छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21172)

बेमेतरा 14 दिसम्बर 2019   कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी ने जिले में संचालित देशी एवं विदेशी मदिरा दुकान को बुधवार 18 दिसम्बर “गुरू घासीदास जयंती” के अवसर पर राज्य शासन के निर्देश पर शुष्क दिवस घोषित किया है। जिले में स्थित समस्त देशी एवं विदेशी मदिरा दुकानें सी.एस. -2 (घघ), एफ.एल. -1 (घघ) एवं मद्य भंडारण भाण्डागार को बंद रखने हेतु शुष्क दिवस घोषित किया है। उक्त अवधि में मदिरा का संपूर्ण संव्यवहार प्रतिबंधित करने उन्होंने पुलिस एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों को उक्त निर्देशों-आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा गया है।

इसी तरह जिला दंडाधिकारी श्रीमती राजपूत तिवारी ने एक पृथक आदेश जारी कर बेमेतरा जिले में 21 दिसम्बर को होने वाले नगरीय निकाय मतदान के अवसर पर दिनांक - 19 दिसम्बर शाम 5 बजे से 21 दिसम्बर को मतदान समाप्ति तक एवं मतगणना दिनांक - 24 दिसम्बर को संपूर्ण दिवस जिले में स्थित समस्त देशी एवं विदेशी मदिरा दुकान दाढ़ी, मारो एवं टेमरी को छोड़कर समस्त देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों सी.एस. -2 (घघ), एफ.एल. -1 (घघ) एवं मद्य भंडारण एवं भाण्डागार को बंद रखने हेतु शुष्क दिवस घोषित किया है। उक्त अवधि में मदिरा का संपूर्ण संव्यवहार प्रतिबंधित रहेगा।

दुर्ग 14 दिसम्बर 2019  राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अंकित आनंद ने निर्वाचन लड़ने वाले पार्षद प्रत्याशियों को निर्वाचन व्यय का ब्यौरा प्रतिदिन तैयार कर निर्धारित तिथि एवं स्थान पर दो चरणों में प्रस्तुत करने कहा है।

      नगर पंचायत पाटन के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 1 एवं 8 से निर्वाचन लड़ने वाले पार्षद अभ्यर्थियों को 12 एवं 17 दिसम्बर 2019 को तथा वार्ड क्रमांक 9 व 15 से निर्वाचन लड़ने वाले पार्षद अभ्यर्थियों को 13 व 19 दिसम्बर 2019 को कार्यालय नगर पंचायत पाटन में अपने व्यय लेखा की जानकारी प्रस्तुत करने कहा गया है।

      इसी तरह नगर पालिका निगम दुर्ग के अंतर्गत विभिन्न वार्डों से निर्वाचन लड़ने वाले पार्षद अभ्यर्थियों को शासकीय प्राथमिक शाला कसारीडीह सांई मंदिर के पास दुर्ग में अपने व्यय लेखा की जानकारी प्रस्तुत कर सकते है। प्रथम व द्वितीय चरण के अंतर्गत 11 एवं 16 दिसम्बर 2019 को वार्ड क्रमांक 1 से 3 तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी  प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक, वार्ड क्रमांक 4 व 5 से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी दोपहर 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक, वार्ड क्रमांक 6 से 8 तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी दोपहर 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक, वार्ड क्रमांक 9 एवं 10 से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी दोपहर 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक, वार्ड क्रमांक 11 से 13 तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी  प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक, वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी दोपहर 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक, वार्ड क्रमांक 16 से 18 तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक, वार्ड क्रमांक 19 एवं 20 से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी दोपहर 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक अपने व्यय लेखा की जानकारी प्रस्तुत कर सकते है।

      इसी प्रकार 12 एवं 17 दिसम्बर 2019 को वार्ड क्रमांक 21 से 23 तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी  प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक, वार्ड क्रमांक 24 व 25 से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी दोपहर 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक, वार्ड क्रमांक 26 से 28 तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक, वार्ड क्रमांक 29 एवं 30 से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी दोपहर 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक, वार्ड क्रमांक 31 से 33 तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक, वार्ड क्रमांक 34 से 35 तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी दोपहर 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक, वार्ड क्रमांक 36 से 38 तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक, वार्ड क्रमांक 39 से 40 तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी दोपहर 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक अपने व्यय लेखा की जानकारी प्रस्तुत कर सकते है।

      इसी तरह 13 एवं 19 दिसम्बर 2019 को वार्ड क्रमांक 41 से 43 तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक, वार्ड क्रमांक 44 एवं 45 से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी दोपहर 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक, वार्ड क्रमांक 46 से 48 तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक, वार्ड क्रमांक 49 व 50 तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी दोपहर 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक, वार्ड 51 से 53 तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक,  वार्ड क्रमांक 54 व 55 से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी दोपहर 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक, वार्ड क्रमांक 56 से 58 तक निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक, वार्ड क्रमांक 59 व 60 से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी दोपहर 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक अपने व्यय लेखा की जानकारी प्रस्तुत कर सकते है।

      नगर पालिका निगम भिलाई के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 3 एवं 10 से निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी 13 एवं 19 दिसम्बर 2019 को प्रातः 10.30 बजे से संध्या 5 बजे तक  शासकीय प्राथमिक शाला कसारीडीह सांई मंदिर के पास दुर्ग में अपने व्यय लेखा की जानकारी प्रस्तुत कर सकते है।

      नगर पंचायत धमधा के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 1 व 8 से निर्वाचन लड़ने वाले पार्षद अभ्यर्थी  12 एवं 17 दिसम्बर 2019 को तथा वार्ड क्रमांक 9 व 15 से निर्वाचन लड़ने वाले पार्षद अभ्यर्थी 13 एवं 19  दिसम्बर 2019 को कार्यालय नगर पंचायत धमधा में अपने व्यय लेखा की जानकारी प्रस्तुत कर सकते है।

      नगर पालिक परिषद अहिवारा के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 1 व 8 से निर्वाचन लड़ने वाले पार्षद अभ्यर्थी 12 एवं 17 दिसम्बर 2019 को तथा वार्ड क्रमांक 9 व 15 से निर्वाचन लड़ने वाले पार्षद अभ्यर्थी 13 एवं 19 दिसम्बर 2019 को कार्यालय नगर पालिक परिषद अहिवारा में अपने व्यय लेखा की जानकारी प्रस्तुत कर सकते है।

      इसी तरह नगर पंचायत उतई के अंतर्गत विभिन्न वार्डों से निर्वाचन लड़ने वाले पार्षद अभ्यर्थियों को कार्यालय नगर पंचायत उतई में अपने व्यय लेखा की जानकारी प्रस्तुत कर सकते है। प्रथम व द्वितीय चरण के अंतर्गत 11 एवं 16 दिसम्बर 2019 को वार्ड क्रमांक 1 व 3 से निर्वाचन लड़ने वाले पार्षद अभ्यर्थी प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा वार्ड क्रमांक 4 व 5 से निर्वाचन लड़ने वाले पार्षद अभ्यर्थी दोपहर 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक, 12 एवं 17 दिसम्बर 2019 को वार्ड क्रमांक 6 से 8 तक निर्वाचन लड़ने वाले पार्षद अभ्यर्थी प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा वार्ड क्रमांक 9 व 10 से  निर्वाचन लड़ने वाले पार्षद अभ्यर्थी दोपहर 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक और 13 एवं 19 दिसम्बर 2019 को वार्ड क्रमांक 11 से 13 तक निर्वाचन लड़ने वाले पार्षद अभ्यर्थी प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा वार्ड क्रमांक 14 व 15 से  निर्वाचन लड़ने वाले पार्षद अभ्यर्थी दोपहर 2.30 बजे से संध्या 5 बजे तक अपने व्यय लेखा की जानकारी प्रस्तुत कर सकते है।

जिले की महिलाऐं बनायेंगी अब ‘महुआ‘ से पौष्टिक लड्डू

कोण्डागांव, 14 दिसम्बर 2019  पूरे बस्तर की आदिम संस्कृति में महुआ का विशिष्ट स्थान है। समुदाय के जन्म से लेकर विवाह, मृत्यु आदि संस्कारो में महुआ वृक्ष की उल्लेखनीय भूमिका रहती है। अगर इसे बस्तर के कल्प वृक्ष की संज्ञा दी जाये तो यह आतिशयोक्ति नहीं होगी, पर महुआ के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी गुणो से बहुत ही कम व्यक्ति परिचित है। यह दिलचस्प तथ्य है कि महुआ का नाम आते ही देशी शराब की छवि उभर आती है। मुख्य रुप से देशी मदिरा निर्माण के रुप में आने वाले इन महुआ फलो में स्वास्थ्य की दृष्टि से पौष्टिक तत्वो की प्रचुरता रहती है जो बढ़ते हुए बच्चो और धात्री माताओं के लिए जरुरी है। महुआ के इन्हीं स्वास्थ्यवर्धक गुणो को फोकस करते हुए जिला प्रशासन इनसे पौष्टिक खाद्य सामग्री का निर्माण कर इन्हें पंचायतो एवं आंगनबाड़ी केन्द्रो के माध्यम से वितरित कराने की तैयारी में है।
‘महुआ‘ बनेगा अब कुपोषण से लड़ने का प्रमुख हथियार

      जिले में कुपोषण एक गंभीर समस्या है अंतिम आंकड़ो के अनुसार कोण्डागांव में शून्य से 6 वर्ष के कुल 53 हजार 295 बच्चों में से 5 हजार 966 बच्चें गंभीर कुपोषित तथा 13 हजार 606 बच्चे मध्यम कुपोषित है उक्त आंकड़ो के आधार पर जिले में कुपोषण का प्रतिशत 36.72 है। ऐसे में महुआ से बने खाद्य सामग्री को अन्य पोषण आहार के साथ देने पर इस प्रतिशत को तेजी से घटाया जा सकता है। महुआ फलो पर किए गए शोध के आधार पर यह धात्री माताओं के लिए फायदेमंद साबित हुआ है। इसके अलावा महिलाओं में होने वाले अनियमित महावारी में भी यह लाभप्रद है, विटामिन ए, विटामिन सी की अधिकता के कारण यह आंखो की रौशनी एवं त्वचा रोग में भी असरकारी है। उक्त फल में आयरन की प्रचुरता होने के कारण यह शरीर में खून की मात्रा को बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा, मानसिक तनाव, हृदय की बीमारी, भूख बढ़ाने तथा शरीर में अतिरिक्त वसा को भी कम करता है। चूंकि इसके फलो में प्रोटीन 5.8 ग्राम, वसा 16.97 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट 66.76 ग्राम होती है। साथ ही इसमें अन्य विटामिन जैसे कैरोटिन, थायमिन (बी-1), विटामिन सी, राइबोफेमिन (बी-2) एवं अन्य तत्व मैग्नीशियम, जिंक, कापर इत्यादि भी है जो बढ़ते हुए बच्चों के लिए आवश्यक होते है। इस प्रकार कुल मिलाकर यह फल एनीमिक महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध है।
लड्डू निर्माण से महिलाओं को मिलेगा एक नया रोजगार

      इस क्रम में मुख्यालय स्थित जिला पंचायत संसाधन केन्द्र में पांच दिवसीय (09 दिसम्बर से 13 दिसम्बर 2019) तक महुआ लड्डू कार्यशाला का आयोजन किया गया था। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान‘ के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला में जिले के सभी पांच ब्लॉक के स्व-सहायता समूह से चयनित 55 महिलाओं को महुआ लड्डू बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यशाला में महिलाओं को न केवल महुआ लड्डू बनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया बल्कि उसके व्यवसायिक रुप से उत्पादन जैसे मार्केटिंग के तरीके भी समझाये गए। इसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान‘ के द्वारा उन्हें अनुदान भी उपलब्ध कराया जायेगा। इस मौके पर कलेक्टर श्री नीलकंठ टीकाम ने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि महुआ से लड्डू निर्माण को स्वरोजगार के नए साधन के रुप में उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि समूह की महिलाऐं इसका व्यापक स्तर पर उत्पादन कर अपनी आमदनी का नया जरिया ढूंढ सकेंगी। चूंकि महुआ के स्वास्थ्यवर्धक गुणो से अब सभी परिचित है, अतः इसे मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत पौष्टिक आहार के रुप में भी जोड़ा जायेगा। जिले में कुपोषण की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि हमारे वनीय विरासत में कई ऐसे पौष्टिक तत्व मौजूद है, जिनसे हम आसानी से कुपोषण से लड़ सकते है इसके लिए आयातित महंगे प्रोटीन पाउडर, दवाईयाँ तथा फल इत्यादि की भी आवश्यकता नहीं है, अतः जनजागरुकता हो तो ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों से भी कुपोषण पर काबू पाया जा सकता है। मौके पर ग्राम बोलबोला निवासी प्रशिक्षार्थी अनिता कोर्राम ने बताया कि महुआ से लड्डू बनाने का यह अनुभव पहली बार हुआ है साथ ही वे सभी महुआ के स्वास्थ्यवर्धक गुणो से परिचित भी हुई है अब वे समूह के माध्यम से इसको बनाने का अभ्यास करेंगीं। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत डी.एन.कश्यप, मास्टर ट्रेनर सुश्री शेख रजिया, एपीओ जिला पंचायत सी.एस.ध्रुव, आर.एल.बंजारे सहित प्रशिक्षु महिलाऐं उपस्थित थी।

सूरजपुर 13 दिसम्बर 2019   राष्ट्रपिता महात्मा गंाधी की 150वीं जयंती के अवसर पर राज्य शासन की महती योजना मुख्यमंत्री हाट-बाजार योजना जिले में प्रारंभ की गई है। इसके तहत् जिले के ग्रामीण अंचलों में मरीजों को स्वाास्थ्य विषेषज्ञों से निषुल्क उपचार उपलब्ध कराने स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से ऐसे मरीज जो ईलाज के लिए अस्पताल तक नहीं आ पाते, उन्हें उनके ही क्षेत्र में षिविर लगाकर मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना के तहत नेत्र, बीपी, शुगर सहित अन्य बीमारियों से उपचारित करने सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

जिले में हैं हाट-बाजार क्लिनिक हेतु सर्वसुविधा युक्त चार वाहन- मुख्यमंत्री श्री भुपेष बघेल के सूरजपुर आगमन पर हाट बाजार क्लिनिक योजना के चार वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर ग्राम केनापारा से रवाना किया गया था, तब से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वाहनों के माध्यम से चिकित्सा लाभ दिया जा रहा है। इन वाहनों में डाक्टर, पैरामेडिकल एवं नर्सो का दल होता है। वाहनों में ही सभी प्रकार के जांच व प्राथमिक उपचार के लिए समस्त सुविधाएॅ तथा दवाईयॉ भी उपलब्ध रखीं गई हैं।

इसके अतिरिक्त कलेक्टर श्री दीपक सोनी के पहल पर जिले के समस्त गांव में स्थानीय उपलब्ध वाहनों को पंजीकृत कर एंबुलेंस के कार्य में लाया जा रहा है, कलेक्टर जनसहभागीता को हमेषा प्राथमिकता पर रखते हैं उनका मानना है, कि जनसहयोग से बड़े से बड़े कार्य को करने में सफलता प्राप्त की जा सकती है। पंजीकृत किये गये वाहनों के चालकों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला चिकिल्सालय तक पहुॅचाने के लिये शुल्क का निर्धारण किया गया है, जिसका भुगतान चालको को मरीज को केन्द्र तक पहुॅचाने पर तत्काल किया जाता है। अब तक इस पहल से 1215 मरीजों को अस्पताल पहुॅचा कर लाभांवित किया जा चुका है, जिसके भुगतान में चिकित्सालयों से वाहन मालिकों को 4 लाख 10 हजार 700 रूपये का भुगतान भी किया गया है। जिससे ग्रामीण वाहन स्वामीयों में कार्य के प्रति उत्साह की भावना और अधिक बढ़ गई है।

      उल्लेखनीय है कि जिले के दूर-दराज क्षेत्रों में निवासरत् ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरत के सामान खरीदने-बेचने इन साप्ताहिक हाट बाजारों में पहुंचते हैं। चूंकि दूरस्थ ग्रामीण पहुंच विहीन क्षेत्रों में अब भी चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त पहुंच नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना की शुरूआत की गई, ताकि ग्रामीण वहां सामानों की खरीदी-बिक्री के साथ अपने परिजनों को साथ लाकर उनका ईलाज भी करा सकें। अबतक जिले में इस योजना से जिले के चिन्हांकित 110 हाट बाजारों में 1381 षिविर आयोजित कर 46534 मरीजों को लाभांवित किया जा चुका है।

सुकमा, 13 दिसम्बर 2019  जिले की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मिशन इंद्रधनुष का दिसम्बर माह का लक्ष्य स्वास्थ्य विभाग ने हासिल कर लिया है।

      उल्लेखनीय है कि सुकमा जिले के दुर्गम क्षेत्र और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के साथ ही इस वर्ष हुई भारी बारिश के कारण कई बच्चे और गर्भवती महिलाएं टीकाकरण से वंचित रह गई थीं। इन बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के लिए मिशन इंद्रधनुष के तहत दिसम्बर से मार्च तक प्रतिमाह टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत दिसम्बर माह में 867 बच्चे और 211 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया।

      इस अभियान को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग का अमला नदी-नाले पारकर और कई किलोमीटर तक पैदल चलकर गांव-गांव में दस्तक दी। दुर्गम मार्गों में पैदल चलकर गांवों में पहुंचने के बाद विरल आबादी की समस्या का सामना भी इन अमलों को करना पड़ा और कई बार इन्हें खेत-खलिहानों में पहुंचकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार इस बार कई ऐसे गांवों में टीकाकरण का कार्य किया गया, जहां पहले कभी टीकाकरण नहीं किया गया था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरदराज के इन गांवों में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया और दवाईयां भी दी गई।

कलेक्टर श्री चंदन कुमार ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के लक्ष्य को बिना दृढ़ इच्छाशक्ति के प्राप्त करना संभव नहीं था। उन्होंने इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के सहयोग की भी सराहना की।

सूरजपुर 13 दिसम्बर 2019  धान खरीदी वर्ष 2019-20 में शुरूआती तौर पर खरीदी प्रारंम्भ होने के साथ ही धान के बोरो अम्बार लगने शुरू हो गये हैं, हालांकि जिले के युवा कलेक्टर की सुझ-बुझ से धान के स्टेक का प्रबंध इस तरीके से कराया जा रहा है जिससे बोरो के गिरने की संभावना खत्म हो गई है, साथ ही खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्थाओं की निगरानी भी जिला प्रषासन के द्वारा की जा रही है। आज 13 दिसम्बर 2019 को सुबह से मौसम में बदलाव के साथ काले बादल घिरने से पानी गिरने की संभावना प्रबल हो गई जिसपर कलेक्टर के निर्देष पर जिले के समस्त 35 खरीदी केन्द्रों में स्टेक को केप कव्हर से ढंक कर रखा गया है, एवं समिति से धान का उठाव भी तीव्र गति से किया जा रहा है। कलेक्टर के निर्देष पर धान की सुरक्षा के मद्देनजर संग्रहण केन्द्र का उपयोग ने करके समिति से सीधे ही मिलर को शत् प्रतिषत् धान उठाव कराने कहा गया है।
    आज 13 दिसम्बर 2019 तक जिले में 3568 किसानों के द्वारा 138478.40 क्विंटल धान प्राप्त की जा चुकी है।

रायपुर, 13 दिसम्बर 2019  छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन की घोषणा से राज्य के नगरीय निकायों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील कर दी गई है। राज्य में आदर्श आचरण संहिता के पालन में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसके तहत अब तक चार हजार 101 लोगों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत दर्ज 4 हजार 460 प्रकरणों में की गई कार्रवाई से 18 लाख 47 हजार 200 रूपए समन शुल्क की प्राप्ति हुई है।
राज्य निर्वाचन आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार दो व्यक्तियों के विरूद्ध जिलाबदर की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा 5 हजार 47 शस्त्रों को जमा कराया गया है। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान सी.आर.पी.सी. 107/116 के तहत दो हजार 840 प्रकरण बनाए गए हैं। शस्त्र अधिनियम के तहत 17 प्रकरण दर्ज की गई है। इसके तहत दर्ज प्रकरण से 16 सामग्री भी जप्त की गई है। आबकारी अधिनियम के तहत 453 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इसमें जप्त की गई शराब की मात्रा एक हजार 242 लीटर है। उल्लेखनीय है कि राज्य में नगर पालिकाओं के आम निर्वाचन वर्ष 2019-20 के लिए 10 नगर पालिक निगम, 38 नगर पालिका परिषद, 103 नगर पंचायतों में आम निर्वाचन तथा दो नगरीय निकायों में उप चुनाव हो रहा है।

रायपुर, 13 दिसम्बर 2019  प्रदेश में धान की अवैध परिवहन और संग्रहण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। बालोद जिले में आज अपर कलेक्टर, एस.डी.एम., सहकारिता विभाग, राजस्व विभाग और खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अवैध धान परिवहन के 5 प्रकरण दर्ज कर एक हजार 40 क्ंिवटल धान जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। बालोद जिले में अब तक धान के अवैध परिवहन और संग्रहण के 114 प्रकरण दर्ज कर 20 हजार 494 क्ंिवटल धान और 17 वाहन जब्त किया गया है।

    कबीरधाम कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण ने आज जिले के पंडरिया विकासखण्ड के वनांचल के ग्राम करपीगोडान, कुई-कुकदूर और कोदवागोडान धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। कोदवागोडान उपार्जन केंद्र के नोडल अधिकारी जीवन सिंह मारको को अमानक धान खरीदी करने, वहां मिली अव्यवस्था और किसानों से मिली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित दिया है। कबीरधाम जिले के 86 उपार्जन केन्द्रों में अब तक 88 करोड़ रूपए के 4 लाख 79 हजार पांच सौ क्विंटल धान खरीदी की जा चुकी है। किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए टोकन जारी किए जा रहे हैं। टोकन में छोटे किसानों को पहली प्राथमिकता दी जा रही हैं।
    
    सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री ई. लकड़ा ने आज सरगुजा जिले के कई सीमावर्ती धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण किया और धान बेचने आये किसानों से धान खरीदी की व्यवस्था के बारे में बातचीत की। श्री लकड़ा ने धान खरीदी केन्द्र कोतबा, कोनपारा, भगोरा, जबला तपकरा का मुआयना किया और साथ ही उन्होंने झारखण्ड की सीमा से लगे जबला में झारखण्ड राज्य से धान की अवैध आवक को रोकने के लिए स्थापित चेकपोस्ट का भी निरीक्षण किया।

रायपुर, 13 दिसम्बर 2019   मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के अनुमोदन उपरांत राज्य शासन द्वारा प्रदेश में वर्ष 2019-20 में 15 लघु वनोपजों के अतिरिक्त सात लघु वनोपजों की भी खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी। इस आशय का परिपत्र मंत्रालय (महानदी भवन) स्थित वन विभाग द्वारा आज जारी कर दिया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि इन्हें मिलाकर राज्य में अब कुल 22 लघु वनोपजों की खरीदी की जाएगी। इनमें पहले के 15 लघु वनोपजों सालबीज, हर्रा, इमली बीज सहित, चिरौंजी गुठली, महुआ बीज, कुसुमी लाख, रंगीनी लाख, कालमेघ, बहेड़ा, नागरमोथा, कुल्लू गोंद, पुवाड़, बेलगुदा, शहद तथा फूल झाडू शामिल हैं। इसके अलावा 07 लघु वनोपजों में महुआ फूल (सूखा), जामुन बीज (सूखा), कौंच बीज, धावई फूल (सूखा) करंज बीज, बायबडिंग और आंवला (बीज रहित) शामिल हैं।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ श्री संजय शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2019-20 में भारत सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत घोषित दर पर अब 15 लघु वनोपजों के अतिरिक्त सात लघु वनोपजों की खरीदी होगी। इन सात लघु वनोपजों में से महुआ फूल (सूखा) को 17 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी की जाएगी। इसी तरह जामुन बीज (सूखा) को 36 रूपए प्रति किलोग्राम, कौंच बीज को 18 रूपए प्रति किलोग्राम तथा धावई फूल (सूखा) को 32 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी जाएगी। करंज बीज को 19 रूपए प्रति किलोग्राम, बायबडिंग को 81 रूपए प्रति किलोग्राम और आंवला (बीज रहित) को 45 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी की जाएगी। प्रधान मुख्य वन संरक्षक तथा प्रबंध संचालक श्री शुक्ला ने यह भी बताया कि राज्य में इन 22 लघु वनोपजों की 950 करोड़ रूपए की उपज का संग्रहण वनवासियों द्वारा किया जाता है और इसे हाट बाजारों में बिक्री के लिए लाया जाता है।

बिलासपुर । कहते है ऊर्जा की बचत ही ऊर्जा की बढ़त है इसलिए ऊर्जा का संरक्षण बहुत ही जरूरी है। रेलवे एक विशाल संगठन होने के नाते यहां ऊर्जा का इस्तेमाल एक बड़ स्तर पर किया जाता है। इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि ऊर्जा कि खपत संतुलित रूप से कि जाए एवं जहां आवश्यक हो वहां ऊर्जा कि बचत भी की जाए। वर्तमान परिदृश्य में ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया में पर्यावरण को भी काफी नुकसान हो रहा है एवं आज पूरा विश्व ग्लोबल वार्मिंग के खतरे को दूर करने के नये.नये उपाय ढूंढ रहा है। इसी कारण रेलवे जैसे वृहद संगठनो में भी ऊर्जा संरक्षण एवं गैर परंपरागत ऊर्जा के स्त्रोतों का अधिकाधिक उपयोग जरूरी हो गया है ।  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में ऊर्जा संरक्षण सप्ताह का आयोजन 8 से 14 दिसंबर तक मनाया गया । इस सप्ताह के दौरान तीनों मंडलो सहित पूरे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में ऊर्जा संरक्षण जागरूकता से संबन्धित अनेकों कार्यक्रम आयोजित किए गए। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ऊर्जा के संरक्षण के मामले में प्रारंभ से ही आदर्श रहा है। गैर.परंपरागत ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों में सौर ऊर्जा एक सर्वश्रेष्ठ विकल्प है। गैर.परंपरागत श्रोतों से ऊर्जा उपलव्ध कराने एवं ऊर्जा संरक्षण की दिशा में बेहतर योगदान के तहत पूरे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अनेकों जगह सोलर पावर प्लांट के निर्माण किए गये है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अब तक कुल 4.439 मेगा वाट क्षमता की सौर ऊर्जा स्थापना की प्रक्रिया जारी है।  इसके साथ ही साथ प्राकृतिक ऊर्जा के संसाधनों का भरपुर उपयोग के लिए रेलवे हास्पिटलए रनिंग रुमए ट्रेनिंग स्कूल एवं अनेको लेवल क्रासिंगों में सौर उर्जा पैनल लगाये गए हैं। इसके अतिरिक्त व्यावसायिक उपयोग हेतु भिलाई में 50 मेगा वाट क्षमता की सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना पर भी कार्य किए जा रहे है। इसके साथ ही साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे  द्वारा यात्री सुविधाए ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव की दृष्टि  से पूरे जोन के सभी स्टेशनों एवं कार्यालयोंए कारखानोंए वर्कशापों में जहां चौबीसों घंटे काम चलता है तथा रेलवे कालोनियों में प्रकाश व्यवस्था के लिए 100 प्रतिशत एलईडी लाईट लगाने का लक्ष्य रखा गया हैए जिसके अंतर्गत 1101 कार्यालय भवनो में एलईडी लाईट लगाए जा चुके है तथा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी 277 स्टेशनों में शत प्रतिशत  एलईडी लाइट से प्रकाश की  व्यवस्था उपलब्ध कराई गई हैए जिससे लगभग 5.50 करोड़ प्रतिवर्ष की बचत की जा रही है। इसी कड़ी में पिछले 4.5 वर्षो में लगातार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में लगातार हर वर्ष सौर ऊर्जा क्षमता में नियोजित तरीके से वृद्धि की गई है जिसे वर्षवार दिये गए ग्राफ में देखा जा सकता है। राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण सप्ताह के अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, न्यू ऑफिसर क्लब में विद्युत विभाग, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तत्वाधान में लाइटिंगए सौर ऊर्जाए ऊर्जा परिदृष्य एवं उनके प्रभाव के विषय पर एक तकनीकी सेमीनार एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में गौतम बनर्जी, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे उपस्थित थे। इस अवसर पर ओमप्रकाश केसरी, प्रधान कार्यकारी निदेशकआरडीएसओ लखनऊ, एस.एन.दुबे, प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर, समस्त विभागाध्यक्ष, मंडल रेल प्रबंधक बिलासपुर, अधिकारीगण एवं विद्युत विभाग के सुवपरवाइजर व कर्मचारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, न्यू ऑफिसर क्लब में आज विधुत विभाग के द्रारा अनेक कंपनियो द्रारा विभिन्न प्रकार की एलईडी लाइटए फेन, वायर सहित अनेक मोडल का प्रदर्शनी का आयोजित किया गया है। इस  प्रदर्शनी का निरीक्षण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक प्रधान कार्यकारी निदेशक आरडीएसओ लखनऊ एवं सभी विभागाध्यक्ष सहित अधिकारीगण ने किया। इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप ओमप्रकाश केसरी प्रधान कार्यकारी निदेशक आरडीएसओ लखनऊ ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण सप्ताह के अवसर पर उन्होने अपने संक्षिप्त भाषण में कहा कि ऊर्जा संरक्षण की  बचत को अपने जीवन में उतारना  चाहिए। सेमिनार में विद्युत विभाग के द्वारा सौर ऊर्जाए पवन ऊर्जा तथा आज के परिप्रेक्ष्य में इको फ्रेंडली तथा ऊर्जा की बचत करने वाले उपकरणों व इनके प्रभाव के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया एवं साथ ही रेलवे के विद्युत और डीजल इंजनों में लगने वाले हेड लाइटए स्टेशनों कार्यालयों में लगने वाले एलईडी लाइटों तथा अन्य उपकरणों के बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया गया तथा इनके द्वारा ऊर्जा बचत के विभिन्न उपायों की चर्चा की गई। महाप्रबंधक गौतम बनर्जी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि यह एक अच्छी पहल है एवं आगे भी इस प्रकार के आयोजन होते रहना चाहिए। आगे उन्होनें उर्जा संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि हमें ऊर्जा की बचत को अपने स्वभाव में उतारने की जरूरत पर बल दिया। आने वाले युवा पीडिय़ों के लिए एक उर्जा संरक्षण के बारे जानकारी देना बहुत जरूरी है जिससे नए तकनीकी प्रणाली की जानकारी हो सके। साथ ही उन्होने आगे कहा कि ऊर्जा संरक्षण नए.नए प्रयोगों पर सतत् ध्यान केन्द्रित करना है जिससे कि ऊर्जा की बचत कर देश के विकास में हम ज्यादा से ज्यादा सहभागी बनें।

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