ईश्वर दुबे
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Bhilai
मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर श्री पूनाराम ठाकरे से स्वयं की बात
पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा शिकायतों के निराकरण तंत्र का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिशरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी मंत्रियों ने हेल्पलाइन संचालन व्यवस्था, शिकायत प्रबंधन प्रणाली तथा नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर में पहुंचकर शिकायतों के पंजीयन, उनकी निगरानी एवं समाधान की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करते हुए शिकायतों के त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर श्री पूनाराम ठाकरे से की बात
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सीएम हेल्पलाइन सेंटर के शुभारंभ के अवसर पर सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले कॉलर श्री पूना राम ठाकरे से खुद बात की और उनका नाम, निवास तथा समस्या की जानकारी ली । मुख्यमंत्री को श्री ठाकरे ने बताया कि वे रायपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था जिसके संबंध में शिकायत दर्ज कराने उन्होंने हेल्पलाइन में कॉल किया है। मुख्यमंत्री ने कॉल पर श्री ठाकरे को आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्या का निराकरण हो जाएगा।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य मंत्रियों ने हेल्पलाइन के माध्यम से जुड़े हितग्राहियों से बातचीत भी की। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना तथा संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। हितग्राहियों ने भी अपनी समस्याओं को सीधे शासन तक पहुंचाने के लिए इस व्यवस्था की सराहना की।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के सभी विभागों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाली व्यवस्था है। इसमें 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां तथा लगभग 8,000 अधिकारियों को चार प्रशासनिक स्तरों पर मैप किया गया है। ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बहु-स्तरीय एस्केलेशन प्रणाली के माध्यम से शिकायतों के समाधान की सतत निगरानी की जाती है।
मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन संचालन में कार्यरत युवाओं से भी संवाद किया और उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बताया गया कि इस व्यवस्था के संचालन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सेवा गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रणाली के अंतर्गत उपलब्ध एमआईएस डैशबोर्ड, शिकायत विश्लेषण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के प्रदर्शन मूल्यांकन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुशासन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर व्यवस्थागत सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा - सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मिलेगी नई मजबूती
42 विभागों के 8 हजार अधिकारी 1195 श्रेणियों में शिकायतों का करेंगे समयबद्ध निराकरण
रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य की बहुप्रतीक्षित सीएम हेल्पलाइन 1076 का बटन दबाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन प्रणाली के आधिकारिक लोगो का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में मंत्रिपरिषद के सदस्यगण तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या सुनी जाए, उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शासन-प्रशासन को और अधिक जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्रदेशभर से प्राप्त शिकायतों, सुझावों और जनप्रतिसाद ने एक प्रभावी, सशक्त एवं स्थायी जनसंपर्क तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसी सोच के साथ सीएम हेल्पलाइन प्रणाली विकसित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेशवासी टोल फ्री नंबर 1076 पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे, सुझाव दे सकेंगे तथा शासन की योजनाओं और सेवाओं के संबंध में फीडबैक भी साझा कर सकेंगे। यह प्रणाली सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ जनता और शासन के बीच विश्वास के रिश्ते को और सशक्त बनाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हेल्पलाइन को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है, जिससे नागरिक मोबाइल के माध्यम से आसानी से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली अपने व्यापक दायरे के कारण विशेष महत्व रखती है। इसमें राज्य शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हुए हैं तथा 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेगा। यदि किसी शिकायतकर्ता को प्राप्त समाधान से संतोष नहीं होगा, तो संबंधित शिकायत स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः परीक्षण एवं जांच के लिए अग्रेषित हो जाएगी। इससे शिकायतों के सतही निराकरण की संभावना समाप्त होगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन प्रणाली 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित रहेगी। इसके संचालन के लिए तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सचिव स्तर के अधिकारी डैशबोर्ड के माध्यम से इसकी नियमित निगरानी करेंगे, वहीं मुख्यमंत्री सचिवालय भी इसकी सतत मॉनिटरिंग करेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत निवारण का माध्यम नहीं है, बल्कि जनभागीदारी को सशक्त बनाने का एक प्रभावी मंच भी है। प्रदेशवासी राज्य के विकास से जुड़े अपने सुझाव भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा कर सकेंगे, जिससे नीति निर्माण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "नागरिक देवो भव" के मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को लगातार मजबूत बना रही है। सीएम हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाएगी तथा समस्याओं के त्वरित समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव एवं सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग श्री राहुल भगत ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन प्रणाली की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यगण, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार जारी है अभियान
केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम की कार्रवाई
रायपुर, 09 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में खनिज संसाधनों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग की केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा जिला गरियाबंद में बड़ी कार्रवाई की गई है।
खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने दिनांक 08 जून 2026 को औचक निरीक्षण के दौरान जिला गरियाबंद के तहसील राजिम अंतर्गत ग्राम कुरुसकेरा स्थित पैरी नदी में गौण खनिज साधारण रेत के अवैध उत्खनन एवं मशीनों के माध्यम से नियम विरुद्ध रेत उत्खनन का मामला पाया। जांच के दौरान खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए तीन चैन माउंटेन मशीनों को जप्त कर सील किया गया। साथ ही खदान संचालक एवं मशीन मालिकों को जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त अवैध रेत परिवहन में संलिप्त एक हाईवा वाहन को भी जप्त कर राजिम थाना में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया है।
कार्रवाई के दौरान केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम तथा जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम उपस्थित रही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिज संपदा के नियमानुसार उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। खनिज साधन विभाग के सचिव ने कहा कि प्रदेश में खनिज संसाधनों के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सतत निगरानी की जा रही है। विभागीय अमला एवं उड़नदस्ता दलों को नियमित निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
दिनांक : 09 जून 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -
1. आज मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इस महत्वपूर्ण निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा तथा कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मंत्रिपरिषद् ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया है।
2. मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार द्वारा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों एवं दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये की आदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
इस योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में दलहन-तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी साथ ही कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
3. मंत्रिपरिषद् ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वर्तमान व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह की अवधि वृद्धि का अनुमोदन भी किया गया है। इस निर्णय से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा।
4. मंत्रिपरिषद् ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न अंग है तथा योग शिक्षा, अनुसंधान और उससे संबंधित गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर आयुष तंत्र के माध्यम से संचालित होती हैं। विषय की प्रकृति और प्रशासनिक समन्वय को ध्यान में रखते हुए इसे चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे योग से संबंधित शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।
5. मंत्रिपरिषद् ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) स्कीम के अंतर्गत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) की सहमति भारत सरकार को प्रेषित करने की अनुमति प्रदान की है।
इस निर्णय से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।
6. मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर प्रदान की जा रही मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय से प्राधिकरण को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में गति मिलेगी तथा नवा रायपुर अटल नगर के सुनियोजित विकास और आधारभूत संरचना के विस्तार को और अधिक मजबूती मिलेगी।
7. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इस संशोधन के तहत खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफआईडी टैग एवं वाहन ट्रैकिंग प्रणाली को अनिवार्य किया जाएगा तथा खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी।
ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उभर रही नई पहचान, स्थानीय आजीविका को मिल रहा संबल
सफल होमस्टे मॉडल और आत्मीय मेजबानी से बढ़ रही केरे गांव की लोकप्रियता
रायपुर, 9 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जशपुर जिले का केरे गांव एक सफल मॉडल के रूप में उभर रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, पारंपरिक संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता के समन्वय से यह गांव प्रदेश के प्रमुख ग्रामीण पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना रहा है।
सोमवार को जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने विकासखंड जशपुर के ग्राम केरे में संचालित होमस्टे का अवलोकन कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, पारंपरिक भोजन व्यवस्था तथा पर्यटकों के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली।
प्रभारी सचिव ने होमस्टे में उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए स्थानीय ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पर्यटन न केवल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने का माध्यम है, बल्कि यह ग्रामीणों के लिए आय एवं रोजगार के नए अवसर भी सृजित करता है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से केरे गांव को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। गांव में वर्तमान में पांच होमस्टे संचालित किए जा रहे हैं। इसके लिए स्थानीय ग्रामीणों को होमस्टे संचालन, आतिथ्य प्रबंधन तथा पर्यटकों की बेहतर सेवा से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।
हाल ही में महुआ होमस्टे में ठहरे पर्यटकों के सकारात्मक अनुभवों ने इस पहल की सफलता को और मजबूती प्रदान की है। पर्यटकों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया तथा उन्हें ताजा, पौष्टिक एवं घर में तैयार स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिला। पर्यटकों ने यहां की स्वच्छता, शांत वातावरण, आत्मीय मेजबानी और स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने के अवसर की सराहना की।
प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने भोजन की गुणवत्ता, आवासीय सुविधाओं तथा ग्रामीणों के आत्मीय व्यवहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जिला प्रशासन का मानना है कि सामुदायिक भागीदारी पर आधारित यह मॉडल ग्रामीणों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित कर रहा है। साथ ही क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक जीवनशैली और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
सकारात्मक अनुभवों, बेहतर व्यवस्थाओं और लगातार बढ़ती लोकप्रियता के साथ केरे गांव छत्तीसगढ़ में सामुदायिक आधारित ग्रामीण पर्यटन के एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार, एसडीएम जशपुर श्री विश्वास राव मस्के, जनपद पंचायत सीईओ श्री लोखित भगत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, आवास, पेयजल, राशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा
किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्यपालन और उद्यानिकी को बढ़ावा देने के दिए निर्देश
दिव्यांग एवं असहाय हितग्राहियों को घर पहुंच पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने कहा
रायपुर, 9 जून 2026/जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, पेयजल, आवास, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
प्रभारी सचिव ने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी प्रकरणों का गंभीरतापूर्वक एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान सभी राजस्व प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन एवं अद्यतन रिकॉर्ड संधारण सुनिश्चित करने पर बल दिया।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) के तहत स्वीकृत एवं प्रगतिरत आवास निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों, निविदा प्रक्रिया एवं अपूर्ण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा।
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा जिन गांवों में भूजल स्तर कम है वहां पेयजल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक एवं स्थायी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रभारी सचिव ने जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय चिकित्सालय, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय तथा अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों के निर्माण एवं स्थापना संबंधी कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।
कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने खरीफ एवं रबी फसलों के रकबे, खाद-बीज की उपलब्धता तथा भंडारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों की आय में वृद्धि के लिए दलहन, तिलहन, उद्यानिकी, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अपेक्स बैंक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक एवं सहकारिता विभाग के समन्वय से किसानों को खेती, डेयरी, मत्स्यपालन एवं कृषि आधारित उद्यमों के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि इच्छुक किसान बड़े स्तर पर उत्पादन एवं व्यवसाय का विस्तार कर सकें।
खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान राशन कार्डों के नवीनीकरण, नए राशन कार्डों की स्वीकृति तथा उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्नों के समय पर भंडारण एवं वितरण की स्थिति का जायजा लिया गया। शिक्षा विभाग से स्कूलों में पाठ्यपुस्तक एवं यूनिफॉर्म वितरण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से महतारी वंदन योजना, ई-केवाईसी, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।
प्रभारी सचिव ने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे दिव्यांग, वृद्ध एवं असहाय हितग्राहियों की पहचान कर सूची तैयार की जाए, जो पेंशन प्राप्त करने के लिए बैंक तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे हितग्राहियों को बीसी सखी के माध्यम से घर पहुंच पेंशन भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, चश्मा, बैसाखी एवं अन्य सहायक उपकरणों की आवश्यकता वाले हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए।
युवा वर्ष के लिए उच्च शिक्षा सहित संबंधित विभाग करें आवश्यक तैयारी
महाविद्यालयों में कृषि पाठ्यक्रम को लोकप्रिय बनाने का कार्य सराहनीय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्च शिक्षा क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए दी बधाई
उच्च शिक्षा विभाग की हुई समीक्षा
मध्यप्रदेश में निवेशकों और कम्पनियों का खुले दिल से स्वागत है
पीथमपुर में बनेगी हेलियन ग्रुप की पहली मैन्युफेक्चरिंग यूनिट
मध्यप्रदेश की उद्योग अनुकूल नीतियों से प्रभावित होकर कंपनी ने भारत में पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए चुना पीथमपुर को
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वी.सी. से किया यूनिट का भूमि-पूजन
दो हजार करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित हो रही इस यूनिट से एक हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियाँ उसी साल वितरित करें, जिस वर्ष में वह देय हैं
संपत्तियों से संबंधित भूमि विवादों का किया जाये सकारात्मक निराकरण
प्रदेश में होगी डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिमुलेटरी स्पेस सेंटर की स्थापना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा
‘Bharat Bhagya Vidhata’ is a story of service, courage and dedication: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai
The film is dedicated to the untold story of healthcare workers who displayed service and courage during the 26/11 Mumbai terror attacks
Raipur,Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Monday attended the pre-launch screening ceremony of the film ‘Bharat Bhagya Vidhata’ held at Jora Mall in the capital city, Raipur. His wife, Smt. Kaushalya Sai, and family members were also present on the occasion. Renowned actress and Member of Parliament Ms. Kangana Ranaut, the film’s director Shri Manoj Tapadia, artists associated with the film industry, public representatives, and a large number of citizens were present at the event.
Chief Minister Shri Sai said that it is a matter of great fortune for Chhattisgarh that the screening of Ms. Kangana Ranaut’s film ‘Bharat Bhagya Vidhata’ is being held in the state and that she herself has come here on this occasion. He said that Ms. Kangana Ranaut is warmly welcomed and felicitated in Chhattisgarh, the birthplace of Mata Kaushalya and the maternal home of Bhagwan Shri Ram.
Chief Minister Shri Sai extended his best wishes to all the artists, technical experts and the entire team associated with the film. He said that this is a story that honours those unheard and unseen heroes whose extraordinary contributions often do not receive adequate recognition. He added that the presence of the respectable women staff from the Health Department along with Ms. Kangana Ranaut and her team at today’s screening makes the spirit of the film even more meaningful.
Chief Minister Shri Sai said that it is a matter of pride that the film’s director, Shri Manoj Tapadia, hails from Chhattisgarh, born and brought up here, and after spending many years in Mumbai, wrote the story of this film based on such an important subject. The Chief Minister said that during the terrorist attack in Mumbai on November 26, 2008, Pakistani terrorists opened indiscriminate fire on innocent people, resulting in the loss of many lives. During that difficult period, women nurses, doctors and other healthcare workers serving in hospitals saved hundreds of lives and cared for the injured without concern for their own safety.
Chief Minister Shri Sai said that there are many such warriors whose stories never reach society. By portraying the role of a nurse herself, Ms. Kangana Ranaut has undertaken the important task of bringing before the nation the story of the courage, service and dedication of these healthcare workers. He said that there are many people in the world who accomplish great deeds but do not receive proper recognition. This film is dedicated to such individuals.
Chief Minister Shri Sai said that it is also a matter of great fortune that the country’s distinguished Prime Minister Shri Narendra Modi has given this film the title ‘Bharat Bhagya Vidhata’. On behalf of the people of Chhattisgarh, he extended congratulations and best wishes to Ms. Kangana Ranaut, her entire team and all personnel associated with the Health Department.
On this occasion, actress and Member of Parliament Ms. Kangana Ranaut said that the film’s director, Shri Manoj Tapadia, was born on the soil of Chhattisgarh, grew up here and is a son of this state. He had requested that if the screening of the film could be organised in Chhattisgarh, it would be a matter of pride for him. Ms. Ranaut said that Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, despite his busy schedule, took time to attend the event, thereby honouring the artists and the entire team and encouraging everyone.