ईश्वर दुबे
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वाशिंगटन। अमेरिका ने द्विपक्षीय असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देने के लिये भारत में छह परमाणु संयंत्र बनाने के लिए सहमति व्यक्त की है। एक संयुक्त बयान में बुधवार को इसकी जानकारी दी गयी। भारत-अमेरिका रणनीतिक सुरक्षा वार्ता के नौवें दौर के पूरा होने के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने कहा, ‘‘हम द्विपक्षीय सुरक्षा और असैन्य परमाणु कार्यक्रम को मजबूत करने के लिये प्रतिबद्ध हैं। इसमें भारत में छह अमेरिकी परमाणु संयंत्र का निर्माण भी शामिल है।’’
अमेरिका की उप विदेश मंत्री आंद्रिया थॉम्पसन और विदेश सचिव विजय गोखले ने इस संयुक्त बैठक की सह अध्यक्षता की। दोनों देशों ने असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को लेकर 2008 में एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। अमेरिका ने बुधवार को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत को शीघ्र सदस्य बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहरायी।
एनएसजी में भारत की सदस्यता की राह में चीन रोड़े अटकाता आया है। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने वैश्विक सुरक्षा, अप्रसार की चुनौतियों समेत विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की।
जिनेवा। अमेरिका ने शिनजियांग प्रांत में उइगरों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों के साथ चीन के आचरण के खिलाफ संयुक्त रूप से कदम उठाने में मुस्लिम राष्ट्रों की विफलता पर निराशा व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के ऑफिस ऑफ ग्लोबल क्रिमिनल जस्टिस की प्रमुख तथा अमेरिकी राजदूत केली क्यूरी ने कहा, ‘‘मैं यह कह सकती हूं कि घटना को लेकर ओआईसी (इस्लामिक सहयोग संगठन) के सदस्यों की तरफ से समुचित प्रतिक्रिया न मिलने और मुखरता से विरोध नहीं किये जाने को लेकर हमें निराशा हुई।’’
क्यूरी ने जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अमेरिका-प्रायोजित एक कार्यक्रम से पहले संवाददाताओं से यह बात कही। यह कार्यक्रम चीन के अशांत शिनजियांग प्रांत में उइगरों की कथित सामूहिक नजरबंदी की घटना पर केंद्रित था।
उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब अमेरिका ने अपनी वार्षिक मानवाधिकार रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘चीन ने शिनजियांग में मुस्लिम अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों को सामूहिक हिरासत में लेने का अपना अभियान तेज कर दिया है।’’
नयी दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान जब तक अपनी जमीन से चल रहे आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता तब तक भारत की उससे कोई बातचीत नहीं हो सकती। उन्होंने बातचीत व आतंकवाद के साथ-साथ नहीं चलने पर जोर दिया। इंडियाज वर्ल्ड: मोदी गवर्नमेंट्स फॉरेन पॉलिसी पर बातचीत में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को आईएसआई और अपनी सेना पर नियंत्रण करने की जरूरत है जो बार-बार द्विपक्षीय रिश्तों को बर्बाद करने पर तुले हैं। उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद पर बात नहीं चाहते, हम उस पर कार्रवाई चाहते हैं। आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते।
स्वराज से भारत द्वारा बालाकोट में की गई भारतीय हवाई कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी पलटवार के बारे में भी सवाल पूछा गया, इस पर उन्होंने कहा कि भारत ने खास तौर पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि जैश की तरफ से पाकिस्तानी सेना ने हम पर हमला क्यों किया? आप न सिर्फ जैश को अपनी जमीन पर पाल रहे हैं बल्कि उन्हें वित्त पोषित कर रहे हैं और जब पीड़ित देश प्रतिरोध करता है तो आप आतंकी संगठन की तरफ से उस पर हमला करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर इमरान खान (पाकिस्तानी प्रधानमंत्री) इतने उदार हैं और राजनय हैं, उन्हें हमें मसूद अजहर सौंप देना चाहिए। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत के पाकिस्तान से अच्छे रिश्ते हो सकते हैं बशर्ते पड़ोसी देश अपनी जमीन पर आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करे।
नयी दिल्ली। आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के प्रयास में चीन द्वारा अड़ंगा लगाए जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से डरे हुए हैं और चीन के खिलाफ उनके मुंह से एक शब्द नहीं निकलता है। गांधी ने ट्वीट कर कहा कि कमजोर मोदी शी चिनफिंग से डरे हुए हैं। जब चीन भारत के खिलाफ कदम उठाता है तो उनके मुंह से एक शब्द नहीं निकलता है।
उन्होंने दावा किया कि मोदी की चीन कूटनीति: गुजरात में शी के साथ झूला झूलना, दिल्ली में गले लगाना, चीन में घुटने टेक देना रही। दरअसल, चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने वाले प्रस्ताव पर तकनीकी रोक लगा दी। बीते 10 साल में संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने का यह चौथा प्रस्ताव था।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाएं अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं क्योंकि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर पार्टी की राज्य इकाई के नेताओं की राय जानने के बाद अब पार्टी के कार्यकर्ताओं की राय लेने का काम शुरू कर दिया है। बुधवार शाम से कांग्रेस की दिल्ली इकाई के उन 52 हजार कार्यकर्ताओं को फोन किये जा रहे हैं जोकि राहुल गांधी के शक्ति मोबाइल एप पर पंजीकृत हैं। ऑटोमेटेड कॉल्स में IVR सिस्टम के जरिये की जा रही राय में कार्यकर्ताओं से पूछा जा रहा है कि क्या वह आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन चाहते हैं या नहीं। इस कॉल में उन्हें हाँ या ना चुनने का विकल्प वाला बटन दबाना है और उनकी राय दर्ज हो जायेगी।
नई दिल्ली। दिल्ली के चांदनी चौक से अपने जीवन की शुरुआत करने वाले सुपरस्टार अक्षय कुमार अब राजनीति में कदम रखने वाले हैं। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अब अक्षय कुमार का नाम सामने आ रहा है कि वह भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर दिल्ली की चांदनी चौक संसदीय सीट से अपना पर्चा दाखिल कर सकते हैं। इसको लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता उनसे संपर्क बनाए हुए हैं।
अक्षय कुमार ने शहीद जवानों के परिजनों को मदद मुहैया कराने के लिए गृह मंत्रालय की वेबसाइट भारत के वीर को प्रमोट करने में अहम भूमिका अदा की है। वहीं, अक्षय ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की मदद के लिए कई जागरुकता अभियान भी चलाएं और खुद सड़कों पर उतरकर कई सारे विज्ञापन किए। इसके अलावा अक्षय कुमार की छवि एक राष्ट्रवादी स्टार के तौर पर ज्यादा देखी जाती है, क्योंकि उन्होंने देशहित और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए पैडमैन, टॉयलेट एक प्रेम कथा, एयरलिफ्ट जैसी कई सारी फिल्में की हैं। वहीं, उन्होंने चांदनी चौक टू चाइना फिल्म करके चांदनी चौक के साथ लगाव प्रदर्शित किया था।
हालिया वर्षों में अक्षय कुमार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ की नजदीकियां किसी से छिपी नहीं हैं। वहीं, बीते दिन यानी की बुधवार को प्रधानमंत्री ने अक्षय कुमार को टैग करते हुए लोकसभा चुनाव के लिए मतदाताओं को प्रेरित करने की अपील की। हालांकि सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में पहले ये बताया गया था कि चांदनी चौक सीट से भाजपा डॉ. हर्षवर्धन को उतारने जा रही है। लेकिन, जिस तरह से बीजेपी अब अक्षय कुमार को तरजीह दे रही है उनका लड़ना लगभग तय माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पंजाब की गुरदासपुर सीट से चार बार सांसद रह चुके विनोद खन्ना के निधन के बाद खबरें ऐसी भी थीं कि अक्षय कुमार को यहां से चुनावी अखाड़े में उतारा जा सकता है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। आपको बता दें कि अक्षय कुमार के ससुर और प्रसिद्ध अभिनेता स्वर्गीय राजेश खन्ना नई दिल्ली सीट से तीन बार कांग्रेस की टिकट पर सांसद बन चुके हैं। वर्तमान में चांदनी चौक से सांसद डॉ. हर्षवर्धन को पूर्वी दिल्ली भेजा जा रहा है।
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार द्वारा चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा किए जाने के बाद पार्थ द्वारा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की जा रही है। दरअसल, अजीत पवार के बेटे हैं पार्थ पवार। बता दें कि अजीत पवार अपने बेटे को महाराष्ट्र की मावल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाना चाहते हैं लेकिन शरद पवार ने पहले घोषणा कर दी थी कि उनके परिवार से महज दो ही लोग चुनाव लड़ेंगे। पहली उनकी बेटी सुप्रिया सुले और वो खुद।
जिस वक्त चुनाव लड़ने के लिए पार्थ का नाम सामने आया तो शरद पवार ने कहा कि परिवार से ही तीन लोगों के चुनाव लड़ने पर कार्यकर्ताओं के सामने गलत छवि पेश होगी और उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी। हालांकि, बाद में पार्थ ने पवार से चुनाव लड़ने की अपील भी की।
आपको बता दें कि शरद पवार और बेटी सुप्रिया पवार पहले से ही केंद्र की राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन अब अजीत पवार भी केंद्र की राजनीति में आना चाहते हैं ऐसे में उन्होंने अपने बेटे पार्थ के चुनाव लड़ने पर जोर दिया। हालांकि, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का गठन भी नहीं हुआ था तब से अजीत पवार ने राजनीति में अपनी पकड़ बना ली थी। कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार के दौरान अजीत पवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।
महाराष्ट्र की मवल सीट को लेकर पवार परिवार में चल रहे घमासान पर अगर नजर डालें तो यहां पर अभी तक एनसीपी का खाता भी नहीं खुला है। दरअसल, साल 2008 में हुए परिसीमन के बाद मवल सीट अस्तित्व में आई थी और इस सीट पर साल 2009 और 2014 में लोकसभा चुनाव हो चुका है, जिसमें शिवसेना ने दोनों बार एनसीपी को मात दी थी।
कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए दिग्गज नेता टॉम वडक्कन ने आज भाजपा का दामन थाम लिया। वडक्कन कांग्रेस के महासचिव रहने के साथ-साथ कांग्रेस कर्यालय के प्रभारी भी रह चुके हैं। वडक्कन को भाजपा के दिग्गज नेता रविशंकर प्रसाद ने पार्टी में शामिल किया। वडक्कन कांग्रेस के प्रवक्ता भी रह चुके हैं।
लोकसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गई हैं। इसी बीच दिल्ली कांग्रेस में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर घामासान मचा हुआ है। एक ओर जहां दिल्ली कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको के नेतृत्व से कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं से कॉल कर यह पूछ रही है कि क्या वह आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन चाहते हैं या नहीं। वहीं दिल्ली की प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित ने कहा है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का सर्वे मुझसे पूछे बगैर कैसे किया जा सकता है?