ईश्वर दुबे
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शिक्षा विभाग व स्थानीय पुलिस को किसी बड़े हादसे का इंतजार
जांजगीर-चांपा। बम्हनीडीह क्षेत्र के ग्राम चारपारा में संचालित ज्ञान कुंज स्कूल की वैन नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सड़कों पर दौड़ रही है। प्रशासन की अनदेखी से बच्चे रोजाना जान हथेली पर रखकर स्कूल जाने मजबूर हैं। स्कूल की छुट्टी हुई और एक-दूसरे का हाथ पकड़े बच्चे अपने ऑटो तक पहुंचने लगते है।
आटो के पास पहुंचकर वो उन जगहों पर जाकर बैठ जाते है, जहां उनकी जगह निर्धारित होती है। वाहनों में बैठने के पहले उन बच्चों को यह नहीं पता होता कि वे जहां बैठ रहे हैं, वहां थोड़ा भी पांव इधर-उधर हुआ तो हादसे का शिकार हो सकता है लेकिन उन्हें पहले ही उनकी जगह बता दी जाती है। तीन सीट वाले ऑटो में ड्राइवर ने अपने पीछे एक पट्टा डाल दिया है। उस पर चार बच्चों को बैठाया जाता है। वहीं सामने तीन की जगह चार बच्चों को बैठाया एवं पीछे भी सीट बना कर चार से पांच बच्चो को बैठाया जाता है। दो बच्चों को ड्राइवर अपनी बगल की सीट पर बैठा लेता है। हमेशा इस स्कूल में यही नजारा दिखता है। बच्चे ऑटो में जद्दोजहद करते हुए घर और स्कूल पहुंचते हैं। रोजाना बच्चों की सुरक्षा ताक पर रहती है। हर दिन लग भग सौ बच्चे स्कूल की छुट्टी के बाद ऑटो पर सवार होकर घर जाते हैं। बच्चों को ऑटो में ठूस ठूसकर तेज रफ्तार से ड्राइवर लेकर चलता है। बच्चे रास्तेभर गाड़ी में उंघते रहते हैं। कई बार तो सोते हुए सिर बाहर आ जाता है। अगर थोड़ी भी चूक हुई तो अप्रिय घटना घट सकती है। ऐसी ही एक घटना पूर्व में एक प्राइवेट स्कूल के वैन के साथ घटी थी। बच्चो को ले जा रही वैन ट्रैक्टर से टकरा कर पलट गई थी। इसमें ड्राइवर व वैन में बैठे बच्चो को गंभीर चोटे आई थी। इस घटना के बाद भी शिक्षा विभाग गहरी नींद में सोया है। कोई भी कार्यवाही करने से कतरा रहा है।
बच्चों की सेहत पर असर
ऑटो में बच्चों को ठूसकर ले जाते हैं लेकिन इसका असर बच्चों की सेहत पर भी हो रहा है। अधिकतर बच्चे सिर में दर्द, पेट दर्द की शिकायत करते हैं। कई बच्चे तो वैन और ऑटो में उल्टी तक कर देते हैं। इसके अलावा सिर आदि में चोट लगने की घटना अलग है।
स्कूल संचालक की मनमानी
प्राइवेट स्कूल के परिवहन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त निर्देश दिए है कि स्कूली बच्चो को क्षमता से अधिक वाहन में नहीं बैठना है पर स्कूल संचालक अपनी मनमानी कर रहा है। जिसका पूरा साथ पुलिस विभाग दे रहा है। तभी तो आज तक किसी भी स्कूल के परिवहन को लेकर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है
संचालक के पास समय नही
जब इस सबंध में स्कूल संचालक को फोन कर इस तरह से छोटे छोटे बच्चों को बिना किसी सुरक्षा के आटो मे भरकर स्कूल लाने ले जाने के संबंध मे फोन किया गया तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किय गया।
जांच की जाएगी
स्कूल संचालक के द्वारा आटो मे ओवरलोड कर स्कूली बच्चों को लाने ले जाने के संबंध में शिकायत मिली है। मामले में जांच की जाएगी। जांच में ओवरलोड का मामला सामने आता है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश श्रीवास्तव, टीआई बम्हनीडीह
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