ईश्वर दुबे
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पूर्ण पारदर्शिता के साथ पहले आओ-पहले पाओश् पर ऑनलाइन बिक्री शुरू
3 बार विज्ञापन के बाद अविक्रित फ्लैट अब किसी भी आय वर्ग या संस्थाओं के लिए उपलब्ध, मूल पात्र हितग्राहियों के हित रहेंगे पूरी तरह सुरक्षित
रायपुर, 22 मई 2026/ छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा नवा रायपुर के सेक्टर 16, 30 और 34 में मुख्यमंत्री आवास योजना सह प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कमजोर आय वर्ग एवं निम्न आय वर्ग के लिए प्रकोष्ठ भवनों (फ्लैट्स) का निर्माण किया जा रहा है। योजना को गति देने, निर्मित परिसंपत्तियों को नुकसान से बचाने और क्षेत्र में त्वरित बसाहट सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन द्वारा नियमों में महत्वपूर्ण सरलीकरण किया गया है।
योजना की वर्तमान स्थिति
यह योजना वर्ष 2015 में शुरू की गई थी, जिसके तहत कुल 40 हजार भवनों का निर्माण प्रस्तावित है। प्रथम चरण के तहत नवा रायपुर में कुल 6,296 भवनों पर कार्य शुरू किया गया था। वर्ष 2015 से दिसंबर 2025 तक कुल 3,146 फ्लैट्स का आवंटन किया गया। हालांकि, विभिन्न अपरिहार्य कारणों से 3,335 हितग्राहियों द्वारा अपना आवंटन निरस्त करा लिया गया। आवंटन निरस्त होने से मण्डल के वित्तीय संसाधनों में कमी आई, जिससे निर्माणाधीन कार्य प्रभावित हुए। संपत्तियों के दोबारा खाली होने और धीमी गति से बिक्री के कारण निर्मित भवनों में तोड़-फोड़ व चोरी की आशंका बढ़ रही थी। इस स्थिति को देखते हुए मण्डल ने प्रथम चरण की संपत्तियों को संशोधित कर 4,454 करने का निर्णय लिया।
मंत्रिपरिषद का बड़ा निर्णयरू नियमों में शिथिलता
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल एक स्वायत्तशासी संस्था है और इसका पोषण स्व-अर्जित वित्तीय संसाधनों से होता है, अतः जनसामान्य की सुविधा और खाली भवनों के त्वरित विक्रय के लिए 14 नवंबर 2025 को मंत्रिपरिषद द्वारा एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। यदि कमजोर आय वर्ग एवं निम्न आय वर्ग के भवनों के विक्रय के लिए 03 बार विज्ञापन जारी करने के बाद भी भवन अविक्रित रह जाते हैं, तो उन्हें मूल पात्र हितग्राहियों के अतिरिक्त किसी भी अन्य आय वर्ग के व्यक्तियों को बेचा जा सकेगा।कोई भी एकल व्यक्ति, शासकीय, अर्द्धशासकीय अथवा निजी संस्थाएं अपने कर्मचारियों के लिए एक से अधिक संपत्ति एक साथ क्रय कर सकती हैं। पात्र श्रेणी (ईडब्ल्यूएस, एलआइजी) से इतर खरीदने वाले अन्य आय वर्ग के व्यक्तियों या संस्थाओं को शासन द्वारा मिलने वाले अनुदान की पात्रता नहीं होगी।
मूल श्रेणी के हितग्राहियों के हित पूरी तरह सुरक्षित
शासन द्वारा लिए गए इस निर्णय से मूल ईडब्ल्यूएस और एलआइजी वर्ग के पात्र हितग्राहियों के अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस वर्ग के कोई भी पात्र व्यक्ति/परिवार यदि भवन क्रय करते हैं, तो उन्हें नियमानुसार राज्य शासन का अनुदान ईडब्ल्यूएस को 1 लाख रूपए व एलआईजी को 50 हजार रूपए तथा केन्द्र शासन का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाला अनुदान ईडब्ल्यूएस को 1.50 लाख रूपए पूर्णतः प्राप्त होगा।
चूंकि ये बहुमंजिला प्रकोष्ठ (फ्लैट्स) भवन हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार का ढांचागत परिवर्तन या जोड़-तोड़ करके इसे बड़ा बनाना संभव नहीं है। अतः संस्थाएं इन्हें अनिवार्य रूप से इसी आय वर्ग के कर्मचारियों के रहवास हेतु ही उपयोग में ला सकेंगी।
संस्थाओं ने दिखाई रुचि; कॉलोनियों में बढ़ेगी चहल-पहल
नियमों में ढील दिए जाने के बाद लंबे समय से रिक्त पड़े भवनों के विक्रय की संभावना तेजी से बढ़ी है। वर्तमान में मेफेयर होटल समूह सहित कई अन्य शासकीय और अर्द्धशासकीय संस्थाओं जैसे- स्वास्थ्य विभाग, जीएसटी विभाग एवं नवा रायपुर स्थित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों ने अपने कर्मचारियों के लिए एकमुश्त (बल्क परचेज) फ्लैट्स लेने का प्रस्ताव व रुचि व्यक्त की है। इससे नवा रायपुर की आवासीय कॉलोनियों में बसाहट तीव्र होगी और जन-गतिविधियां बढ़ने से सकारात्मक माहौल बनेगा।
लगभग 500 भवन बिक्री के लिए उपलब्ध पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया
वर्तमान में मण्डल के पास ईडब्ल्यूएस और एलआइजी श्रेणी के लगभग 500 भवन विक्रय हेतु उपलब्ध हैं। किसी भी प्रकार के पक्षपात या अनियमितता की संभावना को शून्य करने के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा पूर्ण निष्पक्षता अपनाई जा रही है। इन भवनों की बिक्री ऑनलाइन माध्यम से पहले आओ, प्रथम पाओ के सिद्धांत पर एक निश्चित व स्थिर मूल्य पर की जा रही है।
अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 02 चैन माउंटेन सील, 03 हाईवा और 04 ट्रैक्टर भी जप्त
रायपुर, 22 मई 2026 // राज्य शासन की मंशा के अनुरूप खनिज साधन विभाग द्वारा अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभाग का मैदानी अमला सक्रियता के साथ निगरानी एवं जांच अभियान संचालित कर रहा है।
इसी क्रम में सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा 22 मई 2026 को प्रातः महासमुंद जिले में औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान महासमुंद जिले की पिथौरा तहसील अंतर्गत ग्राम बल्दीडीह स्थित जोंक नदी में 02 चैन माउंटेन मशीनें अवैध रेत उत्खनन में संलग्न पाई गईं। वहीं 03 हाईवा एवं 04 ट्रैक्टर रेत परिवहन करते हुए पाए गए।
जांच के दौरान संबंधित पक्षों द्वारा स्वीकृत रेत खदान क्षेत्र के बाहर उत्खनन, चैन माउंटेन मशीनों से खनन तथा हाईवा एवं ट्रैक्टरों से परिवहन के संबंध में कोई वैध अनुमति, आदेश, अभिवाहन पास अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
इस दौरान मौके पर ही अवैध रेत खनन कार्य बंद कराया गया तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत दोनों मशीनों को जप्त कर सील किया गया। आगामी आदेश तक मशीनों को खदान मुंशी के सुपुर्द किया गया है। साथ ही संबंधित खदान संचालक को नोटिस जारी कर तामील कराया गया।
इसके अतिरिक्त 03 हाईवा एवं 04 ट्रैक्टरों को जप्त कर समीपस्थ पुलिस थाना साकरा की अभिरक्षा में थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कल्पना कीजिए, आप एक खूबसूरत सफर पर हैं। चारों तरफ फैली खुली शानदार सड़क, रफ्तार पकड़ती गाड़ी और गुनगुनाता सुहाना मौसम। सब कुछ एकदम मुकम्मल लगता है। लेकिन अचानक, अगले ही मोड़ पर कोई अनहोनी हो जाए...। कई बार हाइवे पर हुआ एक अनचाहा हादसा पल भर में जिंदगी की खुशियों को मातम में बदल देता है। ऐसे किसी अनजान और सुनसान सफर पर, जहां दूर-दूर तक कोई अस्पताल या मदद नजर नहीं आती, वहां मोबाइल की स्क्रीन पर चमकता एक नंबर उम्मीद की सबसे बड़ी किरण बनकर उभरता है- 1033। आज देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर यह चार अंकों का नंबर महज एक हेल्पलाइन नहीं, बल्कि हजारों-लाखों मुसाफिरों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है।
संकट के समय फरिश्ता बनती है एक कॉल
हाइवे पर दुर्घटना होने के बाद जो सबसे पहला घंटा होता है, उसे चिकित्सा विज्ञान में गोल्डन ऑवर (Golden Hour) कहा जाता है। इस एक घंटे के भीतर अगर घायल को सही इलाज मिल जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना 80 फीसदी तक बढ़ जाती है। 1033 इसी गोल्डन ऑवर का रक्षक है।
जैसे ही कोई इस नंबर पर डायल करता है, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का कॉल सेंटर तुरंत हरकत में आ जाता है। जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग के जरिए हादसे की सटीक लोकेशन ट्रेस की जाती है और चंद मिनटों के भीतर एम्बुलेंस मौके पर पहुंचती है। घायलों को नजदीकी ट्रॉमा सेंटर या अस्पताल पहुंचाया जाता है। साथ ही रास्ता साफ करने के लिए क्रेन और पेट्रोलिंग गाड़ियां तैनात हो जाती हैं।
महज 7 से 10 मिनट में आ गई एम्बुलेंस
एनएचएआई के 1033 सेवा का लाभ लेने वाले श्री नितिन वर्मा बताते हैं, "मैं रायपुर से बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में सफ़र कर रहा था। दोपहर 2 बजे के करीब हाइवे पर मेरी गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ, मोबाइल में नेटवर्क भी कम था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं कहां हूं? मैंने 1033 लगाया, और महज 7 से 10 मिनट में एम्बुलेंस मेरे सामने थी। वो नंबर नहीं, मेरे लिए संजीवनी से कम नहीं था।"
सिर्फ हादसा नहीं, हर मुश्किल का हल है 1033
आमतौर पर लोग सोचते हैं कि यह नंबर सिर्फ एक्सीडेंट के समय काम आता है, लेकिन असल में यह हाइवे पर आपका सबसे भरोसेमंद साथी है। आप कई विपरीत स्थितियों में भी इसकी मदद ले सकते हैं। रात के सन्नाटे में अगर गाड़ी का टायर पंचर हो जाए या इंजन फेल हो जाए, हाइवे पर कोई पेड़ गिर गया हो, मवेशी आ गए हों या कोई भारी मलबा पड़ा हो, यात्रा के दौरान अगर अचानक किसी सहयात्री की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ जाए, टोल प्लाजा या फास्टैग संबंधी कोई समस्या हो या हाइवे पर असुरक्षा महसूस हो रही हो... तो भी 1033 सेवा का लाभ लिया जा सकता है।
अनुभवों की जुबानी, संजीवनी की कहानी
रात के सन्नाटे में भारी ट्रक का टायर फटा, 1033 ने दी राहत
ट्रक ड्राइवर श्री गुरदीप सिंह अपने अनुभव साझा करते हैं, "बात रात के करीब 09:45 बजे की है। मैं अपना भारी-भरकम ट्रक लेकर रायपुर से बिलासपुर की ओर बढ़ रहे था। अचानक एक जोरदार आवाज के साथ ट्रक का टायर फट गया। भारी वाहन और ऊपर से रात का सन्नाटा... ऐसी स्थिति में हाइवे के किनारे ट्रक खड़ा करना और मदद ढूंढना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। मैने बिना वक्त गंवाए 1033 पर कॉल किया। एनएचएआई की टीम ने तुरंत मेरी लोकेशन ट्रेस की और हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई। टीम ने न सिर्फ क्रेन और तकनीकी मदद का इंतजाम किया, बल्कि जब तक काम पूरा नहीं हुआ, वहां सुरक्षा सुनिश्चित की, ताकि कोई और बड़ा हादसा न हो।"
जब जाम हो गया चक्का तो पेट्रोलिंग टीम ने बढ़ाया मदद का हाथ
बिलासपुर-नागपुर रूट के मुसाफिर श्री एस.पी. चौबे ने बताया, "हम अपनी कार से सफर कर रहे थे कि अचानक गाड़ी पंचर हो गई। जब स्टेपनी बदलने की बारी आई, तो एक नई मुसीबत खड़ी हो गई। बहुत दिनों से पहिया खुला नहीं था, इसलिए वह बुरी तरह जाम हो चुका था। मेरा ड्राइवर पसीने से तर-बतर होकर उसे खोलने की नाकाम कोशिश कर रहा था, लेकिन वह टस से मस नहीं हो रहा था। हाइवे के किनारे खड़ी हमारी गाड़ी और ड्राइवर की जद्दोजहद को वहां से गुजर रही 1033 की रूट पेट्रोलिंग व्हीकल (RPV) टीम ने खुद देख लिया।
टीम के जवान तुरंत हमारे पास रुके। उन्होंने न सिर्फ अपनी गाड़ी से जरूरी हैवी टूल्स (औजार) निकाले, बल्कि खुद आगे बढ़कर जाम हो चुके चक्के को खोला, टायर बदला और हमारी गाड़ी को रवाना किया। उनके इस अपनेपन और मुस्तैदी ने हमारा दिल जीत लिया।
भारी ट्रेलर का ब्रेक हुआ जाम, मुस्तैदी से टला बड़ा खतरा
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai reviews impact of the scheme during Sushasan Tihar camp
Beneficiaries express gratitude after receiving waiver on outstanding electricity dues
Raipur May 22, 2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Friday interacted with beneficiaries of the Mukhyamantri Bijli Bhugtan Samadhan Yojana during a Sushasan Tihar Samadhan Shivir held at Karhibazar in Balodabazar district, where consumers shared how the scheme had eased the burden of pending electricity dues.
Several beneficiaries received relief in outstanding electricity bills under the scheme. Among them, Shri Asharam of Bitkuli village received a waiver of ₹11,625 on his pending electricity bill. Shri Babulal received relief of ₹14,922, Shri Jagdish ₹9,832, Smt. Budhyarin ₹8,467 and Shri Chowaram ₹13,325.
During the interaction, beneficiaries told Chief Minister that rising electricity dues had earlier caused financial hardship for their families. They said the scheme had brought huge relief and enabled them to continue regular bill payments without additional economic pressure.
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said the state government is committed to addressing public concerns with sensitivity and ensuring relief reaches common citizens through welfare-oriented initiatives. The government is continuously working to extend assistance to every section of society through various public welfare schemes.
The beneficiaries expressed gratitude to the Chief Minister and the state government, saying the scheme is proving especially helpful for economically weaker families.
Emotional Moments During Sushasan Tihar as Children and Parents Express Gratitude for Free Lifesaving Treatment
A Lifeline for Economically Weaker Families: Chirayu Scheme Brings Hope, Healing and New Beginnings
Raipur, May 22, 2026/ An emotional and inspiring moment unfolded today at Gram Karhibazar in Baloda Bazar-Bhatapara district during the ongoing Sushasan Tihar celebrations, when children Sameera Jangde and Nitin Patel, beneficiaries of the Chirayu Scheme, met Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai and presented him with heartfelt thank you cards. The children and their family members expressed deep gratitude to the Chief Minister for facilitating free medical treatment, stating that the scheme had brought renewed hope to their families and gifted their children a new lease of life.
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai interacted warmly with both children, enquired about their health and conveyed his best wishes for their bright future. He said that the government's welfare initiatives are aimed at ensuring that healthcare, education and essential services reach the last person with compassion and sensitivity, so that no family is deprived of medical treatment due to financial constraints.
Encouraging the children to lead healthy and fulfilling lives, Shri Sai also extended words of support and encouragement to their family members.
It may be noted that six-year-old Nitin Patel from Pandariya village and nine-year-old Sameera Jangde from Lachhanpur village in Baloda Bazar development block met the Chief Minister along with their parents and shared the positive transformation in their lives following treatment. Sameera's father, Shri Jeevan Lal Jangde, recalled that before treatment, Sameera remained extremely weak and would experience breathlessness even while travelling to and from school. Acting on the advice of teachers, the family approached the Chirayu team, which conducted examinations at their home and facilitated the necessary treatment arrangements. Following this, Sameera underwent a successful surgery in Raipur on May 14, 2025.
Similarly, Nitin Patel received treatment in Raipur through the Chirayu Scheme on November 22, 2025. Family members said that treatment which once seemed impossible due to the prospect of expenses running into lakhs of rupees became easily accessible and completely free under the Chirayu Scheme. They described the initiative as nothing short of a life-saving boon for economically weaker families.
Chief Minister's direct interaction with citizens during Sushasan Tihar, his meetings with beneficiaries of various welfare schemes and efforts to understand the changes these initiatives have brought to people's lives reflect the government's sensitivity and commitment towards public welfare.
Revenue Minister Shri Tank Ram Verma, Principal Secretary to the Chief Minister Shri Subodh Kumar Singh, Special Secretary Shri Rajat Bansal, along with other public representatives and officials, were present on the occasion.
Reviews welfare outreach during stall inspection
Raipur May 22, 2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Friday personally handed spectacles to beneficiaries during a Samadhan Shivir organized as a part of Sushasan Tihar at Karhibazar in Balodabazar district.
During his visit to the camp, Chief Minister inspected stalls set up by various departments and reviewed information related to welfare schemes and public services.
At the Health Department stall, Shri Sai handed over vision spectacles to 76-year-old Shri Govardhan Dhruv, 65-year-old Smt. Anupkunwar Pal, and Class VI students Sanjay Chakradhari and Jaysen.
The beneficiaries thanked Chief Minister stating that the spectacles will make reading, writing and daily activities easier for them.
Chief Minister Shri Sai said the state government is working to ensure healthcare services reach the last person in need so that timely treatment and essential assistance can be made available to all sections of society.
He also directed officials to ensure wider outreach and effective implementation of government health schemes.
सुशासन तिहार 2026 के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों से किया सीधा संवाद
रायपुर, 22 मई 2026/सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभों की जानकारी ली।
शिविर में मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 के तहत अनेक उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत प्रदान की गई। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से उन्हें आर्थिक राहत मिली है और लंबित बिजली बिल की चिंता काफी हद तक कम हुई है।
बलौदाबाजार जिले के ग्राम बिटकुली निवासी श्री आशाराम को 11 हजार 625 रुपये, श्री बाबूलाल को 14 हजार 922 रुपये, श्री जगदीश को 9 हजार 832 रुपये, श्रीमती बुधयारिन को 8 हजार 467 रुपये तथा श्री चोवाराम को 13 हजार 325 रुपये की छूट प्राप्त हुई।
हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान बताया कि पहले बढ़े हुए बिजली बिल के कारण आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि अब वे बिना किसी अतिरिक्त बोझ के नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आम जनता को राहत पहुंचाना और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना है। उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक सहायता पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी सहायता साबित हो रही है।
Women beneficiaries credit Mahtari Vandan Yojana for easing household financial stress
Raipur May 22, 2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Friday interacted with women beneficiaries of Mahtari Vandan Yojana during a Sushasan Tihar Samadhan Shivir held at Karhibazar in Balodabazar district, where several women shared how the scheme is helping them support their children’s education, household needs and future savings.
The beneficiaries said the monthly financial assistance under the scheme has strengthened their confidence and provided economic stability to families dependent on daily wage labour.
Smt. Rukhamani Pal told Chief Minister that her husband Shri Dileshwar Pal works as a labourer and the family has limited income. She said the assistance received under the scheme is being saved for the future of her two daughters and has helped meet educational and essential household expenses.
Another beneficiary, Smt. Dhanmata Pal, said she receives ₹1,000 every month under the scheme. Her husband Shri Horilal Pal also works as a labourer. She said the amount is being deposited in the names of her two children to support their future education and other needs. The scheme has reduced financial stress within the family and encouraged savings for the future.
The women beneficiaries thanked Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai and the state government, stating the Mahtari Vandan Yojana is becoming a source of financial security, dignity and self-reliance for women across the state.
बलौदाबाजार के करहीबाजार समाधान शिविर में हितग्राहियों को सौंपे लाभ, विभिन्न योजनाओं की दी जानकारी
रायपुर 22 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य सरकार को गांव-गांव तक पहुंचाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करना और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार यह जानने के लिए गांवों तक पहुंच रही है कि लोगों को पानी, बिजली, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि रायपुर में बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं को पूरी तरह समझा नहीं जा सकता, इसलिए पूरी सरकार गांवों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक अनेक स्थानों पर शिविर संपन्न हो चुके हैं तथा आगामी दिनों में भी शिविरों का आयोजन जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को प्राथमिकता के साथ पूरा किया है। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और दो वर्षों का बकाया बोनस भी दिया गया है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस योजना से महिलाएं बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसायों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने “लखपति दीदी” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं और आगे करोड़पति दीदी बनने की दिशा में बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार कर रही है। प्रदेश की 6000 से अधिक पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को प्रमाण पत्र, राजस्व रिकॉर्ड, बैंकिंग और अन्य सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अब रजिस्ट्री के साथ तत्काल नामांतरण की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने कही कि सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू करने जा रही है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं ऑनलाइन और टोल फ्री नंबर के जरिए दर्ज करा सकेंगे तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया तथा नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं और स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता की सुविधा और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं अधिकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
सुशासन तिहार शिविर में स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल का किया निरीक्षण
रायपुर, 22 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं और सेवाओं की जानकारी ली।
स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 76 वर्षीय श्री गोवर्धन ध्रुव, 65 वर्षीय श्रीमती अनुपकुंवर पाल तथा कक्षा छठवीं के छात्र संजय चक्रधारी एवं जयसेन को अपने हाथों से नजर का चश्मा पहनाया। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अब पढ़ने-लिखने और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार और आवश्यक सहायता मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।