ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
कच्चे मकान की परेशानियों से मिली मुक्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाना
रायपुर, सितंबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रत्येक परिवार को सुरक्षित, मजबूत और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के संकल्प को प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से देशभर में नई गति मिल रही है। इस योजना ने जरूरतमंद परिवारों के अपने पक्के घर के सपने को साकार करने का रास्ता आसान किया है। गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत पंडरीपानी निवासी श्री अमृतलाल का परिवार भी इस बदलाव का उदाहरण है। लंबे समय तक कच्चे मिट्टी के मकान में रहने के बाद अब उनका परिवार अपने पक्के और सुरक्षित आवास में सुखमय जीवन व्यतीत कर रहा है।
कच्चे मकान में बारिश के दिनों में होती थी परेशानी
श्री अमृतलाल बताते हैं कि पक्का मकान बनने से पहले उनका परिवार कच्चे मिट्टी के मकान में रहता था। बरसात के दिनों में घर की छत से पानी टपकने लगता था और दीवारों में सीलन आ जाती थी। बारिश के साथ मौसम की अन्य परिस्थितियों में भी परिवार को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कच्चे मकान में रहना न केवल असुविधाजनक था, बल्कि परिवार की सुरक्षा और बच्चों की पढ़ाई के लिए भी बेहतर वातावरण उपलब्ध नहीं हो पाता था।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने पूरा किया पक्के घर का सपना
ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत श्री अमृतलाल को पक्का आवास स्वीकृत हुआ। योजना से मिली सहायता ने उनके वर्षों पुराने पक्के घर के सपने को साकार कर दिया। निर्माण पूरा होने के बाद अब उनका परिवार मजबूत और सुरक्षित आवास में रह रहा है। नया घर उनके लिए केवल ईंट और दीवारों से बना भवन नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य और सम्मानजनक जीवन का आधार बन गया है।
नए घर ने बदली परिवार की दिनचर्या
पक्का आवास मिलने के बाद श्री अमृतलाल के परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। अब बारिश के दौरान छत से पानी टपकने और दीवारों में सीलन जैसी परेशानियों से राहत मिल गई है। परिवार के सभी सदस्य स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर वातावरण में रह रहे हैं। आवास की सुविधा ने परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी को अधिक सहज और व्यवस्थित बनाया है।
बच्चों को मिला पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल
नए पक्के मकान का सकारात्मक प्रभाव परिवार के बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ा है। अब उन्हें पढ़ने के लिए सुरक्षित और शांत वातावरण मिल रहा है। श्री अमृतलाल बताते हैं कि पक्के घर ने परिवार की सुविधाओं को बढ़ाने के साथ बच्चों के भविष्य के लिए भी बेहतर माहौल उपलब्ध कराया है। घर में खुशहाली का वातावरण है और परिवार अपने भविष्य को लेकर अधिक आश्वस्त महसूस करता है।
पक्का घर बना सम्मान और सुरक्षा का आधार
प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से मिला पक्का मकान श्री अमृतलाल के परिवार के लिए सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का प्रतीक बन गया है। कच्चे मकान की कठिन परिस्थितियों से निकलकर पक्के आवास में पहुंचना उनके जीवन में आए महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। अब परिवार को मौसम की चुनौतियों के बीच अपने घर की सुरक्षा को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं रहती।
श्री अमृतलाल बोले- प्रधानमंत्री आवास योजना ने दी नई पहचान
अपने अनुभव साझा करते हुए श्री अमृतलाल ने कहा कि पक्का मकान उनके परिवार के लिए बहुत बड़ी खुशी और राहत लेकर आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना से उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना के माध्यम से उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है।
हर परिवार के पक्के घर के संकल्प को मिल रही मजबूती
श्री अमृतलाल का परिवार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उस विजन का उदाहरण है, जिसमें हर जरूरतमंद परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवारों को पक्की छत मिल रही है, जिनके लिए कभी मजबूत और सुरक्षित घर का सपना दूर की बात थी।
आज श्री अमृतलाल का परिवार अपने पक्के घर में निश्चिंत होकर जीवन व्यतीत कर रहा है। उनके लिए यह आवास सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, बच्चों के बेहतर भविष्य और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत है।
घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाकर श्री शुभम राठौर का परिवार बना ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर, बिजली खर्च में मिली राहत
रायपुर, सिंतंबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने की दिशा में ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ देशभर में आम परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ रही है। योजना के माध्यम से घरों की छतों को बिजली उत्पादन का माध्यम बनाकर परिवार अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ बिजली खर्च में भी राहत पा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी इस योजना का लाभ नागरिकों तक पहुंच रहा है।
गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत भदौरा निवासी श्री शुभम राठौर ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने के विजन से प्रेरित होकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कराया है। सौर ऊर्जा को अपनाने से उनके परिवार की घरेलू बिजली जरूरतें अब सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं और बिजली खर्च में भी राहत मिली है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और देश के परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ की शुरुआत की है। योजना का उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित कर परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना और बिजली के खर्च को कम करने में सहायता प्रदान करना है।
श्री शुभम राठौर ने योजना का लाभ लेकर अपने घर की छत पर सोलर प्लांट स्थापित कर इस संकल्प को अपने जीवन में अपनाया है। उनके परिवार के लिए अब घर की छत ही बिजली उत्पादन का माध्यम बन गई है।
केंद्र और राज्य की सब्सिडी से आसान हुआ सौर ऊर्जा का सफर
श्री राठौर को पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। वहीं राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की सब्सिडी का लाभ मिला। केंद्र और राज्य सरकार से प्राप्त सहायता ने सोलर प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया को उनके लिए आसान बनाया।
बिजली बिल में राहत, परिवार को मिली आर्थिक सुविधा
सोलर प्लांट लगाने से पहले श्री राठौर को हर महीने लगभग 400 से 500 रुपये तक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था। सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद बिजली खर्च में उन्हें उल्लेखनीय राहत मिली है। श्री राठौर बताते हैं कि अब बिजली बिल को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं रहती। घर की जरूरत की बिजली उनकी अपनी छत पर लगे सोलर प्लांट से तैयार हो रही है।
अतिरिक्त बिजली का भी हो रहा उपयोग
सोलर प्लांट से आवश्यकता से अधिक बिजली बनने पर अतिरिक्त विद्युत ग्रिड में पहुंचती है और उसका समायोजन बिजली बिल में किया जाता है। इससे सौर ऊर्जा से होने वाले लाभ का बेहतर उपयोग संभव हो रहा है। श्री राठौर का परिवार अपनी जरूरत की बिजली सौर ऊर्जा से पूरी करने के साथ ऊर्जा संरक्षण की दिशा में भी योगदान दे रहा है।
स्वच्छ ऊर्जा के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
श्री शुभम राठौर का परिवार सौर ऊर्जा को अपनाकर स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग का उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। इस तरह योजना का लाभ परिवार की आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ रहा है।
श्री शुभम राठौर बोले- अपनी छत से बन रही हमारी बिजली
श्री शुभम राठौर बताते हैं कि सोलर प्लांट लगने के बाद उनके परिवार को बिजली खर्च में राहत मिली है। अब घर की जरूरत की बिजली उनकी अपनी छत पर तैयार हो रही है। उन्होंने कहा कि योजना से मिली सब्सिडी के कारण सोलर प्लांट लगाना आसान हुआ और अब स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करते हुए परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
भदौरा से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मिल रही मजबूती
ग्राम भदौरा के श्री शुभम राठौर की कहानी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और स्वच्छ ऊर्जा के विजन को स्थानीय स्तर पर साकार होते दिखाती है। एक परिवार द्वारा अपनी छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना न केवल बिजली की जरूरत पूरी करने का माध्यम बना है, बल्कि ऊर्जा बचत, आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सार्थक कदम है।
‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के माध्यम से घर-घर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर ऐसे परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। श्री राठौर का परिवार इसी बदलाव का उदाहरण है, जहां सूरज की रोशनी से बिजली भी बन रही है और आत्मनिर्भर भविष्य की राह भी रोशन हो रही है।
दूर के हैंडपंप और लंबी कतारों से मिली मुक्ति, घर-आंगन में पहुंचा पानी तो ग्रामीणों के जीवन में आया सुकून
रायपुर सितंबर 2026/ जल जीवन मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम बारीउमराव में भी इस योजना का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। योजना के तहत गांव के शत-प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन पहुंचने से अब ग्रामीणों को घर बैठे शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। नल खोलते ही घर के आंगन तक पानी पहुंचने से ग्रामीण परिवारों के दैनिक जीवन में सुविधा, समय की बचत और राहत का नया अध्याय जुड़ा है।
पहले पानी के लिए करना पड़ता था लंबा इंतजार
जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन से पहले ग्राम बारीउमराव के ग्रामीणों को पेयजल और घरेलू जरूरतों के लिए दूर स्थित हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ता था। विशेषकर गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ने के साथ हैंडपंपों पर लंबी कतारें लगती थीं। कई बार हैंडपंप खराब होने की स्थिति में ग्रामीणों को दूसरे स्थानों से पानी लाना पड़ता था। पानी भरने और उसे घर तक पहुंचाने में ग्रामीणों का काफी समय और श्रम खर्च होता था। महिलाओं और बच्चों को भी पानी की व्यवस्था के लिए अतिरिक्त समय देना पड़ता था।
घर तक नल पहुंचा तो आसान हुई जिंदगी
जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन मिलने से अब ग्रामीणों को पानी के लिए दूर जाने और कतार में खड़े होने की परेशानी से राहत मिली है। घर में ही नल से पानी उपलब्ध होने के कारण रोजमर्रा के काम पहले की अपेक्षा आसानी से पूरे हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल की सुविधा घर तक पहुंचने से उनके समय और श्रम की बचत हो रही है तथा वे बचा हुआ समय खेती-किसानी, रोजगार और अन्य घरेलू कार्यों में लगा पा रहे हैं।
श्री करम दास बोले- अब पानी के लिए न दूर जाना पड़ता है, न लाइन में लगना
ग्राम बारीउमराव के निवासी श्री करम दास बताते हैं कि पहले पीने और रोजमर्रा के कामों के लिए पानी लेने घर से दूर स्थित हैंडपंप पर जाना पड़ता था। गर्मी के दिनों में हैंडपंप पर लंबी कतार लगने के कारण काफी समय इंतजार करना पड़ता था। कई बार हैंडपंप खराब होने पर दूर-दराज से पानी लाना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी।
उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत घर में नल कनेक्शन लगने के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गई हैं। अब घर पर ही नल से नियमित पानी मिल रहा है। पानी के लिए न तो दूर जाना पड़ता है और न ही लंबी कतार में लगना पड़ता है। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है और परिवार के सदस्य अन्य जरूरी कार्यों पर अधिक ध्यान दे पा रहे हैं।
स्वच्छ पेयजल से बेहतर हो रहा ग्रामीण जीवन
घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से ग्रामीणों को पेयजल के लिए स्थानीय जलस्रोतों और दूर स्थित हैंडपंपों पर निर्भरता कम हुई है। नियमित रूप से घर तक पानी उपलब्ध होने से परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पर्याप्त सुविधा मिल रही है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा मिल रहा है।
जल जीवन मिशन ने गांव में पहुंचाई सुविधा की नई रोशनी
ग्राम बारीउमराव में जल जीवन मिशन के तहत शत-प्रतिशत घरों तक नल कनेक्शन पहुंचना ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। घर की चौखट तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों के जीवन में सुविधा और सुकून बढ़ा है। कभी पानी के लिए लंबी दूरी तय करने वाले परिवार अब अपने घर में ही नल खोलकर पानी प्राप्त कर रहे हैं। यह बदलाव ग्रामीणों के लिए केवल पेयजल सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके समय, श्रम और जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रहा है।
जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण के लिए जुटे अधिकारी-कर्मचारी, जनभागीदारी से जल बचाने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
रायपुर सितंबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गौरेला पेन्ड्रा जिले में स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में आज रानीझाप एनीकट में स्वच्छता एवं जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं पंचायत विभाग के संयुक्त सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा नागरिकों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने का संदेश दिया गया।
स्वच्छ और सुरक्षित जल स्रोतों के लिए चलाया स्वच्छता अभियान
कार्यक्रम के दौरान रानीझाप एनीकट परिसर में विशेष स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गईं। अधिकारियों, कर्मचारियों और सहभागियों ने जल स्रोत के आसपास साफ-सफाई करते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान लोगों को समझाया गया कि जल स्रोतों की स्वच्छता केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज के सामूहिक प्रयास से ही इन्हें स्वच्छ और सुरक्षित रखा जा सकता है।
जल संरक्षण के प्रति किया गया जागरूक
कार्यक्रम में जल के महत्व और भविष्य के लिए इसके संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष रूप से जोर दिया गया। सहभागियों को जल संरक्षण के विभिन्न उपायों की जानकारी देते हुए जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही जल स्रोतों में कचरा नहीं डालने, उन्हें प्रदूषण से बचाने तथा आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया गया।
जल स्रोतों की सुरक्षा में जनभागीदारी पर जोर
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जल संरक्षण और स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि जल स्रोत आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण प्राकृतिक संपदा हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। छोटे-छोटे प्रयासों और सामूहिक सहभागिता से जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखा जा सकता है।
स्वच्छता से संरक्षण तक, सामूहिक प्रयास का संदेश
रानीझाप एनीकट में आयोजित कार्यक्रम ने स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। स्वच्छ जल स्रोत न केवल पेयजल और दैनिक जरूरतों के लिए आवश्यक हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय जीवन-व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इसी उद्देश्य से सहभागियों ने जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छता को निरंतर बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा अन्य सहयोगी उपस्थित रहे। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को अपने आसपास के जल स्रोतों की स्वच्छता और सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
राष्ट्रीय राजमार्गों सहित सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने कहा, नए कार्यों को 15 अक्टूबर से युद्धस्तर पर प्रारंभ करने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने सड़कों व पुलों की स्थिति की ली जानकारी, सभी मुख्य अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं की ली बैठक
रायपुर. सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं, मंडलों के अधीक्षण अभियंताओं और संभागों के कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर प्रदेशभर में सड़कों और पुलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बारिश में सड़कों की खराब स्थिति पर गहरी नाराजगी जताते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों सहित सभी क्षतिग्रस्त सड़कों व पुलों की मरम्मत 15 अक्टूबर तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त ऐसे सभी नए कार्यों जिनकी निविदा की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, उनके निर्माण 15 अक्टूबर से युद्धस्तर पर प्रारंभ करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल और प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में मौजूद थे। सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक में जुड़े।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय 'निर्माण भवन' में आयोजित बैठक में सड़कों की मरम्मत की पुख्ता कार्ययोजना तैयार कर बरसात के बाद तत्काल क्षतिग्रस्त सड़कों को सुधारने के निर्देश दिए। सभी संभागों को मांग के अनुसार मरम्मत और संधारण के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। उन्होंने इसके लिए तत्काल निविदा कर एजेंसी तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यपालन अभियंताओं को अगले दो-तीन दिनों में अपने कार्यक्षेत्र का भ्रमण कर सड़कों और पुलों की स्थिति जांचने को कहा। उन्होंने सड़कों, पुलों और डिवाइडर्स की मरम्मत के साथ ही उनकी साफ-सफाई एवं रंगाई-पुताई भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यपालन अभियंताओं को सप्ताह में दो-तीन दिन फील्ड में रहने को कहा।
श्री साव ने निविदा की प्रक्रिया पूर्ण हो चुके सभी कार्यों को आगामी 15 अक्टूबर से पूरी गति से शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी हो। उन्होंने कार्यस्थलों पर सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए यात्रियों की सहूलियत के लिए डायवर्टेड मार्ग उपलब्ध कराने और समुचित साइनेज लगाने को कहा। उन्होंने परफॉर्मेन्स गारंटी की सड़कों की मरम्मत और संधारण के कार्य संबंधित ठेकेदारों के माध्यम से तत्परता से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए अच्छे कार्यों से विभाग की सकारात्मक छवि गढ़ने पर जोर दिया।
उप मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प अभियान के दौरान स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत विभाग के सभी कार्यालयों में स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालयों को गंदगी, कबाड़ और कूड़े-करकट से मुक्त करने के साथ ही पूरे परिसर को साफ-सुथरा रखने को कहा। उन्होंने कार्यालयीन भवनों का अच्छा रखरखाव भी करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक श्री शशांक पाण्डेय, मुख्य अभियंतागण सर्वश्री एस.के. कोरी, ज्ञानेश्वर कश्यप, पी.एम. कश्यप, एन.के. जयंत, आर.के. रात्रे, समय लाल, के.पी. संत, टी.आर. कुंजाम, जी.एस. मंडावी और एस.के. कोर्राम भी बैठक में उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने दिया सुरक्षित आशियाना, उज्ज्वला से रसोई हुई धुआंमुक्त
महतारी वंदन योजना से हर माह मिल रहा 1,000 रुपये का आर्थिक संबल
सरकारी योजनाओं ने बदली रोजमर्रा की जिंदगी, उतरा बाई के चेहरे पर लौटी खुशियों की मुस्कान
रायपुर, सितम्बर 2026/ कभी बारिश की हर बूंद के साथ कच्चे मकान की चिंता, रसोई में लकड़ी के धुएं के बीच खाना पकाने की मजबूरी और घरेलू जरूरतों के लिए सीमित संसाधन—रायगढ़ जिले की उतरा बाई महंत के लिए यह रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था। आज तस्वीर बदल चुकी है। प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने से उनके जीवन में सुरक्षा, सुविधा और आर्थिक संबल जुड़ा है।
उतरा बाई के लिए यह बदलाव केवल सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके परिवार के जीवन में आई उन सुविधाओं की कहानी है, जिन्हें वे पहले केवल एक उम्मीद के रूप में देखती थीं।
कच्ची दीवारों की चिंता से मिला पक्के घर का सुकून
उतरा बाई बताती हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। बारिश के दिनों में घर की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। मौसम बदलने के साथ परेशानियां भी बढ़ जाती थीं। ऐसे में पक्के घर का सपना उनके लिए बहुत मायने रखता था।
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने के बाद उनका यह सपना पूरा हुआ। कच्चे मकान की जगह अब उनका अपना पक्का घर है। परिवार को सुरक्षित छत मिली है और बारिश तथा मौसम की परेशानियों के बीच रहने की चिंता काफी कम हुई है।
उतरा बाई के लिए यह पक्का घर सिर्फ ईंट और सीमेंट से बना मकान नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का भरोसा है।
चूल्हे के धुएं से गैस की सुविधा तक पहुंची रसोई
घर के साथ उनकी रसोई की तस्वीर भी बदली है। पहले लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने के लिए उन्हें लकड़ी जुटानी पड़ती थी। आग जलाने में समय और मेहनत लगती थी और रसोई धुएं से भर जाती थी।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने के बाद अब खाना बनाना आसान और सुविधाजनक हो गया है। उतरा बाई बताती हैं कि गैस चूल्हे पर कम समय में भोजन तैयार हो जाता है और उन्हें पहले की तरह लकड़ी तथा धुएं की परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
उनके लिए रसोई में आया यह बदलाव रोजमर्रा के जीवन को आसान बनाने वाली ऐसी सुविधा है, जिसका असर हर दिन महसूस होता है।
हर महीने मिलने वाली राशि बनी घरेलू जरूरतों का सहारा
उतरा बाई को महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। योजना के तहत उन्हें हर माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। यह राशि उनके घरेलू खर्चों और छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है।
उतरा बाई कहती हैं कि नियमित रूप से मिलने वाली राशि से उन्हें आर्थिक सहारा मिलता है। परिवार की जरूरतों के बीच यह सहायता उनके लिए अपने स्तर पर खर्च संभालने का भरोसा बढ़ाती है।
तीन योजनाओं ने मिलकर बदली जिंदगी की तस्वीर
उतरा बाई की कहानी में बदलाव के तीन अलग-अलग पहलू दिखाई देते हैं—पक्का घर, धुआंमुक्त रसोई और नियमित आर्थिक सहायता। प्रधानमंत्री आवास योजना ने उन्हें सुरक्षित आशियाना दिया, उज्ज्वला योजना ने रसोई की मुश्किलें कम कीं और महतारी वंदन योजना ने घरेलू जरूरतों के लिए आर्थिक संबल उपलब्ध कराया।
उतरा बाई ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उनके जैसे जरूरतमंद परिवारों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहा है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से उनके परिवार को सुरक्षा, सुविधा और आर्थिक सहारा मिला है और जीवन में नई उम्मीद और खुशियां आई हैं।
उतरा बाई की यह कहानी बताती है कि जब योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचता है, तो सरकारी योजनाएं कागजों से निकलकर घर की छत, रसोई की सुविधा और परिवार के जीवन में भरोसे के रूप में दिखाई देने लगती हैं।
पीएम जनमन योजना से साकार हुआ वर्षों पुराना आवास का सपना, मौसम की मार से मिली राहत
कच्चे घर की परेशानियां हुईं दूर, अब सुरक्षित छत के नीचे बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे परिवार
रायपुर, सितम्बर 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के सेवा संकल्प और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचने से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। सरगुजा जिले के जनपद पंचायत उदयपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत केशमा (वन केशमा) में पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए पीएम जनमन योजना के तहत निर्मित पक्के आवास इसी बदलाव की तस्वीर पेश कर रहे हैं। वर्षों से कच्चे मकान और मौसम की कठिन परिस्थितियों के बीच जीवन यापन कर रहे परिवारों को अब सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिला है।
वर्षों पुराना सपना हुआ साकार
ग्राम के पहाड़ी कोरवा परिवारों में हुडकू राम/बिरझु और रतन साय/छन्दू का परिवार लंबे समय से पक्के और सुरक्षित घर की उम्मीद लगाए हुए था। पीएम जनमन योजना के माध्यम से दोनों परिवारों को पक्का आवास मिलने से उनकी वर्षों पुरानी चिंता दूर हुई है। घर मिलने के बाद परिवारों में खुशी का माहौल है और अब वे सुरक्षित वातावरण में अपने दैनिक जीवन को आगे बढ़ा रहे हैं।
बारिश, ठंड और तेज हवाओं से मिली राहत
पहाड़ी क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को बारिश, तेज हवा और ठंड के दौरान अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पक्का आवास मिलने से इन परिवारों को छत टपकने, दीवारों के कमजोर होने और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से होने वाली परेशानियों से राहत मिली है। सुरक्षित घर बच्चों, बुजुर्गों और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए बेहतर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करा रहा है।
पक्का घर बना स्थिरता और सम्मान का आधार
इन परिवारों के लिए पक्का मकान केवल चार दीवारों का निर्माण नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मान से जुड़ा आशियाना है। अब परिवारों को घर की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता नहीं रहेगी। सुरक्षित आवास मिलने से वे बच्चों की पढ़ाई, आजीविका और दैनिक जीवन की अन्य जरूरतों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
PVTG परिवारों तक पहुंच रही बुनियादी सुविधाएं
पीएम जनमन योजना का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के परिवारों तक आवास सहित आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। पक्के आवास जैसी मूलभूत सुविधा मिलने से इन परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव की नींव मजबूत हो रही है।
हुडकू राम और रतन साय के परिवारों के लिए पक्का आवास सुरक्षित जीवन और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कभी कच्चे घर और मौसम की चिंता के बीच गुजरने वाले दिन अब सुरक्षित छत के नीचे सुकून और स्थायित्व के साथ बीत रहे हैं।
एक ही मंच पर 900 से अधिक शासकीय सेवाएं, घर और गांव के नजदीक मिल रही सुविधाएं
डिजिटल तकनीक से सरल हुई सेवा प्रक्रिया, आवेदन से प्रमाण पत्र तक पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था
रायपुर, सितम्बर 2026/ नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन की ‘सेवा सेतु’ पहल शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम करने का प्रभावी माध्यम बन रही है। विभिन्न विभागों की सेवाओं को एकीकृत डिजिटल मंच पर लाकर अब प्रदेशवासियों को 900 से अधिक शासकीय सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डिजिटल सुशासन को प्राथमिकता देते हुए सेवाओं की पहुंच शहरों के साथ-साथ गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों तक बढ़ाई जा रही है।
सेवा सेतु का मूल उद्देश्य केवल सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और सेवा को नागरिक के घर अथवा उसके नजदीकी केंद्र तक पहुंचाना है। आवेदन, दस्तावेजों की प्रक्रिया, स्थिति की जानकारी और प्रमाण पत्र प्राप्त करने जैसी सुविधाओं को डिजिटल माध्यम से जोड़कर सेवा वितरण को अधिक सहज बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉली गंधर की कहानी, सेवा सेतु की उपयोगिता का उदाहरण
अम्बिकापुर निवासी सुश्री डॉली गंधर का अनुभव सेवा सेतु की उपयोगिता को जमीन पर सामने लाता है। उनके आधार कार्ड में नाम संबंधी त्रुटि के कारण बैंक खाता खुलवाने में परेशानी आ रही थी। बैंक खाता नहीं होने के कारण छात्रवृत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही थी।
डॉली ने अपनी समस्या के समाधान के लिए सेवा सेतु केंद्र में आवेदन किया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधार कार्ड में नाम संबंधी त्रुटि का निराकरण किया गया। अब उनके लिए बैंक खाता खुलवाने और छात्रवृत्ति से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाना आसान हो गया है। समस्या के समाधान पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।
डॉली का अनुभव बताता है कि किसी दस्तावेज में छोटी सी त्रुटि भी नागरिक के लिए बैंकिंग, शिक्षा और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच में बाधा बन सकती है। ऐसे मामलों में सेवा सेतु केंद्र नागरिक को समस्या से समाधान तक पहुंचाने का सरल माध्यम बन रहे हैं।
एक मंच पर अनेक सेवाएं, प्रक्रिया हुई आसान
सेवा सेतु के माध्यम से आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, भू-अभिलेख एवं राजस्व संबंधी सेवाएं, नाम संशोधन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा श्रम विभाग से जुड़ी विभिन्न सेवाओं सहित अनेक सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नागरिक घर बैठे अथवा नजदीकी सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं और अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं। डिजिटल प्रमाण पत्रों में क्यूआर आधारित सत्यापन, एसएमएस और व्हाट्सऐप अलर्ट जैसी सुविधाएं सेवा प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने में सहायक हैं।
इस व्यवस्था का लाभ यह है कि नागरिक को आवेदन की स्थिति जानने के लिए बार-बार संबंधित कार्यालय जाने की आवश्यकता कम होती है। डिजिटल माध्यम से प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध होने से सेवा वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ावा मिलता है।
गांव तक पहुंच रही डिजिटल सेवा
सेवा सेतु की महत्वपूर्ण विशेषता इसका ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक विस्तार है। ग्राम पंचायत स्तर पर भी विभिन्न नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इनमें विवाह प्रमाण पत्र, भवन अनुज्ञा, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई व्यवस्था और नाम परिवर्तन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
स्थानीय स्तर पर सेवा वितरण को मजबूत करने के लिए पंचायत सचिवों, सेवा सेतु केंद्र संचालकों और संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए जिला या तहसील मुख्यालय जाने की आवश्यकता कम होगी।
इसका सीधा लाभ नागरिकों के समय, श्रम और आने-जाने के खर्च की बचत के रूप में सामने आएगा। गांव में ही डिजिटल माध्यम से सेवा उपलब्ध होने से शासन की सुविधाएं नागरिकों के और करीब पहुंचेंगी।
मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन के लिए पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान, सभी 33 जिलों में स्थापित होंगे उद्यमिता विकास केंद्र
मुख्यमंत्री ने ट्रेड फेयर का किया शुभारंभ, ‘अग्रकुल दर्शन’ पत्रिका का किया विमोचन
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर में दो दिवसीय ‘अग्र महाकुंभ-2026’ का किया शुभारंभ
रायपुर सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय ‘अग्र महाकुंभ-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अग्रवाल समाज की उद्यमिता, दानशीलता, परोपकार और समाजसेवा की समृद्ध परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। व्यापार और व्यवसाय से आगे बढ़कर समाज के उद्यमियों ने उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और जनसेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक समानता, करुणा, सहयोग और सहभागिता पर आधारित समाज की कल्पना की थी। उनका संदेश था कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले और जो सक्षम हैं, वे जरूरतमंद लोगों का हाथ थामकर उन्हें भी प्रगति की राह पर आगे बढ़ाएं। अग्रवाल समाज ने महाराजा अग्रसेन जी के इन आदर्शों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने आचरण में उतारा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अग्रवाल समाज की पहचान केवल सफल व्यापार और उद्यमिता तक सीमित नहीं है। अर्थोपार्जन के साथ परमार्थ की भावना इस समाज की विशिष्टता रही है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों, धर्मशालाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी संस्थाओं तथा अनेक जनसेवा गतिविधियों के माध्यम से समाज निरंतर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाता आया है।
कोरोना महामारी के कठिन समय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पूरा देश अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा था, तब अग्रवाल समाज ने आगे बढ़कर जरूरतमंदों की सहायता की। मरीजों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था हो, जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाना हो अथवा स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों की मदद करना हो, समाज ने सेवाभाव का परिचय देते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में ऐसा सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जहां व्यापार और उद्योगों का विस्तार हो, निवेश बढ़े और युवाओं के लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित हों। उन्होंने कहा कि व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े अग्रवाल समाज के अनुभवी लोगों के सुझाव शासन की नीतियों को और अधिक व्यावहारिक एवं जनोपयोगी बनाने में सहायक रहे हैं।
महिला शक्ति और युवाओं की भागीदारी से समाज को मिलेगी नई ऊर्जा
मुख्यमंत्री श्री साय ने अग्र महाकुंभ में महिला शक्ति को विशेष स्थान दिए जाने की सराहना करते हुए कहा कि आज हमारी बेटियां और बहनें परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के साथ व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, स्टार्टअप और समाजसेवा सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी परिवार, समाज और प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई शक्ति प्रदान कर रही है।
उन्होंने युवाओं के लिए आयोजित विशेष सत्र को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बदलते समय में नई पीढ़ी के सामने अवसरों का एक विशाल संसार है। युवाओं को अपने संस्कारों और सामाजिक मूल्यों से जुड़े रहते हुए आधुनिक तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को अपनाना होगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे स्वयं को केवल नौकरी खोजने तक सीमित न रखें, बल्कि नए विचारों और उद्यमों के माध्यम से स्वयं आगे बढ़ें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार करें।
रोजगार केंद्रित औद्योगिक नीति से खुल रहे निवेश के नए द्वार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024-30 को रोजगार केंद्रित बनाया गया है। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के साथ महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन को भी उद्योग का दर्जा दिया गया है।
कैंसर के खिलाफ लड़ाई में मरीज को यह भरोसा दिलाना जरूरी कि वह अकेला नहीं : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
नवा रायपुर में 100 एकड़ में विकसित हो रही 5 हजार बिस्तरों की मेडिसिटी, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का बनेगी प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री ने चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 का किया शुभारंभ
‘Restoring Balance to Cancer Care’ थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में 200 से अधिक राष्ट्रीय और 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ हो रहे शामिल
आयुष्मान भारत से 5 लाख और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से 25 लाख रुपए तक मिल रही उपचार सहायता
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान में लगभग 34 लाख लोगों की स्क्रीनिंग, करीब 40 हजार लोगों को बीमारी की पहचान के बाद उपचार से जोड़ा गया
कैंसर मरीजों का तैयार होगा व्यवस्थित डेटाबेस, सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए मिशन मोड में आगे बढ़ेगा एचपीवी टीकाकरण : स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल
रायपुर 19 सितम्बर 2026/ कैंसर के विरुद्ध लड़ाई केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है। मरीज को आधुनिक और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने के साथ उसका मनोबल बनाए रखना तथा उसे यह विश्वास दिलाना भी उतना ही आवश्यक है कि इस कठिन लड़ाई में वह अकेला नहीं है। चिकित्सकों का संवेदनशील व्यवहार और परिवार एवं समाज का भावनात्मक सहयोग मरीज के भीतर बीमारी से लड़ने का हौसला बढ़ाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मेफेयर में बालको मेडिकल सेंटर द्वारा आयोजित चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 के शुभारंभ अवसर पर संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कैंसर आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। कैंसर का नाम सुनते ही मरीज के साथ पूरा परिवार चिंता और अनिश्चितता से घिर जाता है। बीमारी का प्रभाव केवल मरीज के शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी मानसिक, पारिवारिक और आर्थिक परिस्थितियों पर भी पड़ता है। इसलिए कैंसर के उपचार में समग्र दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि चिकित्सक जब आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ मरीज से जुड़ते हैं तो वे केवल बीमारी का उपचार नहीं करते, बल्कि मरीज और उसके परिवार के लिए विश्वास और हौसले का आधार भी बनते हैं। चिकित्सा विज्ञान में हो रही प्रगति के साथ मानवीय संवेदना का यह पक्ष कैंसर के विरुद्ध लड़ाई को और मजबूत बनाता है।
समय पर पहचान से बढ़ती हैं प्रभावी उपचार की संभावनाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कैंसर से लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक बीमारी की समय पर पहचान है। शुरुआती अवस्था में कैंसर की पहचान होने पर प्रभावी उपचार की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की समय पर स्क्रीनिंग और रोकथाम को प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कॉन्क्लेव में उपस्थित विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे ऐसी आधुनिक तकनीकों, अनुसंधानों और प्रभावी उपायों पर विचार करें, जिनसे कैंसर की जल्द पहचान हो सके और उपचार को अधिक सस्ता, सुलभ तथा आम लोगों की पहुंच में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कॉन्क्लेव चिकित्सा जगत के अनुभव, शोध और नवाचार को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच हैं। यहां होने वाला विचार-विमर्श भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों और उपचार पद्धतियों को नई दिशा देने में सहायक होगा।
प्रदेश में लगातार मजबूत हो रही स्वास्थ्य अधोसंरचना
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। आज शासकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर इनकी संख्या 15 हो गई है। इसके साथ ही पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन चिकित्सा संस्थानों में कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक विशेषज्ञता, आधुनिक उपकरण और अधोसंरचना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के लोगों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूर न जाना पड़े और उन्हें अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो।