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रायपुर, 08 जून 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने, मिट्टी की सेहत सुधारने और लोगों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए प्राकृतिक खेती और मिलेट्स (मोटे अनाजों) की खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। यह मिट्टी की उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रखती है, पानी बचाती है और उपभोक्ता को जहरीले-मुक्त रसायन वाले खाद्य उत्पाद देती है। इसमें बाहर से महंगी खाद या कीटनाशक खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे किसानों की खेती की लागत काफी कम हो जाती है और मुनाफा बढ़ता है।
दंतेवाड़ा जिले में “खेत बचाओ अभियान”प्रारंभ
कृषि भूमि की उर्वरता को संरक्षित करने, किसानों की लागत कम करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दंतेवाड़ा जिले में “खेत बचाओ अभियान”प्रारंभ किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा तैयार इस रणनीतिक कार्ययोजना का उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य का पुनर्जीवन, जल संरक्षण, पारंपरिक बीजों का संरक्षण तथा प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को जन-आंदोलन के रूप में स्थापित करना है। “खेत बचाओ अभियान” दंतेवाड़ा को प्राकृतिक कृषि, जैव विविधता संरक्षण और किसान समृद्धि की नई पहचान देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।
मिलेट्स को 'श्री अन्न' का दर्जा
जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, समृद्ध आदिवासी परंपराओं और जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए तैयार इस अभियान को दंतेवाड़ा के चारों विकासखंडों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। अभियान की मूल भावना यह है कि “मिट्टी केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र है, जिसकी सुरक्षा भविष्य की खाद्य सुरक्षा और किसान समृद्धि की गारंटी है।” ज्वार, बाजरा, रागी (मड़िया), कोदो और कुटकी जैसी फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं, इन्हें 'सुपरफूड' और 'श्री अन्न' का दर्जा दिया गया है। मिलेट्स सामान्य अनाजों की तुलना में बहुत कम पानी और खाद में उग जाते हैं, और सूखा-रोधी होते हैं।
अभियान के प्रमुख लक्ष्य
अभियान के तहत मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार, प्राकृतिक खेती का विस्तार, पारंपरिक बीजों का संरक्षण तथा जल एवं नमी संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसानों को रासायनिक खेती से धीरे-धीरे प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर प्रेरित किया जाएगा, जिससे खेती की लागत कम होने के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत होगा।
पांच चरणों में होगा क्रियान्वयन
योजना के तहत सबसे पहले जिले में मृदा स्वास्थ्य मैपिंग और सॉयल हेल्थ कार्ड को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके बाद रागी, कोदो, कुटकी जैसे पौष्टिक मिलेट्स एवं स्थानीय फसलों को प्रोत्साहित किया जाएगा। तीसरे चरण में किसानों को जैविक खाद, ब्लू-ग्रीन एल्गी और वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन का प्रशिक्षण देकर बाहरी कृषि आदानों पर निर्भरता कम करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही पारंपरिक बीज मंडियों और सामुदायिक बीज बैंकों की स्थापना कर स्थानीय बीजों के संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। अंतिम चरण में खेतों की मेड़ों पर ग्लिरिसिडिया जैसे हरित खाद देने वाले पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत एक लाख पौधों के वितरण और रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिले में तय किए गए लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले के 135 ग्राम पंचायतों में अभियान लागू किया जाएगा। इसके तहत 4,600 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती, 4,300 हेक्टेयर में मिलेट्स उत्पादन तथा 40 सामुदायिक बीज बैंकों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। सरकार मिलेट्स की खेती के तहत क्षेत्र को बढ़ाने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से इन पौष्टिक अनाजों को वितरित करने और मिलेट्स आधारित उत्पादों के साथ काम करने वाले उद्यमियों का समर्थन करने के लिए एक ठोस प्रयास कर रही है।

रायपुर, 08 जून 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शासन के सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है।

बैठक में ई-ऑफिस, ई अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, टीबी मुक्त भारत, सेवा सेतु, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी रखने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री ईफ्फत आरा सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

निर्धारित मानकों के अनुरूप तेज गति से हो रहे निर्माण कार्य की सराहना

रायपुर,जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने आज जशपुर में निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल भवन के निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं तेज गति से संचालित किए जाने पर संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की सराहना की।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने कहा कि अस्पताल के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा तथा स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार, एसडीएम जशपुर श्री विश्वास राव मस्के, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन अभियंता श्री प्रफुल्ल चौरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि इस अत्याधुनिक चिकित्सालय का निर्माण एनटीपीसी लारा के सीएसआर मद से लगभग 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। अस्पताल का भूमिपूजन 7 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया था। वर्तमान में छह मंजिला भवन के ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिलों की ढलाई का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है।

प्रस्तावित अस्पताल में ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी सेवाएं, प्रथम तल पर ओपीडी, द्वितीय एवं तृतीय तल पर वार्ड, चतुर्थ तल पर आईसीयू तथा पंचम तल पर ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था होगी। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी कक्ष, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थियेटर, फिजियोथेरेपी यूनिट, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, एमआरआई, ईसीजी, इमरजेंसी वार्ड सहित अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पताल के शुरू होने से जशपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

उप मुख्यमंत्री ने 7.19 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

नगर पालिका की मांग पर 3.72 करोड़ के कार्यों को दी मंजूरी, नए कार्यों के लिए भी 2 करोड़ देने की घोषणा की

रायपुर. 8 जून 2026. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के तीसरे दिन किरंदुल में 7 करोड़ 19 लाख रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 14 लाख 85 हजार रुपये के कार्यों का लोकार्पण और 3 करोड़ 4 लाख 9 हजार रुपये के कार्यों के भूमिपूजन शामिल हैं। श्री साव ने आक्सीजोन में बस्तर के टाइगर ब्वाय चेंदरू की प्रतिमा का अनावरण भी किया। विधायक श्री चैतराम अटामी और छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने किरंदुल में जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से 3 करोड़ 26 लाख रुपये से अधिक की लागत से विकसित ऑक्सीजोन पार्क का लोकार्पण किया। उन्होंने 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत खरीदी गई बैक हो लोडर मशीन, सक्शन मशीन सह मेला टैंकर, ट्रैक्टर इंजन एवं पानी टैंकर को नगर पालिका को सौंपा। उन्होंने कहा कि इन संसाधनों से नगर की स्वच्छता व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने ऑक्सीजोन पार्क की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक पार्क नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और मनोरंजन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

श्री साव ने किरंदुल में नाला निर्माण, मुक्तिधाम निर्माण तथा अधोसंरचना मद से विभिन्न वार्डों में सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से नगर की आधारभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा तथा नागरिकों को बेहतर आवागमन और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में बस पार्किंग एवं स्टेज-स्टैंड के पास सीसी रोड तथा विद्युत व्यवस्था के लिए 1 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने सीसी रोड के लिए 27 लाख रुपये की भी घोषणा की। उन्होंने नगर पालिका की मांग पर 3 करोड़ 72 लाख रुपये के प्रस्तावित विकास कार्यों को स्वीकृत करने के साथ ही नए कार्यों के लिए अलग से दो करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की।

उप मुख्यमंत्री ने मलंगीर जलप्रपात से किरंदुल और बचेली में पेयजल आपूर्ति की योजना की संभावनाओं पर भी सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं का परीक्षण कर स्थायी व प्रभावी पेयजल व्यवस्था विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में किरंदुल नगर पालिका में 16 करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत एवं संचालित किए गए हैं। राज्य सरकार नगरों के सुनियोजित विकास के लिए सिटी डेवलपमेंट प्लान के अनुरूप कार्य कर रही है। स्वच्छता, पेयजल, सड़क, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने लगातार काम किये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। इसी उद्देश्य से वे लगातार बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सड़क, पेयजल एवं शहरी अधोसंरचना के विकास को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।

उप मुख्यमंत्री ने किरंदुल की प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ करते हुए कहा कि बैलाडीला पर्वतमालाओं की गोद में बसा किरंदुल प्राकृतिक दृष्टि से प्रदेश के सबसे सुंदर नगरों में से एक है। चारों ओर हरियाली, पर्वतीय सौंदर्य और स्वच्छ वातावरण इस नगर को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए किरंदुल को एक आदर्श एवं आधुनिक नगर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार कार्य कर रही है।

किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रूबी शैलेन्द्र सिंह, बचेली नगर पालिका के अध्यक्ष श्री राजू जायसवाल, दंतेवाड़ा नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, श्री शैलेन्द्र सिंह और श्री संतोष गुप्ता सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

दुलदुला विकासखंड में मानसून पूर्व तैयार किए जा रहे 80 हजार सीड बॉल, ग्रामीणों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

रायपुर, 08 जून 2026/ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण में वृद्धि के उद्देश्य से जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड में सीड बॉल निर्माण अभियान की शुरुआत की गई है। आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों, युवाओं एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सहभागिता से बड़े पैमाने पर सीड बॉल तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें मानसून के दौरान बंजर, पहाड़ी एवं वन क्षेत्रों में वितरित किया जाएगा।

सीड बॉल मिट्टी, गोबर खाद तथा स्थानीय वृक्ष प्रजातियों के बीजों से तैयार की जाती है। वर्षा होने पर ये बीज प्राकृतिक रूप से अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं, जिससे हरित क्षेत्र का विस्तार होता है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। यह तकनीक कम लागत में अधिक क्षेत्र में वनीकरण का प्रभावी माध्यम मानी जाती है।

जनपद पंचायत दुलदुला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना भी है। अभियान के अंतर्गत आम, जामुन, करंज, नीम, इमली सहित विभिन्न स्थानीय प्रजातियों के लगभग 80 हजार सीड बॉल तैयार किए जा चुके हैं।

ग्रामीणों एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक इस अभियान में भाग लेते हुए सीड बॉल निर्माण को प्रकृति संरक्षण का सरल, प्रभावी और सामुदायिक प्रयास बताया। तैयार सीड बॉल्स को वर्षा ऋतु के दौरान उन क्षेत्रों में फैलाया जाएगा, जहां प्राकृतिक रूप से हरियाली बढ़ाने की आवश्यकता है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार ने जिलेवासियों से इस पर्यावरणीय अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से हरित, समृद्ध और खुशहाल जशपुर का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है।

इस अभियान में स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ-साथ हाई इम्पैक्ट मेगा वाटरशेड प्रोजेक्ट के अंतर्गत हर्षा ट्रस्ट एवं बिहान के बीपीएम की भी सक्रिय सहभागिता रही, जिससे अभियान को व्यापक जनसमर्थन और गति मिल रही है।

उप मुख्यमंत्री कर्मा महोत्सव में हुए शामिल, तैलीय सदन का किया लोकार्पण

रायपुर. 8 जून 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव किरंदुल में तहसील साहू संघ द्वारा आयोजित कर्मा महोत्सव, नवीन सामाजिक भवन नामकरण एवं लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने सामाजिक पदाधिकारियों के साथ एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित भव्य तैलीय सदन का लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, दंतेवाड़ा के विधायक श्री चैतराम अटामी और किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रुबी शैलेन्द्र सिंह भी महोत्सव में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कर्मा महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि किरंदुल में छत्तीसगढ़ का सबसे भव्य साहू समाज का भवन बना है। इस भवन का रोज उपयोग हो, ऐसी व्यवस्था बनाएं। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की ताकत और विशेषता है। हमारी इस पहचान को बनाकर रखना है।

श्री साव ने कहा कि सभी समाजों के साथ साहू समाज का आत्मीय संबंध है। यह सभी के साथ मिलकर चलने वाला समाज है। साहू समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश-विदेश में समाज के युवा अनेक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। भक्त माता कर्मा के बताए मार्ग पर चलकर हमें समाज को ऊंचाईयों पर पहुंचाना है।

छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज का तेल निकालने का पुश्तैनी काम रहा है। हमारे इस पुश्तैनी व्यवसाय को पुनर्स्थापित करना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों को तेल निकालने की मशीन लगाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि तेल निकालने की मशीनों पर सरकार द्वारा 35 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। समाज के लोग इसका लाभ लेकर तेल निकालने का उद्यम कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

विधायक श्री चैतराम अटामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज के लोग किरंदुल में सक्रियता से काम कर रहे हैं। समाज के 300 परिवार यहां रहते हैं। उन्होंने समाज की मांग पर शैक्षणिक कार्य के लिए कमरा बनाने की घोषणा की। किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रुबी शैलेन्द्र सिंह, किरंदुल तहसील साहू समाज के अध्यक्ष श्री टीकमचंद साहू और छत्तीसगढ़ साहू समाज के संगठन सचिव श्री ओमप्रकाश साहू ने भी कर्मा महोत्सव को संबोधित किया।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए श्री लालाराम साहू को समाजरत्न सम्मान दिया गया। माता कर्मा प्रांगण में दीवारों कर कलाकृति बनाने वाले कलाकार श्री कामता राम कोर्राम को भी सम्मानित किया गया। भगवताचार्य श्रीमती यामिनी देवी साहू, लोक गायिका सुश्री आरू साहू, पार्षद श्री विनोद साहू और तहसील साहू समाज के संरक्षक श्री ओम साहू सहित साहू समाज के प्रदेशभर के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

 

रायपुर में गूंजेगा राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ: खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देना सरकार की प्राथमिकता - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार हैं। प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को नई प्रेरणा देगी और राज्य की खेल पहचान को और मजबूत बनाएगी।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन द्वारा भारतीय कायाकिंग-केनोईंग संघ एवं छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 12 से 14 जून 2026 तक नवा रायपुर स्थित सेंध लेक में आयोजित होगी।

कायाकिंग-केनोईंग एक ओलम्पिक खेल है, जिसमें छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अर्जित किए हैं। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी राज्य की राजधानी में होना प्रदेश के खेल इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, भारतीय कायाकिंग-केनोईंग महासंघ एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन के सहसचिव श्री प्रशांत सिंह रघुवंशी सहित छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय मछुआरा संघ के नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न

रायपुर,  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार मछुआरा समाज के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र को आधार बनाकर प्रदेश में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुआरा संघ के विधानसभा पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह एवं समाजिक प्रगति चिंतन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।उन्होंने मछुआरा कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय भरत लाल मटियारा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान समाज सदैव याद रखेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने मत्स्य क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि हसदेव-बांगो जलाशय में 37 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क स्थापित किया जा रहा है। इससे मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और मत्स्य पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं दुधवा जलाशय में वैज्ञानिक पद्धति से तिलापिया और पंगास मछली का पालन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्यों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा प्रदान किया जा रहा है। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले मत्स्य पालकों को प्रतिवर्ष राज्योत्सव में बिलासा देवी केंवट सम्मान से सम्मानित किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगरेल डूबान क्षेत्र समिति को ठेका पद्धति समाप्त कर पुनः मछली पालन की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि मछली पालन किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी व्यवसाय है और सरकार इसके विस्तार के लिए हर संभव सहयोग दे रही है।

उन्होंने सुशासन तिहार के अनुभव साझा करते हुए बताया कि अब तक 31 जिलों का दौरा कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का निरीक्षण किया गया है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतिम व्यक्ति तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जल्द शुरुआत की भी घोषणा की, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि मछुआरा समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और प्रदेश में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मत्स्य पालकों के हितों की रक्षा और उनके आर्थिक विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने समाज के लोगों से नशामुक्ति का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित होना होगा। उन्होंने आगामी जनगणना में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।

कार्यक्रम को राष्ट्रीय मछुआरा संघ की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री गायग्वाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक श्री ललित चंद्राकर, महासचिव श्री ओमप्रकाश धीवर, श्री नंद कुमार सिंह धीवर सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

आयुर्वेदिक परंपरा और स्वस्थ बाल्य जीवन के महत्व को किया रेखांकित

रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित चंद्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अधिवेशन परिसर में लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी एवं जागरूकता स्टॉaलों का अवलोकन किया तथा बच्चों को स्वर्ण प्राशन संस्कार कराकर स्वस्थ एवं सशक्त बाल्य जीवन का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न संस्कारों की समृद्ध परंपरा रही है। स्वर्ण प्राशन भी ऐसे ही महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है, जिसका उल्लेख आयुर्वेद में मिलता है। यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने में सहायक माना जाता है।

उल्लेखनीय है कि स्वर्ण प्राशन बच्चों में किए जाने वाले प्रमुख संस्कारों में से एक है। आयुर्वेद में इसे बाल स्वास्थ्य संवर्धन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना गया है। आधुनिक चिकित्सा पद्धति में जिस प्रकार विभिन्न टीकों के माध्यम से बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत किया जाता है, उसी प्रकार आयुर्वेद में वैदिक काल से स्वर्ण प्राशन संस्कार के माध्यम से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का उल्लेख मिलता है। इसे आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन की पारंपरिक प्रक्रिया के रूप में भी देखा जाता है।

अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों से भेंट कर सामाजिक एकता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के संबंध में चर्चा की। उन्होंने समाज द्वारा बच्चों एवं युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर कुरूद विधायक श्री अजय चंद्राकर, श्री विनोद चंद्राकर, श्री पूनम चंद्राकर, समाज के केंद्रीय अध्यक्ष श्री दिनेश चंद्राकर सहित समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

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