नयी दिल्ली। सरकार देश में बेचे जा रहे स्वर्ण आभूषणों के लिए शीघ्र ही हॉलमार्क अनिवार्य करने पर विचार कर रही है। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी। पासवान ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा विश्व मानक दिवस के उपलक्ष्य में मनाये जा रहे ‘वैश्विक मानक एवं चतुर्थ औद्योगिक क्रांति’ समारोह में कहा, ‘‘बीआईएस ने तीन श्रेणियों 14 कैरट, 18 कैरट और 22 कैरट के लिए हॉलमार्क के मानक तय किये हैं। हम इसे शीघ्र ही अनिवार्य करने वाले हैं।’’
अभी हॉलमार्क स्वैच्छिक है। यह सोने की शुद्धता का मानक है। इसका प्रशासनिक प्राधिकरण बीआईएस के पास है जो उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के तहत आता है। पासवान ने उपभोक्ताओं के हित में मानक अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। हालांकि उन्होंने इसके क्रियान्वयन की तिथि के बारे में जानकारी नहीं दी। मंत्री ने कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति स्मार्ट प्रौद्योगिकियों की होगी और बीआईएस के समक्ष यह चुनौती है कि वह मानक तय करने का काम तेज करे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि देश इस क्षेत्र में पीछे नहीं छूटेगा। पासवान ने इस मौके पर बीआईएस की नयी वेबसाइट की शुरूआत की और स्मार्ट विनिर्माण के बारे में मानक पूर्व रिपोर्ट जारी की।
उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री सी.आर.चौधरी ने भी इस बात पर जोर दिया कि समय की जरूरत कृत्रिम बुद्धिमता जैसी नयी स्मार्ट प्रौद्योगिकियों के लिये मानक तय करने पर चर्चा करना है। बीआईएस की महानिदेशक सुरीना राजन ने कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति में इस्तेमाल होने वाली स्मार्ट प्रौद्योगिकियों के मानकीकरण के अध्ययन के लिए समितियां पहले ही गठित की जा चुकी हैं। इस क्रांति में मशीन भी मानवों की तरह कार्य कर रहे होंगे।
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