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छत्तीसगढ़ में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के लिए भारतीय जनता पार्टी के 72 उम्मीदवारों ने जिला मुख्यालयों में एक साथ पर्चा दाखिल किया। 

 

भारतीय जनता पार्टी ने दूसरे चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि से एक दिन पहले गुरुवार को सभी प्रत्याशियों का एक साथ नामांकन दाखिल कराया। इस मौके पर पार्टी के केंद्रीय और प्रादेशिक नेताओं, पदाधिकारियों और स्टार प्रचारकों की मौजूदगी रही। 

छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी पिछले 15 वर्षों से सत्ता में है। 

छत्तीसगढ़ के 90 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में मतदान की घोषणा की गई है। पहले चरण में नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सात जिलों और राजनांदगांव जिले के 18 विधानसभा सीटों के लिए इस महीने की 12 तारीख को मतदान होगा। वहीं 20 नवंबर को शेष 72 सीटों को मतदान होगा। 

दूसरे चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि दो नवंबर है। वोटों की गिनती 11 दिसंबर को होगी।

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के लिए इस महीने मतदान होंगे। निर्वाचन आयोग ने चुनाव के लिए तैयारियों की बृहस्पतिवार को समीक्षा की और निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण चुनाव के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। 

 

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने रायपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बृहस्पतिवार को चुनाव आयोग के अधिकारियों और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक हुई। 

रावत ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान, आयोग द्वारा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की गई। आयोग ने सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और एसपी के कार्यों की समीक्षा की। 

राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की गई और विभिन्न प्रवर्तन एजेन्सी जैसे आयकर विभाग, राज्य आबकारी, स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (नार्कोटिक कंट्रोल ब्यूरो) और बैंको के प्रतिनिधियों के साथ रणनीति पर चर्चा भी की गई।

एक सवाल के जवाब में रावत ने कहा कि हाल ही में राज्य के दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले में हुए नक्सली हमले को आयोग ने संज्ञान में लिया है तथा अधिकारियों को शांतिपूर्ण मतदान कराने तथा उम्मीदवारों और मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

भिलाई। भाजपा के प्रत्याशी विद्यारतीन भसीन के निवास पर छत्तीसगढ़ सिक्ख पंचायत के पदाधिकारियों ने भेंट कर शुभकामनाएं दी एवं विजयी होने का आशीर्वाद दिया। गुरनाम सिंह कुका, जशबीर सिंह चहल, गुरमीत सिंह सेखी, बलविंदर सिंह कलेर, बलकार सिंह, वीर सिंह, तजेन्द्रर सिंह हुंदल, गुरूनाम सिंह एवं छत्तीसगढ़ सिक्ख पंचायत के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे। 

  • अक्टूबर से पहले अप्रैल में भी जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा था
  • वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट में भी कहा गया कि जीएसटी की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था को फायदा हुआ

नई दिल्ली. अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख 710 करोड़ रुपए रहा। जीएसटी लागू होने के बाद दूसरी बार 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा कलेक्शन रहा है। इससे पहले इसी साल अप्रैल में जीएसटी से सरकार को 1.03 लाख करोड़ रुपए मिले थे। सितंबर में यह कलेक्शन 94,442 करोड़ रुपए था। एक जुलाई 2017 को देश में जीएसटी लागू हुआ था।

 

सरकार को नवंबर-दिसंबर में जीएसटी कलेक्शन का आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपए से ऊपर जाने की उम्मीद थी। लेकिन, अक्टूबर में ही उसे कामयाबी मिल गई। वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि जीएसटी की कम दरों, देशभर में एक टैक्स की व्यवस्था और दूसरे टैक्स सुधारों की वजह से यह कामयाबी मिली।

 

अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख 710 करोड़ रुपए

सीजीएसटी 16,464 करोड़ रुपए
एसजीएसटी 22,826 करोड़ रुपए
आईजीएसटी 53,419 करोड़ रुपए
सेस 8,000 करोड़ रुपए

 

अक्टूबर में सेटलमेंट के बाद केंद्र सरकार को 48,954 करोड़ रुपए और राज्यों को 52,934 करोड़ रुपए मिले। वित्त मंत्रालय के मुताबिक सितंबर महीने के लिए कुल 67.45 लाख जीएसटीआर दाखिल किए गए।

 

केरल में टैक्स कलेक्शन 44% बढ़ा

राज्य टैक्स कलेक्शन ग्रोथ
केरल 44%
झारखंड 20%
राजस्थान 14%
उत्तराखंड 13%
महाराष्ट्र 11%

 

पिछले महीनों में जीएसटी के आंकड़े

महीना जीएसटी कलेक्शन (रुपए करोड़)
सितंबर 94,442
अगस्त 93,960
जुलाई 96,483
जून 95,610
मई 94,016
अप्रैल 1,03,458

 

वर्ल्ड बैंक ने कहा- भारतीय अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव जीएसटी से आया

बुधवार को जारी हुई वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट में भारत को 77वीं रैंक दी गई। भारत की रैंकिंग में एक साल में 23 पायदान का सुधार हुआ। वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव जीएसटी के जरिए आया है। पिछले साल की रैंकिंग में जीएसटी को शामिल नहीं किया गया था। जीएसटी ने कारोबार की शुरुआत करना आसान बना दिया है, क्योंकि इसमें कई सारे एप्लीकेशन फॉर्म को इंटिग्रेट कर एक सिंगल जनरल इनकॉर्पोरेशन फॉर्म लाया गया है। इससे रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेज हुई है।

  • अक्टूबर से पहले अप्रैल में भी जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा था
  • वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट में भी कहा गया कि जीएसटी की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था को फायदा हुआ

नई दिल्ली. अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख 710 करोड़ रुपए रहा। जीएसटी लागू होने के बाद दूसरी बार 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा कलेक्शन रहा है। इससे पहले इसी साल अप्रैल में जीएसटी से सरकार को 1.03 लाख करोड़ रुपए मिले थे। सितंबर में यह कलेक्शन 94,442 करोड़ रुपए था। एक जुलाई 2017 को देश में जीएसटी लागू हुआ था।

 

सरकार को नवंबर-दिसंबर में जीएसटी कलेक्शन का आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपए से ऊपर जाने की उम्मीद थी। लेकिन, अक्टूबर में ही उसे कामयाबी मिल गई। वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि जीएसटी की कम दरों, देशभर में एक टैक्स की व्यवस्था और दूसरे टैक्स सुधारों की वजह से यह कामयाबी मिली।

 

अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख 710 करोड़ रुपए

सीजीएसटी 16,464 करोड़ रुपए
एसजीएसटी 22,826 करोड़ रुपए
आईजीएसटी 53,419 करोड़ रुपए
सेस 8,000 करोड़ रुपए

 

अक्टूबर में सेटलमेंट के बाद केंद्र सरकार को 48,954 करोड़ रुपए और राज्यों को 52,934 करोड़ रुपए मिले। वित्त मंत्रालय के मुताबिक सितंबर महीने के लिए कुल 67.45 लाख जीएसटीआर दाखिल किए गए।

 

केरल में टैक्स कलेक्शन 44% बढ़ा

राज्य टैक्स कलेक्शन ग्रोथ
केरल 44%
झारखंड 20%
राजस्थान 14%
उत्तराखंड 13%
महाराष्ट्र 11%

 

पिछले महीनों में जीएसटी के आंकड़े

महीना जीएसटी कलेक्शन (रुपए करोड़)
सितंबर 94,442
अगस्त 93,960
जुलाई 96,483
जून 95,610
मई 94,016
अप्रैल 1,03,458

 

वर्ल्ड बैंक ने कहा- भारतीय अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव जीएसटी से आया

बुधवार को जारी हुई वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट में भारत को 77वीं रैंक दी गई। भारत की रैंकिंग में एक साल में 23 पायदान का सुधार हुआ। वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव जीएसटी के जरिए आया है। पिछले साल की रैंकिंग में जीएसटी को शामिल नहीं किया गया था। जीएसटी ने कारोबार की शुरुआत करना आसान बना दिया है, क्योंकि इसमें कई सारे एप्लीकेशन फॉर्म को इंटिग्रेट कर एक सिंगल जनरल इनकॉर्पोरेशन फॉर्म लाया गया है। इससे रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेज हुई है।

लगातार लचर प्रदर्शन के कारण दबाव झेल रहे महेंद्र सिंह धोनी आज कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांचवा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच इस साल का आखिरी एकदिवसीय मुकाबला है। इस मुकाबले के बाद अगला एकदिवसीय 2019 में होगा। धोनी को वेस्टइंडीज और आस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 श्रृंखलाओं के लिये भारतीय टीम में नहीं चुना गया है। धोनी पिछले कुछ समय से वनडे में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं। इसी को देखते हुए कहा जा रहा है कि शायद धोनी इस बीच में अपने क्रिकेट से सन्यास लेने की घोषणा कर दें। 

यह भी कहा जा रहा है कि पूर्व कप्तान के लिये अगले साल इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप तक राह उतनी आसान नहीं होगी। राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने उन्हें सीमित ओवरों के दो में से एक प्रारूप में बाहर करके पहले संकेत दे दिये हैं। धोनी ने 2018 में सात टी20 मैच खेले और उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 28 गेंद में नाबाद 52 रन की रही। बाकी छह पारियों में उन्होंने 51 गेंद में 71 रन बनाये। इंग्लैंड में विश्व कप में धोनी विकेटकीपर के तौर पर पहली पसंद होंगे लेकिन पर वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा श्रृंखला में भी उनका अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा। 
 
बीसीसीाई धोनी के  चयन समिति के प्रमुख एमएसके प्रसाद विकेटकीपर के रूप में दूसरे विकल्प पर बात कर चुके हें और ऋषभ पंत पर टीम प्रबंधन ने भरोसा जताया है। अब सवाल यह है कि बाकी तीन मैचों में धोनी का बल्ला नहीं चल पाता है तो क्या होगा। 
मुंबई। शुरूआती कारोबार में बृहस्पतिवार को शेयर बाजार में तेजी का रुख बना हुआ है। सेंसेक्स में करीब 150 अंक की तेजी रही। बंबई शेयर बाजार का 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 149.36 अंक यानी 0.44 प्रतिशत चढ़कर 34,591.41 अंक पर चल रहा है। बुधवार को इसमें 550.92 अंक की बढ़त दर्ज की गई थी।
इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 55 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,441.60 अंक पर चल रहा है। ब्रोकरों के अनुसार घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार लिवाली से शेयर बाजार को समर्थन मिला। इसके अलावा सकारात्मक वैश्विक संकेत के बीच कंपनियों के उम्मीद से बेहतर तिमाही परिणामों ने भी बाजार में धारणा मजबूत की है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को राष्ट्रपति के एक निर्देश में कहा कि उन्होंने निर्धारित किया है कि देशों के लिये पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति इतनी पर्याप्त है कि वे ईरान से कच्चे तेल की खरीद को काफी हद तक कम कर सकते हैं। अमेरिका पहले की कह चुका है कि पांच नवंबर से ईरान से कच्चे तेल का आयात करने वाले देशों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले मई, 2018 में ट्रंप ने खुद को 2015 में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अलग कर लिया था। इस समझौते के तहत ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करने के एवज में आर्थिक प्रतिबंधों से राहत मिली थी। समझौते से बाहर निकलने के तुरंत बाद ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों पर हस्ताक्षर किया था।
 
अपने निर्देश में ट्रंप ने कहा है कि ईरान के अलावा अन्य देशों से पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पर्याप्त है और यह ईरान या अन्य विदेशी वित्तीय संस्थानों के माध्यम से खरीदे जाने वाले पेट्रोलियम या पेट्रोलियम उत्पादों की मात्रा में पर्याप्त कमी लाने के लिए काफी है। यह कोई शासनादेश नहीं है, बल्कि एक तरह का निर्देश है जो व्हाइट हाउस द्वारा उनके प्रशासन के सदस्यों कुछ नीतिगत मामलों पर जारी किया गया है।

गौरतलब है कि ट्रंप ने भारत सहित ईरान से तेल खरीदने वाले अन्य सभी देशों को निर्देश दिया है कि वे चार नवंबर तक कच्चे तेल का आयात पूरी तरह बंद कर दें, अन्यथा उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। भारत ने 1.30 अरब की आबादी की ऊर्जा जरूरतों का हवाला देते हुए इस संबंध में अपनी असमर्थता जतायी है। भारत की ऊर्जा आवश्यकता का 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा आयातित तेल से पूरा होता है। लेकिन साथ ही भारत ने ईरान से कच्चे तेल के आयात में भारी कमी भी की है।
 
हाल ही में अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस संबंध में भारत से बातचीत भी की थी। हालांकि, उन्होंने इस संबंध में कुछ भी सार्वजनिक नहीं किया। व्हाइट हाउस ने अभी तक इस सवाल का जवाब नहीं दिया है कि ईरान से कच्चे तेल की खरीद में भारत द्वारा की गई कमी क्या भारी कटौती मानी जाएगी। ट्रंप का कहना है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखेंगे।

 
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि गैर अमेरिकी नागरिकों के बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने के साथ ही मिलने वाली नागरिकता के अधिकार को खत्म करने के लिये किसी संविधान संशोधन की जरूरत नहीं है, बल्कि इसे शासकीय आदेश के जरिये भी किया जा सकता है। आप्रवासन के मुद्दे पर कठोर रुख अपनाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने मंगलवार को गैर अमेरिकी माता-पिता से अमेरिका में जन्मे बच्चों को स्वत: मिलने वाली नागरिकता के अधिकार को खत्म करने के लिये शासकीय आदेश का रास्ता अपनाने की अपनी मंशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि जन्मजात नागरिकता ‘‘समाप्त करनी होगी।’’
 
ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ‘‘जन्मजात नागरिकता बहुत महत्वपूर्ण विषय है। मेरी राय में जैसा लोग सोचते हैं उससे कम जटिल है। मेरा मानना है कि संविधान में यह बिल्कुल स्पष्ट है कि वे जिस प्रक्रिया के बारे में बात कर रहे हैं उससे गुजरने की जरूरत नहीं है।’’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आपको जन्मजात नागरिकता के लिये संविधान संशोधन की जरूरत नहीं है। मेरा मानना है कि इसे कांग्रेस में साधारण मतदान के जरिये भी किया जा सकता है। कुछ बेहद प्रतिभाशाली विधि के जानकारों से मुलाकात करने के बाद मेरी राय में इसे शासकीय आदेश के जरिये भी किया जा सकता है।’’
 
साथ ही ट्रंप ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता कांग्रेस (संसद) के जरिये बदलाव करने की होगी क्योंकि यह स्थायी होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस के जरिये इसे करूंगा क्योंकि यह स्थायी होगा। लेकिन मेरा वाकई मानना है कि हम इसे शासकीय आदेश के जरिये भी कर सकते हैं।’’ट्रंप ने कहा कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला उच्चतम न्यायालय करेगा। इस बीच, जन्मजात नागरिकता के मुद्दे पर अमेरिकी सांसदों की तरफ से ट्रंप की आलोचना जारी है।
 
सीनेटर पैट्रिक लीही ने कहा, ‘‘इस तरह की नागरिकता 14 वें संशोधन में स्पष्ट रूप से शामिल है और राष्ट्रपति के फरमान के जरिये इसे समाप्त नहीं किया जा सकता। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप उसे नहीं समझते या उसका खयाल नहीं रखते क्योंकि उन्होंने जाहिर तौर पर निर्णय कर लिया है कि आप्रवासी विरोधी भावनाओं का फायदा उठाने के लिए संविधान को पलटने की धमकी देना अच्छी राजनीति है।’’कांग्रेस सदस्य शीला जैक्सन ली ने कहा कि यह मतदाताओं को डराने का एक और प्रयास है क्योंकि इसके लिये संविधान में कोई आधार नहीं है।

नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दावों पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि ग्रामोफोन की तरह उनकी पिन अटक गई है जिसके कारण वह ऐसी बचकानी बाते कर रहे हैं और लोग उनके दावों का मजाक उड़ाते हैं। 

दी ने कहा कि इनको समझ नहीं आ रहा है कि वक्त बदल गया है, जनता को मूर्ख समझना बंद करें। ‘‘ इस प्रकार की बचकानी बातें किसी के गले नहीं उतरती है और लोग मजाक उड़ाते हैं।’’ भाजपा के एक कार्यकर्ता द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इसकी चिंता न करें। पहले ग्रामोफोन के रिकार्ड में पिन अटक जाती है तो कुछ ही शब्द बार बार सुनाई देती है। ऐसे ही कुछ लोग भी होते हैं जिनकी पिन अटक जाती है । एक ही चीज दिमाग में भर जाती है जो बार बार एक ही बात बोलते हैं। ऐसे में इन बातों का मजा उठाना चाहिए, आनंद लेना चाहिए। मोदी ने कहा, ‘‘ चुनाव की आपाधापी में इन चीजों का आनंद उठायें।’’
जितना कीचड़ उछालोगे, उतना कमल खिलेगा
प्रधानमंत्री ने ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ कार्यक्रम के तहत नरेन्द्र मोदी एप के जरिये मछलीशहर, महासमंद, राजसमंद, सतना, बैतूल के भाजपा कार्यकर्ताओं से संवाद के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जितना कीचड़ उछालोगे, उतना कमल खिलेगा। कांग्रेस को सच नहीं, झूठ पर भरोसा है। सत्ता में आने पर मध्यप्रदेश में मोबाइल फोन बनाने के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष के बयान के संबंध में पूछे जाने पर मोदी ने सवाल किया, ‘‘मोबाइल का आविष्कार क्या 2014 के बाद हुआ था? 2014 के पहले भी मोबाइल थे, जिन लोगों ने इतने साल राज किया, उनके समय में सिर्फ दो ही मोबाइल फैक्टरियां क्यों थीं?’’ 
 
कांग्रेस पर निशाना
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इतने साल शासन किया उनके समय में सिर्फ दो मोबाइल फैक्टरियां थी और पिछले चार वर्षो में 100 से अधिक कंपनियां मोबाइल फोन बना रही हैं। वन रैंक, वन पेंशन लागू करने के राहुल गांधी के बयान के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज ये लोग वन रैंक, वन पेंशन की बातें कर रहे हैं। दशकों से यह मामला लंबित था, तब क्यों कुछ नहीं किया। ‘‘ जब हमने वन रैंक, वन पेंशन लागू कर दी, तब जाकर वे कह रहे हैं कि हम देंगे।’’ कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इतने दशकों तक इनकी सरकार रही, सेना के जवान 40 वर्षो से मांग कर रहे थे, उसे सुनने की फुर्सत नहीं थी। जब हमने इसे कर दिया तब परेशान हो रहे हैं। 
 
ओआरओपी पर राहुल ने क्या कहा था
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में उनसे मिलने गए सेवानिवृत्त सैनिकों के एक समूह से कहा कि सत्ता में आने पर कांग्रेस ’वन रैंक, वन पेंशन’ (ओआरओपी) के मु्द्दे पर किए अपने सभी वादों को पूरा करेगी। इससे पहले राहुल ने भोपाल में आयोजित कार्यकर्ता संवाद के दौरान कहा था, 'आपके हाथ में जो मोबाइल है, वह 'मेड इन चाइना' है, यदि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो हम 'मेड इन मध्य प्रदेश' मोबाइल बनाएंगे। डिजिटल इंडिया का विपक्ष की आलोचना के बारे में एक सवाल के जवाब में मोदी ने कहा कि कांग्रेस के लोग जिन जिन मुद्दों पर जोर जोर से झूठ बोलने लगे तब समझना चाहिए कि हम अपने काम में सफल रहे हैं। 
 
सरकार के कामों को गिनाया
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज डिजिटल इंडिया कदम कदम पर सुदूर गांव तक लोगों की मदद को खड़ा है । डिजिटल इंडिया के माध्यम से लोगों के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन आ रहा है। उन्होंने कहा कि जब लोग और सरकार मिलकर काम करते हैं तभी सकारात्मक परिणाम आता है। सरकार कहती है कि पराली मत जलाओ, पराली मत जलाओ। लेकिन यह जनभागीदारी से ही संभव होगा। गरीबी उन्मूलन के अपने सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों की सबसे बड़ी गलती यह थी कि उनके लिये गरीबी शब्द चुनावी वोट बैंक का हिस्सा थी और उनके राजनीतिक फायदे में थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार गरीब कल्याण के कार्य में जुटी है। 
 
 
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ मैं लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का हमेशा से ही आग्रही रहा हूं । सरकार भी इसी दिशा में काम कर रही है।’’ उन्होंने कहा कि आज कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से करोड़ों भारतीयों का न सिर्फ जीवन आसान हुआ है, बल्कि उनका भविष्य भी संवर रहा है। मोदी ने कहा कि पहले अगर किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करनी होती थी, तो गांव में इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। लेकिन आज वाई-फाई और ऑनलाइन स्टडी ने युवाओं की इस सबसे बड़ी परेशानी का हल कर दिया है।
 
उन्होंने कहा कि मनरेगा की योजना तो पहले से चली आ रही है। लेकिन पहले क्या होता था। अपने पैसे लेने के लिए कई-कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। ऊपर से बिचौलिया भी कुछ पैसे मार लेता था, लेकिन आज टेक्नोलॉजी की मदद से मजदूरी आसानी से मिल जाती है। आज छात्रों के खाते में छात्रवृति पहुंच जाती है। प्रधानमंत्री ने अपने संवाद के दौरान गुजरात में सरदार बल्लभभाई पटेल की प्रतिमा राष्ट्र को समर्पित करने का उल्लेख किया और कहा कि यह उनके मन को संतोष देने वाला पल था। मोदी ने नरेन्द्र मोदी एप के जरिये पार्टी कोष में चंदा एकत्र करने के अभियान का भी जिक किया।
 

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