ईश्वर दुबे
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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में संचालित कोयला खदानों से निकाले गये कोयले की 4140.21 करोड़ रुपए एडिशनल लेवी की राशि यथाशीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय कोयला खान एवं संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी को भेजे गये पत्र में भारतीय संविधान में उल्लेखित प्रावधानों, खनिज अधिनियम और उच्चतम न्यायालय द्वारा इस संबंध में पारित आदेश अनुसार खनिज पर राज्य सरकार के स्वामित्व होने तथा खनिजों पर राज्य सरकार द्वारा रॉयल्टी, लेव्ही एवं अन्य कर वसूलने के प्रावधान का उल्लेख करते हुए राज्य हित में एडिशनल लेव्ही की राशि लगभग चार हजार 140.61 करोड़ रुपए राज्य हित में जल्द ही राज्य सरकार को उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में उच्चतम न्यायालय की ओर से छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित कोल ब्लॉक से निकाले गये और निकाले जाने वाले कोयले की एडिशनल रॉयल्टी की राशि को राज्य सरकार को देय होना चाहिए संबंधी पारित आदेश का भी उल्लेख किया है। साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार को रॉयल्टी देने के संबंध में कोयला मंत्रालय भारत सरकार को पिछले पांच सालों में भेजे गये पत्रों का भी उल्लेख किया है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ से आठ कोल आबंटियों द्वारा 295 रुपए प्रति मीट्रिक टन की दर से एडिशनल लेव्ही की राशि भारत सरकार के कोल मंत्रालय के पास जमा की गई है। इनमें जायसवाल निको लिमिटेड द्वारा 112.35 करोड़ रुपए, जिंदल पावर लिमिटेड द्वारा 1185.20 करोड़ रुपए, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड द्वारा 2082.23 करोड़ रुपए, मोनेट इस्पात लिमिटेड द्वारा 238.09 करोड़ रुपए, प्रकाश इण्डस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा 234.22 करोड़ रुपए, आरएपीएल (सारडा एनर्जी लिमिटेड) 142.63 करोड़ रुपए और राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड द्वारा 145.49 करोड़ रुपए की एडिशनल लेव्ही जमा की गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन संस्थानों की ओर से जमा की गई राशि को छत्तीसगढ़ सरकार को उपलब्ध कराने की कार्रवाई करने का आग्रह किया है।