ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
बप्पी ने सोमवार को फिल्म "मौसम इकरार के दो पल प्यार के" के म्यूजिक लॉन्च पर मीडिया से इस मुद्दे पर बात की. उन्होंने कहा, "भारत में हम महिलाओं का सम्मान करते हैं चाहे वह मां हो, बहन हो, बेटी हो या पत्नी हो. मैं हर साल छह महीने अमेरिका में रहता हूं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि हमारे देश जैसी खूबसूरत संस्कृति पूरी दुनिया में कहीं और है."
उन्होंने कहा, "मीटू मूवेमेंट हॉलीवुड में चल रहा है, लेकिन भारत में महिलाएं मीडिया और सोशल मीडिया पर दशकों पुरानी घटनाएं ला रहीं हैं. इसलिए मेरा कहना यह है कि उस वक्त मामला क्यों नहीं उठाया गया था, जब ये सब हुआ था. तब शिकायत क्यों नहीं दर्ज करवाई, एफआईआर क्यों नहीं लिखवाई गई? अगर इन चीजों का खुलासा पहले होता तो उन्हें इसके लिए न्याय मिलता."
बप्पी ने कहा "हम 'मौसम इकरार के दो पल प्यार के' फिल्म का संगीत लॉन्च कर रहे हैं. अगर इस फिल्म के बारे में हम 10 साल बाद बात करेंगे तो इसका कोई मतलब नहीं होगा."
बता दें कि तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर "हॉर्न ओके प्लीज" का किस्सा साझा करते हुए आरोप लगाया था कि सेट पर उनका उत्पीड़न किया गया. उन्हें डराया धमकाया गया. उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई. तनुश्री के इन आरोपों ने बॉलीवुड में बहस छेड़ दी जिसके बाद कई महिलाओं ने तमाम सेलिब्रिटीज पर गंभीर आरोप लगाए. मीटू पर जो बड़े नाम सवालों के घेरे में आए हैं उनमें आलोक नाथ, विकास बहल, विवेक अग्निहोत्री, कैलाश खेर जैसे दर्जनों नाम शामिल हैं.
बीजेपी के संस्थापक सदस्य रहे पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह का पूरा परिवार बुधवार को कांग्रेस का हाथ थामेगा. राजस्थान के मारवाड़ इलाके में प्रभाव रखने वाला जसवंत का परिवार का बीजेपी से अलग होना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह पूरे परिवार के साथ पार्टी के सदस्य बनेंगे. मानवेंद्र इस समय बीजेपी से शिव सीट के विधायक हैं. मानवेंद्र के साथ उनकी पत्नी चित्रा सिंह, जीवंत सिंह के दूसरे बेटे भूपेन्द्र सिंह और जसवंत सिंह की पत्नी शीतल कवर कांग्रेस की सदस्यता लेंगी. कांग्रेस का दामन थामने से पहले मानवेंद्र सिंह ने पूरे परिवार के साथ पूजा अर्चना की.
इस मौके पर कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत और राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट भी मौजूद रहेंगे.
पिछले महीने छोड़ी थी बीजेपी
पिछले महीने हुई बाड़मेर के पचपदरा की स्वाभिमान रैली में मानवेंद्र सिंह ने 'एक ही भूल कमल का फूल' कहकर बीजेपी छोड़ दी थी. उसके बाद से अटकलें लगाई जा रही थी कि मानवेंद्र सिंह कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं, लेकिन अब मानवेंद्र ने साफ कर दिया है कि वो कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं.
बाड़मेर के कांग्रेसी नेताओं ने भी इसका स्वागत किया है. कांग्रेस के सचिव हरीश चौधरी ने कहा कि उन्होंने मानवेंद्र सिंह का विरोध नहीं किया है. उनके आने से कांग्रेस और मजबूत होगी. राजस्थान में राजपूत बीजेपी के कोर वोट बैंक रहे हैं.
राजपूतों को जोड़ने में लगी कांग्रेस
कांग्रेस इस बार कोशिश कर रही है कि नाराज राजपूतों को तोड़ा जाए और कांग्रेस में लाया जाए. हालांकि, बीजेपी कोशिश कर रही है कि राजपूतों का डर दिखाकर कांग्रेस के परंपरागत वोटर जाटों को अपने पक्ष में लाया जाए, लेकिन कांग्रेस अपने जाट नेताओं को भरोसे में लेकर नाराज राजपूतों को रिझाने की कोशिश कर रही है.
2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने जसवंत सिंह को टिकट नहीं दिया था. इससे उनको निर्दलीय ही चुनाव लड़ना पड़ा था. उस चुनाव में जसवंत सिंह हार गए थे. इसी के बाद से जसवंत सिंह का परिवार बीजेपी से नाराज चल रहा था.
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनावी मैदान में उतर रही आम आदमी पार्टी (आप) ने आदिवासी समाज के युवक को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर किया है। आप के वरिष्ठ नेता ने बताया कि वे राज्य में मुख्यमंत्री पद के सबसे युवा उम्मीदवार हैं। 'आप' यह दांव चलकर आदिवासी बाहुल्य छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति के वोटों को अपने पाले में करने की कोशिश में है।
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ में सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी है। पार्टी ने 84 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है। पार्टी ने 37 वर्ष के युवक कोमल हुपेंडी को मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश कर अन्य राजनीतिक दलों को चौंका दिया है।
हुपेंडी राज्य के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के मुंगवाल गांव के निवासी हैं।
रायपुर में बुधवार को आप के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने बताया कि हुपेंडी राज्य में मुख्यमंत्री पद के सबसे युवा उम्मीदवार हैं। इतिहास में एमए तक पढ़ाई करने वाले हुपेंडी साल 2005 बैच में सहकारिता विस्तार अधिकारी के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
राय ने बताया कि हुपेंडी ने साल 2016 में सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था और आम आदमी पार्टी के सदस्य बन गए थे।
आप नेता ने बताया कि हुपेंडी ने दो किताब लिखी हैं तथा राज्य में आदिवासियों के लिए हुल्की महोत्सव, कोलांग महोत्सव और पर्रा जलसा की शुरूआत की थी।
राय के मुताबिक हुपेंडी गरीब आदिवासी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं और शराब बंदी को लेकर आंदोलन भी कर चुके हैं।
आप के प्रदेश संयोजक संकेत ठाकुर ने कहा कि राज्य में आदिवासी और किसान समेत समाज के सभी वर्ग अब आम आदमी पार्टी पर भरोसा कर रहे हैं। राज्य में भाजपा के पिछले 15 वर्ष के शासनकाल में सरकार ने इस वर्ग को भुला दिया है। वहीं लोगों को कांग्रेस पर भरोसा नहीं है।
ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ का निर्माण आदिवासियों और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के विकास के लिए हुआ था। लेकिन यह अभी तक नहीं हो पाया है। उनकी पार्टी चाहती है कि राज्य में आदिवासी क्षेत्रों का विकास हो। मुख्यमंत्री पद के लिए आदिवासी युवा को इसीलिए सामने लाया गया है।
छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 सीटें है। इनमें से 49 सीटों पर भाजपा का तथा 39 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। वहीं एक-एक सीटों पर बहुजन समाज पार्टी और निर्दलीय विधायक हैं। राज्य में अनुसूचित जनजाति के लिए 29 सीटें आरक्षित हैं जो राज्य में सरकार बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आप राज्य की 11 सीटों में 10 सीटों पर चुनाव लड़ी थी तथा सभी सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था।
पांच राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है। सिर्फ छत्तीसगढ़ में दो चरण में चुनाव होंगे बाकी अन्य राज्यों में एक चरण में चुनाव कार्य पूरा हो जाएगा। 11 दिसंबर को सभी राज्यों में मतगणना होगी और नतीजे आ जाएंगे। छत्तीसगढ़ में पहले चरण में 12 नवंबर को चुनाव होंगे। वहीं दूसरे चरण में 20 नवंबर को मतदान कराए जाएंगे। जिसमें नक्सल प्रभावित बस्तर की 12 सीटों पर पहले चरण में 12 नवंबर को मतदान होना है।
छत्तीसगढ़ राज्य मध्य प्रदेश के विभाजन के बाद 1 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आया। यह भारत का 26वां राज्य है। इसका प्राचीन समय में नाम दक्षिण कौशल भी था। 'दक्षिण कौशल' में छत्तीस गढ़ समाहित थे जिसके कारण विभाजन के बाद नए राज्य का नाम "छत्तीसगढ़" पड़ा। यह क्षेत्र अत्यंत प्राचीन काल से ही भारत को गौरवान्वित करते रहे हैं।
छत्तीसगढ़ वैदिक और पौराणिक काल से विभिन्न संस्कृतियों के विकास का केंद्र रहा है। यहां के प्राचीन मंदिर और उनके भग्नावशेष के आधार पर पता चलता है कि यहां पर वैष्णव, शैव, शाक्त, बौद्ध संस्कृतियों का विभिन्न कालों में प्रभाव रहा है।
छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से प्रभावित है इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर चुनाव आयोग ने इस राज्य में दो चरणों में चुनाव कराने का निर्णय लिया है।
केंद्र की सूची में राज्य के नक्सल प्रभावित जिले
बस्तर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, राजनांदगांव, बीजापुर, जशपुर, कांकेर, कोरिया, महासमुंद, गरियाबंद, सरगुजा, धमतरी, बालोद, सुकमा, कोंडागांव व बलरामपुर।
किस क्षेत्र में कौन सी विधानसभा सीट
बिलासपुर - 24 सीटें
बिलासपुर, बेलतरा, बिल्हा, कोरबा, रामपुर, कटघोरा, पाली, तानाखारा, मुंगेली, लोरमी, तखतपुर, मस्तुरी, कोटा, मरवाही (रायगढ़, जिला), लाइलुंगा, सारंगढ़, खरसिया, धर्मजयगढ़, जाजंगीर, चापां (जांजगीर चांपा जिला), अकलतरा, पामगढ़, जैजयपुर, चंद्रपुर, सक्ती।
रायपुर - 20 सीटें
रायपुर उत्तर, रायपुर दक्षिण, रायपुर ग्रामीण, रायपुर पश्चिम, धरसींवा, अभनपुर, आरंग, महासमुंद, खल्लारी, बसपा, सराईपाली, बलौदाबाजार, भाटापारा, कसडोल, बिलाईगढ़, राजिम, बिंद्रानवागढ़, सिहावा, कुरूद, धमतरी।
दुर्ग - 20 सीटें
दुर्ग भिलाई नगर, वैशाली नगर, अहिवारा, दुर्ग ग्रामीण, पाटन, राजनांदगांव, खैरागढ़, डोंगरगांव, खुज्जी, मोहला-मानपुर, संजारी बालोद, गुंडेरदेही, डौंडीलोहारा, बेमेतरा, नवागढ़, साजा, कवर्धा, पंडरिया।
सरगुजा - 14 सीटें
भरतपुर-सोनहत, मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर, अंबिकापुर, सीतापुर, लुंड्रा, रामानुजगंज, समरी, प्रेमनगर, भटगांव, प्रतापपुर, जशपुर (जिला जशपुर), कुनकुरी, पत्थलगांव।
बस्तर - 12 सीटें
नारायणपुर, केशकाल, कोंडागांव, जगदलपुर, बस्तर, चित्रकोट, दंतेवाड़ा, कोंटा, बीजापुर, कांकेर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह चुनाव जीतने के फॉर्मूला बताने के लिए दो दिन की यात्रा पर छत्तीसगढ़ जा रहे हैं। इस दौरे में वे अंबिकापुर, बिलासपुर, जगदलपुर और रायपुर में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
भाजपा के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख अनिल बलूनी ने एक बयान में कहा कि शाह दोपहर 12 बजे अंबिकापुर पहुंचेंगे। जहां वे सरगुजा संभाग के बूथ स्तर के कार्यकर्ता सम्मेलन को कला केंद्र मैदान में संबोधित करेंगे।
भाजपा अध्यक्ष दोपहर बाद साढ़े तीन बजे बिलासपुर में बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसके बाद शाम में वे बिलासपुर में ही अधिवक्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करेंगे। देर शाम वह राज्य चुनाव प्रबंध समिति की बैठक करेंगे।
अमित शाह का 13 अक्टूबर सुबह करीब सवा दस बजे बिलासपुर में बिलासादेवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने का कार्यक्रम है। दोपहर में वे जगदलपुर में मां दंतेश्वरी मंदिर जायेंगे और पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद उनका जगदलपुर में बस्तर संभाग के बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करने का कार्यक्रम है।
दोपहर बाद वे रायपुर में दुर्ग और रायपुर संभाग के बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। शाम में उनका रायपुर में समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ विभिन्न विषयों पर परिचर्चा करने का कार्यक्रम है।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में पुलिस ने मुठभेड़ में एक नक्सली को मार गिराया। सुकमा जिले के पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को दूरभाष पर ‘भाषा’ को बताया कि पुसनार थाना क्षेत्र में तुलसी पहाड़ी के करीब पुलिस ने मुठभेड़ में एक नक्सली को मार गिराया।
अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम डीआरजी का दल गश्त के लिए रवाना हुआ। दल जब तुलसी पहाड़ी के करीब पहुंचा तब नक्सलियों ने उनपर हमला कर दिया। हमले में कांगेर घाटी एरिया कमेटी के नक्सली शामिल थे।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई के बाद हुई मुठभेड़ के बाद नक्सली वहां से फरार हो गए। बाद में जब घटनास्थल की तलाशी ली गई तब वहां से एक नक्सली का शव बरामद हुआ। नक्सली की पहचान चांदामेटा एरिया कमेटी के डिप्टी मिलिशिया कमांडर कवासी देवा के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से एक भरमार बंदूक, विस्फोटक सामग्री और अन्य सामान बरामद किया है।
नई दिल्ली: ममता सरकार द्वारा दुर्गा पूजा के लिए फंड देने का मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने ममता को पूजा के लिए फंड देने को हरी झंडी दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया और सरकार के फैसले की संवैधानिकता का परीक्षण करेगा. आपको बता दें कि इससे पहले बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले में दखल देने से इनकार कर दिया था.
हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता के वकील ने चीफ जस्टिस रंजन गोगोई से इस याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर इसमें देरी हुई तो फिर रुपये दे दिए जाएंगे और फिर कुछ नहीं हो सकता. ममता सरकार ने 25000 समितियों में से हर एक दुर्गापूजा समिति को दस-दस हज़ार रुपये अनुदान देने की घोषणा की थी. राज्य सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने पर 28 करोड़ रुपए का खर्च आएगा. मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचा था लेकिन हाईकोर्ट ने बुधवार को सरकारी योजना और कार्य मे दखल देने से इनकार कर दिया था.
नई दिल्ली: RTI DAY: आरटीआई (RTI Act) के पालन को लेकर जारी वैश्विक रैकिंग में भारत को झटका लगा है. देश की रैकिंग नीचे गिरकर अब छह नंबर पर पहुंच गई है. जबकि पिछले साल भारत पांचवे नंबर पर था. दुनिया के प्रमुख 123 देशों में आरटीआई कानून है. सेंटर फॉर लॉ एंड डेमोक्रेसी(कनाडा) और स्पेन की संस्था एक्सेस इन्फो यूरोप ने बीते दिनों 28 सितंबर को इंटरनेशनल राइट टू नो(जानने का अधिकार) डे के दिन इन सभी देशों की रैकिंग जारी की थी. जिसमें भारत को पिछले साल की तुलना में नुकसान उठाना पड़ा है. खास बात है कि जिन देशों को भारत से ऊपर स्थान मिला है, उनमें ज्यादातर देश भारत के बाद इस कानून को अपने यहां लागू किए हैं. भारत में इस कानून को जहां सूचना का अधिकार नाम से जानते हैं वहीं दुनिया के कई देशों में इसे राइट टू नो के रूप में जानते हैं. ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल इंडिया(Transparency International India) ने भारत में 12 अक्टूबर 2018 को आरटीआई डे के मौके पर जारी रिपोर्ट में भारत की अंतरराष्ट्रीय रैकिंग गिरने का जिक्र किया है. देश में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों की निगरानी करने वाली इस संस्था ने देश में आरटीआई एक्ट के पालन को लेकर चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है. संस्था ने आरटीआई एक्ट से जुड़े तीन महत्वपूर्ण सेक्शन, मसलन 25(2), सेक्शन 19(1) और सेक्शन 19(2) पर फोकस कर रिपोर्ट पेश की है
पंचायत आजतक मध्य प्रदेश के दूसरे सेशन 'विकास के नाम पर धर्म की राह पर !' में राम मंदिर का मुद्दा छाया रहा. कांग्रेस इस मुद्दे पर बीजेपी पर हमलावर दिखी. कांग्रेस ने यह भी कहा कि अगर बीजेपी में हिम्मत है तो वह राम मंदिर पर संसद में प्रस्ताव लेकर आए.
आपको बता दें कि इस सत्र में बीजेपी की ओर से पार्टी उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य प्रभात झा और कांग्रेस की ओर से प्रवक्ता मुकेश नायक ने हिस्सा लिया. प्रभात झा ने इस सेशन में राम मंदिर का मुद्दा उठने पर कहा कि यह मामला कोर्ट में है तो कोई कुछ क्या कर सकता है, कोई पार्टी क्या कर सकती है. प्रभात झा ने आगे कहा कि हालांकि इससे कोई इनकार नहीं कर सकता कि हिमाचल में कार्यकारिणी बैठक में बीजेपी वह पहली पार्टी थी जिसने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर बनना चाहिए. साथ ही राममंदिर सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं राष्ट्रीय मुद्दा है. बीजेपी की ओर से दावा किया गया किअगर कांग्रेस प्रवक्ता से अकेले में बात करेंगे तो वह भी मानेंगे कि राम मंदिर बनना चाहिए.
इसके बाद कांग्रेस प्रवक्ता मुकेश नायक बीजेपी पर इस मुद्दे को लेकर हमलावर हो गए और चैलेंज देकर कहा कि बीजेपी में हिम्मत है तो वह राम मंदिर पर लोकसभा में प्रस्ताव लाए. यह पूछने पर कि क्या कांग्रेस इस प्रस्ताव को सपोर्ट करेगी तो प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस इस प्रस्ताव का पूरा सपोर्ट करेगी.
इस पर बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर धोखा देने का आरोप लगाया और राज्यसभा में पिछड़ों पर लाए प्रस्ताव को पास नहीं होने देने का आरोप लगाया. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी गाय और मंदिर पर प्रस्ताव नहीं लाती है.
वहीं बीजेपी ने कहा कि अगर कांग्रेस इस मु्द्दे पर गंभीर है तो राहुल गांधी से इस मंच पर यह बात कहला दे. बीजेपी ने कहा कि राज्यसभा में हमारा बहुमत नहीं है.
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सियासी दलों ने कमर कस ली है. सत्ताधारी बीजेपी और विपक्ष में बैठी कांग्रेस के नेता जनता के बीच है. सियासी सरगर्मी लगातार बढ़ रही है. बदलते सियासी तापमान में लोगों के मनमिजाज का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को भोपाल में पंचायत आजतक का मंच सजा है. इसमें राजनीतिक दलों के कई दिग्गज शिरकत कर रहे हैं.
कार्यक्रम की शुरुआत केन्द्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के अहम सत्र 'मोदी हैं ना' से हुई. पंचायत आजतक के पहले सत्र मोदी हैं ना! में नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज और खनन ने शिरकत की. इस सत्र का संचालन इंडिया टुडे समूह के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल ने किया.
क्या 15 साल बाद बीजेपी को जिता पाना बड़ी चुनौती है. नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि बीजेपी सबका साथ सबका विकास की नीति पर काम कर रही है. बीचे 15 साल के दौरान राज्य सरकार ने लगातार एक मजबूत अर्थव्यवस्था खड़ी की है और राज्य का जीडीपी आंकड़ा बेहतर हुआ है, इसलिए बीजेपी के लिए आगामी चुनावों में जीत हासिल करना आसान है.
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी में कांग्रेस भी धर्म और राम मंदिर मुद्दे पर हमलावर दिखी. पंचायत आजतक में भी यह नजारा देखने को मिला. 'विकास के नाम पर धर्म की राह पर !' नाम के सेशन में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने एक दूसरे पर धर्म की राजनीति कर फायदा उठाने के आरोप लगाए.
नई दिल्ली: दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी अस्पताल) में मरीजों के इलाज में आरक्षण के मसले पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल सरकार को झटका दिया है. कोर्ट ने कहा है कि जीटीबी अस्पताल में इलाज के लिए दिल्ली के निवासियों को 80 फीसदी आरक्षण देना गलत है और साथ ही यह भी कहा है कि पुरानी व्यवस्था बरकार रहेगी यानी कोई आरक्षण का नियम लागू नहीं होगा. आपको बता दें कि 1 अक्टूबर से पायलट प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली सरकार ने इस आरक्षण व्यवस्था को अस्पताल में शुरू किया था. अस्पताल में कुल 17 रजिस्ट्रेशन काउंटर हैं जिसमें से 13 दिल्ली के नागरिकों के लिए आरक्षित किए जाने थे और 4 दिल्ली के बाहर के नागरिकों के लिए रखे गए. मुफ्त दवाएं केवल दिल्ली के नागरिकों को दी जाएंगी साथ ही बड़े टेस्ट भी मुफ़्त केवल दिल्ली के नागरिकों के होने थे. हालांकि छोटे और साधारण टेस्ट जैसे कि ब्लड टेस्ट एक्स-रे इत्यादि सभी नागरिकों के लिए मुफ़्त होंगे. आईपीडी में 80 फ़ीसदी बेड दिल्ली वालों के लिए होंगे और 20 फ़ीसदी दिल्ली से बाहर वालों के लिए. हालांकि आपातकालीन सेवाएं सभी नागरिकों के लिए समान और मुफ्त रखी गई थीं.
इससे पहले बीते साल दिसंबर में तहत जीबी पंत अस्पताल में दिल्ली वालों को 50% का आरक्षण दिया गया था. जीबी पंत अस्पताल में 714 बेड हैं जिसमें से 357 बेड दिल्ली वालों के लिए आरक्षित किए गए. अब देखने वाली बात यह होगी क्या इस फैसले का असर जीबी पंत में शुरू की गई आरक्षण व्यवस्था पर भी पड़ता है.
अमेरिकी प्रतिबंध के साए में जहां भारत ने रूस के साथ एस-400 डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदने पर समझौता किया वहीं अब ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध के बावजूद लगातार कच्चा तेल खरीदना अमेरिका को नागवार गुजर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान प्रतिबंध के हवाले से पूरी दुनिया को धमकी देते हुए कहा है कि 4 नवंबर के बाद यदि कोई देश ईरान से कच्चा तेल खरीदता है तो सख्त से सख्त कदम उठाने के लिए तैयार हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से कच्चा तेल आयात को लेकर चेतावनी देते हुए कहा है कि 4 नवंबर तक ईरान से कच्चे तेल का आयात घटाकर शून्य नहीं करने वाले "देशों को भी अमेरिका देखेगा". गौरतलब है कि भारत और चीन जैसे देशों के ईरान से तेल आयात जारी रखने के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, ‘‘हम उन्हें भी देखेंगे.’’
ट्रंप ने मई में अमेरिका को 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते से अलग कर लिया था और उस पर फिर से प्रतिबंध लगाए. ट्रंप ने ईरान से तेल आयात करने वाले देशों को 4 नवंबर तक अपना आयात घटाकर शून्य करने के लिए कहा है. साथ ही उन्होंने ऐसा नहीं करने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने की भी चेतावनी दी है.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस से पांच अरब डॉलर के सौदे में एस-400 हवाई रक्षा प्रणाली खरीदने पर भारत के खिलाफ अमेरिकी कानून के तहत दंडात्मक कार्रवाई होती है अथवा नहीं इसके बारे में जल्द स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.
पांच बिलियन डॉलर की इस मेगा डिफेंस डील पर अमेरिका काटसा प्रतिबंध (काउंटरिंग अमेरिकन एडवर्सरीज थ्रू सैंकशन्स- CAATSA) लगा सकता है. पिछले महीने अमेरिका ने चीन पर यही बैन लगाया था. तब चीन ने रूस से लड़ाकू विमान और मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदा था.
अमेरिका ने अपने विरोधियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने के लिये ‘काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट’ (काट्सा) कानून बनाया है. इसके तहत रूस के साथ हथियार सौदे पर अमेरिकी प्रतिबंधों से भारत को छूट देने का अधिकार केवल राष्ट्रपति के ही पास है.
काट्सा अमेरिका का संघीय कानून है. इसके तहत ईरान, दक्षिण कोरिया और रूस पर प्रतिबंध लगाया गया है. भारत और रूस के बीच हुए सौदे के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने बुधवार को कहा, "भारत को पता चल जाएगा." उन्होंने कहा कि भारत को जल्द ही पता लगने वाला है. जब ट्रंप से पूछा गया कि कब पता चलेगा तो उन्होंने कहा, "आप देखेंगे. आप जितना सोच रहे हैं उससे पहले."
नई दिल्ली: उत्तराखंड हाई कोर्ट ने 30 अगस्त को प्रदेश में हर तरह के फतवे पर रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट ने धार्मिक संस्थाओं, संगठनों, पंचायतों, स्थानीय पंचायतों और जन समूहों की ओर से फतवा जारी करने पर प्रतिबंध लगाया था. कोर्ट ने फतवे को गैर संवैधानिक करार देते हुए इसे व्यक्ति के मौलिक अधिकारों के खिलाफ करार दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है, वहीं, याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा !
दरअसल कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की पीठ ने यह प्रतिबंध हरिद्वार के एक गांव में नाबालिग से रेप के बाद जारी हुए फतवे के बाद लगाया था. नाबालिग युवती से दुष्कर्म के बाद गर्भवती होने और दबंगों के खिलाफ मुंह खोलने पर पंचायत ने पीड़िता को गांव से बाहर करने का फतवा जारी किया था. कोर्ट ने पंचायत के फतवे जारी करने को गंभीर माना और कहा कि पीड़िता के साथ सहानुभूति व्यक्त करने के बजाय परिवार को गांव से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है.