2014 की हार से हमने सीखा, राहुल बोले- मोदी ने सिखाया कि क्या नहीं करना चाहिए

नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सिखाया कि ‘क्या नहीं करना चाहिए’ और उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों में मिली करारी हार से भी ‘काफी कुछ सीखा।’ राहुल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को विशाल जनादेश मिला था, लेकिन उन्होंने ‘देश की धड़कन’ सुनने से इनकार कर दिया। हिंदीभाषी राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के फिर से उदय के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, ‘मैं कल अपनी मां से बात कर रहा था और मैं उनसे कह रहा था कि मेरे लिए सबसे अच्छी बात कुछ हुई है तो वह है 2014 का (लोकसभा) चुनाव। मैंने उस चुनाव से काफी कुछ सीखा है।’


राहुल (48) ने कहा कि 2014 के चुनाव से उन्हें जो सबसे अहम चीज सीखने को मिली, वह ‘विनम्रता’ है। उन्होंने कहा, ‘यह एक महान देश है और इस देश में सबसे अहम चीज है कि लोग क्या मानते हैं।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक नेता के तौर पर यह समझना होता है कि लोग क्या महसूस कर रहे हैं और वह जिस चीज को महसूस करते हैं, उससे जुड़ाव पैदा करना होता है। उन्होंने कहा, ‘बेबाकी से कहूं तो नरेंद्र मोदी जी ने मुझे सबक सिखाया कि क्या नहीं करना चाहिए।’ 

 

राहुल ने कहा कि पांच साल पहले उन्हें (मोदी को) इस देश में बदलाव लाने का बड़ा मौका दिया गया। दुखद चीज यह है कि उन्होंने देश की धड़कन सुनने से मना कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने युवाओं और किसानों की आवाज सुनने से इनकार कर दिया। राहुल ने जोर देकर कहा, ‘थोड़ा अहंकार आ गया है। मेरा मानना है कि यह किसी नेता के लिए घातक होता है। उनके काम करने के तरीके से मैंने यह बात सीखी है। मेरे लिए इस देश के लोग ही सबसे अच्छे शिक्षक हैं।’

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