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नयी दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने देशद्रोह से जुड़ी भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए को खत्म करने की पैरवी करते हुए बुधवार को कहा कि वर्तमन में इस औपनिवेशिक कानून की जरूरत नहीं है।

 उनका यह बयान उस वक्त आया है जब जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में दो साल पहले हुई कथित नारेबाजी के मामले में दिल्ली पुलिस ने हाल ही में कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है जिसमें धारा 124ए भी लगाई गयी है। सिब्बल ने ट्वीट किया, 'देशद्रोह के कानून (आईपीसी की धारा 124ए) को खत्म किया जाए। यह औपनिवेशिक है।'।
उन्होंने कहा, 'असली देशद्रोह तब होता है जब सत्ता में बैठे लोग संस्थाओं के साथ छेड़छाड़ करते हैं, कानून का दुरुपयोग करते हैं, हिंसा भड़काकर शांति एवं सुरक्षा की स्थिति खराब करते हैं।' सिब्बल ने कहा, 'इन लोगों को 2019 (लोकसभा चुनाव) में दंडित करिये। सरकार बदलो, देश बचाओ।'

कलर्स चैनल का बहुचर्चित शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ का सीजन 9 शुरू हो गया है। 5 जनवरी को इस शो का पहला एपिसोड दिखाया गया। सीजन 9 दक्षिण अमेरिका के आर्जेंटीना हो रहा है। स्टंट बेस्ड रिएलिटी खतरों के खिलाड़ी को पिछले कुछ सीजन की तरह इस सीजन में भी रोहित शेट्टी ही होस्ट कर रहे है।

इस बार ये सीजन एंटरटेनमेंट और कॉमेडी से भरपुर होने वाला है। क्योकि टीवी की मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिंबाचिया भी आए है। बता दें की इस बार के सीजन में 10 कंटेस्टेंट्स है जिसमे भारती सिंह, उनके पति हर्ष लिंबाचिया, श्रीसंत, विकास गुप्ता, आदित्य नारायण, जैसमिन भसीन, रिद्धिमा पंडित, जैन इमाम, पुनीत पाठक, अविका गौर हिस्सा लिया हैं।

शो के होस्ट रोहित शेट्टी का कहना है कि यह शो बेहद मुश्किल भरा है और इसके स्टंट्स को तैयार करने के लिये काफी कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। निर्देशक ने कहा कि शो की सफलता का श्रेय इसकी तकनीकी टीम को जाता है। उन्होंने कहा, ‘खतरों के खिलाड़ी' बेहद ही मुश्किल शो है।

इसके स्टंट्स के लिये खाका तैयारी की योजना बनानी पड़ती है। शो के शुरू होने से पहले कम से कम तीन से छह महीने पहले ही इसकी तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं। सबसे पहले हमें शो के सीजन के हिसाब से जगह चुनना होता है। जिसके स्टंट्स की योजना और इसे अंजाम दिया जाता है। हम दिन में तीन स्टंट करते हैं। पूरे सीजन के दौरान कुल 100 स्टंट किये जाते हैं।''

कोरबा: जिले के कुसमुड़ा इलाके में एक अनोखा मामला सामने आया है। एक महिला ने शादी के एक महीने पहले बच्चे को जन्म दिया है। युवती की फरवरी में शादी होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही वह गर्भवती हो गई और आज उसने जिला अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया है। इस घटना के बाद से पूरे परिवार के लोगों में हड़कंप मच गया है।

मामला कुसमुड़ा गांव का है। यहां रहने वाली युवती और गांव के ही एक युवक के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों ने प्यार की बात परिजनों को बताई, तो दोनों पक्ष के परिवार के सदस्यों ने मिलकर शादी करने का फैसला किया। फरवरी में दोनों की शादी होनी थी। लेकिन शादी तय होने के बाद भी दोनों का मिलना जुलना चालु रहा और इसी बीच दोनों के बीच शारीरिक संबंध बन गए। इसके बाद युवती गर्भवती हो गई और एक बच्चे को जन्म दिया।

इस विवाह को लेकर दोनों पक्ष राजी थी लेकिन वह यह नहीं जानते थे कि दोनों अपनी सीमा रेखा लांघ गए हैं। हालांकि शिशु के जन्म के बाद दोनों पक्षों ने विवाह के लिए सहमति जता दी है। युवती ने भी माना कि वह जज्बात पर काबू नहीं कर पाए पर अगले माह विधिवत रूप से वे सात फेरे लेंगे दोनों के परिवार को इस पर आपत्ति नहीं है। अपने ही माँ-बाप की शादी का गवाह बनने वाले शिशु विरले होते होंगे।

 

रायपुर: राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। खबर है कि रायपुर सांसद रमेश बैस के बेटे रिंकू बैस ने पत्रकार पप्पू फरिश्ता की बेटी की पिटाई कर दी है। मामले को लेकर पप्पू फरिश्ता ने थाने में एफआईआर दर्ज कराया है। वहीं, बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद से सांसद पुत्र रिंकू बैस फरार है। इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि सांसद पुत्र ने पत्रकार की बेटी को क्यों पीटा है। वहीं, इस घटना के बाद से पूरे इलाके में गहमा गहमी का माहौल बना हुआ है। घटना की जानकारी होते ही लोग पत्रकार पप्पू फरिश्ता के घर पहुंच रहे हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक ऑक्सीजोन निर्माण की वजह से पूर्व में बना एक रास्ता सांसद रमेश बैस और उनके परिवार की तरफ से बन्द कर दिया गया था। जिसे लेकर पहले भी सांसद रमेश बैस के बेटे और पप्पू फरिश्ता के बेटे के बीच विवाद हुआ था। आज भी इवनिंग वाक के दौरान गेट खोलने को लेकर पप्पू फरिश्ता के बेटे ने विवाद शुरू किया , जिसके बाद सांसद रमेश बैस का बेटा भी वहां पहुंच गया। विवाद इतना बढ़ा की दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गयी। इस मामले में SP नीतू कमल ने बताया कि शिकायत दोनों तरफ आए आई है, इस मामले में जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। इधर मामले की जांच के लिए मौके पर पुलिस की टीम पहुंच गई है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सत्ता में आने के बाद भूपेश सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं, जिसका लाभ प्रदेश जनता को मिल रहा है। इसी बड़ी में अब सरकार छत्तीसगढ़ में एक और नया बदलाव करने की ओर अग्रसर है। सरकार ने पीएम नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट आयुष्मान भारत पर फूल स्टॉप लगाने की तैयारी में है। स्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने साफ कहा कि वे इस योजना के पक्ष में नहीं हैं, सरकार आयुष्मान योजना की जगह पर यूनिवर्सल हेल्थकेयर स्कीम लाएगी। इसके लिए सरकार ने काम भी शुरू कर दिया है।

स्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि पहले चरण में दवाएं और जांच निशुल्क होगी, दूसरे चरण में ऑपरेशन को भी शामिल किया जाएगा। योजना को लेकर बजट के लिए मंत्री स्तरीय चर्चा में विस्तृत बातचीत होगी, जिसके बाद 2019-20  के बजट में इसे लाने की हमारी कोशिश होगी। 

आगामी बजट में नई योजना पर मंथन के बाद इसे मूर्त रुप देने की तैयारी हो रही है, आयुष्मान योजना में ऐसी खामी है कि लोगों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश में राइट टू हेल्थ योजना लाना सभी लोगों के लिए बेहतर होगा।

छत्तीसगढ़ के जांगला से हुई थी आयुष्मान भारत की शुरूआत
आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत पीएम नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के वनांचल में बसे गांव जांगला से 16 सितंबर 2018 को की थी। इस योजना का लाभ प्रदेश 40 लाख परिवारों को मिल रहा है, वहीं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का लाभ 25 लाख परिवारों को मिल रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत 608 सरकार और 464 निजी अस्पतालों में उपचार की सुविधा प्रदान की गई है।

रायपुर। पुलिस कर्मियों के साप्ताहिक अवकाश समेत दूसरी मांगों पर इन दिनों जमकर चर्चा हो रही है। डीजीपी डीएम अवस्थी हर सप्ताह अपने दफ्तर में राज्य भर के पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों से मिलकर उनकी समस्या सुन रहे हैं। दो हफ्ते तक समस्या सुनने के बाद यह तथ्य सामने आया कि शिकायतें और समस्याएं बहुत ज्यादा हैं। सबसे बड़ी समस्या तो यही रही है कि पुलिस जवानों की सुनने की कभी कोशिश ही नहीं की गई। बेहद तनाव में वे ड्यूटी करते रहे और सरकार तथा अफसरों को उनकी पीड़ा समझने की फुर्सत नहीं रही।

अब नए डीजीपी ने जवानों की समस्या सुनने की शुरूआत की है। उन्होंने सभी आइजी से भी कहा है कि सप्ताह में दो दिन जवानों से मिलें और उनकी समस्या सुनें। नक्सल प्रभावित जिलों के कुछ एसपी लगातार जवानों से संवाद स्थापित करने में लगे हुए हैं।

इसी दौरान यह तथ्य सामने आया कि नक्सल इलाकों में पदस्थ जवानों के लिए वीकली ऑफ तो बेमानी है। दरअसल जंगल में बैरकों में रह रहे जवान बीमार होने पर भी वहां से निकलने के लिए फोर्स की तैनाती का इंतजार करते हैं। जगरगुंडा और पामेड़ जैसे थानों से तो कई बार हेलीकॉप्टर से उन्हें निकालना पड़ता है।

किसी एक जवान को छुट्टी पर जाना हो तो रोड ओपनिंग पार्टी से लेकर बम स्क्वायड तक लगाना पड़ता है। तो अगर एक दिन की छुट्टी मिली तो वे बैरक में ही रह जाएंगे। फिर छुट्टी का मतलब क्या होगा। इसीलिए नक्सल मोर्चे के पुलिस कर्मियों ने मांग की है कि उनके लिए महीने के चार हफ्तों की छुट्टी एकमुश्त चार दिन के लिए दी जाए।

अगर चार दिन की छुट्टी मिलती है तो वे पैदल चलकर निकल पाएंगे और एक-दो दिन के लिए परिवार से भी मिल पाएंगे। हालांकि पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए बनी कमेटी वीकली ऑफ पर क्या निर्णय देती है यह देखा जाना बाकी है। पुलिस कमेटी के निर्णय के बाद यह देखा जाएगा कि नक्सल मोर्चे के जवानों के लिए अलग से क्या किया जा सकता है।

शिकायतों के निराकरण का सिस्टम बनेगा

डीजीपी डीएम अवस्थी ने  से कहा कि हम जनसमस्या और शिकायत निवारण का एक तंत्र विकसित करना चाहते हैं। मैंने अपने दफ्तर में एक दिन जवानों और परिजनों से मिलने का निर्णय लिया तो पता चला कि समस्याएं ढेरों हैं। तीन हफ्ते में मैं करीब 12 सौ लोगों से मिला हूं। उनकी समस्याएं कई स्तरों की हैं।

कुछ ऐसी हैं जिनका निराकरण एसपी स्तर पर ही हो सकता है। कुछ समस्याएं आइजी सुलझा सकते हैं। इसीलिए मैंने कहा है कि एसपी हर मंगलवार को जवानों की शिकायत और समस्या सुनें।

अगर वहां निदान नहीं होता है तो बुधवार को जवान और उनके परिजन आइजी से मिल सकते हैं। फिर भी समस्या न सुलझी तो शुक्रवार को मैं उपलब्ध हूं। कोई जवान हर बात के लिए किराया खर्च कर रायपुर क्यों आए। अगर स्थानीय स्तर पर निदान हो सकता है तो वहीं किया जाएगा।

इसी हफ्ते आएगी चंपावत कमेटी की रिपोर्ट

  पुलिस कर्मियों की मांगों पर विचार करने के लिए नेहा चंपावत की अध्यक्षता में बनी कमेटी इसी हफ्ते अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। डीजीपी अवस्थी ने कहा कि हम कमेटी की रिपोर्ट का परीक्षण करेंगे और उसे शासन को भेज देंगे।

जितनी जल्द संभव हो पुलिस कर्मियों की मांगों को पूरा करने की कोशिश की जाएगी। चंपावत कमेटी की तीन-चार बैठक हो चुकी है। अब रिपोर्ट आना ही शेष है। इस रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि वीकली ऑफ और अन्य समस्याओं को कैसे सुलझाया जाए।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद भाजपा के पूर्व विधायकों और कई दिग्गज नेताओं की सुरक्षा हटा दी गई है। प्रदेश में विधायकों को एक्स और वाई श्रेणी की सुरक्षा दी जाती है। जबकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के विधायकों, पूर्व विधायकों और राजनीतिक दलों के प्रमुख प्रतिनिधियों को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिल रही थी लेकिन अब नई सरकार ने प्रोटेक्शन रिव्यू किए बिना ही सुरक्षा हटाने का निर्णय ले लिया।

नेता प्रतिपक्षव प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने इसकी शिकायत डीजीपी डीएम अवस्थी से की है। कौशिक ने कहा कि सरकार जानबूझकर संवेदनशील क्षेत्रों के पदाधिकारियों की सुरक्षा को हटा रही है। यह बदले की भावना ने किया जा रहा है, जिसका पार्टी विरोध करती है।

पूर्व विधायक और भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुभाऊ कश्यप ने कहा, बिना बताए सुरक्षा हटा दी गई। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल भी खड़ा किया। कश्यप ने बताया कि वह दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यपरिषद की बैठक में शामिल होने के बाद जब रायपुर पहुंचे तो पता चला कि उनकी सुरक्षा को हटा दी गई है।

भाजपा सरकार में मंत्री रहे केदार कश्यप और महेश गागड़ा की सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया गया। इनको जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिल रही थी।

बस्तर आइजी विवेकानंद ने कहा कि विधायकों और पूर्व विधायकों को जो सुरक्षा दी जा रही है, उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। श्रेणी के आधार पर जो सुरक्षा मिलती है, उसे बरकरार रखा गया है।

अगर किसी के पास अतिरिक्त सुरक्षा रही होगी, तो उसे ही हटाया गया होगा। जबकि स्पेशल डीजी सिक्योरिटी संजय पिल्ले ने बताया कि प्रोटेक्शन रिव्यू कमेटी की कोई बैठक नहीं हुई है। ऐसे में किसी की सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है।

रायपुर। प्रदेश के दो लाख से अधिक युवा बेरोजगारों की कुंडली मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को युवा कांग्रेस सौंपेगी। युवा कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के पहले प्रदेश में 'मैं भी बेरोजगार" अभियान चलाया था। अब लोकसभा चुनाव के लिए इस अभियान को फिर से शुरू करना है, इसलिए पहले आए बेरोजगारों के ब्योरे को सौंपकर उनके रोजगार की व्यवस्था करने की अपील मुख्यमंत्री से की जाएगी। मुख्यमंत्री से मिलने से पहले युवा कांग्रेस प्रदेश स्तरीय बैठक करेगी।

युवा कांग्रेस ने विधनसभा चुनाव के पहले 'मैं भी बेरोजगार" के पांच लाख से ज्यादा फॉर्म बांटे थे। कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों में स्टॉल लगाकर भी फॉर्म भराए गए थे। ऑनलाइन आवेदन भरने की भी व्यवस्था थी। युवा बेरोजगारों से उनका नाम, पता, मोबाइल नम्बर, शिक्षा की जानकारी ली गई है।

 

हर फॉर्म की नम्बरिंग भी की गई है। अभी युवा कांग्रेस प्रदेशभर से आए फॉर्म की कम्प्यूटर में इंट्री कर रही है। एक-दो दिन में यह काम पूरा हो जाएगा। संगठन के प्रदेश महामंत्री अशरफ हुसैन ने बताया कि दो लाख से अधिक युवाओं ने फॉर्म भरा है।

15 जनवरी के बाद युवा कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक रखी गई है, जिसमें मुख्यमंत्री से चर्चा के बिंदुओं पर बात होगी। मुख्यमंत्री को यह भी बताया जाएगा कि संगठन जल्द से युवा वोटरों को साधने के लिए फिर से 'मैं भी बेरोजगार" शुरू करने जा रहा है। अभियान को शुरू करने से पहले युवा कांग्रेस के लिए जरूरी है कि कांग्रेस सरकार युवाओं के लिए नौकरी का रास्ता खोले। उसके बाद ही युवा कांग्रेस फिर से युवाओं के बीच जा पाएगी।

Vivo ने Vivo Z3i Standard Edition को लॉन्च कर दिया है। Vivo Z3i Standard Edition की खासियत की बात मेरे तो फोन में ऑक्टा-कोर मीडियाटेक हीलियो पी60 प्रोसेसर दिया गया है। फोन में 19:9 का वाटरड्रॉप नॉच डिस्प्ले दिया गया है। साथ ही स्मार्टफोन में 6 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज दी गयी है। आइये जानते हैं फ़ोन के दभी स्पेसिफिकेशन के बारे में।
 
- वीवो जे़ड3आई स्टैंडर्ड एडिशन में 6.3 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) एलसीडी आईपीएस डिस्प्ले है।
- फोन के डिस्पले का आस्पेक्ट रेशियो 19:9 है।
- स्मार्टफोन में ऑक्टा-कोर मीडियाटेक हीलियो पी60 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है।
- फोन में 6 जीबी रैम दी गई है।
- 6 जीबी रैम के साथ 128 जीबी इंटरनल स्टोरेज दी गयी है जिसे माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से 256 जीबी तक बढ़ाया जा सकता है।
- कैमरे की बात करें तो वीवो ज़ेड3आई के पिछले हिस्से पर दो कैमरे हैं। प्राइमरी सेंसर 16 मेगापिक्सल का है और सेकेंडरी सेंसर 2 मेगापिक्सल का। 
- सेल्फी के शौकीनों के लिए Vivo Z3i में 24 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है।
- Vivo Z3i के कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, जीपीएस, वाई-फाई और ब्लूटूथ 5.0 शामिल हैं। एंबियंट लाइट सेंसर, जायरोस्कोप और प्रॉक्सिमिटी सेंसर फोन का हिस्सा हैं। 
- फोन फेस रिकग्निशन और फिंगरप्रिंट सेंसर के साथ आता है।
- स्मार्टफोन में 3315 एमएएच की बैटरी दी गई है।
 
 
Vivo Z3i Standard Edition की कीमत
 
Vivo Z3i Standard Edition को फिलहाल अभी सिर्फ चीन में लांच किया गया है। फोन की कीमत 1,998 चीनी युआन (लगभग 20,900 रुपये) है। Vivo ब्रांड का यह फोन ऑरोरा ब्लू, ड्रीम पिंक और स्टारी नाइट ब्लैक रंग में लांच किया गया है।
मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने अलीबाग के बीच पर अवैध तरीके से बने नीरव मोदी के बंगले को गिराने के आदेश पर रोक लगाने के प्रवर्तन निदेशालय की अर्जी पर सवाल किया है। दरअसल रायगढ़ के जिलाधिकारी ने पिछले महीने अलीबाग के बीच पर अवैध तरीके से बने 58 बंगलों को गिराने का आदेश दिया था।
 
इन बंगलों में से एक भगोड़ा आभूषण व्यापारी और पीएनबी घोटाला मामले में आरोपी नीरव मोदी का भी है। मुख्य न्यायाधीश एन. एच. पाटिल और न्यायमूर्ति एन. एम. जामदार की पीठ इस संबंध में 2009 में अखिल भारतीय मराठा सेवा संघ के शम्भुराजे युवाक्रांति की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।
 
ईडी ने पिछले सप्ताह अदालत के समक्ष एक अर्जी दायर कर कहा था कि एजेंडी ने धन शोधन के एक मामले में इस संपत्ति को कुर्क किया है और उसे अभी ना गिराया जाए। पीठ ने हालांकि पूछा कि आखिर एजेंसी इस संपत्ति को गिराने से क्यों रोकना चाहती है। मुख्य न्यायाधीश पाटिल ने कहा, ‘‘जो अवैध है उसे गिरना ही है। उन अवैध निर्माणों के साथ आपका क्या वास्ता है?’’।

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