ईश्वर दुबे
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नयी दिल्ली। सीबीआई घूसकांड मामले में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि यह जांच सरकार के अदंर नहीं आती और सरकार इसकी जांच नहीं करेगी। हम नहीं जानते कौन सही है और कौन गलत। हालांकि, इसकी जांच के सीबीआई और सीवीसी का अधिकार क्षेत्र है।
नयी दिल्ली। विपक्षी पार्टियों ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को पद से हटाए जाने के लिए भाजपा सरकार की निंदा की है। वर्मा और सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच टकराव चल रहा है और केंद्र ने दोनों ही अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया है। इस बीच झालावाड़ में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि CBI चीफ आलोक वर्मा राफेल सौदे के पेपर इकट्ठा कर रहे थे, इसलिए उनकी छुट्टी की गई है। राहुल गांधी ने कहा कि कल रात को चौकीदार ने CBI निदेशक को हटा दिया।
नयी दिल्ली। मोदी सरकार में सीबीआई का “राजनीतिक प्रतिशोध के हथियार” के तौर पर इस्तेमाल किये जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को यह भी कहा कि प्रमुख जांच एजेंसी का पतन हो रहा है और वह “खुद से ही जंग लड़ रही है।’’ सरकार पर हमला बोलने के लिए ट्विटर पर उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में दूसरे नंबर की हैसियत रखने वाले अधिकारी राकेश अस्थाना को रिश्वत मामले में आरोपी बताया गया है।
ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री का चहेता व्यक्ति, गोधरा एसआईटी का चर्चित चेहरा, सीबीआई में दूसरे नंबर की हैसियत पाने वाला गुजरात कैडर का अधिकारी, अब रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।”उन्होंने कहा, “इन प्रधानमंत्री के शासन में सीबीआई राजनीतिक प्रतिशोध लेने का हथियार बन गई है। एक संस्थान जो पतन की ओर बढ़ रहा है वह खुद से ही जंग लड़ रहा है।” कांग्रेस अध्यक्ष और उनकी पार्टी अस्थाना को सीबीआई का विशेष निदेशक नियुक्त किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार हमलावर रही है।रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप
नयी दिल्ली। भाजपा महासचिव सरोज पाण्डेय ने मंगलवार को दावा किया कि अजीत जोगी और बसपा के बीच गठबंधन होने से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को नुकसान होगा। उन्होंने जोर दिया कि उनकी पार्टी राज्य में चौथी बार सत्ता में आयेगी। राज्यसभा सदस्य और छत्तीसगढ़ से पार्टी की वरिष्ठ नेता पाण्डेय ने यह भी कहा कि विपक्षी कांग्रेस की प्रदेश में स्थिति ठीक नहीं है और उसके प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल के फर्जी सेक्स सीडी मामले में कथित तौर पर शामिल होने के कारण वह बचाव की मुद्रा में है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना राज्य की महिलाओं का अपमान है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने इस मामले में पिछले महीने आरोप पत्र दायर किया था और बघेल एवं कुछ अन्य को विवादास्पद सीडी से जुड़े मामले में आरोपी बनाया था। इस मामले में कांग्रेस नेता को तीन दिन की न्यायिक हिरासत के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया था। पाण्डेय ने कहा, ‘छत्तीसगढ़ में हम (भाजपा) काफी मजबूत स्थिति में है। हम राज्य में लगातार चौथी बार सरकार बनायेंगे।’
उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा में 65 प्लस सीट हासिल करने के पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के लक्ष्य को प्राप्त करेगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में दो चरणों में 12 नवंबर एवं 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। यह पूछे जाने पर कि जोगी की पार्टी और बसपा के बीच गठबंधन का चुनाव में क्या प्रभाव पड़ेगा, भाजपा महासचिव ने कहा कि चुनावी राजनीति में किसी पार्टी के असर को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है और अजीत जोगी निश्चित तौर पर उस पार्टी के वोट को काटेंगे जिससे वह पहले जुड़े थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मुख्यमंत्री रमन सिंह के खिलाफ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला को उम्मीदवार बनाया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने रविवार को यहां बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने प्रथम चरण के लिए छह उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है।
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने आज राजनांदगांव विधानसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी वहां मौजूद थे। सिंह ने आज राजनांदगांव जिला मुख्यालय में अपना नामांकन दाखिल किया। कलेक्ट्रेट परिसर में नामांकन दाखिल करने के दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री रमन सिंह की पत्नी वीणा सिंह, उनके पुत्र तथा सांसद अभिषेक सिंह और छत्तीसगढ़ में भाजपा के प्रभारी अनिल जैन समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
गढ़ाकोटा। गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल किसान और पिछड़ा वर्ग आंदोलन के तहत गढ़ाकोटा पहुंचे। हार्दिक पटैल ने कहा हम किसी को हराने नहीं आए हम खुद को जिताने आए हैं। युवाओं, किसानों, महिलाओं के मुद्दे पर आए हैं। आज देश में बेरोजगार कौन है? क्या अदाणी का बेटा बेरोजगार है? क्या शिवराज सिंह चौहान का बेटा बेरोजगार है? क्या गोपाल भार्गव का बेटा बेरोजगार है? नहीं, सिर्फ किसान का ही बेटा बेरोजगार है। किसान का ही बेटा मजदूर बन रहा है।
हार्दिक पटेल ने कहा हम चाहते हैं घर- घर में जनजागरण हो, चेतना हो, ताकि जनविरोधी लोगों से लड़ सकें। गुलामी की जंजीरों में जकड़े रहोगे तब तक अपने विचार और अधिकारों तक नहीं पहुंच पाओगे। हार्दिक ने एक बार फिर मंत्री गोपाल भार्गव को ठन- ठन गोपाल कहा।
हम सत्ता विरोधी: काॅलेज की छात्राओं के साथ हुई घटना पर हार्दिक ने कहा कि पिछड़े समाज की दो छात्राओं के साथ छेड़खानी फिर मारपीट हुई, जिससे उनकी पढ़ाई छूट गई। पिछड़ों की यही लड़ाई लेकर निकले हैं। आजाद हिंदुस्तान में जो लोग जीना चाहते हैं उन्हें मजबूत बनाएं, जागरूक किया जाए। भावांतर में किसानों से लूट हुई है। हार्दिक ने कहा हम कांग्रेस के साथ नहीं हैं, हम तो सत्ता के खिलाफ हैं। अब मप्र में दो ही पार्टियां हैं तो हम क्या करें।
भार्गव और हार्दिक समर्थक आमने- सामने: केंकरा से पथरिया जाते समय हार्दिक का काफिला बस स्टैंड पर रुका। जहां हार्दिक, जीवन , कमलेश साहू ने शहीदों की मूर्तियों पर माल्यार्पण किया। हार्दिक के समर्थक रोड शो नगर में अंदर कराना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने रोक दिया। जिस पर हार्दिक समर्थकों ने नारेबाजी की। इस दौरान वहां मंत्री गोपाल भार्गव के समर्थक भी आ गए जिन्होंने भी नारे लगाए। एक दूसरे के खिलाफ करीब 15 मिनिट नारेबाजी हुई। जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। बाद में हार्दिक का काफिला नगर भ्रमण के बजाए पथरिया की ओर चला गया।
मैं भाजपा विरोधी हूं
पथरिया में हार्दिक ने कहा कि मैं बीजेपी का विरोधी हूं और उसके खिलाफ ही लड़ता हूं। क्योंकि भाजपा में किस तरह लोगों को डराया धमकाया जाता है, गलत नीतियों से गरीब मजदूर वर्ग का शोषण किया जाता है, जिसका सीधा साधा उदाहरण भी आप लोगों के सामने है। प्रदेश के मंत्री की पत्नी शिक्षा माफिया है, जिसका नाम हर कोई अच्छे से जानता है। क्या किसी गरीब का बच्चा उनके स्कूल में पढ़ सकता है। मैं किसी को गलत नहीं ठहराता और न ही में किसी को दोषी मानता हूं, हम सब इसके जिम्मेदार हैं। यह बात सोमवार को हाईस्कूल परिसर में किसान आमसभा में गुजरात के पाटीदार समाज के नेता हार्दिक पटेल ने कहा किसानों काे संबाेधित करते हुए कही।
दुर्ग। विधानसभा निर्वाचन 2018 के अंतर्गत जिले के विधानसभा क्षेत्रों के लिए नियुक्त सेक्टर अधिकारियों को आज बी.आई.टी. काॅलेज में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में सेक्टर अधिकारियों को निर्वाचन से संबंधित उनके कर्तव्यों और दायित्वों की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ होने से लेकर निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक उनके द्वारा किए जाने वाले दायित्वों से अवगत कराया गया। सेक्टर अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। सेक्टर अधिकारियों को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां दी गई है। प्रत्येक 10-12 मतदान केन्द्रों के लिए एक सेक्टर अधिकारी की नियुक्ति की गई है। उन्हें बताया गया है कि अपने निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित मतदान केन्द्रों के नक्शे का पूर्ण रूप से अवलोकन एवं क्षेत्रों का भ्रमण सुनिश्चित कर लें।
सेक्टर अधिकारियों को उनके सेक्टर क्षेत्र के अंतर्गत सभी मतदान केन्द्रों में पहुंच कर सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है। सेक्टर अधिकारी का दायित्व है कि वे अपने सेक्टर क्षेत्र में मतदान केन्द्रों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। सभी मतदान केन्द्रों के दायरे में निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।
अधिकारियों का दायित्व है कि वे मतदाताओं को ई.व्ही.एम. से मतदान करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन करायें। सेक्टर अधिकारियों की यह भी जिम्मेदारी है कि वे मतदान केन्द्र के स्वरूप और उसकी संवेदनता का भी अनिवार्य रूप से विवरण रखें। मतदान की पूर्व संध्या मतदान केन्द्रों में मतदान दलों के माध्यम से मतदान सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सुरक्षा बल संबंधित मतदान केन्द्र में पहुंचे है या नहीं। मतदान कर्मियों के बीच ई.व्ही.एम. का संचालन अथवा मतदान प्रक्रिया के विषय में अंतिम समय तक किसी भी प्रकार की संदेह को दूर करेगा। पूरी तरह से संतुष्ट हो जाने पर नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
मतदान दिवस पर मतदान शुरू होने से पहले माॅक पोल की स्थिति सुनिश्चित करेगा। यदि कोई समस्या हो तो सुधारात्मक कार्यवाही करेगा। मतदान केन्द्रों का बार-बार भ्रमण करेगा और बिना विलंब के मतदान शुरू होने की सूचना देगा। जहां कहीं भी ई.व्ही.एम. बदलने की स्थिति उत्पन्न हो, उसे बदलने की व्यवस्था करेगा। मतदान एजेंटों की उपस्थिति-अनुपस्थिति का पता लगाना और सूचना देना होगा। मतदान दल को आवश्यक सहायता करेगा। उनकी महती जिम्मेदारी होगी कि वे मतदान केन्द्रों का दौरा करने के दौरान मतदान संबंधी सभी पहलूओं की जांच करेगा। माॅक पोल प्रमाणन सुनिश्चित करने के साथ ही इसकी सूचना आर.ओ. को देगा। मतदान प्रणाली की जांच करना, समय-समय पर मतदान प्रतिशत की सूचना देना, मतदान वाले दिन प्राप्त शिकायत का निदान करना, मतदान उपरान्त ई.व्ही.एम. को सिलिंग करने, मतदान सामग्री प्राप्ति स्थल पर पहुंचाने, मतदान कर्मियों को मानदेय के वितरण का कार्य सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी होगी। सेक्टर अधिकारी यह भी जांच करेगा कि पीठासीन अधिकारी उपयुक्त ढंग से डायरी की प्रतिपूर्ति किया है कि नहीं, ई.व्ही.एम. मशीन ठीक से सील की गई है या नहीं।