Google Analytics —— Meta Pixel

सांप सीढ़ी की तरह है पीएससी की परीक्षाः माधुरी खूंटे Featured

चांपा। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) की परीक्षा सांप सीढ़ी के खेल की तरह है। परीक्षा के एक भी चरण मे असफलता मिलने पर पुनः शुरु से परीक्षा दिलानी पड़ती है।
ये बातें छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा कु. माधूरी खूंटे ने कही। वर्ष 2018 मे पीएससी की प्रारंभिक परीक्षा मे सफलता मिलने और द्वितीय चरण की मुख्य परीक्षा मे असफल होने के बाद इस बार 2019 की पीएससी परीक्षा की पुनः तैयारी कर रही कु. माधूरी खूंटे कहती है कि पीएससी की प्रारंभिक परीक्षा मे उत्तीर्ण होने के बाद मुख्य परीक्षा दिलानी होती है। इसमें उत्तीर्ण होने के बाद साक्षात्कार होता है। यदि साक्षात्कार मे सफल नहीं हुए तो फिर से प्रारंभिक परीक्षा दिलानी पड़ती है। इसलिए पीएससी परीक्षा को सांप सीढ़ी का खेल कहना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। चांपा नगर से पैंतीस किलोमीटर दूर ग्राम तालदेवरी (बिर्रा) निवासी कु. मणी माधुरी ने हाईस्कूल की पढ़ाई गांव मे ही पुरी की और स्नातक की पढ़ाई पीजी कालेज कोरबा मे पूरी की। मणि माधुरी के पिता छन्नूराम खुंटे एक किसान हैं। दो भाई और चार बहनों मे कु.मणि माधुरी सबसे छोटी है। ये बिना कोंचिंग के रोजाना पांच से छह घंटा पढ़ाई करके पीएससी की तैयारी कर रही है। इसकी परीक्षा 9 फरवरी 2020 को है। पढ़ाई के साथ साथ कु.मणि माधुरी अतिरिक्त समय में सीए आफिस चांपा में एकाउंटेट का काम करती है। अपनी मेहनत से पीएससी की परीक्षा पास कर किसी अच्छे प्रशासनिक पद तक पहुंचना माधुरी ने अपने जीवन का लक्ष्य बना रखा है।

Rate this item
(0 votes)

Ads

R.O.NO. 13784/149 Advertisement Carousel

MP info RSS Feed

फेसबुक