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अब मन में भविष्य की चिंता नहीं, आशा, संतोष और आत्मसम्मान

रायपुर. 4 जून 2026. एक सुरक्षित और पक्का घर हर परिवार का सपना होता है। यह सपना केवल चार दीवारों का नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का भी होता है। दुर्ग नगर निगम के उरला वार्ड की श्रीमती कुंती जगने के मन में भी वर्षों से खुद के पक्के घर का सपना पल रहा था, जो अब प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 से साकार हो गया है।

श्रीमती कुंती जगने मजदूर हैं। उनके पति श्री प्रभुदास जगने मोची का काम करते हैं। सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण करना ही उनके लिए बड़ी चुनौती थी। ऐसे में घर बनाना उनके लिए दूर की कौड़ी थी। कई वर्षों तक उनका परिवार किराये के मकान में रहा, जहां उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

बरसात में मकान की छत से पानी टपकता था, जिससे परिवार की चिंता और परेशानी बढ़ जाती थी। बच्चों की सुरक्षा के लिए रातभर जागना पड़ता था। गर्मियों में कमरा इतना गर्म हो जाता था कि आराम से रहना और सोना भी मुश्किल हो जाता था। इन परिस्थितियों के बीच उनका परिवार हमेशा एक ऐसे घर का सपना देखता था, जहां वे सुरक्षित और सम्मानपूर्वक रह सकें।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत आवास की स्वीकृति के साथ कुंती के खुद के आशियाने के सपने को पंख मिला। दुर्ग नगर निगम के सहयोग और योजना से मिली राशि से आवास निर्माण का काम शुरू हुआ और उनके बरसों पुराने सपने को नई उड़ान मिली। मकान पूर्ण होते ही कुंती का सपना हकीकत में बदल गया।

आज कुंती अपने परिवार के साथ अपने नए पक्के घर में सुखपूर्वक रह रही हैं। खुद का घर, सुरक्षित वातावरण और स्थायित्व के अहसास ने उन्हें नया आत्मविश्वास दिया है। मन में हमेशा रहने वाली भविष्य की चिंता की जगह अब आशा, संतोष और आत्मसम्मान ने ले ली है।

कुंती कहती हैं, “यह केवल ईंट, सीमेंट और दीवारों से बना मकान नहीं है, बल्कि उनके संघर्ष, मेहनत और सपनों का साकार रूप है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को न केवल पक्का घर दिया है, बल्कि सम्मान और सुरक्षित जीवन भी सुनिश्चित किया है।“

कुंती के सपने का हकीकत में बदलना प्रमाण है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं और स्थानीय निकायों द्वारा उसका प्रभावी क्रियान्वयन गरीब परिवारों के जीवन में किस तरह सकारात्मक बदलाव ला सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) ने कुंती की ही तरह अनेक परिवारों के खुद के पक्के घर के सपने को साकार कर बेहतर, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन दिया है।

नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से बढ़ रही उत्पादन क्षमता, मिट्टी की सेहत को भी मिल रहा संरक्षण

रायपुर, 04 जून 2026/छत्तीसगढ़ में आधुनिक कृषि तकनीकों और नवाचार आधारित खेती को बढ़ावा मिलने से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की दिशा में सफल कदम बढ़ा रहे हैं। नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे उन्नत उर्वरकों का उपयोग किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इससे खेती की लागत में कमी आने के साथ-साथ फसलों को बेहतर पोषण और मिट्टी की गुणवत्ता के संरक्षण में भी मदद मिल रही है।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसान नैनो उर्वरकों के सकारात्मक परिणामों का अनुभव कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो तकनीक आधारित उर्वरक पौधों तक पोषक तत्वों की प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं, जिससे उर्वरकों की उपयोग दक्षता बढ़ती है और फसलों का विकास बेहतर होता है। साथ ही पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में इनके परिवहन, भंडारण और उपयोग में भी अधिक सुविधा होती है।

सरगुजा जिले के प्रगतिशील किसान श्री सत्यम कुमार ने पिछले तीन वर्षों से अपनी कृषि भूमि में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग कर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए हैं। उनके अनुभव बताते हैं कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है तथा खेती की लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है। धान, गेहूं, सब्जियों और बाड़ी फसलों सहित विभिन्न कृषि गतिविधियों में इन उर्वरकों का सफल उपयोग किया जा रहा है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि नैनो उर्वरकों का छिड़काव सीधे पौधों पर किया जाता है, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण अधिक प्रभावी ढंग से होता है। इससे उर्वरकों की बर्बादी कम होती है और फसल को आवश्यक पोषण समय पर उपलब्ध होता है। यही कारण है कि किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।

नैनो उर्वरकों का उपयोग पर्यावरणीय दृष्टि से भी लाभकारी माना जा रहा है। इनके उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में सहायता मिलती है तथा रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है। इससे टिकाऊ एवं संतुलित कृषि प्रणाली को बढ़ावा मिल रहा है।

राज्य सरकार और कृषि विभाग किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। प्रशिक्षण, प्रदर्शन एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग और उनके लाभों की जानकारी दी जा रही है। इसका परिणाम है कि प्रदेश में अधिक से अधिक किसान आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

​'बिरहोर जननायक' पुस्तक का विमोचन: मंत्री श्री टंक राम वर्मा को लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने भेंट की प्रति

​रायपुर,04 जून 2026/ राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा से लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर डॉ. पटेल ने मंत्री श्री वर्मा को पद्मश्री जागेश्वर यादव जी के प्रेरणादायी जीवन और संघर्षों पर आधारित अपनी नवनिर्मित पुस्तक ‘बिरहोर जननायक’ की प्रति सप्रेम भेंट की। इस गौरवमयी अवसर पर स्वयं पद्मश्री जागेश्वर यादव जी भी उपस्थित रहे और उन्होंने मंत्री श्री वर्मा के साथ अपने सामाजिक जीवन के गहरे अनुभवों को साझा किया।

​पुस्तक में बिरहोर समुदाय के उत्थान की अद्भुत गाथा

मुलाकात के दौरान मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने पुस्तक का अवलोकन किया और इसके प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने जशपुर जिले में ‘बिरहोर के भाई’ के नाम से विख्यात पद्मश्री जागेश्वर यादव जी द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों, विशेषकर बिरहोर समुदाय के उत्थान के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि उनका पूरा जीवन समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। पद्मश्री जागेश्वर यादव का योगदान छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।उनका व्यक्तित्व सेवा, करुणा, समर्पण और मानवता के उच्चतम आदर्शों का प्रतीक है। उनका जीवन समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है।

​1980 से निरंतर जारी है जागेश्वर यादव का संघर्ष

​गौरतलब है कि पद्मश्री जागेश्वर यादव वर्ष 1980 से ही विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, सामाजिक जागरूकता एवं मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए निरंतर धरातल पर कार्यरत हैं। उनके इन्हीं अथक प्रयासों का परिणाम है कि आज बिरहोर समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है, स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुँच सुनिश्चित हुई है और अनेक परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

​युवाओं और शोधार्थियों के लिए मार्गदर्शक बनेगी कृति

​लेखक डॉ. लोकेश पटेल की यह कृति केवल एक जीवनी नहीं है, बल्कि सेवा, संवेदनशीलता, मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक प्रेरक दस्तावेज है। यह पुस्तक पाठकों को संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, नि:स्वार्थ सेवा और समाज के प्रति समर्पण के माध्यम से बड़ा सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। यह कृति विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो उन्हें समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशील बनने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करती है।
​मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने इस महत्वपूर्ण, शोधपरक एवं प्रेरणादायी कृति के सृजन के लिए लेखक डॉ. लोकेश पटेल को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक समाज के विभिन्न वर्गों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का एक महत्वपूर्ण स्रोत सिद्ध होगी।

रट्टू ज्ञान की जगह कौशल विकास पर ध्यान देने की जरूरत-उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा

नई पुस्तक 'मानचित्र निर्माण के सिद्धांत',पद्मश्री जागेश्वर यादव भी रहे साक्षी

​रायपुर, 04 जून 2026/

राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री माननीय श्री टंक राम वर्मा ने आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अद्यतन पाठ्यक्रम पर आधारित एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं दूरगामी पुस्तक 'मानचित्र निर्माण के सिद्धांत' का विमोचन किया। उच्च शिक्षा एवं भूगोल के विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होने वाली इस बेहद उपयोगी पुस्तक का लेखन प्रदेश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् डॉ. राजू चंद्राकर और डॉ. लोकेश पटेल द्वारा किया गया है।
​विमोचन के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने दोनों विद्वान लेखकों को उनके इस उत्कृष्ट अकादमिक कार्य के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक और कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक विद्यार्थियों को मानचित्र कला (Cartography) जैसी महत्वपूर्ण विधा के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं को सरलता से समझने में अत्यंत सहायक और उपयोगी सिद्ध होगी।
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से ऐसे प्रयासों की सराहना करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के स्तर को उन्नत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और मातृभाषा व सरल भाषा में ऐसी उच्च स्तरीय अकादमिक पुस्तकों का आना एक सराहनीय कदम है।

​युवा पीढ़ी को मिलेगी नई दिशा: पद्मश्री जागेश्वर यादव

​इस अवसर पर उपस्थित प्रख्यात समाजसेवी एवं पद्मश्री से सम्मानित श्री जागेश्वर यादव ने भी इस उत्कृष्ट अकादमिक कार्य के लिए दोनों लेखकों को अपनी आत्मीय शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लेखकों के भगीरथ प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा, ज्ञान और साहित्य के क्षेत्र में किए गए ऐसे रचनात्मक प्रयास समाज और विशेषकर युवा पीढ़ी को एक नई, सकारात्मक और प्रगतिशील दिशा प्रदान करते हैं।
​पुस्तक के लेखक डॉ. राजू चंद्राकर और डॉ. लोकेश पटेल ने इस अवसर पर बताया कि इस पुस्तक को विशेष रूप से नई शिक्षा नीति (NEP) के मापदंडों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। भूगोल और मानचित्रण के जटिल व तकनीकी सिद्धांतों को बहुत ही सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में आधुनिक मानचित्र निर्माण की तकनीकों,अक्षांश-देशांतर के व्यावहारिक उपयोग और भौगोलिक आंकड़ों के सटीक प्रस्तुतीकरण पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है।

​सुशासन तिहार: मौके पर ही दूर हो रही हैं जनता की तकलीफें

छेरकापुर में मंत्री टंकराम वर्मा ने दी 55 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

​रायपुर,छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश की जनता की समस्याओं के त्वरित और मौके पर ही निराकरण के लिए 'सुशासन तिहार' के तहत समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को ग्राम छेरकापुर में एक विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरी शंकर अग्रवाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
​शिविर के दौरान राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने क्षेत्र के विकास को गति देते हुए 55 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। साथ ही, विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित किए।
राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य शासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य जनता के बीच सीधे पहुंचकर शासकीय योजनाओं का फीडबैक लेना और समस्याओं का मौके पर समाधान करना है। हमारा प्रयास है कि युवा, गरीब, बच्चे और किसान,समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़े।

छेरकापुर और सेमरिया को मिलीं ये प्रमुख विकास सौगातें

​राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने क्षेत्र के अधोसंरचना विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने सेमरिया में सीसी रोड निर्माण के लिए 30 लाख रुपये और गोड़ा सरस्वती शिशु मंदिर के विकास हेतु 12 लाख रुपये की स्वीकृति दी। इसके साथ ही, छेरकापुर उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, छेरकापुर में मुक्तिधाम निर्माण और सीसी रोड निर्माण के लिए 5-5 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की।

'विष्णु के सुशासन और मोदी की गारंटी' से मिल रहा सीधा लाभ

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य आम जनता की तकलीफों का जमीनी स्तर पर समाधान करना है। 'विष्णु के सुशासन और मोदी की गारंटी' के तहत राज्य सरकार समाज के हर वर्ग तक लाभ पहुंचाने का पूरा प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन सीधे जनता के द्वार तक पहुँच रहा है।

'मोर गाँव मोर पानी 2.0' और 'हम होंगे कामयाब 2.0' की सफलता

​कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और अभियानों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 'मोर गाँव मोर पानी अभियान 2.0' के तहत जल संचयन दीदियों और ग्राम पंचायतों के साझा प्रयासों से महज ढाई महीने के भीतर ढाई लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा जारी 'हम होंगे कामयाब 2.0' वेब पोर्टल की भी जानकारी दी, जिसके माध्यम से प्रदेश के युवाओं को रोजगार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से मिल रही हैं।

हितग्राहियों को मौके पर ही सामग्री, प्रमाण पत्र और स्पोर्ट्स किट का वितरण

​इस समाधान शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया और बड़ी संख्या में हितग्राहियों को सीधे लाभान्वित किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों को निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श देने के साथ ही आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल बांटी गई।
​इसके अलावा, 'हम होंगे कामयाब' अभियान 2.0 के तहत युवाओं को जॉब सर्टिफिकेट सौंपे गए। खेल विभाग द्वारा स्थानीय खेल प्रतिभाओं को स्पोर्ट्स किट का वितरण किया गया और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। वहीं, राजस्व विभाग द्वारा ग्रामीणों को स्वामित्व कार्ड और डिजिटल किसान किताब का वितरण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


"Farming is the foundation of culture and identity; innovation and technology are driving a new agricultural transformation": Chief Minister
Raipur, The state government is continuously working to make agriculture more profitable, sustainable, and dignified through modern technology, innovation, and farmer-friendly policies. Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai made these remarks while interacting with farmers from various districts during the ‘Mukhya Mantri Kisan Samvad’ programme held in Raipur on Wednesday.
Sharing his personal experiences, Chief Minister Shri Sai stated that he comes from a farming family and understands the needs, challenges, and aspirations of farmers firsthand. He noted that while agriculture was once heavily dependent on rainfall and lacked modern facilities, the adoption of machinery, scientific methods, and advanced technology has significantly improved productivity and created new opportunities for farmers.
He remarked that, under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi, farmers’ welfare has been given top priority. Schemes such as PM Kisan Samman Nidhi, zero-interest agricultural loans, the provision of improved seeds, enhanced irrigation facilities, and farm mechanization have strengthened the economic condition of farmers. Referring to his interactions with farmers during Sushasan Tihaar, the Chief Minister said that government welfare schemes are bringing visible, positive changes to rural life, and the confidence observed among farmers reflects the success of these initiatives.
Interacting with "Drone Didis," Chief Minister Shri Sai noted that drone technology is making agriculture more efficient through the application of nano urea and nano DAP, thereby reducing costs and saving time. He added that this technology is also creating new employment and self-employment opportunities for women.
Describing nano urea, nano DAP, and organic farming as the future of agriculture, the Chief Minister explained that these practices help reduce input costs, increase productivity, and preserve soil fertility and environmental health. He urged farmers to adopt balanced fertilizer use alongside natural and organic farming methods.
Addressing concerns related to fertilizer availability, Shri Sai assured farmers that there is no need to heed rumors. Adequate stocks of fertilizers and seeds have been arranged for the upcoming Kharif season, and strict monitoring is being carried out to prevent black marketing and hoarding.
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai emphasized that crop diversification, horticulture, and natural and organic farming can significantly enhance farmers’ incomes. He noted that the youth are increasingly embracing farming as a modern enterprise and urged farmers to adopt innovation, adding that scientific, technology-driven agriculture will be the key to future prosperity.
To support this shift, the state government is promoting skill development, drone operations, agricultural mechanization, organic farming, and agri-entrepreneurship through various programmes, he added.

 

Modernisation Project to Add Indoor Sports Facilities, Gym, Swimming Pool and Premium Residential Amenities

Raipur, In a significant step towards transforming the capital into a premium hospitality and wellness destination, the Chhattisgarh Housing and Infrastructure Development Board has proposed a major project for the development, operation and maintenance of the Queens Club of India in Raipur through a Public-Private Partnership (PPP) model on a licence basis.

The proposed initiative aims to create a world-class hospitality and wellness centre equipped with modern recreational, sports and residential facilities. Under the project, state-of-the-art amenities including squash courts, tennis courts, a gymnasium, swimming pool, badminton hall, billiards room and table tennis hall will be developed and operated. The existing infrastructure of the club will also undergo extensive modernisation and renovation.

Finance, Housing and Environment Minister Shri O.P. Choudhary said the project would play a vital role in positioning Raipur as a new premium hospitality hub. He stated that the initiative would encourage private investment in the state, generate employment opportunities and accelerate the development of quality urban infrastructure. Shri Choudhary further clarified that the special membership of 108 Members of Parliament and Members of the Legislative Assembly under the club’s special residential scheme would continue without any change. He assured that the interests and facilities of existing members would be fully protected during the implementation of the project.

Board Chairman Shri Anurag Singh Deo informed that the project would be developed under the Licence, Develop, Operate and Transfer (LDOT) model. As per the proposed plan, the existing facilities of the club would be professionally managed and upgraded, while a modern residential and hospitality block comprising around 61 rooms would be constructed on the vacant land near the tennis court area.

He said the project envisages an investment of approximately Rs 25 crore. Besides creating ultra-modern facilities, the project is expected to generate long-term revenue, boost economic activity and create new employment opportunities. The licence period for the project has been fixed at 20 years, with a provision for extension by an additional 10 years.

Shri Deo added that the project’s excellent road connectivity and strategic access from key parts of the city would make it an attractive destination for both investors and users. The initiative is expected to emerge as a new centre for high-end hospitality, sports and wellness facilities in the state capital.

 

ड्रोन से लेकर जैविक खेती तक, कृषि के हर नवाचार को बढ़ावा दे रही है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

नैनो उर्वरकों के उपयोग से खेती बनेगी अधिक लाभकारी और टिकाऊ : कम लागत, बेहतर उत्पादन और स्वस्थ मिट्टी का माध्यम है नैनो उर्वरक - मुख्यमंत्री

‘मुख्यमंत्री किसान संवाद’ कार्यक्रम में किसानों से किया आत्मीय संवाद

ड्रोन तकनीक, नैनो उर्वरक, जैविक खेती और फसल विविधीकरण से कृषि को मिल रही नई दिशा

रायपुर : आधुनिक तकनीकों, नवाचारों और किसान हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और सम्मानजनक बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज रायपुर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री किसान संवाद’ में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों के साथ आत्मीय चर्चा करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने खेती-किसानी से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए तथा किसानों के प्रश्नों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और कम उम्र में ही खेती-किसानी तथा परिवार की जिम्मेदारियां संभालने का अवसर मिला। इसी कारण वे किसानों की जरूरतों, चुनौतियों और उनके संघर्ष को निकटता से समझते हैं। उन्होंने कहा कि पहले खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं का अभाव था, लेकिन आज कृषि क्षेत्र में बड़े परिवर्तन आए हैं। मशीनों, वैज्ञानिक पद्धतियों और नई तकनीकों के उपयोग से उत्पादकता बढ़ी है तथा किसानों के लिए नई संभावनाएं खुली हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं तथा कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाओं ने किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान गांवों में किसानों से सीधे संवाद के दौरान यह अनुभव हुआ है कि विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के चेहरे पर दिखाई देने वाला आत्मविश्वास ही सरकार की योजनाओं की वास्तविक सफलता है।

कार्यक्रम में शामिल ड्रोन दीदियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक की उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव कम समय, कम लागत और अधिक प्रभावशीलता के साथ किया जा सकता है। इससे खेती आधुनिक, वैज्ञानिक और लाभकारी बन रही है तथा महिलाओं के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और जैविक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इनके उपयोग से लागत कम होती है, उत्पादन क्षमता बढ़ती है तथा मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया।

किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है।

कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों ने अमरूद, ड्रैगन फ्रूट, मौसंबी, पपीता और आम जैसी फसलों की उन्नत खेती के अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है तथा बदलते समय के अनुरूप किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ बागवानी, प्राकृतिक कृषि, जैविक खेती और अन्य नवाचारों को अपनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का युवा खेती को केवल परंपरा नहीं बल्कि आधुनिक उद्यम के रूप में देख रहा है। यह परिवर्तन कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत सकारात्मक है। राज्य सरकार कृषि आधारित कौशल विकास, ड्रोन संचालन, कृषि मशीनरी, जैविक खेती और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रही है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने में संकोच न करें। समय के साथ बदलती तकनीकों को अपनाकर सीमित लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीक ही किसानों की समृद्धि का आधार बनेंगे।

लोकभवन में तीन दिवसीय मेडिटेशन शिविर का आयोजन

वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी होंगे मुख्य अतिथि

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने विविध कार्यक्रमों का होगा आयोजन

रायपुर, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा 05 जून 2026 को होटल बेबीलॉन इंटरनेशनल, रायपुर में विविध पर्यावरणीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा युवाओं और विद्यार्थियों में प्रकृति एवं जलवायु के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे पोस्टर प्रतियोगिता एवं इको क्लब के शिक्षकों के प्रशिक्षण सत्र के साथ होगा। पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को पर्यावरणीय चुनौतियों तथा उनके समाधान विषयक रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान किया जाएगा।

दोपहर 3:30 बजे से पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास विषय पर संगोष्ठी तथा पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश के वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी होंगे।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव श्री राजु अगसिमनि ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों को पर्यावरण संरक्षण के साझा प्रयासों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जनभागीदारी और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

पुरस्कार वितरण समारोह में पोस्टर प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर इको क्लबों की गतिविधियों, नवाचारों एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रयासों पर आधारित डिजिटल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। साथ ही प्रदेश के उत्कृष्ट इको क्लबों द्वारा संचालित पर्यावरणीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों की विशेष प्रदर्शनी प्रस्तुत की जाएगी।

कार्यक्रम में शिक्षकों, विद्यार्थियों, पर्यावरण विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी।

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