्ता और दूरदर्शी राजनेता के रूप में उन्होंने भारतीय जनमानस पर अमिट छाप छोड़ी। वे ऐसे सर्वस्वीकार्य राजनेता थे, जिन्हें दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर सभी वर्गों का सम्मान और स्नेह प्राप्त हुआ। वैचारिक दृढ़ता के साथ विनम्रता, संवेदनशीलता और संवाद उनके सार्वजनिक जीवन की विशेषता थी।राष्ट्रहित उनके लिए सदैव सर्वोपरि रहा और मां भारती की सेवा उनके जीवन का सर्वोच्च ध्येय थी।
गांव, गरीब, किसान और जनजातीय समाज के उत्थान को बनाया विकास का आधार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने सुशासन और अंत्योदय को शासन का आधार बनाकर विकास की ऐसी विरासत स्थापित की, जो आज भी देश को दिशा दे रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों को सड़कों से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल ने ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति दी। किसानों के कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों का दूरगामी प्रभाव पड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता देते हुए अटल जी के कार्यकाल में पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया। यह निर्णय जनजातीय समुदायों के विकास, अधिकारों और आकांक्षाओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता का परिचायक था। उन्होंने विकास की मुख्यधारा को गांव, गरीब, किसान, जनजातीय समाज और वंचित वर्गों तक पहुंचाने के लिए अनेक दूरदर्शी पहल कीं।
अटल जी के सुशासन और अंत्योदय के मार्ग पर आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने जिस छत्तीसगढ़ की आधारशिला रखी, उसे समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर बनाना हम सभी का दायित्व है। उनकी सरकार अटल जी के सुशासन, अंत्योदय और जनकल्याण के मूल्यों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास और सुशासन के नए अध्याय लिख रहा है। सरकार का प्रत्येक प्रयास गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्रित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन, विचार और आदर्श नेतृत्व सदैव देश और प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। छत्तीसगढ़ के निर्माता के रूप में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके सपनों के अनुरूप समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है।
*स्वतंत्रता दिवस पर लोकभवन में आयोजित हुआ ‘स्वागत समारोह’*
रायपुर, 15 अगस्त 2026/स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज शाम लोकभवन में स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां शामिल हुईं। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल श्री डेका को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी उपस्थित थीं।
समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री श्री टंकराम वर्मा, अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ ममता साहू, जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। समारोह में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित श्री भारतीबंधु, डॉ. राधेश्याम बारले, सुश्री उषा बारले एवं अन्य उपस्थित थे। स्वागत समारोह में शहीदों के परिजन, वीरता पुरस्कार से सम्मानित पुलिस के अधिकारी, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियां, ब्रम्हकुमारी बहनें मौजूद थीं। समारोह में देशभक्ति पूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
समारोह में मुख्य सचिव श्री विकास शील, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणी बोरा राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, संचालक आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, सेना के वरिष्ठ अधिकारीगण, विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रेस-मीडिया कर्मी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
*राज्यपाल श्री डेका से चेन्नई के पत्रकारों ने सौजन्य भेंट की*
रायपुर, 15 अगस्त 2026/ राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में पत्र सूचना कार्यालय चेन्नई के निदेशक श्री पी. अरूण कुमार के नेतृत्व में चेन्नई से आए पत्रकारों के दल ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में हो रहे विकास कार्यों, विशेष रूप से बस्तर में नक्सलवाद की समाप्ति के बाद तेजी से हो रहे विकास तथा उद्योग-व्यापार की बढ़ती संभावनाओं के संबंध में चर्चा की।
राज्यपाल ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद की समाप्ति के पश्चात लोग तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है। रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में उद्योग और व्यापार की बढ़ती संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से व्यापारी और उद्योगपति यहां आकर निवेश एवं व्यवसाय के लिए रुचि दिखा रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और यहां वनोपज, कृषि, उद्योग एवं व्यापार के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल ने पत्रकारों को छत्तीसगढ़ के वन उत्पाद भेंट किए तथा शाल पहनाकर उनका सम्मान किया। उन्हें स्मृति चिह्न भी प्रदान किए गए। पत्रकारों ने राज्यपाल को चेन्नई के महाबलीपुरम मंदिर की प्रतिकृति भेंट की।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना भी उपस्थित थे।
*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्यपाल श्री रमेन डेका से की सौजन्य भेंट*
*असम के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने दिए 5 करोड़ रुपये*
*मुख्यमंत्री ने सहायता राशि का चेक राज्यपाल श्री रमेन डेका को सौंपा*
रायपुर 15 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल श्री रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्यपाल को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल श्री डेका ने भी मुख्यमंत्री को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने असम में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि का चेक राज्यपाल श्री रमेन डेका को सौंपा। यह सहायता राशि असम के बाढ़ प्रभावित परिवारों के राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहयोग के लिए प्रदान की गई है। राज्यपाल श्री रमेन डेका 16 अगस्त को असम के दौरे पर जा रहे हैं।
झीरम के शहीदों को शत-शत नमन, शहीदों की स्मृति में किया पौधारोपण, शहीदों के परिजनों से की मुलाकात
रायपुर, 15 अगस्त 2026/ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर जिले के झीरम घाटी पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया और उनके बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धा एवं संकल्प के नारों के साथ उन्हें याद किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि झीरम के शहीदों की याद में बने स्मारक को जल्द ही स्मरणीय स्वरूप में बनाया जाएगा, इसके लिए प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।
इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक श्री विनायक गोयल, महापौर जगदलपुर श्री संजय पांडे और क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों सहित कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री बीएन मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए भयंकर विभीषिका
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए एक भयंकर विभीषिका थी। इस घटना में हमने प्रदेश के वरिष्ठ और कुशल नेतृत्वकर्ताओं को खोया। राज्य के वरिष्ठ नेता श्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व मंत्री स्व. श्री नंदकुमार पटेल एवं नेता प्रतिपक्ष रहे स्व. श्री महेंद्र कर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा जवानों और नागरिकों का बलिदान छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता।
श्री शर्मा ने कहा कि आज वे झीरम के शहीदों को यह बताने आए हैं कि जिस ताकत ने बस्तर को वर्षों तक अपने भय और हिंसा के साये में रखा, जिसने संविधान और लोकतंत्र की पहुंच को बस्तर के सुदूर अंचलों तक नहीं पहुंचने दिया, जिसने तिरंगे को फहराने से रोकने का प्रयास किया और विकास की गति को अवरुद्ध किया, उस ताकत को जड़ से उखाड़ फेंका गया है।
बस्तर अब खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है
श्री शर्मा ने कहा कि आज बस्तर फिर से खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है। तीन दिन की इस बस्तर तिरंगा यात्रा में हमने बस्तर के 5 ज़िलों में 600 किमी तय कर सभी को तिरंगा यात्रा द्वारा शांति का संदेश दिया और स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नक्सलियों के आखिरी गढ़ रहे कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगा फहराकर हमने पूरे देश को यह संदेश दिया है कि अब भारत का संविधान देश के हर कोने में लागू होगा। अब कोई बंदूक के बल पर इस धरती को मासूमों के रक्त से रक्तरंजित नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि झीरम के शहीदों का सपना ऐसा बस्तर था, जहां लोकतंत्र, शांति, विकास और विश्वास की जीत हो। आज बस्तर उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
शहीदों के परिजनों से की मुलाकात, वीरों की मिट्टी की संग्रहित
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने शहीदों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों से कहा कि शासन द्वारा सभी शहीदों के सम्मान में स्मारक निर्माण का कार्य किया जा रहा है। शहीदों के परिजनों ने झीरम की पवित्र मिट्टी पुलिस अधीक्षक को संग्रहित करने के लिए प्रदान किया।
बस्तर को गोलियों से नहीं, हौसले और विश्वास से जीता है
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर को रोकने वाला कोई नहीं है। बस्तर के युवाओं को जबरन हिंसा के रास्ते पर ले जाने वाली ताकतें कमजोर हो चुकी हैं। हमने बस्तर को केवल गोलियों से नहीं, बल्कि हौसले, विश्वास और विकास के संकल्प से जीता है। उन्होंने कहा कि भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए सरकार लगातार काम किया। इसका परिणाम है कि 3 हजार से अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुनकर हिंसा का त्याग किया है। यह परिवर्तन बस्तर में शांति और विश्वास की नई सुबह का संकेत है। उन्होंने कहा कि झीरम की घटना में हमने अपने प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व खोया है परंतु यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस घटना में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल नक्सलियों को कुछ लोग अपना रोल मॉडल मानते हैं।
रायपुर, 15 अगस्त 2026/ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जगदलपुर स्थित लाला जगदलपुरी ग्रंथालय परिसर में स्थापित बस्तर क्रिएटर हब स्टूडियो का शुभारंभ किया। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह क्रिएटर हब बस्तर के युवाओं, नवाचारी लोगों और स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी रचनात्मकता एवं विचारों को व्यापक मंच तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करेगा।
शुभारंभ के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने क्रिएटर हब की विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया और यहां उपलब्ध आधुनिक तकनीकी संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने युवाओं को डिजिटल माध्यमों से अपनी प्रतिभा को सामने लाने और बस्तर की कला, संस्कृति, परंपरा, पर्यटन एवं विकास की सकारात्मक तस्वीर देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया।
पहले पॉडकास्ट में उप मुख्यमंत्री का इंटरव्यू
बस्तर क्रिएटर हब के शुभारंभ के साथ ही इसके पहले पॉडकास्ट में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का इंटरव्यू भी रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने बस्तर के विकास, युवाओं की भूमिका और नई तकनीकों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने सहित विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।
बस्तर की प्रतिभाओं को मंच देने और स्थानीय विषयों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाना है
यह क्रिएटर हब बस्तर के युवाओं को कंटेंट निर्माण, पॉडकास्ट, वीडियो, डिजिटल मीडिया और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से स्थानीय युवा अपने विचारों, अनुभवों और नवाचारों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकेंगे। बस्तर की प्रतिभाओं को मंच देने और स्थानीय विषयों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में बस्तर क्रिएटर हब स्टूडियो एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होने की उम्मीद है।
इस अवसर पर इस अवसर पर महापौर श्री संजय पाण्डेय, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री बद्रीनारायण मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ श्री तन्मय खन्ना, सहायक कलेक्टर श्री यशवंत नाईक, शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं क्रिएटर हब से संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
अमर वाटिका में शहीदों को दी श्रद्धांजलि
रायपुर, 15 अगस्त 2026/ 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर क्षेत्र के वीर जवानों के अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान को नमन किया। जगदलपुर स्थित अमर वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में कांकेर, नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा जिले में पदस्थ अधिकारी-जवानों को जिन्हें वीरता पदक से अलंकृत पुलिस जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि जवानों के शौर्य ने बस्तर का नया इतिहास लिखा है,नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में मिली ऐतिहासिक सफलताओं का श्रेय सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और दृढ़ संकल्प को जाता है।
छत्तीसगढ़ पुलिस के 141 जवानों को गैलेंट्री अवार्ड मिलना उनकी कर्तव्यनिष्ठा और शौर्य का प्रमाण
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जवान कठिन परिस्थितियों और आईईडी जैसे घातक खतरों के बीच भी पूरी निष्ठा से मोर्चे पर डटे रहे हैं। राज्य गठन के 25 वर्ष के भीतर छत्तीसगढ़ पुलिस के 141 जवानों को गैलेंट्री अवार्ड मिलना उनकी कर्तव्यनिष्ठा और शौर्य का प्रमाण है। श्री शर्मा ने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद बस्तर के उन दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराया जा रहा है, जहां पहले ऐसा संभव नहीं था। इस वर्ष 93 नए स्थानों पर तिरंगा फहराकर सुरक्षा बलों ने विश्वास और लोकतंत्र की नई नींव मजबूत की है।
बस्तर में संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रभावी स्थापना
उप मुख्यमंत्री ने जगदलपुर में 2025 अगस्त माह के दौरान हुए बड़े आत्मसमर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि 210 नक्सलियों द्वारा 163 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पुनर्वास अभियान है। उन्होंने इसे सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प और शांति की दिशा में बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर में संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रभावी स्थापना जवानों के पराक्रम और स्थानीय जनता के विश्वास का परिणाम है। माओवादी विचारधारा पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि बंदूक के बल पर कायम व्यवस्था जनता के अधिकारों की रक्षा नहीं कर सकती। लोकतंत्र में वही व्यवस्था मान्य है, जो जनता द्वारा चुनी गई हो और जनता के प्रति जवाबदेह हो।
आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जुड़ेंगे बस्तर के बच्चे
गृह मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बस्तर की जल, जंगल और संस्कृति को संरक्षित रखते हुए यहां के बच्चों को आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में कभी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहां अब विकास की नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं।उन्होंने बताया कि टेकुलगुड़म जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों को ‘शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों में स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी और कौशल विकास केंद्र जैसी सुविधाएं स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों के अनुरूप विकसित की जाएंगी।
बस्तर में सुख, शांति और विकास का नया मार्ग प्रशस्त
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति, विकास और लोकतंत्र की स्थापना की दिशा में लगातार सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने सभी जवानों और अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर में सुख, शांति और विकास का नया मार्ग प्रशस्त करने में सुरक्षा बलों के साथ-साथ यहां की जनता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर वीर जवानों ने अपनी वीरता की कहानियों को बयां किया और शहीदों के पराक्रम की कहानियां साझा की।
इस दौरान गृह मंत्री ने अमर जवान शहीद स्मारक में पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शहीदों की स्मरण पट्टिका पर पुष्पांजलि अर्पित की । इस दौरान महापौर श्री संजय पांडेय, सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप, अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आई जी श्री बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी- जवान उपस्थित रहे ।
स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा से विकसित छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर तक को एक मंच पर समेट रही प्रदर्शनी
‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और सुशासन की उपलब्धियों का सजीव प्रदर्शन
ऐतिहासिक टाउन हॉल और शहीद स्मारक के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा - अपनी विरासत को सहेजते हुए विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़
21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10.30 से रात 8 बजे तक आम नागरिक कर सकेंगे प्रदर्शनी का अवलोकन
रायपुर 15 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, अमर सेनानियों के शौर्य एवं बलिदान, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और राज्य में सुशासन एवं विकास की उपलब्धियों को समेटे यह प्रदर्शनी अतीत के गौरव से वर्तमान की उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं तक छत्तीसगढ़ की यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के विभिन्न खंडों का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित दुर्लभ छायाचित्रों, दस्तावेजों एवं सूचनात्मक सामग्री में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए छत्तीसगढ़ की धरती के अनेक वीर सपूतों ने संघर्ष और बलिदान किया। उनके योगदान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है। ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के साथ उनमें राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और देश के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल इतिहास का स्मरण नहीं कराती, बल्कि विरासत से प्रेरणा लेकर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को भी सुदृढ़ करती है। एक ओर इसमें स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की अमर गाथाएं हैं, तो दूसरी ओर जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन, आधुनिक अधोसंरचना और नई तकनीक के माध्यम से बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर भी दिखाई गई है।
‘वंदे मातरम्’—राष्ट्रजागरण के अमर स्वर की 150 वर्षों की यात्रा
प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन में इसके राष्ट्रजागरण के मंत्र के रूप में स्थापित होने तक की यात्रा को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों को एक सूत्र में बांधने और मातृभूमि के लिए त्याग एवं बलिदान की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके स्वर ने स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया। 150 वर्ष की इस ऐतिहासिक यात्रा को प्रदर्शनी में विशेष स्थान देकर नई पीढ़ी को ‘वंदे मातरम्’ के राष्ट्रभाव और उसके ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया गया है।
छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों की संघर्ष और बलिदान की गौरवगाथा
प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ की भूमिका को विस्तार से प्रदर्शित किया गया है। प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रसंग यहां दर्शकों को स्वतंत्रता आंदोलन के उस दौर से रूबरू कराते हैं, जब छत्तीसगढ़ की धरती पर भी ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष और जनजागरण की आवाज बुलंद हुई थी।
महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा यहां के सामाजिक एवं राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया है। इन ऐतिहासिक दस्तावेजों के माध्यम से नई पीढ़ी यह जान सकेगी कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ का योगदान कितना व्यापक और गौरवपूर्ण रहा है।
हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया आजादी का 80वां पर्व
17 प्लाटूनों ने परेड में किया आकर्षक मार्च पास्ट
उत्कृष्ट दलों को मिले पुरस्कार
रायपुर, 15 अगस्त 2026 / राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन पूरे हर्षाेल्लास और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता के नाम अपने संदेश का वाचन भी किया।
समारोह में 17 प्लाटूनों ने भव्य मार्च पास्ट कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह मार्च पास्ट भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री विमल कुमार पाठक के नेतृत्व में हुई। इस बार बिहार प्रदेश की पुलिस टुकड़ी आमंत्रित वर्ग में परेड में शामिल हुई। परेड के टूआईसी श्री निशांत गौरव कुर्रे थे। परेड में सीमा सुरक्षा बल, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष-महिला), छत्तीसगढ़ पुलिस, जेल पुलिस, नगर सेना (पुरुष-महिला), एनसीसी (बालक-बालिका), बैण्ड प्लाटून, घुड़सवार दल और डॉग स्क्वॉड शामिल रहे। समारोह में महिला बैग पाईपर बैंड दल ने भी आकर्षक प्रस्तुती दी।
स्वतंत्रता दिवस समारोह की परेड में उत्कृष्ट दलों को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। केन्द्रीय बलों के वर्ग में भारत तिब्ब्त सीमा पुलिस की टुकड़ी को पहला स्थान मिला। आईटीबीपी के दल को पांच हजार रूपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। दूसरे स्थान पर सीमा सुरक्षा बल और तीसरे स्थान पर केन्द्रिय रिजर्व पुलिस बल का दल रहा। सीमा सुरक्षा बल की टुकड़ी को तीन हजार रूपए और सीआरपीएफ की टुकड़ी को दो हजार रूपए नकद राशि के साथ ट्राफी प्रदान कर सम्मानित किया गया।
राज्य बलों के वर्ग में पहला स्थान छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (महिला) को प्राप्त हुआ। विजेताओं को पांच हजार रूपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ जेल पुलिस का दल दूसरे स्थान पर रहा, जिसे तीन हजार रूपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल (पुरूष) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया, जिन्हें दो हजार रूपए की नकद राशि और ट्रॉफी से नवाजा गया।
कंटीजेंट एनसीसी वर्ग में पहला स्थान एनसीसी गर्ल्स और दूसरा स्थान एनसीसी बॉयज के दल को मिला। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दोनों दल कमांडरों को ट्रॉफी प्रदान कर प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर परेड-टू-आईसी श्री निशांत गौरव कुर्रे, परेड कमांडर श्री विमल कुमार पाठक, महिला बैग पाईपर दल की कमांडर श्रीमती सोनबती ठाकुर, घुड़सवार दल के कमांडर श्री अनिल यादव, श्वान दल के कमांडर श्री राज कपूर सहित परेड प्रस्तुतियोजन के लिए डॉ. अनुराधा दुबे और श्री मनीष परमानंद को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।