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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कल लगभग 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात देंगे

रायपुर जिला के सर्वाधिक 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूरों को मिलेगा लाभ

रायुपर, 24 मार्च 2026/ दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि श्रमिकों को सशक्त बनाना है। इस योजना से सर्वाधिक रायपुर जिला के 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर शामिल हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि 'अंत्योदय' की कतार में खड़ा आखिरी पंक्ति के व्यक्ति भी शासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजनाके तहत 4.95 लाख से अधिक पात्र परिवारों के लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की वित्तीय सहायता सीधे हितग्राही के बैंक खाते में दी जाती है। 25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार से जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राशि अंतरित करेंगे, तो वह छत्तीसगढ़ के न्याय और सुशासन की गूंज होगी। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है।

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। संकल्प बजट 2026-27 में 600 करोड़ रूपए का प्रावधान के साथ भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का सशक्त संबल मिलेगा। यह सहायता सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचकर उन्हें स्थिरता, सम्मान और आत्मविश्वास प्रदान करेगी। सशक्त श्रमिकों के माध्यम से सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प है।

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत रायपुर जिला के सर्वाधिक 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर, बिलासपुर जिला के 39 हजार 401 भूमिहीन कृषि मजदूर, महसमुंद जिला के 37 हजार 11 भूमिहीन कृषि मजदूरों को लाभ मिलेगा, जिनका ई केवायसी हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है। इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। इनके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, माँझी परिवारों को भी शामिल किया गया है। लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इन परिवारों को सालाना एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें। इन्हें पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है।

 

यह प्रणाली 16 विभागों की 136 से अधिक सेवाओं को जोड़ती है

रायपुर, 24 मार्च 2026/ वन क्लिक सिंगल विंडो (OneClick) एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल है, जो निवेशकों को छत्तीसगढ़ में व्यवसाय स्थापित करने के लिए आवश्यक सभी अनुमतियां, मंजूरी, भूमि आवंटन और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा एक ही जगह प्रदान करता है। यह प्रणाली 16 विभागों की 136 से अधिक सेवाओं को जोड़ती है, जिससे समय की बचत होती है, पारदर्शिता बढ़ती है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को बढ़ावा मिलता है।

उद्योग विभाग से पाप्त जानकारी के अनुसार वन क्लिक सिंगल विंडोका मूल विचार सरल है विभाग के साथ काम करने वाले सभी लोगों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाना। चाहे आप एक स्थापित व्यवसाय हों, संभावित निवेशक हों, स्टार्टअप हों या निर्यातक हों, अब आपको सब कुछ एक ही स्थान पर मिलेगा। अनुमोदन के लिए वन क्लिक सिंगल विंडो से लेकर सब्सिडी कैलकुलेटर के साथ प्रोत्साहन का अनुमान लगाने तक, प्रक्रिया अब अधिक पारदर्शी और कुशल है।

छत्तीसगढ़ के व्यापार को आसान बनाएं के व्यापक वादे के तहत, वनक्लिक राज्य का नया सिंगल-विंडो पोर्टल है जो व्यापारिक वातावरण में गति, सरलता और पारदर्शिता लाता है। अनुमोदन और मंजूरी से लेकर बिल भुगतान, भूमि आवंटन और अनुपालन तक - एक उद्यमी या निवेशक को जो कुछ भी चाहिए, वह अब सिर्फ एक क्लिक दूर है।

वनक्लिक नाम सहज, यादगार है और पोर्टल के मूल कार्य को स्पष्ट रूप से दर्शाता है एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुगमता और दक्षता प्रदान करना। टैगलाइन - सीजी इसे आसान बनाता है - शासन को एक सहज अनुभव में बदलने के लिए छत्तीसगढ़ की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहां उद्यमी कागजी कार्रवाई में कम समय और महत्वपूर्ण कार्यों के निर्माण में अधिक समय व्यतीत करते हैं।

मत्स्यपालन के लिए देंगे अधिक से अधिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कटनी और बलदेवगढ़ में निषादराज जयंती कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया विशेषांक का विमोचन

किसान समृद्ध होंगे, तभी समृद्ध होगा हमारा प्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किसानों ने किया अभिनंदन
आगर मालवा में 200 करोड़ रुपए के 2 कामों की मंजूरी के लिए माना आभार

रायपुर :

कभी बारिश की हर बूंद के साथ चिंता में डूब जाने वाली उर्मिला बाई आज अपने पक्के घर की छत के नीचे सुकून की जिंदगी जी रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। बेमेतरा जिले के ग्राम पंचायत भोड़नामाठ की निवासी उर्मिला बाई इस योजना से लाभान्वित हुईं।

पहले उनका परिवार जर्जर कच्चे मकान में रहता था, जहां बारिश में पानी टपकना और दीवारों का कमजोर होना आम बात थी। आर्थिक तंगी के कारण पक्का घर बनवाना उनके लिए सपना ही था। मजदूरी और खेती से गुजर-बसर करने वाले इस परिवार को जब पात्रता सूची में अपना नाम मिला, तो उम्मीद जगी। प्रशासनिक मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से उनका घर समय पर बनकर तैयार हुआ। अब उर्मिला बाई अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। बच्चों को बेहतर वातावरण मिला है और परिवार में आत्मविश्वास बढ़ा है। उर्मिला बाई ने केंद्र और राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है।

रायपुर : 

छत्तीसगढ़ राज्य के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के लिए प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना किसी संजीवनी से कम नहीं है। कोरिया जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर के बचरा-पोड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत गढ़तर में रहने वाली सुकबरिया के जीवन में इस योजना ने बड़ा बदलाव लाया है। कच्चे और जर्जर मकान में डर-डरकर जीवन बिताने वाला यह परिवार अब पक्के घर की सुरक्षित छत के नीचे सुकून की नींद ले रहा है।

सुकबरिया अपने पति सुखलाल और तीन बच्चों के साथ एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखती हैं। परिवार की आय मुख्य रूप से दूसरों के खेतों में मजदूरी और सीमित कृषि पर निर्भर थी। मौसम पर आधारित आय और मनरेगा के सीमित कार्यों के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए असंभव जैसा था। करीब 40 डिस्मिल जमीन पर बने कच्चे घर में यह परिवार वर्षों तक रहा। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकना, दीवारों का कमजोर होना और घर में पानी भर जाना जैसी समस्याएं हर साल उनकी चिंता बढ़ा देती थीं। ऐसे में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई।

योजना के तहत आवास निर्माण के लिए 2 लाख रुपये की सहायता मिली। साथ ही मनरेगा के अंतर्गत 90 दिनों की मजदूरी का लाभ लेकर परिवार ने स्वयं श्रमदान कर अपना पक्का घर तैयार किया। अब यह परिवार सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन जी रहा है।सुकबरिया बताती हैं कि अब दिनभर मेहनत के बाद रात को चैन से सो पाना संभव हुआ है। उनका कहना है कि पक्का मकान कभी सपना था, जो अब हकीकत बन चुका है।

 

रायपुर : 

 

चैत्र नवरात्रि पंचमी की पावन तिथि के अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत वनांचल ग्राम बद्दो में किसानों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने 11.49 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तारीकरण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के 6 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। नहर विस्तारीकरण के माध्यम से लगभग 770 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी। कार्यक्रम में पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य श्री भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, श्री नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत श्री नन्द श्रीवास, श्री राम किंकर वर्मा, श्री लोकचंद साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तार से क्षेत्र के हजारों किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। इस नहर से खेतों तक पानी आसानी से पहुंचेगा और खेती में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि 770 हेक्टेयर जमीन को स्थायी सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे फसल अच्छी होगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इससे गांव की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसे काम करना है जिससे किसानों का जीवन बेहतर हो। उन्होंने कहा कि इस बड़ी परियोजना की शुरुआत यह दर्शाती है कि वर्तमान सरकार वनांचल क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों तक भी विकास की योजनाएं पहुंचे और वहां के लोगों को इसका पूरा लाभ मिल सके।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तारीकरण कार्य को सफल बनाने के लिए जन सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की बड़ी परियोजनाएं तभी समय पर और बेहतर तरीके से पूरी हो पाती हैं, जब स्थानीय लोगों, विशेषकर किसानों का पूरा सहयोग मिलता है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि यह नहर उनके ही हित में बनाई जा रही है। सभी गांवों के किसानों की सहभागिता और सहयोग से ही इस परियोजना को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जब जनभागीदारी के साथ विकास कार्य होते हैं, तो उनका लाभ भी लंबे समय तक और प्रभावी रूप से मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र में संतुलित विकास हो और गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचें। इसके लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं और अनेक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।

 

पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन का पूरा ध्यान

रायपुर, 23 मार्च 2026/महिला एवं बाल विकास विभाग ने सक्षम आंगनबाड़ी योजना के तहत आंगनबाड़ियों में आरओ एवं एलईडी टीवी खरीदी को लेकर विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि योजना से संबंधित सभी प्रक्रियाएं केंद्र सरकार के प्रावधानों और राज्य सरकार के वित्तीय नियमों के अनुरूप ही की जा रही हैं, जिससे किसी प्रकार के भ्रम की स्थिति नहीं है।

विभाग ने बताया कि पिछले दो वर्षों से बजट उपलब्ध होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं किया गया, जो तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। वास्तविक स्थिति यह है कि 10 फरवरी 2026 को भारत सरकार से सक्षम आंगनबाड़ी योजना के लिए मदर सैंक्शन प्राप्त हुआ। यह केंद्र प्रवर्तित योजना है, इसलिए मदर सैंक्शन प्राप्त होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सकती थी। मदर सैंक्शन से पहले टेंडर जारी न होने पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एलईडी टीवी, आरओ प्यूरीफायर, वाल पेंटिंग और रेन वाटर हारवेस्टिंग के लिए राशि भारत सरकार द्वारा ही निर्धारित की गई है। इसके तहत एलईडी टीवी के लिए 25 हजार रुपये, आरओ प्यूरीफायर के लिए 10 हजार रुपये, वाल पेंटिंग के लिए 10 हजार रुपये और रेन वाटर हारवेस्टिंग के लिए 16 हजार रुपये की राशि तय की गई है।

तकनीकी स्पेसिफिकेशन को लेकर भी विभाग ने पूरी स्पष्टता रखी है। एलईडी टीवी के लिए न्यूनतम 32 इंच या उससे अधिक का प्रावधान विभागीय पत्र में उल्लेखित है और सभी खरीदी प्रक्रिया जेम पोर्टल के माध्यम से की जानी है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सक्षम आंगनबाड़ी के उन्नयन से जुड़े सभी कार्य छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम, कोषालय संहिता, वित्तीय संहिता, एसएनए स्पर्श प्रणाली तथा शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के तहत ही किए जा रहे हैं। विभाग ने यह भी कहा है कि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों का बेहतर उन्नयन सुनिश्चित हो सके।

 
तमनार के बाद लैलूंगा के नवीन घटगांव और मुड़ागांव में अफीम खेती का भंडाफोड़, आरोपी हिरासत में
 
जिला प्रशासन की कार्रवाई से संलिप्त लोगों में हड़कंप 
 
ड्रोन सर्वे से प्रशासन की पैनी नजर, जिले के सभी अनुविभागों में सघन निगरानी और लगातार कार्रवाई जारी
 
कलेक्टर-एसएसपी ने ली प्रेस वार्ता, गैर कानूनी अफीम की खेती पर प्रभावी नियंत्रण के लिए की जा रही कार्रवाई की दी जानकारी
रायपुर , 23 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई जारी है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में जिले में चलाए जा रहे अभियान के तहत बीते 72 घंटे में तमनार क्षेत्र के आमाघाट से लेकर लैलूंगा विकासखंड के ग्राम-नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक अवैध मादक पदार्थ अफीम के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिससे इस कार्य में जुडे़ संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।
     इस संबंध में आज प्रशासन द्वारा पुलिस कंट्रोल रुम मे प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सघन जांच एवं संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन द्वारा सभी अनुविभागों में व्यापक ड्रोन सर्वे अभियान संचालित किया गया है। इस अभियान के तहत खरसिया (14 ग्राम), घरघोड़ा (10 ग्राम), तमनार (12 ग्राम), लैलूंगा (4 ग्राम), मुकडेगा (3 ग्राम), रायगढ़ (11 ग्राम), पुसौर (13 ग्राम) एवं धरमजयगढ़ (7 ग्राम) में सफलतापूर्वक सर्वे किया गया है। ड्रोन तकनीक के माध्यम से दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी निगरानी संभव हो सकी है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। 
             कलेक्टर ने बताया कि पिछले एक से डेढ़ सप्ताह से जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों का गहन विश्लेषण और सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान अफीम की खेती के दो मामले सामने आए थे। वहीं, आज दोपहर तीसरा मामला भी प्रकाश में आया है। उन्होंने बताया कि सभी मामलों में संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की अवैध खेती कानूनन गंभीर अपराध है। इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आगे भी ड्रोन सर्वे, सघन जांच एवं संयुक्त कार्रवाई इसी तरह लगातार जारी रहेगी। 
             वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने बताया कि बीते 19 मार्च को मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तमनार क्षेत्र के आमाघाट में छापेमारी की। जांच के दौरान पाया गया कि यहां सब्जी की खेती की आड़ में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान लगभग 60,326 पौधे बरामद किए गए, जिनका अनुमानित बाजार मूल्य करीब 2 करोड़ रुपये आंका गया है। इस मामले में झारखंड निवासी मुख्य आरोपी मार्शल सांगा को हिरासत में लेकर विवेचना की जा रही है। मौके पर पूरी फसल को उखाड़कर जब्त किया गया तथा रोटावेटर और जेसीबी मशीन की सहायता से खेत को पूरी तरह नष्ट कर समतल किया गया। इस कार्रवाई में पुलिस, प्रशासन, कृषि, आबकारी एवं एफएसएल की टीम संयुक्त रूप से उपस्थित रही। 
             इसी क्रम में 23 मार्च को फिजिकल एवं ड्रोन सर्वे के दौरान लैलूंगा तहसील के ग्राम नवीन घटगांव में भी अवैध खेती का मामला सामने आया। यहां भूमिस्वामी सादराम नाग द्वारा अपने खेत में साग-भाजी के बीच छोटे क्षेत्र में अफीम की खेती की जा रही थी। पौधों में सफेद फूल आना प्रारंभ हो गया था तथा कुछ डंठल सूख चुके थे। पुलिस ने तत्काल फसल को जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया गया है। इसके अतिरिक्त ग्राम के ही एक अन्य व्यक्ति अभिमन्यु नागवंशी के घर से अफीम की सूखी फसल बरामद की गई। टीम के पहुंचने पर आरोपी द्वारा साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे समय रहते विफल करते हुए सामग्री जब्त की गई। 

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