Google Analytics —— Meta Pixel
newscreation

newscreation

भारत की पहली और अब तक की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गांधी अपने दृढ़ इरादों और सटीक फैसलों के लिए जानी जाती थीं। बांग्लादेश के निर्माण में उनकी भूमिका और देश को परमाणु शक्ति संपन्न बनाने का उनका फैसला कुछ ऐसे कदम थे जिनसे भारत के एक ताकत के रूप में उभरने का मार्ग प्रशस्त हुआ। 19 नवम्बर 1917 में जन्मीं इंदिरा प्रियदर्शिनी ने अपने पिता पंडित जवाहर लाल नेहरू के साथ मिलकर आजादी की लड़ाई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके लिए उन्होंने हमउम्र बच्चों को लेकर वानर सेना गठित की थी। यह वानर सेना जगह−जगह अंग्रेजों के खिलाफ प्रदर्शन करती और झंडे तथा बैनरों के साथ जंग ए आजादी के मतवालों का उत्साह बढ़ाती थी। सन 1941 में जब वह आक्सफोर्ड से शिक्षा ग्रहण कर भारत लौटीं तो आजादी के आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हो गईं।
 
सितंबर 1943 में अंग्रेज पुलिस ने उन्हें बिना किसी आरोप के गिरफ्तार कर लिया। 243 दिन तक जेल में रखने के बाद 13 मई 1943 को उन्हें रिहा कर दिया गया। इंदिरा 1959 और 1960 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं। 1964 में उन्हें राज्यसभा का सदस्य चुना गया। तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के मंत्रिमंडल में उन्हें सूचना और प्रसारण मंत्री बनाया गया। ताशकंद समझौते के बाद लाल बहादुर शास्त्री का निधन हो गया। इसके बाद प्रधानमंत्री पद की लड़ाई में इंदिरा गांधी के सामने मोरारजी देसाई आ गए। कांग्रेस संसदीय दल में हुए शक्ति परीक्षण में उन्होंने 169 के मुकाबले 355 मतों से मोरारजी देसाई को हरा दिया और इस तरह 1966 में वह देश की पांचवीं तथा पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। जिस समय इंदिरा ने प्रधानमंत्री पद संभाला उस समय कांग्रेस गुटबाजी की शिकार थी और मोरारजी उन्हें गूंगी गुडि़या कहकर पुकारते थे लेकिन जल्द ही इस गूंगी गुडि़या ने सबको चौंका दिया। 1967 के चुनावों में कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान हुआ और 545 सीटों वाली लोकसभा में उसे 297 सीटें मिलीं। इस कारण उन्हें मोरारजी को उप प्रधानमंत्री तथा वित्त मंत्री बनाना पड़ा लेकिन 1969 में देसाई के साथ अधिक मतभेदों के चलते कांग्रेस बिखर गई। इंदिरा को समाजवादी दलों का समर्थन लेना पड़ा और अगले दो साल तक उनके समर्थन से ही सरकार चलाई।
 
पाकिस्तान के साथ 1971 में हुए संग्राम में उन्होंने बांग्लादेश नाम से एक नए देश के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई जिससे वह पूरी दुनिया में दृढ़ इरादों वाली महिला के रूप में जानी जाने लगीं और अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें दुर्गा की संज्ञा दी। अपने साहसिक फैसलों के लिए मशहूर इंदिरा गांधी ने 1974 में पोखरण में परमाणु विस्फोट कर जहां चीन की सैन्य शक्ति को चुनौती दी वहीं अमेरिका जैसे देशों की नाराजगी की कोई परवाह नहीं की। इन निर्णयों के चलते जहां उन्हें देश और दुनिया में बुलंद इरादों वाली महिला के रूप में तारीफ मिली वहीं 1975 में आपातकाल लगा देने के कारण इंदिरा को विश्व बिरादरी की आलोचना का भी सामना करना पड़ा। आपातकाल लगाने की वजह से 1977 के चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा और वह तीन साल तक विपक्ष में रहीं। 1980 में वह फिर से प्रधानमंत्री बनीं।
 
खालिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ उन्होंने आपरेशन ब्लू स्टार जैसा कठोर कदम उठाया लेकिन 1984 में उनके ही अंगरक्षकों ने उनकी हत्या कर दी। वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का कहना है कि इंदिरा गांधी भारत में बड़े पैमाने पर आतंकवाद भड़कने का अंदाज नहीं लगा पाईं। सिख उग्रवाद 1984 में स्वर्ण मंदिर में आपरेशन ब्लू स्टार के चलते भड़का। उन्होंने कहा कि इंदिरा ने जाने अनजाने एक ऐसे समय प्रक्रिया शुरू कर दी जब उनकी पार्टी ने भिंडरावाला जैसे शख्स को अकालियों से लड़ाने के लिए खड़ा किया था।
नयी दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी 101वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि दी। इन नेताओं ने सुबह शक्ति स्थल पहुंचकर इंदिरा गांधी को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। 
 
इनके अलावा राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, वरिष्ठ नेता पी सी चाको, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन और पार्टी के अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धांजलि दी। इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर, 1917 को इलाहाबाद में हुआ था। वह दो अलग-अलग अवधि में 15 वर्षों से अधिक समय तक देश की प्रधानमंत्री रहीं। 31 अक्टूबर, 1984 को उनकी हत्या कर दी गई थी।

पटना। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने रविवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को संभवत: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पिछलग्गू बताया। साथ ही, उनसे सृजन घोटाले पर भी कुछ बोलने के लिए कहा। कुशवाहा ने सुशील मोदी का नाम लिए बगैर सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि कुछ लोग प्रचार के भूखे, अवसरवादी और स्वभाव से सत्तापरस्त होते हैं। उन्होंने ट्वीट किया, "कई लोग राजनीतिक पिछ्लग्गू होते है। छपास रोग से पीड़ित, मिजाज़ से अवसरवादी व घोर सत्तापरस्त...! इनकी उपयोगिता सहयोगी पार्टी/नेता के भोंपू के तौर पर बखूबी होती है। ऐसे लोग मच्छर की भाँति खून पीकर अपनी ही पार्टी में मलेरिया-डेंगू फैलाते है और अपना वजूद जिन्दा रखते हैं।" रालोसपा प्रमुख ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘बिलकुल सच कहा आपने, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने तो देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की हर संभव कोशिश की।

मगर, जरा, सृजन घोटाले पर भी तो कुछ बोलिए....? कुशवाहा की यह टिप्पणी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अंदर मतभेद बढ़ा सकती है। राजग 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए राज्य में सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने के लिए संघर्षरत है। रालोसपा प्रमुख ने कहा है कि उनकी पार्टी को जितनी सीटों की पेशकश की गई है वह सम्मानजनक नहीं है और 30 नवंबर तक इस विषय को सुलझा लिया जाना चाहिए। उन्होंने हाल ही में राजद नेता तेजस्वी यादव और जदयू के पूर्व नेता शरद यादव से मुलाकात की है। गौरतलब है कि पिछले महीने जदयू और भाजपा ने राज्य में बराबर सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। हालांकि, उन्होंने सीटों की संख्या का खुलासा नहीं किया था। गठबंधन में लोजपा चौथा सहयोगी दल है। 

नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक की पृष्ठभूमि में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश की संस्थाओं को बर्बाद करने का आरोप लगाया और उम्मीद जताई कि आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल एवं उनकी टीम नहीं झुकेगी। गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'मोदी जी और सांठगांठ वाले पूंजीपतियों का उनका गुट लगातार हर उस संस्था को नष्ट कर रहा है जो उनके उनके नियंत्रण में आ सकती है।'

उन्होंने कहा, 'आज आरबीआई बोर्ड की बैठक में अपनी कठपुतली बने लोगों के जरिये वह आरबीआई को तबाह करने का प्रयास करेंगे। मैं आशा करता हूं कि (उर्जित) पटेल और उनकी टीम मजबूत है और वे उन्हें (मोदी) उनकी जगह दिखा देंगे।'।
 
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह एक-एक कर देश की सभी संस्थाओं को बर्बाद कर रही है और इसकी ताजा कड़ी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) है। आरबीआई की सोमवार को होने वाली बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक में धन की कमी पर चर्चा होने की संभावना है। इसको लेकर केन्द्रीय बैंक और सरकार के बीच बहस छिड़ी हुई है।
 
केन्द्र और आरबीआई के बीच सरकार ने आरबीआई अधिनियम की धारा 7 के उपयोग की बात कही है। इस धारा का आज तक किसी सरकार ने उपयोग नहीं किया है। इसके तहत केन्द्र सरकार आरबीआई के गवर्नर को निर्देश जारी कर सकती है।
 

नयी दिल्ली। आजादी के बाद नेहरू गांधी परिवार से बाहर के किसी पार्टी सदस्य के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के मुद्दे पर जारी बहस के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को कहा कि 1978 में इंदिरा कांग्रेस के गठन के बाद से इस पार्टी को वंशवादी सेवा के लिये पारिवारिक उद्यम बना दिया गया।

 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले कुछ समय से नेहरू गांधी परिवार से बाहर के व्यक्ति को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की चुनौती देते रहे हैं। इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने आजादी के बाद नेहरू गांधी परिवार से इतर अब तक बने 16 कांग्रेस अध्यक्षों के नाम शनिवार को गिनाये थे और प्रधानमंत्री को याददाश्त दुरुस्त करने की सलाह दी थी। 
 
अमित शाह ने रविवार को अपने ट्वीट में पलटवार करते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नेहरू गांधी परिवार से बाहर के किसी नेता को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनाये जाने की चुनौती के बाद कई दरबारी अपनी ‘वफादारी’ साबित करने के लिये सामने आए, इससे स्पष्ट होता है कि प्रधानमंत्री ने उनकी दुखती रग पर हाथ रख दिया है।’’ 
 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सही कह रहे हैं। 1978 में इंदिरा कांग्रेस के गठन के बाद से एक परिवार के चार सदस्यों ने पार्टी का नेतृत्व किया और इसे पारिवारिक उद्यम का रूप दे दिया जिसका मकसद लोगों की सेवा के लिये राजनीतिक पार्टी बनाने की बजाए वंशवादी सेवा प्रदान करना था।
 
शाह ने पी वी नरसिम्हा राव एवं सीताराम केसरी का जिक्र करते हुए अपने ट्वीट में कहा कि एक परिवार से बाहर के जिन दो सदस्यों ने कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में काम किया, उनके साथ बेहद खराब व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि पी वी नरसिंहा राव के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को कांग्रेस मुख्यालय के भीतर रखने की अनुमति नहीं दी गई जबकि दिग्गज नेता सीताराम केसरी के साथ किस के वफादार गुंडों ने धक्का मुक्की की, उसके बारे में सभी जानते हैं। 
 
भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यू एन ढेबर को इंदिरा गांधी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने को कहा गया जबकि नीलम संजीव रेड्डी को वरिष्ठ होने के बावजूद एक परिवार ने राष्ट्रपति नहीं बनने दिया।  शाह ने दावा किया कि इसके अलावा बाबू जगजीवन राम, एस निजलिंगप्पा और के . कामराज को एक परिवार ने अपमानित किया। उन्होंने जोर दिया कि गांधीजी और सरदार पटेल के साथ काम करने वाले आचार्य कृपलानी को 50 एवं 60 के दशक में अपमानित किया गया। उनका अपराध यह था कि उन्होंने नेहरू सरकार के खिलाफ पहला अविश्चास प्रस्ताव पेश किया था।
 

बलिया। भाजपा सांसद रवीन्द्र कुशवाहा ने अगले महीने शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिये कानून पारित हो जाने का दावा करते हुए कहा है कि इसके लिये केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने सत्र के दौरान अपने सभी सांसदों को दिल्ली से बाहर ना जाने का हुक्म दिया है। सलेमपुर सीट से सांसद कुशवाहा ने कल बिल्थरा रोड इलाके में ‘कमल संदेश यात्रा’ के मौके पर एक सभा को सम्बोधित करते हुए दावा किया कि आगामी 11 दिसम्बर को शुरू होने वाले संसद सत्र में राम मंदिर निर्माण का कानून पारित हो जायेगा। 

उन्होंने यह भी कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने गत 16 नवम्बर को ही अपने सभी सांसदों को ‘व्हिप‘ जारी करते हुए संसद सत्र के दौरान दिल्ली से बाहर ना जाने के निर्देश दिये हैं। कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तय कर लिया है कि शीतकालीन सत्र में राम मंदिर निर्माण के लिये कानून पारित करा लिया जाय। मोदी सरदार पटेल को अपना गुरू मानते हैं। पटेल ने जिस तरह तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की अनिच्छा के बावजूद संसद से सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कानून बनवाया, उसी तर्ज पर मोदी भी राम मंदिर के लिये कानून बनाएंगे। 
 
उन्होंने कहा कि संसद में जब राम मंदिर के कानून को लेकर चर्चा होगी, तब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की असलियत का भी पता चल जायेगा कि वह कितने बड़े जनेऊधारी और शिवभक्त हैं। कुशवाहा ने राफेल विमान खरीद को लेकर मोदी सरकार पर लगातार हमले कर रहे राहुल पर आरोप लगाया कि राजनीति में विफल होने के बाद राहुल जनता को गुमराह करने और पाकिस्तान तथा चीन से सूचनाएं साझा करने के लिये राफेल का फर्जी मामला उठा रहे हैं।
 

नयी दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से बात की और अमृतसर में एक धार्मिक समागम में हुए ग्रेनेड हमले के बाद उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। रविवार को हुए इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई। राजनाथ ने इस घटना को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ यथासंभव कड़ी कार्रवाई करने का भी संकल्प लिया।

उन्होंने ट्वीट किया,‘‘पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर जी से बात की, जिन्होंने मुझे अमृतसर में ग्रेनेड हमले के बाद की स्थिति के बारे में अवगत कराया। इस घटना के दोषियों के खिलाफ यथासंभव कड़ी कार्रवाई की जायेगी।’’ 
 
गृह मंत्री ने कहा कि अमृतसर में ग्रेनेड हमले में निर्दोष लोगों के मारे जाने से वह बहुत आहत हैं। राजनाथ ने कहा,‘‘यह एक निंदनीय हिंसक कृत्य है। इस हमले में अपने प्रियजनों को खो चुके परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं है और मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’’ 

बलिया (उ.प्र.)। भाजपा के चर्चित विधायक सुरेन्द्र सिंह ने परोक्ष रूप से आस्था को संविधान से ऊपर बताते हुए कहा है कि नरेन्द्र मोदी और योगी आदित्यनाथ जैसे हिन्दुत्ववादी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के रहते अयोध्या में भगवान राम तम्बू में रहें, इससे बड़ा दुर्भाग्य और कुछ नहीं हो सकता।

 
अपने विवादित बयानों के लिये अक्सर सुर्खियों में रहने वाले, बैरिया से भाजपा विधायक सिंह ने कल यहां दल के एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा कि कानून के जरिये राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होना चाहिये। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान संविधान से ऊपर हैं। आस्था भगवान से जुड़ी होती है, लिहाजा यह संविधान से परे है।
 
सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महान हिंदुत्ववादी और प्रचारक हैं। इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ जैसे हिन्दूवादी नेता भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। इसके बावजूद अयोध्या में भगवान राम तम्बू में रहें तथा इससे बड़ी दुर्भाग्य की बात और कोई नहीं हो सकती। 
 
मुगल वंश के संस्थापक बाबर को ‘विदेशी आक्रांता’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति बाबरी मस्जिद को भारत की बताता है तो यह उसकी राष्ट्र भक्ति और भारतीयता के चिंतन में दुर्बलता की निशानी है।

सम्भल (उ.प्र.)। भाजपा के पूर्व सांसद राम विलास वेदांती ने कहा है कि वर्ष 2019 से पहले ही आगामी दिसम्बर में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा।सम्भल में आयोजित कल्कि महोत्सव में हिस्सा लेने आये वेदांती ने कल रात संवाददाताओं से कहा ‘‘मैं चाहता हूं कि छह दिसम्बर से पहले मंदिर का निर्माण शुरू हो जाए। जो परिदृश्य दिखाई दे रहा है, उसके अनुसार इसी माह समझौते का कुछ आधार निश्चित हो जाएगा। हम दिसम्बर की किसी तिथि पर मंदिर का निर्माण शुरू कर देंगे। हम 2019 नहीं लगने देंगे।’’ 

 
उन्होंने कहा कि देश की जनता, संत समाज, हिन्दू-मुस्लिम सभी इस समस्या का समाधान चाहते हैं। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की घोषणा करेंगे। देश के संतों को विश्वास है कि भाजपा सरकार ही रामलला के मंदिर का निर्माण करेगी, क्योंकि कांग्रेस ने कभी मंदिर निर्माण की बात नहीं कही। पूर्व भाजपा सांसद ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि मंदिर निर्माण के लिये अध्यादेश लाया जाए या कानून बनाया जाए, लेकिन यह जोर-जबरदस्ती वाली बात होगी। 
 
अगर आपसी सद्भावना से हिंदू-मुसलमान आपस में बैठकर निर्णय कर लें तो इससे अच्छा समाधान कोई नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि देश को साम्प्रदायिक दंगों से बचाने के लिए सद्भावना के आधार पर राष्ट्र के सभी वर्ग के लोग आपस में बैठकर निर्णय करें, जिससे अयोध्या में रामलला के मंदिर का निर्माण प्रारंभ हो जाए।

महासमुंद (छत्तीसगढ़)। कांग्रेस पर छत्तीसगढ़ के लोगों की आंखों में धूल झोंकने और झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि कांग्रेस के एक ही परिवार की चार पीढ़ियों ने देश पर शासन किया, जिसका उन्हें तो लाभ मिला लेकिन देश को कोई लाभ नहीं हुआ। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने जोर दे कर कहा, ‘‘ कांग्रेस छत्तीसगढ़ के भले लोगों की आंखों में धूल झोंक रही है और झूठे वादे कर रही है।’’ 

उन्होंने सवाल किया कि जिन्होंने बैंकों को लूटा है और जिन्होंने लुटवाया है, क्या उनसे पाई-पाई लेना गुनाह है? मोदी ने कहा कि जो बैंकों को लूट कर देश छोड़ कर भाग गए हैं, दुनिया में कहीं भी उनकी संपत्ति हो, सरकार उसे जब्त करने का कानून लायी है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कर्नाटक में इन्होंने (कांग्रेस ने) कहा था कि किसानों का क़र्ज़ माफ़ कर देंगे। इनकी सरकार को एक साल होने जा रहा है लेकिन वहां के अख़बार कथाएं छाप रहे हैं कि सैकड़ों की तादात में उन किसानों के नाम पर वारंट निकल रहे हैं, जिन पर कर्ज़ था।
 
मोदी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2008 में किसानों का रिण माफ करने की संप्रग सरकार की योजना से किसानों को नहीं, बल्कि ऐसे आठ फीसदी लोगों को फायदा हुआ जो इसके हकदार थे ही नहीं। राज्य में भाजपा को एक बार फिर जनादेश देने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रमन सिंह को सच्चे अर्थ में काम करने का मौका सिर्फ पिछले साढ़े चार साल में ही मिला क्योंकि इससे पहले दिल्ली में रिमोट कंट्रोल से चलने वाली सरकार बैठी थी।
 
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने छत्तीसगढ़ पर कोई ध्यान नहीं दिया। छत्तीसगढ़ को फलने फूलने का पहला अवसर तब आया जब दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी। मोदी ने कहा कि सीताराम केसरी एक दलित थे और कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर उन्हें पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं करने दिया गया बल्कि सोनिया गांधी के लिए रास्ता बनाने की खातिर उन्हें हटा दिया गया। उन्होंने दावा किया कि नकारात्मक माहौल के बाद भी लोगों के सहयोग से बीमारू राज्य कहलाने वाले छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों पर रमन सिंह ने लाकर खड़ा किया।
 
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को झूठे वादे करना, झूठ बोलना, फरेब करना और लोगों को गुमराह करने के अलावा कुछ आता नहीं है। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने किसान को ताकतवर बनाया और अब उनकी सरकार किसानों को आधुनिक खेती की ओर ले जा रही है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन्होंने पचास साल तक झूठ बोलकर देश को गुमराह किया और अब इन्हें समझना चाहिए कि ‘देश की जनता ने 440 में से आपको 40 पर ला कर खड़ा कर दिया है।’
 

Ads

R.O.NO. 13784/149 Advertisement Carousel

MP info RSS Feed

फेसबुक