ईश्वर दुबे
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रायपुर :
प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप ’महतारी वंदन योजना’ प्रदेश की महिलाओं के लिए न केवल आर्थिक संबल, बल्कि स्वावलंबन का नया आधार बन रही है। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की श्रीमती करियो के जीवन में आई खुशहाली लेकर आई है। अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम रामनगर की रहने वाली श्रीमती करियो ने योजना से प्राप्त सहायता राशि का सदुपयोग कर न केवल अपना भविष्य संवारा है, बल्कि अपने पूरे परिवार की स्थिति को बेहतर बनाया है।
योजना की राशि को बनाया आत्मनिर्भरता माध्यम
श्रीमती करियो बताती हैं कि पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। दैनिक खर्चों के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ता था। महतारी वंदन योजना के लागू होने के बाद, जब उनके खाते में राशि आनी शुरू हुई, तो उन्होंने इसे घरेलू खर्चों में लगाने के बजाय निवेश का रास्ता चुना। उन्होंने इस राशि को सहेज कर बकरियां खरीदीं और पशुपालन शुरू किया।
छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी रायपुर में मिशन कर्मयोगी के तहत संस्थागत क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित
40 विभागों के अधिकारियों की सहभागिता
प्रशिक्षण और नवाचार पर हुआ गहन मंथन
रायपुर, क्षमता विकास आयोग, भारत सरकार के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, रायपुर द्वारा मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत एक दिवसीय संस्थागत क्षमता निर्माण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ शासन के लगभग 40 विभागों के नोडल अधिकारी, सचिव स्तर के अधिकारी तथा क्षमता विकास आयोग, नई दिल्ली के पर्यवेक्षक ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यशाला को चार थीम आधारित सत्रों में विभाजित किया गया था। उद्घाटन सत्र में सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग श्री अविनाश चंपावत ने कार्यशाला के औचित्य, उद्देश्य एवं लक्ष्यों पर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए क्षमता निर्माण की आवश्यकता और प्रशासनिक दक्षता के महत्व पर प्रकाश डाला।
रायपुर :
पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमआरयू) के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित सिकल सेल डायग्नोस्टिक किट को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। इस नवाचार को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित “इनोवेटर्स टू इंडस्ट्री कनेक्ट” समिट में प्रदर्शित करने के लिए चयनित किया गया है। यह समिट 23 अप्रैल 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होगा, जहां देशभर के प्रमुख बायोमेडिकल इनोवेटर्स और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इस सिकल सेल डायग्नोस्टिक किट की खोज एमआरयू के वैज्ञानिक डॉ. जगन्नाथ पाल, डॉ. योगिता राजपूत एवं उनकी टीम द्वारा किया गया है। इस किट के अनुसंधान में एमआरयू की नोडल ऑफिसर डॉ. मंजुला बेक का विशेष सहयोग रहा है। यह किट विशेष रूप से नवजात शिशुओं में सिकल सेल एनीमिया के शीघ्र निदान तथा एंटीनेटल (गर्भावस्था के दौरान) जांच को ध्यान में रखकर विकसित की गई है।
यह सम्मान निरंतर सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल
रायपुर, 18 अप्रैल 2026/
भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा दिनांक 17 एवं 18 अप्रैल 2026 को पुणे (महाराष्ट्र) में आयोजित चिंतन शिविर में देश के सभी राज्यों को योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य को योजना के प्रभावी संचालन, सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था तथा पारदर्शी क्लेम प्रबंधन प्रणाली के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
छत्तीसगढ़ को Best Performing Large State के रूप में निम्नलिखित श्रेणियों में चयनित किया गया—
1. हाई ट्रिगर एफिकेसी
इस श्रेणी में राज्य ने संदिग्ध क्लेम की पहचान एवं उनके प्रभावी विश्लेषण में उल्लेखनीय दक्षता प्रदर्शित की है। उन्नत आईटी आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली तथा सुदृढ़ ऑडिट व्यवस्था के माध्यम से अनियमितताओं की समयबद्ध पहचान सुनिश्चित की गई है।
2. टाइमली प्रोसेसिंग ऑफ सस्पेसियस क्लेम्स
इस श्रेणी में राज्य ने संदिग्ध दावों के त्वरित निपटान में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर क्लेम की जांच, निर्णय एवं निष्पादन सुनिश्चित कर पारदर्शिता एवं जवाबदेही को मजबूत किया गया है।
राज्य में क्लेम ऑडिट तंत्र को सशक्त बनाने, ट्रिगर-आधारित निगरानी प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने तथा अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के कारण संदिग्ध प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। इसके परिणामस्वरूप क्लेम प्रोसेसिंग की गुणवत्ता में वृद्धि हुई है तथा अनावश्यक विलंब में कमी आई है, जिससे योजना के लाभार्थियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश के राज्य को मिली इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “यह सम्मान छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और निरंतर सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से हम प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं। यह पुरस्कार हमारे स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक टीम और सहयोगी संस्थानों के सामूहिक प्रयास का प्रतिफल है। हम भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते रहेंगे।”
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सौंपा चेक, राज्य में पहली बार किसी खिलाड़ी को मिली इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि
कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुनी गई थी संजू, पूरे टूर्नामेंट में दिखाया था शानदार खेल
कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे
बहतराई अकादमी में अपने खेल को तराशा है कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की संजू ने
प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हें हरसंभव मंच उपलब्ध कराने सरकार प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़ की बेटी का शानदार प्रदर्शन मान-सम्मान व गौरव बढ़ाने वाला, उनकी उपलब्धियां अन्य खिलाड़ियों को भी करेगी प्रेरित – श्री अरुण साव
रायपुर. 18 अप्रैल 2026. भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी को राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि दी गई है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह राशि सौंपी। श्री साव ने इस दौरान बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया।
संजू देवी को उनके शानदार खेल की वजह से पिछले साल नवम्बर में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया था। कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
संजू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी है। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने पिछले साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की श्रमिक दंपति की संतान 23 साल की संजू राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संजू देवी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हें हरसंभव मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य की बेटियां आज अपने दमखम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया इतिहास रच रही हैं, और संजू देवी इसका जीवंत उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि संजू जैसी प्रतिभाएं आने वाले समय में प्रदेश और देश का नाम और अधिक रोशन करेंगी तथा युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संजू देवी को सम्मानित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में लगातार खेल और खिलाड़ियों की तरक्की व बेहतरी के लिए काम हो रहे हैं। संजू देवी ने अपने बेहतरीन खेल की बदौलत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल से देश को दो-दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक दिलाया है और अपने बेहतरीन खेल कौशल से मोस्ट वेल्युबल प्लेयर बनी हैं। छत्तीसगढ़ की बेटी का यह प्रदर्शन राज्य का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने वाला है। उन्होंने संजू देवी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे आने वाले समय में भी इसी तरह हमारे राज्य और देश का नाम रोशन करती रहेंगी।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य में जब ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएं और प्रोत्साहित करें। हमारे खिलाड़ियों को... और विशेषकर लड़कियों को अच्छा खेलने का प्रोत्साहन मिले, इसके लिए सरकार संजू देवी को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अभी हाल ही में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी की है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के भी वृहद आयोजन किए गए हैं।
संयुक्त टीम की ताबड़तोड़ छापेमारी
सुरंगों में घुसकर कार्रवाई, उपकरण भी बरामद, प्रशासन ने बढ़ाई सख्ती
रायपुर 18 अप्रैल 2026/
कोरिया जिला के पटना तहसील अंतर्गत देवखोल जंगल में अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने व्यापक कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में कोयला जब्त किया है। खनिज, वन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार को सुबह से सघन अभियान चलाकर अवैध सुरंगों को ध्वस्त किया और मौके से करीब 150 बोरी यानी 6 टन 61 किलो अवैध कोयला बरामद किया।
सुरंगों में घुसकर की गई कार्रवाई, उपकरण भी जब्त
जिले में गठित टास्क फोर्स के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में एसडीएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। टीम ने सुरंगों के भीतर प्रवेश कर कार्रवाई की और कोयले के साथ-साथ फावड़ा, गेती, विद्युत पंप, फुटबॉल पाइप तथा बड़ी मात्रा में बिजली के तार भी जब्त किए। इससे यह स्पष्ट होता है कि अवैध उत्खनन संगठित रूप से संचालित किया जा रहा था।
कानूनी प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज
इस मामले में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 की धारा 71 तथा खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पहले भी बंद की गईं खदानें, फिर दोहराई जा रही गतिविधियां
वन विभाग के अनुसार देवखोल क्षेत्र में पूर्व में भी अवैध खदानों को ब्लास्ट कर बंद किया गया था। एसईसीएल के माध्यम से सुरंगों को सील करने की कार्रवाई लगातार की जा रही है, लेकिन कुछ लोग इन्हें दोबारा खोलने का प्रयास करते हैं। हाल ही में पटना पुलिस द्वारा भी 3 टन 200 किलो अवैध कोयला जब्त कर बीएनएस की धारा 106 के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
प्रशासन की सख्ती, लगातार निगरानी
जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध कोयला उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
वनमंडलाधिकारी ने भी कहा कि ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाएगा और आगे और सख्ती बरती जाएगी।
ग्रामीणों के लिए रोजगार के विकल्प उपलब्ध
प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में आजीविका के पर्याप्त साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि लोग अवैध गतिविधियों से दूर रहें। वी-बीजी रामजी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) के तहत स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है। ग्राम पंचायत मुरमा एवं आसपास के क्षेत्रों में 20.07 लाख रुपये के विकास कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें भूमि समतलीकरण, डबरी निर्माण और तालाब गहरीकरण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 54 लाख रुपये के 30 कार्य प्रस्तावित हैं, जिन्हें मांग के आधार पर क्रियान्वित किया जाएगा।
कलेक्टर के निर्देश, वैकल्पिक आजीविका पर जोर
जिला कलेक्टर ने इस जोखिमपूर्ण कार्य से ग्रामीणों को दूर रहने की अपील करते हुए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों और स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से स्व-रोजगार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिला पंचायत के सीईओ को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
Raipur, April 18, 2026/
Chief Minister Vishnu Deo Sai addressed content creators at the “Digital Democracy Dialogue” held at his residence in Raipur on late Friday evening, urging them to showcase the evolving identity of Chhattisgarh as a land of culture, faith, and nature.
He highlighted the state’s mythological significance, noting its association with Lord Rama, Mata Kaushalya, and Shabari, along with regions like Dandakaranya and Abujhmad. He also recalled the teachings of Guru Ghasidas on equality and non-violence.
The Chief Minister said the state, once affected by Naxalism, is now witnessing rapid transformation due to the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi and Union Home Minister Shri Amit Shah, along with the efforts of security forces. Drawing a comparison Shri Sai said earlier a large part of the state was affected, but now the mainstream of development is reaching every village.
Highlighting tourism potential, he noted that Bastar’s natural beauty is gaining global recognition, with Dhudmaras village being listed among UNESCO’s top 20 tourist destinations. He encouraged creators to promote the region’s positive image.
Citing social media impact, he mentioned how cricketer Shri Sachin Tendulkar sent a cricket kit to a specially abled boy Madda Ram from Bastar after his video went viral- reflecting the power of social media.
On development, Sai said the state has received investment proposals worth over Rs 8 lakh crore under its new industrial policy and is progressing toward “Chhattisgarh Vision 2047.” Welfare schemes like “Niyad Nellanar Yojana” are delivering basic services including forest rights ‘pattas’ and telecommunications to remote areas, while events like Bastar Olympics are engaging youth.
Highlighting the digital era, Chief Minister Shri Sai said that the impact of the Prime Minister’s Digital India vision is now visible in every village, where even common citizens are making digital payments. He called upon creators to further amplify this transformation.
Speaking at the event, Vice Chairman of Rambhau Mhalgi Prabodhini Shri Vinay Sahasrabuddhe emphasized that Chhattisgarh is emerging as a model of peace and development, urging creators to present factual and positive narratives through digital platforms.
On this occasion, MLA Shri Kiran Singh Deo, Advisor to the Chief Minister Shri R Krishna Das, special guests including Dr Guru Paswan, Shri Prabal Pratap Singh Judev, and Commissioner of Public Relations Shri Rajat Bansal, along with other dignitaries, were present.
छात्रावासों तथा आश्रमों में सफाई, सुरक्षा और खाना बनाने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
छोटे किसानों का गेहूं उपार्जन पहले करायें, उपार्जन केन्द्रों में हों सभी जरूरी सुविधाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स के साथ वीसी से की विभिन्न अभियानों की समीक्षा
राज्यपाल प्लेसमेंट ऑफर वितरण समारोह में हुए शामिल
विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को प्रदान किए सर्टिफिकेट