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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीटीआई-भाषा को दिए गए एक साक्षात्कार में कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा के राजनीति में आने से यूपी में भाजपा की संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, गठबंधन पर उन्होंने कहा कि यह पहले ही विवादों में उलझ चुका है। यह सिर्फ एक 'हौवा' है इससे ज्यादा कुछ नहीं।
 
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रियंका पहले भी यूपी में प्रचार कर चुकी हैं। इसलिए इस बार भी उनके आने से भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। देश की जनता जानती है कि नरेंद्र मोदी के हाथ में देश का भविष्य सुरक्षित है। 2019 के चुनाव भाजपा को स्वर्णिम अवसर देंगे और पार्टी विजय पताका फहराएगी।

मुख्यमंत्री योगी ने एयर स्ट्राइक, राम मंदिर व गोहत्या जैसे मुद्दों पर भी खुलकर जवाब दिये। योगी ने कहा कि एयर स्ट्राइक के बाद भारत उन देशों में शामिल हो गया है जो कि अपने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देता है। देशहित में जब भी कहीं जरूरत पड़ी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़े कदम उठाए हैं।

मोदी ने पूर्वोत्तर सीमा पर उग्रवादियों के ठिकाने नष्ट करने के साथ शुरुआत की थी। उसके बाद उरी हमले के परिप्रेक्ष्य में कदम उठाये, नियंत्रण रेखा पर स्थित आतंकी ठिकानों का सफाया किया। इसके बाद एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान को जवाब दिया। सिर्फ इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को अलग-थलग कर भारत की कूटनीतिक ताकत का एहसास कराया। उन्होंने कहा कि हम कह सकते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व में भारत वैश्विक महाशक्ति बनकर उभरा है।'

'समाज का हर वर्ग विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद के मुद्दों पर जागरुक'

यह पूछने पर कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इन मुददों की क्या ग्रामीण क्षेत्रों में प्रासंगिकता होगी, जहां बड़ी तादाद में मतदाता हैं? योगी ने कहा कि समाज का हर वर्ग विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद जैसे मुददों पर जागरूक है।

बालाकोट एयर स्ट्राइक ने क्या अयोध्या के राम मंदिर मुद्दे को पीछे छोड़ दिया है? पर योगी ने कहा कि देश का बच्चा-बच्चा भगवान राम के महत्व को जानता है और उन्हें अपना आदर्श मानता है।

योगी ने कहा कि देश की जनता को अहसास हो गया कि जो बातें कांग्रेस, सपा, बसपा, राजद और तृणमूल कांग्रेस जैसे दलों के लिए असंभव थीं।  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में संभव हो गयीं। उन्होंने कहा, 'जो पहले नामुमकिन था, वह आज मुमकिन है। मोदी है तो मुमकिन है।'

योगी ने कहा कि हमें विश्वास है कि भाजपा 'पीएम के नाम और काम' की बदौलत लोकसभा चुनावों में देश भर में जबर्दस्त विजय पताका फहराएगी। उन्होंने कहा कि 2014 के चुनाव में मोदी का 'नाम' था। अब 2019 में 'नाम' और 'काम' दोनों हैं।

'74 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेंगे'

योगी ने विश्वास जताया कि भाजपा इस बार उत्तर प्रदेश में 74 से अधिक सीटों पर विजय हासिल करेगी। 2014 में भाजपा ने 71 व सहयोगी अपना दल ने दो सीटें जीती थीं।

इस सवाल पर कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ के हाल के विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने भाजपा का समर्थन क्यों नहीं किया पर योगी ने कहा कि जिन राज्यों में कोई पार्टी लंबे समय से सत्ता में रहती है तो कुछ सत्ता विरोधी कारक सामने आते हैं।

योगी ने कहा कि मध्य प्रदेश में भाजपा की वोट हिस्सेदारी बढ़ी है। प्रतिकूलताओं के बावजूद पार्टी ने राजस्थान में अच्छा प्रदर्शन किया। तीनों राज्यों में लोकसभा चुनाव में हम बेहतर प्रदर्शन करेंगे क्यों विधानसभा चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं जबकि लोकसभा चुनाव पूरे देश का चुनाव होता है।
जम्मू कश्मीर के शोपियां डिस्ट्रिक्ट से बड़ी खबर मिली हैं। शनिवार को आतंकियों ने शोपियां जिला स्थित वेहिल गांव में एसपीओ खुशबू जान के घर पर जाकर उन्हें गोली मार दी। इसके बाद गंभीर स्थिति में उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
 
इस बाबत जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्ववीट कर जानकारी दी कि आतंकवादियों ने शनिवार को वेहिल गांव में महिला पुलिस अफसर खुशबू जान के घर पर जाकर उन्हें गोली मार दी। इस घटना में उन्हें गंभीर चोटें लगीं।

हमले के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। जम्मू कश्मीर पुलिस इस भीषण आतंकी कृत्य की निंदा करती है और ऐसी घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ी हैं। बता दें, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अलग से यह मामला दर्ज कर लिया है और फौरन इसकी जांच भी शुरू कर दी है।

सियासी गहमागहमी के बीच आज भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है। इसे लेकर दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की आज अहम बैठक है। इसके बाद उम्मीदवारों के नामों का एलान हो सकता है। कुल 180 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा हो सकती है। इसे लेकर दिल्ली में सियासी हलचल बढ़ गई है।

 

भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक आज शाम को पार्टी कार्यालय में होगी। इस बैठक में 11 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान वाली सीटों के उम्मीदवारों पर अंतिम
फैसला लिया जा सकता है। चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक पहले चरण में बीस राज्यों की 90 सीटों पर मतदान होना है।

भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक समिति की बैठक में सबसे पहले पश्चिमी उत्तरप्रदेश की सीटों पर फैसला लिया जा सकता है। इनमें नोएडा, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बागपत, बिजनौर, कैराना, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ शामिल हैं। 

इस समय नोएडा का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा और गाजियाबाद का प्रतिनिधित्व पूर्व जनरल वीके सिंह कर रहे हैं। भाजपा इन सीटों पर कुछ उम्मीदवारों का टिकट काट सकती है और नए चेहरों को मौका दे सकती है।

बिहार की चार सीटों औरंगाबाद, गया, जमुई और नवादा में भी पहले चरण में मतदान होना है। लेकिन बिहार में अभी भी एनडीए ने सीटों के आवंटन की औपचारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प रहेगा कि भाजपा इन सीटों में से कितने पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा करती है। हालांकि, जमुई पहले ही लोकजनशक्ति पार्टी की सीट रही है। रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान यहां से सांसद हैं। 
 

पाकिस्तान में लोगों के ऊपर मिर्ची बम फूट पड़ा है। मिर्ची का दाम 400 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है। वहीं टमाटर के भाव भी आसमान को छू रहे हैं। वहीं सरकार भी व्यापारियों पर इन दो सब्जियों को नहीं बेचने के चलते जुर्माना लगा रही है। 

ऐसे बनी स्थिति

14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत ने सभी तरह की सब्जियों का निर्यात करने पर 200 फीसदी ड्यूटी लगा दी है। ऐसे में पाकिस्तान के लोगों के लिए किचन का बजट बिगड़ गया है। 

24 रुपये वाला टमाटर 200 रुपये

भारत द्वारा सब्जियों की आपूर्ति को बंद किए जाने के बाद से जहां पिछले साल 24 रुपये बिकने वाला टमाटर इस बार 200 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। हालत यह है कि दुकानों से टमाटर धीरे-धीरे गायब हो रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके खरीदार काफी कम हो गए हैं। 

हरी मिर्च हुई तीखी

टमाटर की तरह हरी मिर्च भी पाकिस्तानियों के लिए ज्यादा तीखी हो गई है। 2018 में मिर्च का दाम 100 रुपये से भी कम था, लेकिन एक महीने में मिर्च का दाम 400 रुपये प्रति किलो के पार चला गया है। सब्जी की दुकानों से मिर्च पूरी तरह से गायब हो गई है। 

सरकार लगा रही है जुर्माना

वहीं इमरान सरकार सब्जी बेचने वाले व्यापारियों पर इन दो सब्जियों को नहीं बेचने पर जुर्माना लगा रही है। लेकिन थोक मंडियों में मौजूद आढ़तियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। सरकार ने इन दोनों वस्तुओं के लिए एक दर तय कर दी है।
 
उससे ज्यादा कीमत पर फल-सब्जी बेचने पर जुर्माना लगता है। पाकिस्तान में टमाटर और हरी मिर्च की सप्लाई भारत के अलावा सिंध और बलूचिस्तान प्रांत से होती है। हालांकि इन दोनो प्रांतों में भी बारिश के चलते फसल चौपट हो गई है। 

लोकसभा चुनाव के पहले नेताओं के पार्टी छोड़ने और दल बदलने का सिलसिला तेज हो चला है। असम के तेजपुर से भाजपा सांसद राम प्रसाद शर्मा ने भी पार्टी छोड़ दी है। शर्मा ने भाजपा छोड़ते हुए कहा कि पार्टी में नए घुसपैठियों के कारण पुराने कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। 

 

शर्मा ने कहा कि आरएसएस और विहिप के लिए 15 वर्ष और भाजपा के लिए 29 वर्ष काम करने के बाद वह पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि मैंने आज भाजपा छोड़ दी। मैं असम के उन पुराने भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए दुख महसूस करता हूं जिन्हें नए घुसपैठियों के कारण नजरअंदाज किया जा रहा है। 

उम्मीदवारों की सूची में शर्मा का नाम नहीं

तेजपुर लोकसभा सीट के लिए पार्टी के संभावित उम्मीदवार के पैनल में शर्मा का नाम शामिल नहीं था। इसमें केवल असम के मंत्री और एनईडीए के संयोजक हिमंत बिस्वा शर्मा का नाम था। वहीं असम की 14 लोकसभा सीटों के उम्मीदवारों की सूची दिल्ली भेजी जा चुकी है और इसकी शनिवार को घोषणा किए जाने की संभावना है।

शर्मा की बेटी को एपीएससी नौकरी घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किए जाने के बाद से ही उनकी उम्मीदवारी दांव पर थी।

लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों का एलान होते ही दल बदलने का सिलसिला जोर पकड़ने लगा है। नेता पाला बदलने में व्यस्त हैं। 16 मार्च को कई नेताओं ने दूसरे दलों का रुख कर लिया।  

दिल्ली में आप-कांग्रेस गठबंधन की बातें कई महीनों से चल रही हैं। इस मामले में जहां कांग्रेस ने कभी अपना पक्ष स्पष्ट रूप से उजागर नहीं किया, वहीं आप हमेशा अति उत्साही दिखी है। वह बार-बार कहती रही है कि भाजपा को हराने के लिए वो कांग्रेस के साथ आने को तैयार है।
 
बता दें कि शीला दीक्षित के गठबंधन से इनकार करने के बाद भी जानकारों का मानना था कि चुनाव से पहले दोनों पार्टियां एक हो ही जाएंगी। वहीं बीते दिनों कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी पीसी चाको द्वारा रायशुमारी के लिए जारी किए ऑडियो मैसेज से ये बात और पुख्ता हो गई कि कांग्रेस भी आप से दिल्ली में गठबंधन चाहती है।

कहा तो ये भी जा रहा है कि गठबंधन तो शुरू से ही दोनों पार्टियां चाहती हैं लेकिन इसकी राह में दिल्ली की तीन सीटें रोड़ा बन रही हैं। दरअसल जिन तीन सीटों की बात हो रही है वहां कांग्रेस और आप दोनों का वोट बैंक है। आगे पढ़िए कौन सी हैं वो तीन सीटें जिस पर फंसा है पेंच और किन उम्मीदवारों पर लगा है दांव जिनके कारण गठबंधन हो रहा है मुश्किल...

किन फॉर्मूलों पर चल रहा है काम...

कांग्रेस और आप दोनों का ही वोट बैंक अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति और स्लम एवं अनाधिकृत कॉलोनियों में रहता है। ऐसे में संभावित सीटों का पेंच फंसा हुआ है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता की मानें तो दोनों पार्टियों के बीच इस वक्त 3:3:1 के फॉर्मूले पर काम चल रहा है। इसके तहत दोनों ही पार्टियां अपने तीन-तीन उम्मीदवारों को उतार सकती हैं और एक सीट पर निष्पक्ष उम्मीदवार उतारा जाना है। हालांकि किस सीट पर कौन सी पार्टी अपना उम्मीदवार उतारेगी यह तय कर पाना मुश्किल हो रहा है।

जानकारों का मानना है कि आम आदमी पार्टी ने जिस तरह गठबंधन को लेकर उतावलापन दिखाया है उससे उसका पक्ष कमजोर हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि आप ने अपने जिन 6 उम्मीदवारों की घोषणा की है उनमें से वह तीन को बहुत मजबूत मानती है। वो तीन उम्मीदवार जिन तीन सीटों पर खड़े हैं, उनमें पूर्वी दिल्ली, उत्तर पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली है। इन्हीं तीन सीटों पर दोनों पार्टियों का वोटबैंक मानी जाने वाली जनसंख्या बड़ी मात्रा में रहती है।

ये हैं आप के मजबूत दावेदार
आप ने इन तीन सीटों से अपने सबसे मजबूर दावेदार आतिशी, दीलीप पांडेय और राघव चड्ढा को खड़ा किया है। पार्टी को इन तीनों पर ही पूरा भरोसा है कि ये तीन सीटें उसके खाते में आ सकती हैं। वहीं कांग्रेस के एक नेता ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि अगर गठबंधन होने पर पार्टी को तीन सीटें मिलती हैं तो वह पूर्वी दिल्ली और उत्तर पूर्वी दिल्ली की सीटें जरूर हासिल करना चाहेंगे, जिससे वह 2004 और 2009 में जीत हासिल कर चुके हैं। उन्होंने ये भी बताया कि कांग्रेस उन सीटों पर लड़ना चाहती है जहां अल्पसंख्यक, पिछड़े और एससी वोट बड़ी मात्रा में हों।

कांग्रेस तीन सीटों पर उतारना चाहती है इन दिग्गजों को

जानकारी के अनुसार उत्तर पूर्वी दिल्ली में सबसे ज्यादा आबादी मुस्लिम वोटरों की है। उसके बाद दलित, फिर पिछड़ी जातियों के वोटर यहां रहते हैं। इसी तरह पूर्वी दिल्ली में सबसे ज्यादा पिछड़ी जातियों के वोटर हैैं फिर एससी और फिर मुस्लिम वोटर हैं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ये सीट चाहती है और संदीप दीक्षित को यहां से टिकट देने की योजना बना रही है क्योंकि वह यहां से 2004 और 2009 में चुनाव जीत चुके हैं। वहीं कांग्रेस नेता जय प्रकाश अग्रवाल ने तीन बार चांदनी चौक से जीतने के बाद 2009 में उत्तर पूर्वी दिल्ली से आराम से जीत हासिल की थी।

वहीं आम आदमी पार्टी किसी भी कीमत पर आतिशी को पूर्वी दिल्ली और उत्तर पूर्वी दिल्ली से दिलीप पांडेय को हटाना नहीं चाहेगी। पार्टी को इन दो नेताओं के अलावा राघव चड्ढा की जीत पर भी काफी भरोसा है जो दक्षिणी दिल्ली से उम्मीदवार हैं। अब मामला यहीं फंस रहा है कि दोनों ही पार्टियां इन तीन सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारना चाह रही हैं। 

वहीं जिस सीट पर दोनों ही पार्टियां अपना दावेदार नहीं ढूंढ पा रही हैं वह है पश्चिमी दिल्ली। यह सीट भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है क्योंकि यहां सिख(12 प्रतिशत), पंजाबी-खत्री(12 प्रतिशत) और जाट(8 प्रतिशत) बड़ी संख्या में हैं। ये वोट भाजपा के माने जाते हैं।

ओडिशा के नबरंगपुर लोकसभा सीट से बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद बलभद्र मांझी शनिवार को भाजपा में शामिल हो गए। मांझी ने हाल ही में बीजद से इस्तीफा दिया था जिसके बाद से ही अटकलें थीं कि वह भाजपा में शामिल होंगे। 

 

बलभद्र मांझी दिल्ली में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री जुएल ओरम, ओडिशा के प्रभारी महासचिव अरुण सिंह और बैजयंत जय पांडा समेत अनेक वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। भाजपा में शामिल होने के कुछ देर बाद मांझी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की।

बैजयंत जय पांडा हो चुके हैं भाजपा में शामिल

कुछ दिन पहले बीजू जनता दल के बैजयंत जय पांडा भी पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए थे। वह बीजद के सांसद रह चुके थे। पांडा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित कर दिया था। पांडा को भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।

भोजपुरी फिल्मों की सुपरस्टार एक्ट्रेस अक्षरा सिंह को कौन नहीं जानता... इनके ठुमको का पूरा यूपी-बिहार दीवाना है। वैसे तो अक्षरा सिंह लगातार फिल्मों और भोजपुरी के एलबम गानों में नजर आती रहती हैं लेकि इस समय वो नेशनल मीडिया की हेडलाइन भी बन गई हैं क्योंकि होली का माहौल है ऐसे में अक्षरा सिंह का भोजपुरी गाना 'होली में FIR...' रिलीज हुआ है।

रिलीज होते ही इस गाने ने गरदा उड़ा दिया। सोशल मीडिया पर ये धमाल मचा रहा है। इस गाने की खास बात ये है कि इस गाने को खुद अक्षरा सिंह ने गाया है। गाने में कई जगह अक्षरा सिंह रैप भी करती नजर आ रही हैं।

यहां देखें अक्षरा सिंह का भोजपुरी गाना 'होली में FIR-

 

 
अभी हाल ही में अक्षरा सिंह ने एक साथ 21 गाने गाकर एक नया और अनोखा रिकॉर्ड बना दिया है इनमें कुछ गाने यू-ट्यूब पर रिलीज हो चुके हैं, तो कुछ रिलीज को तैयार हैं। भोजपुरी म्‍यूजिक इंडस्‍ट्री में ये अपने आप में एक अनोखा रिकॉर्ड है। इसके जरिये अक्षरा ने इंडस्‍ट्री के मेल सुपर स्‍टार को भी पीछे छोड़ दिया। इतना ही नहीं, अक्षरा इन दिनों स्‍टेज शोज की सोलो क्‍वीन भी बन चुकी हैं, क्‍योंकि लोगों के बीच उनकी डिमांड खूब है।

नयी दिल्ली। शीर्ष गोल्फर शुभंकर शर्मा और अनिर्बान लाहिड़ी 28 से 31 मार्च तक गुरूग्राम में डीएलएफ एवं कंट्री क्लब में खेले जाने वाले हीरो इंडियन ओपन के 55वें चरण में भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगे। टूर्नामेंट की इनामी राशि 17.5 लाख डालर होगी, जिसे खेल की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप माना जाता है। इसमें भाग लेने वाले अन्य भारतीय गोल्फर एसएसपी चौरसिया, शिव कपूर, राहिल गंगजी और युवा जैसे अजीतेश संधू, विराज मदप्पा, खालिन जोशी और एस चिक्कारंगप्पा हैं। लेकिन सभी की निगाहें एशियाई टूर के नंबर एक खिलाड़ी शुभंकर और 2015 चैम्पियन लाहिड़ी पर लगी होंगी। 

यूरोपीय और एशियाई टूर द्वारा स्वीकृति दिये जाने वाले इस टूर्नामेंट में विदेशी खिलाड़ियों में 2018 स्काटिश ओपन चैम्पियन ब्रैंडन स्टोन, पिछले साल के उप विजेता एंड्रयू जानस्टन और बर्न्ड वेसबर्गर भी शिरकत करेंगे। लांच से पहले हीरो इंडियन ओपन के आयोजन पर अनिश्चितता के बादल छा गये थे क्योंकि खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल संहिता का पालन नहीं करने के कारण भारतीय गोल्फ संघ की मान्यता रद्द कर दी थी। लकिन बाद में खेल मंत्रालय ने अस्थायी राहत देते हुए आईजीयू को चार महीने के लिये मान्यता प्रदान की जिससे टूर्नामेंट के आयोजन का रास्ता साफ हुआ। 

आईजीयू परिषद सदस्य देवांग शाह से जब इस बारे में पूछने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा, ‘हर चीज जरूरत के हिसाब से हो जायेगी। इसलिये मंत्रालय ने हमारी मान्यता आगे बढ़ायी है। हम उन बदलावों के लिये प्रतिबद्ध हैं जिन्हें मंत्रालय ने हमें करने को कहा है।’

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों मालविंदर और शिविंदर सिंह को सिंगापुर ट्रिब्यूनल के 3,500 करोड़ रुपये के जुर्माने के अनुपालन के बारे में अपने सलाहकारों से परामर्श करने को कहा। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की एक पीठ ने अदालत में मौजूद सिंह बंधुओं से कहा कि वे अपने वित्तीय और कानूनी सलाहकारों से परामर्श करें की वे ट्रिब्यूनल के आदेश का अनुपालन कैसे करेंगे और इस पर एक ठोस योजना दें।

पीठ ने कहा, ‘‘यह किसी के व्यक्तिगत सम्मान का सवाल नहीं है लेकिन यह देश के सम्मान के लिए सही नहीं है। आप फार्मेसी उद्योग के जाने-माने नाम हैं और यह अच्छा नहीं लगता की आप अदालत में पेश हों।’’ न्यायामूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायामूर्ति संजीव खन्ना भी इस पीठ में शामिल थे।
 
पीठ ने सिंह बंधुओं से अपने सलाहकारों से परामर्श करने के बाद 28 मई को अदालत में पेश होने का आदेश देते हुए कहा, ‘‘संभवत: अदालत में यह आपकी आखिरी पेशी होगी।’’ अदालत जापानी कम्पनी दाइची सैंको की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो मालविंदर और शिविंदर सिंह के खिलाफ अपने एक मामले में सिंगापुर के एक न्यायाधिकरण द्वारा लगाए 3,500 करोड़ रुपये के जुर्माने की मांग कर रही है।

 

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