ईश्वर दुबे
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Bhilai
उप मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
रायपुर. 6 जून 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कोण्डागांव जिला मुख्यालय में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिले के तीनों नगरीय निकायों कोंडागांव , केशकाल और फरसगांव में वर्षा ऋतु के पहले आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने, नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क, पुल एवं पुलिया निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में कहा कि कोण्डागांव जिला विकास की असीम संभावनाओं से परिपूर्ण है। केशकाल घाट बायपास के निर्माण से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी, इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों से समय के साथ प्रभावी कार्यशैली अपनाने, नई तकनीकों का उपयोग करने तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
श्री साव ने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र लंबे समय तक विकास की प्रतीक्षा करता रहा है, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए टीम भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है।
उप मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा के दौरान सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को वर्षा ऋतु से पूर्व नालियों की सफाई पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने तथा अधिकारियों को अनिवार्यतः प्रातः भ्रमण करने के निर्देश दिए। द्वारा नियमित मॉर्निंग विजिट करने पर भी बल दिया। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों को मिशन मोड में पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने को कहा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधायुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण एवं पेयजल योजनाओं का नियमित फील्ड निरीक्षण करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों, पुलों एवं भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति का आकलन करते हुए कार्यों में तेजी लाने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल विभाग की समीक्षा के दौरान खेल गतिविधियों के समन्वित एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में जल प्रदाय परियोजनाओं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), आकांक्षी शौचालय निर्माण, राजस्व वसूली, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। कोंडागांव की कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी और चारों विभागों के विभागाध्यक्ष कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
Shri Sinha gave new direction to the yoga movement in Chhattisgarh: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai
Raipur, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Thursday paid tribute to late Shri Rupnarayan Sinha, Chairman of the Chhattisgarh Yoga Commission, at a condolence meeting held at Pandit Deendayal Upadhyay Auditorium in Raipur, describing his passing as an irreparable loss for both the state and society.
Remembering Shri Sinha's contribution, Chief Minister said his life was dedicated to social service, organisational development and the promotion of yoga. He said Shri Sinha earned widespread respect through his simplicity, humility and ability to connect with people from all sections of society.
Shri Sai said that after assuming charge as Chairman of the Chhattisgarh Yoga Commission, Shri Sinha worked with dedication and energy to expand the reach of yoga across the state. His efforts helped establish yoga not merely as a health practice but as a way of life, giving a fresh direction and wider public acceptance to yoga-related activities in the state.
Recalling his interactions with the late yoga leader, Chief Minister said Shri Sinha regularly shared ideas aimed at bringing positive change in society through yoga-based initiatives. His suggestions were always constructive and people-centric, and he remained committed to taking yoga to every section of society, Shri Sai said.
Chief Minister also highlighted Shri Sinha's role in the successful organization of the International Day of Yoga programme held at Ranjita Stadium in Jashpur last year. Despite limited time, he had played a key role in executing the event efficiently and on a large scale, reflecting his organizational abilities and commitment to the cause of yoga, Shri Sai said. The programme witnessed significant public participation and helped strengthen awareness about yoga across the region.
Describing Shri Sinha's life as a symbol of dedication, discipline and positive energy, Chief Minister said his contribution will continue to inspire future generations.
Shri Sai expressed condolences to the bereaved family and prayed for peace to the departed soul and strength to family members in their time of grief.
Among those present at the condolence meeting were Assembly Speaker Dr Raman Singh, Forest Minister Shri Kedar Kashyap, Health Minister Shri Shyam Bihari Jaiswal, School Education Minister Shri Gajendra Yadav, MLAs Shri Amar Agrawal, Shri Dharamlal Kaushik and Shri Ajay Chandrakar, Mayor Smt. Meenal Choubey, Shri Ramesh Bais, Shri Ram Pratap, Shri Pawan Sai, Dr Purnendu Saxena, Shri Ram Dutt and Shri Rajiv Lochan Maharaj, along with a large number of public representatives, yoga practitioners and citizens who paid their respects to the late Shri Rupnarayan Sinha.
CM Shri Vishnu Deo Sai Launches ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ Campaign 2026–27 on World Environment Day
छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि श्री सिन्हा का संपूर्ण जीवन समाजसेवा, संगठन निर्माण और योग के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा। उनका निधन न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा एक कुशल संगठनकर्ता, सरल, सौम्य और मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने व्यवहार, कार्यशैली और समर्पण से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विशेष पहचान बनाई थी। योग के प्रति उनकी निष्ठा और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद श्री सिन्हा ने पूरे समर्पण और ऊर्जा के साथ योग आंदोलन को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने योग को केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए अनेक नवाचार किए। उनके प्रयासों से प्रदेश में योग गतिविधियों को नई पहचान और व्यापक जनस्वीकृति मिली।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री सिन्हा के साथ बिताए गए क्षणों को स्मरण करते हुए कहा कि उनसे नियमित मुलाकात होती थी और हर मुलाकात में वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए योग आधारित नए विचार साझा करते थे। उनकी सोच सदैव रचनात्मक और जनहितकारी होती थी। वे योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर सक्रिय रहते थे और इसी उद्देश्य को अपने जीवन का मिशन बना चुके थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की सफलता में श्री सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। सीमित समय में उन्होंने जिस कुशलता और प्रतिबद्धता के साथ उस आयोजन को भव्य स्वरूप दिया, वह उनकी संगठन क्षमता और कार्यकुशलता कावो उत्कृष्ट उदाहरण है। उस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने योग के प्रति जनजागरूकता को नई ऊंचाई प्रदान की थी। उनका जीवन समाज के प्रति समर्पण, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक था, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, विधायक श्री अमर अग्रवाल, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, विधायक श्री अजय चंद्राकर, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, श्री रमेश बैस, श्री राम प्रताप, श्री पवन साय, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, श्री राम दत्त, श्री राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, योग साधक एवं योग जगत से जुड़े लोगों ने उपस्थित होकर स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धासुमन अर्पित किया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ
JEE एडवांस में 634वीं रैंक हासिल कर बारसे रोशन ने बढ़ाया जिले का गौरव
रायपुर, सुदूर वनांचल और नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुकमा के एक किसान परिवार के बेटे ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी सफलता हासिल कर पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। झापरा क्षेत्र के निवासी बारसे रोशन ने देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE एडवांस 2026 में कैटेगरी रैंक 634 प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी कभी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।
सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने
बारसे रोशन एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके माता-पिता खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद रोशन ने पढ़ाई को अपना लक्ष्य बनाया और कठिन परिश्रम के बल पर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की।
जिला प्रशासन बना मजबूत सहारा
रोशन की उपलब्धि पर जिला प्रशासन ने उनका सम्मान किया। तुंगल डेम में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अमित कुमार ने शाल एवं श्रीफल भेंटकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने घोषणा की कि रोशन की उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक संसाधनों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। जिला प्रशासन उनकी आगे की पढ़ाई की पूरी फीस का वहन करेगा, जिससे वे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में बिना किसी आर्थिक चिंता के अध्ययन कर सकें।
‘क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट’ से मिला सफलता का मार्ग
सुकमा जिले में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा ‘क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट’ का संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में संचालित यह पहल ग्रामीण और आदिवासी विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद बन रही है। जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन तथा नोडल अधिकारी के सतत पर्यवेक्षण में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है।
शिक्षकों और टीम के समर्पण का परिणाम
बारसे रोशन की सफलता के पीछे संस्थान के शिक्षकों और प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्थान के प्रबंधक श्री सूरज सिंह ने विद्यार्थियों के लिए अनुशासित और प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार किया। वहीं, शिक्षकों ने विद्यार्थियों को विषयगत ज्ञान के साथ परीक्षा रणनीति और निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया। उनके प्रयासों ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाया और सफलता की राह आसान बनाई।
शासन की शिक्षा उन्मुख पहल का सकारात्मक परिणाम
यह सफलता दर्शाती है कि शासन और जिला प्रशासन की शिक्षा केंद्रित योजनाएं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग जैसी सुविधाएं ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद कर रही हैं।
सुकमा के युवाओं के लिए प्रेरणा बने बारसे रोशन
बारसे रोशन की उपलब्धि आज सुकमा के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। वन एवं प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी रोशन को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। जिला प्रशासन ने विश्वास जताया है कि आने वाले वर्षों में सुकमा से ऐसे अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी निकलेंगे, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
नवा रायपुर में 20 हजार से अधिक पीपल के पेड़ लगाने का लक्ष्य, बनेगी ‘पीपल सिटी’
प्रदूषण नियंत्रण के लिए ऑनलाइन निगरानी, फ्लाई ऐश एवं खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन में किए गए महत्वपूर्ण सुधार
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री श्री चौधरी, उत्कृष्ट प्रतिभागियों को किया सम्मानित
रायपुर, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा राजधानी रायपुर में आयोजित संगोष्ठी एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी शामिल हुए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती आर. संगीता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा विकसित सीजी निगरानी पोर्टल, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन विषयक फिल्म, मंडल की 25 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म, मंडल की नवीन वेबसाइट तथा ईको क्लब गतिविधियों पर आधारित स्मारिका का लोकार्पण किया गया।
भारतीय संस्कृति प्रकृति के संरक्षण और सह-अस्तित्व पर आधारित
मंत्री श्री ओपी चौधरी ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। इन समस्याओं का मूल कारण प्रकृति के साथ असंतुलित विकास मॉडल है। भारतीय संस्कृति सदैव प्रकृति के संरक्षण और उसके साथ सह-अस्तित्व की भावना पर आधारित रही है। यहां नदियों, पर्वतों, वृक्षों और जीव-जंतुओं तक को पूजनीय माना गया है। हमारी परंपरा प्रकृति के उपयोग की बात करती है, शोषण की नहीं।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि भारत हजारों वर्षों तक विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था रहा, लेकिन उस दौर में पर्यावरण संकट, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे विषयों पर चर्चा की आवश्यकता नहीं पड़ी, क्योंकि विकास का आधार प्रकृति के साथ संतुलन था। औद्योगिक क्रांति के बाद दुनिया ने जिस विकास मॉडल को अपनाया, वह प्रकृति के अत्यधिक दोहन पर आधारित रहा और आज उसके दुष्परिणाम पूरी मानवता भुगत रही है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य की नहीं, वर्तमान की चुनौती बन चुका है। असामान्य वर्षा, बढ़ती गर्मी, सूखा और बाढ़ जैसी घटनाएं इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। प्रकृति के साथ अन्याय का परिणाम अंततः मानव समाज को ही भुगतना पड़ता है।
पर्यावरण संरक्षण में तकनीक का उपयोग बढ़ाया
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यावरणीय निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों से निकलने वाले उत्सर्जन की ऑनलाइन निगरानी के लिए आधुनिक प्रणाली विकसित की गई है, जिससे प्रदूषण स्तर बढ़ते ही विभाग को तत्काल जानकारी मिलती है और त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है। उन्होंने बताया कि फ्लाई ऐश के सुरक्षित परिवहन और निपटान के लिए जीपीएस आधारित ट्रैकिंग प्रणाली लागू की गई है। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया है कि अन्य राज्यों का फ्लाई ऐश छत्तीसगढ़ में डंप न किया जाए। खतरनाक अपशिष्टों के प्रबंधन को लेकर भी राज्य सरकार ने सख्त और नैतिक निर्णय लिए हैं, ताकि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
नवा रायपुर बनेगा ‘पीपल सिटी
श्री चौधरी ने वृक्षारोपण की वर्तमान पद्धतियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिकता के लिए पौधे लगाने के बजाय स्थानीय और पर्यावरण की दृष्टि से उपयोगी वृक्षों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पीपल, नीम, आम और अन्य देशी वृक्ष पर्यावरण संरक्षण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि रायपुर कलेक्टर रहते हुए उन्होंने “पीपल फॉर पीपल” अभियान प्रारंभ किया था। अब नवा रायपुर में 20 हजार से अधिक पीपल के वृक्ष लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां किसी भी दिशा में देखने पर पीपल का वृक्ष दिखाई देगा।
Children of Workers Will Not Remain Limited to Labour Jobs; They Will Become Doctors, Engineers and Administrators: Chief Minister
22 Meritorious Students Receive Rs. 2 Lakh Each Under Mukhyamantri Noni-Babu Medhavi Shiksha Sahayata Yojana
Financial Assistance of Rs. 7.79 Crore Transferred to 28,754 Labour Families Through DBT
CM Plants Sapling Under ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ Campaign on World Environment Day
Raipur, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai stated that workers lay a strong foundation for society and the nation through their hard work, dedication, and perseverance. Despite facing difficult circumstances themselves, they help create better lives and infrastructure for others, making them the true builders of the nation.
The Chief Minister was addressing the Meritorious Student Felicitation Ceremony organised by the Labour Department at the New Circuit House in Raipur on June 5.
On the occasion, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai honoured 22 meritorious students from registered construction labourer families who secured positions in the Top 10 merit list of the Class 10 and Class 12 examinations conducted by the Chhattisgarh Board of Secondary Education. Under the Mukhyamantri Noni-Babu Medhavi Shiksha Sahayata Yojana, each student received financial assistance of Rs. 2 lakh.
Among the awardees were nine students from Class 10 and thirteen students from Class 12, representing districts including Raipur, Mahasamund, Durg, Gariaband, Sakti, Balodabazar, Raigarh and Kanker.
Congratulating the students, the Chief Minister said their success is not merely an individual achievement but an inspiring story of the struggle, hard work and determination of labour families. He said the students had brought pride to Chhattisgarh by excelling academically despite challenging circumstances. Encouraging the students, he said they should never consider themselves inferior to anyone. History is filled with examples of remarkable individuals who emerged from ordinary backgrounds and reached the highest levels of success through education, dedication and perseverance.
Chief Minister Shri Sai stated that the government’s vision is to ensure that the children of workers do not remain confined to traditional labour occupations but go on to become doctors, engineers, administrators, scientists and leaders who contribute to the development of Chhattisgarh and the nation. He urged students to remain committed to continuous learning, discipline and their goals.
The Chief Minister said that the state government is implementing nearly 70 welfare schemes aimed at the social, economic and educational upliftment of workers from birth to old age. He encouraged labour families to make the most of these schemes and appealed to beneficiaries to raise awareness among workers who are still not receiving benefits.
Sharing his experience as a former Union Minister of State for Labour, Chief Minister Shri Sai said that Prime Minister Shri Narendra Modi has always been highly sensitive towards the welfare of workers and the labour community. He recalled that during his tenure in the Union Government from 2014 to 2019, he had the opportunity to closely observe labour reforms and participate in several important decisions benefiting workers. He highlighted the introduction of the Universal Provident Fund (PF) Number system, which allows workers to retain a single PF account throughout their employment journey, making access to provident fund benefits easier. He also mentioned important initiatives undertaken under Prime Minister Shri Modi’s leadership, including improvements in minimum pension provisions and worker healthcare protection.
श्रमिकों के बच्चे अब केवल श्रमिक नहीं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासक बनेंगे : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 22 मेधावी विद्यार्थियों को दो-दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि
28 हजार 754 श्रमिक परिवारों को 7.79 करोड़ रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित
विश्व पर्यावरण दिवस पर "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत किया पौधारोपण, प्रदेशवासियों से भी किया आह्वान
रायपुर, श्रमिक अपने श्रम, समर्पण और परिश्रम से समाज तथा देश के विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं। वे स्वयं कठिन परिस्थितियों में रहकर दूसरों को सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं, इसलिए श्रमिक वास्तव में देश के निर्माता हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में श्रम विभाग द्वारा आयोजित मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 22 मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत दो-दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें कक्षा 10वीं के 9 तथा कक्षा 12वीं के 13 विद्यार्थी शामिल हैं। ये विद्यार्थी रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, गरियाबंद, सक्ती, बलौदाबाजार, रायगढ़ और कांकेर सहित विभिन्न जिलों से हैं।
मुख्यमंत्री ने सम्मानित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के संघर्ष, परिश्रम और संकल्प की प्रेरक कहानी है। उन्होंने कहा कि आज जिन श्रमिक परिवारों के बेटा-बेटियों को सम्मानित किया जा रहा है, उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे कभी भी स्वयं को किसी से कम न समझें। इतिहास इस बात का साक्षी है कि अनेक महान व्यक्तित्व साधारण परिवारों से निकलकर अपनी मेहनत, लगन और शिक्षा के बल पर उच्चतम शिखरों तक पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि श्रमिकों के बच्चे केवल श्रमिक बनकर न रह जाएं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासक, वैज्ञानिक और विभिन्न उच्च पदों पर पहुंचकर छत्तीसगढ़ महतारी तथा देश की सेवा करें। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जन्म से लेकर मृत्यु तक श्रमिकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक कल्याण के लिए लगभग 70 प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने श्रमिक परिवारों से इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आग्रह किया तथा उपस्थित हितग्राहियों से कहा कि वे उन श्रमिकों तक भी योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं जो अभी इन सुविधाओं से वंचित हैं।
अपने केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री के रूप में कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी श्रमिकों और मेहनतकश वर्ग के हितों के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। वर्ष 2014 से 2019 के दौरान केंद्र सरकार में दायित्व निभाते समय उन्हें श्रम मंत्रालय के कार्यों को निकट से देखने तथा श्रमिकों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों का हिस्सा बनने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि पहले अलग-अलग स्थानों पर कार्य करने के कारण श्रमिकों को भविष्य निधि (पीएफ) राशि प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए यूनिवर्सल पीएफ नंबर की व्यवस्था लागू की गई, जिससे अब एक ही पीएफ नंबर श्रमिक के पूरे कार्यकाल से जुड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम पेंशन व्यवस्था तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कदम भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में उठाए गए हैं।
कवर्धा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा वन मंडल कबीरधाम के सहयोग से करिया आमा जंगल सफारी स्थल में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन एवं प्रकृति के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भुवन पटेल, जिला अध्यक्ष श्याम टंडन, वरिष्ठ पत्रकार डी.एन. योगी, ग्राम पंचायत चौरा की सरपंच श्रीमती दुर्गा लांझी, भोरमदेव अभ्यारण्य के सहायक परिक्षेत्र अधिकारी जय बंजारे सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में पत्रकार एवं नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ पौधारोपण के साथ हुआ। उपस्थित अतिथियों ने जंगल सफारी परिसर में विभिन्न छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता, बढ़ते प्रदूषण की चुनौतियों तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित वातावरण तैयार करने पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए।
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भुवन पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रकृति और मानव जीवन का संबंध अत्यंत गहरा है। यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो मानव सभ्यता का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि धरती को बचाने का एक सशक्त माध्यम है। श्री पटेल ने लोगों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाकर ही न रुकें, बल्कि उनकी देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित भी रखें। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज को जागरूक करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े ऐसे अभियानों में पत्रकारों की भागीदारी समाज के लिए प्रेरणादायी है।
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के जिला अध्यक्ष श्याम टंडन ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि जंगल, जल और जमीन हमारे जीवन के आधार हैं तथा इनके संरक्षण के बिना सतत विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तेजी से घटते वन क्षेत्र और बढ़ते प्रदूषण के कारण पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में पौधारोपण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया।
वरिष्ठ पत्रकार डी.एन. योगी ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का विषय है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति को पूजनीय माना और पेड़-पौधों को जीवनदाता का दर्जा दिया। भारतीय संस्कृति में वृक्षों का विशेष महत्व रहा है, लेकिन आधुनिकता की दौड़ में हम प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। श्री योगी ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करने और सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी माध्यम है। उन्होंने छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ग्राम पंचायत चौरा की सरपंच श्रीमती दुर्गा लांझी ने कहा कि ग्रामीण जीवन और प्रकृति का संबंध सदैव से अटूट रहा है। गांवों में आज भी लोग पेड़-पौधों और जल स्रोतों के महत्व को समझते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से अपने घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने इस आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन एवं वन विभाग को बधाई देते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।
भोरमदेव अभ्यारण्य के सहायक परिक्षेत्र अधिकारी जय बंजारे ने वनों और जैव विविधता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वन केवल हरियाली का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे जल संरक्षण, वर्षा चक्र, जलवायु संतुलन और वन्यजीव संरक्षण के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि एक विकसित और स्वस्थ समाज के लिए पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है। श्री बंजारे ने लोगों को पौधारोपण के वैज्ञानिक लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि प्रतिवर्ष एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और पौधों की सुरक्षा एवं संवर्धन का वचन दिया। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पौधारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी साझा की।
करिया आमा जंगल सफारी की प्राकृतिक सुंदरता के बीच आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और सामाजिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने यह संदेश दिया कि प्रकृति का संरक्षण केवल एक दिवस का विषय नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। लगाए गए पौधे भविष्य में न केवल हरियाली बढ़ाएंगे, बल्कि स्वच्छ वातावरण और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह आयोजन छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन की सामाजिक प्रतिबद्धता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी सकारात्मक सोच का प्रतीक रहा। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि यदि समाज, प्रशासन और जागरूक नागरिक मिलकर प्रयास करें तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य निश्चित रूप से प्राप्त किया जा सकता है।