ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। चुनावी राज्यों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। चाय की चौपाल हो या कोई बाजार हर तरफ चुनाव की ही चर्चा है। 90 विधानसभा सीटों वाले छत्तीसगढ़ में मतदाता सबसे पहले अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पहले चरण में 18 सीटों पर 12 नवंबर को मतदान होना है।
पहले चरण की 18 में से 10 सीटें एससी-एसटी के लिए आरक्षित हैं। बता दें कि राज्य में कुल 51 सीटें सामान्य है जबकि 10 सीटें एससी और 29 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं। पहला चरण अपने आप में खास अहमियत रखता है क्योंकि इस चरण में मुख्यमंत्री के अलावा प्रदेश के कई मंत्री और पूर्व मंत्री चुनावी जंग में उतरेंगे। सीएम रमन सिंह के सामने अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला हैं।
साख का विषय बनी मुख्यमंत्री की सीट
राजनांदगांव की सीट भाजपा के लिए साख का विषय बनी हुई है। राजनांदगांव की सीट नक्सल के प्रभाव वाली सीट है। कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री के खिलाफ राजनांदगांव से पूर्व पीएम अटल बिहारी की भतीजी करुणा शुक्ल को मैदान में उतारा है। पिछले विधानसभा चुनाव में राजनांदगांव की 6 सीटों में से कांग्रेस ने 4 जबकि भाजपा ने 2 सीटों पर कब्जा किया था। इसके अलावा पहले चरण की 18 सीटों पर 12 कांग्रेस और 6 सीटों पर भाजपा उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी।
421 नामांकन पत्र हुए दाखिल
पहले चरण के लिए कुल 421 नामांकन पत्र दाखिल हुए हैं। आखिरी दिन 323 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। नामंकन की तिथि खत्म होने के बाद अब चुनाव आयोग आज से नामांकनों की जांच करेगा। बता दें कि पहले चरण के लिए नामांकन वापसी की तिथि 26 अक्टूबर है।
31 लाख से ज्यादा वोटर्स करेंगे वोट
पहले चरण में 31 लाख 79 हजार 520 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव आयोग ने पहले चरण के मतदान के लिए 4,336 मतदान केंद्र बनाने का फैसला किया है।
पहले चरण में ताल ठोकेंगे ये प्रत्याशी
राजनांदगांव
कांग्रेस: करुणा शुक्ला
भाजपा: रमन सिंह
बीजापुर
कांग्रेस: विक्रम शाह मांडवी
भाजपा: महेश गागडा
दंतेवाड़ा - (ST)
कांग्रेस: देवती वर्मा
भाजपा: भीमा मंडावी
चित्रकोट - (ST)
कांग्रेस: दीपक कुमार बैज
भाजपा: लच्छुराम कश्यप
बस्तर - (ST)
कांग्रेस: लाखेश्वर बघेल
भाजपा: सुभाऊ कश्यप
गदलपुर
कांग्रेस: रेखचंद जैन
भाजपा: संतोष बाफना
नारायणपुर - (ST)
कांग्रेस: चंदन कश्यप
भाजपा: केदार कश्यप
केशकाल - (ST)
कांग्रेस: संतराम नेतम
भाजपा: हरिशंकर नेतम
कोण्डागांव - (ST)
कांग्रेस: मोहन लाल मर्कम
भाजपा: लता उसेंडी
अंतागढ़ - (ST)
कांग्रेस: अनूप नाग
भाजपा: विक्रम उसेंडी
भानुप्रतापुर - (ST)
कांग्रेस: मनोज सिंह मांडवी
भाजपा: देवलाल दुग्गा
कांकेर - (ST)
कांग्रेस: शिशुपाल सोरी
भाजपा: हीरा मरकाम
खैरागढ़
कांग्रेस: गिरवर जंघेल
भाजपा: कोमल जंघेल
डोंगरगढ़ - SC
कांग्रेस: भूनेश्वर बघेल
भाजपा: सरोजिनी बंजारे
डोंगरगांव
कांग्रेस: दलेश्वर साहू
भाजपा: मधुसूदन यादव
खुज्जी
कांग्रेस: चन्नी साहू
भाजपा: हिरेंद्र साहू
मोहला- मनपुर - (ST)
कांग्रेस: इंद्र शाह मांडवी
भाजपा: कंचनमाला भुआर्य
कोंटा - (ST)
भाजपा: धनीराम बरसे
कांग्रेस: कवासी लखमा
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव होने हैं। पहले चरण में 12 नवंबर को 18 सीटों पर मतदान होंगे जबकि दूसरे चरण में 72 सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होंगे।
सभी विधानसभा सीटों के परिणाम एक साथ 11 दिसंबर को आएंगे।
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं जिस पर पैनी नजर है। हम छत्तीसगढ़ जाकर वहां की सियासत का हाल बताएंगे लेकिन उससे पहले इस राज्य के बारे में कुछ बातें जानना बेहद जरूरी हैं।
छत्तीसगढ़ में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं। राज्य में अभी कुल 11 लोकसभा और 5 राज्यसभा की सीटें हैं। कुल 27 जिले हैं। राज्य में 51 सीटें सामान्य, 10 सीटें एससी और 29 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में लगातार तीसरी बार कांग्रेस को मात देकर सरकार बनाई थी। रमन सिंह की अगुवाई में बीजेपी को 2013 में कुल 49 विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी। जबकि कांग्रेस सिर्फ 39 सीटें ही जीत पाई थी।
आज हम बात करेंगे सत्ता के सेमीफाइनल के पहले पड़ाव यानी रायपुर के बारे में...रायपुर जिले को कुल चार विधानसभा सीटों में बांटा गया है- रायपुर ग्रामीण, रायपुर नॉर्थ सिटी, रायपुर साउथ सिटी, रायपुर वेस्ट सिटी। ये चारों सीटें सामान्य हैं।
इन चारों सीटों का अपना महत्व है, हर सीट पर नए समीकरण देखने को मिलते हैं। इस बार रायपुर में 9,49,562 मतदाता प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे जिनमें 4,88,883 पुरुष, 4,60,443 महिला और 236 अन्य शामिल हैं।
रायपुर ग्रामीण
रायपुर ग्रामीण पर हमेशा से ही भाजपा का कब्जा रहा है लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने यहां तख्तापलट कर दिया। इस कांटे की टक्कर में कांग्रेस के सत्यनारायण शर्मा ने मात्र 1861 वोटों की बढ़त के साथ भाजपा के नंदे साहू को करारी शिकस्त दी थी।
इस विधानसभा क्षेत्र में साहू बहुल्य आबादी होने की वजह से भाजपा ने 2008 में नंदे साहू को उतारा था और उन्होंने जीत दर्ज की लेकिन 2013 के विधानसभा चुनाव में वो कांग्रेस के दिग्गज नेता सत्यनारायण शर्मा से हार गए। आपको बता दें इस विधानसभा सीट से पिछली बार 12 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था लेकिन हम आपको दस उम्मीदवारों के नाम बताएंगे।
कुछ ऐसी रही विधानसभा चुनाव 2013 की तस्वीर :
1. सत्यनारायण शर्मा 70,774 कांग्रेस
2. नंदे साहू 68,913 भाजपा
3. महेश देवांगन 1,205 छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच
4. विनोद कुमार बघेल 1,203 बसपा
5. भरत भाई खाखरिया 1,010 निर्दलीय
6. रविशंकर डहरिया 805 निर्दलीय
7. गौतमबुद्ध अग्रवाल 681 शक्ति सेना
8. फरहत भाई 301 निर्दलीय
9. गीतेश्वर चंद्राकर 244 निर्दलीय
10. राजेश मुखर्जी 173 लोक जनशक्ति पार्टी
2013 विधानसभा चुनाव में रायपुर ग्रामीण के मतदाता
कुल मतदाता : 2,29,440
पुरुष मतदाता : 1,23,767
महिला मतदाता : 1,05,673
कुल मतदान : 1,45,639 (65%)
नोटा : 3,521 (1.5%)
रायपुर पश्चिम
रायपुर पश्चिम की विधानसभा सीट शहर की सबसे विकसित और वीआईपी सीट है, इस सीट पर भाजपा के राजेश मूणत का दबदबा है। राजेश विधायक के साथ-साथ PWD मंत्री भी हैं। राज्य में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आए रायपुर-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में पहला चुनाव 2008 में हुआ था जिसमें राजेश मूणत को जीत मिली थी।
बात पिछले विधानसभा चुनाव की करें तो बीजेपी के राजेश मूणत ने कांग्रेस के विकास उपाध्याय को 6160 वोटों से हराया था। इस सीट से पिछले विधानसभा चुनाव में 15 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी।
रायपुर शहर पश्चिम 2013 उम्मीदवार
1 राजेश मूणत 64,611 भाजपा
2 विकास उपाध्याय 58,451 कांग्रेस
3 मेघराज साहू 2,914 छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच
4 अनिल मिश्रा 1,467 बसपा
5 लिकेश सिंह 1,019 निर्दलीय
6 विवेक वारेतवर 980 निर्दलीय
7 कर्नल बलवंत सिंह 512 निर्दलीय
8 अहफाज रशीद 442 बससपा
9 नवीन गुप्ता 435 सपा
10 शेख इस्माइल 352 निर्दलीय
2013 विधानसभा चुनाव में रायपुर शहर पश्चिम के मतदाता
मतदाता : 2,10,089
पुरुष मतदाता : 1,09,813
महिला मतदाता : 1,00,276
कुल मतदान : 1,32,231 (64.1%)
नोटा : 2,357 (1.1%)
रायपुर उत्तर
रायपुर उत्तर विधानसभा सीट पर बारी-बारी से कांग्रेस और भाजपा ने जीत दर्ज की है। 2008 में यहां से कांग्रेस के कुलदीप सिंह जुनेजा ने जीत दर्ज की थी और 2013 में भाजपा के श्रीचंद सुंदरानी ने कुलदीप को लगभग 3500 मतों से हराया था।
2008 में भाजपा की तरफ से सच्चिदानंद उपासने चुनावी मैदान में उतरे थे। लेकिन हार के बाद अगले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने श्रीचंद सुंदरानी पर दांव लगाया और वे जीत गए। रायपुर उत्तर से पिछले विधानसभा चुनाव में 14 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई।
2013- रायपुर शहर उत्तर उम्मीदवार
1 श्रीचंद सुंदरानी 52,164 भाजपा
2 कुलदीप सिंह जुनेजा 48,688 कांग्रेस
3 सुनंद बिस्वास 735 बसपा
4 हाजी मो. अशरफ 447 निर्दलीय
5 हैदर रजा 415 निर्दलीय
6 मोहम्मद इसरार 349 सपा
7 मोहम्मद सजन 326 निर्दलीय
8 बेनू गेनाद्रे 300 निर्दलीय
9 संजीव सेन 241 छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच
10 सलीम खान 180 निर्दलीय
11 संजय नाग 168 शिवसेना
12 प्रदीप अरोड़ा 157 निर्दलीय
13 मुशाहिद खान 154 निर्दलीय
14 नीलोफर अली 79 निर्दलीय
2013- रायपुर शहर उत्तर चुनाव
मतदाता : 1,65,485
पुरुष मतदाता : 84,861
महिला मतदाता : 80,624
कुल मतदान : 1,04,403 (64.6%)
नोटा : 2,424
रायपुर दक्षिण
रायपुर दक्षिण को भाजपा का गढ़ माना जाता है। यहां राज्य सरकार के कद्दावर नेता बृजमोहन अग्रवाल हमेशा से ही चुनाव जीतते आए हैं। कांग्रेस ने हर चुनाव में बृजमोहन के खिलाफ अलग-अलग प्रत्याशी खड़े किए, लेकिन हर बार हार का ही सामना करना पड़ा। रायपुर दक्षिण से पिछले विधानसभा चुनाव में 38 उम्मीदवार खड़े हुए थे, जिसमें से बृजमोहन अग्रवाल ने करीब 25 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी।
विधानसभा चुनाव 2013
रायपुर शहर दक्षिण
1 बृजमोहन अग्रवाल - 81,429 (भाजपा)
2 डॉ. किरनमयी नायक 46,630 (कांग्रेस)
3 कमाल अख्तर 1,036 निर्दलीय
4 अब्दुल नईम खान 929 निर्दलीय
5 शमशेर अली 737 निर्दलीय
6 विमला भारती 614 निर्दलीय
7 रईस फाजिल 597 बसपा
8 सूरज 289 निर्दलीय
9 नजत अली 269 निर्दलीय
10 सगीरुद्दीन ओवैसी 264 निर्दलीय
विधानसभा चुनाव 2013- रायपुर शहर दक्षिण
मतदाता : 2,05,759
पुरुष मतदाता : 1,05,787
महिला मतदाता : 99,972
कुल मतदान : 1,35,307 (66.8%)
नोटा : 2,126 (1.0%)
सैन फ्रांसिस्को. अमेजन को पीछे छोड़ माइक्रोसॉफ्ट शुक्रवार को सबसे ज्यादा मार्केट कैप वाली दूसरी अमेरिकी कंपनी बन गई है। एक ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू के साथ एपल पहले नंबर पर बरकरार है। अमेजन के शेयर में गिरावट की वजह से कंपनी का वैल्युएशन 68.1 अरब डॉलर घटकर 803.28 अरब डॉलर रह गया। माइक्रोसॉफ्ट का मार्केट कैप 821.05 अरब डॉलर है। अमेजन ने इस साल अप्रैल में माइक्रोसॉफ्ट को पीछे छोड़ा था।
अमेजन का शेयर शुक्रवार को 7.8% लुढ़क गया। यह 24 अक्टूबर 2014 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। इससे अमेजन के सीईओ की नेटवर्थ 11 अरब डॉलर घट गई। अमेजन का मार्केट कैप 4 सितंबर को एक ट्रिलियन डॉलर पर पहुंचा था।
अमेजन का तिमाही रेवेन्यू विश्लेषकों के अनुमान से कम रहा। इस वजह से शेयर में गिरावट आई। जुलाई-सितंबर में अमेजन का रेवेन्यू 56.60 अरब डॉलर रहा। विश्लेषकों ने 57.10 अरब डॉलर का अनुमान जताया था।
माइक्रोसॉफ्ट के शेयर में इस साल 25% तेजी आई। अमेरिकी शेयर बाजार में 1998 से 2000 तक माइक्रोसॉफ्ट सबसे ज्यादा मार्केट कैप वाली कंपनी थी।
भोपाल. मप्र चुनाव के लिए टिकट फाइनल करने में जुटी कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) ने शुक्रवार देर रात तक नई दिल्ली में बैठक कर 59 प्रत्याशियोंं के नाम फाइनल कर दिए। हालांकि इनकी घोषणा बाद में की जाएगी। इससे पहले हुई सीईसी की बैठक में 110 सिंगल नामों में से 71 नाम मंजूर किए गए थे। शुक्रवार की बैठक में बचे हुए 39 नामों को विचार के बाद मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा 20 नये नाम सिंगल नामों में जोड़े गए।
सूत्रों के अनुसार इन 39 में महू से अंतर सिंह दरबार और सांवेर से तुलसी सिलावट का नाम भी है। स्क्रीनिंग कमेटी ने पैनल शार्ट लिस्टेड करने के बाद 64 नाम सीईसी को भेजे थे, जिनमें से 5 सीटों पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से दावेदारों के नाम सिंगल करने के लिए वापस भेज दिए गए। भोपाल और इंदौर शहर में अभी 6-6 सीटों पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
यहां डबल नाम दे रहे टेंशन : देपालपुर से विशाल पटेल और सत्यनारायण पटेल में से एक नाम तय होना है। ग्वालियर ग्रामीण से सिंधिया के दो समर्थकों में रस्साकसी है। साहब सिंह गुर्जर पर गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज है, जिसके चलते कल्याण सिंह कंसाना के नाम को वरीयता दी जा सकती है। श्योपुर में पूर्व विधायक ब्रजराज सिंह चौहान और अतुल चौहान के बीच टक्कर है। पिछले तीन दिन में बदले समीकरणों के तहत अतुल चौहान का नाम पैनल में शामिल हुआ है। ग्वालियर क्रमांक 15 पर पूर्व विधायक प्रद्युमन सिंह तोमर और सुनील शर्मा का नाम है। इधर, सबलगढ़ से कार्यवाहक अध्यक्ष रामनिवास रावत के नाम पर मोहर लगने के बाद विजयपुर में पार्टी दुविधा में है। इस सीट पर प्रत्याशी चयन की जिम्मेदारी को रावत को दी गई है।
स्क्रीनिंग कमेटी में बुंदेलखंड की 6 सीटों पर चर्चा : शुक्रवार को हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में बुंदेलखंड के पांच जिलों की निवाड़ी, जतारा, सागर, बीना, हटा और दमोह सीट पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। कमेटी शनिवार सुबह इस पर चर्चा करेगी। महाकौशल की नरसिंहपुर और गाडरवाड़ा और तेंदूखेड़ा सीट पर दावेदारों के नामों पर विचार होगा।
अरुण ने मांगा खरगोन से टिकट : देवास-शाजापुर संसदीय सीट के तहत आने वाली आठ सीटों में सोनकच्छ से सज्जन सिंह वर्मा के नाम को हरी झंडी दे दी गई है। उज्जैन संसदीय सीट के अंतर्गत आने वाली सीटों में आलोट से प्रेमचंद गुड्डू, बड़नगर से मोहन सिंह पवार, तराना से महेश परमार, खाचरौद-नागदा से दिलीप गुर्जर, घटिया से रामलाल मालवीय का नाम लगभग तय हैं।
वहीं, खरगोन संसदीय सीट से महेश्वर से विजय लक्ष्मी साधौ का नाम पक्का हो गया है। इस सीट से सुनील खांडे का नाम हट गया है। बड़वाह से सचिन बिड़ला का नाम तय है। इसी तरह अरुण यादव खरगोन से टिकट मांग रहे हैं, लेकिन पार्टी इसके लिए तैयार नहीं है। सिर्फ परिवार में एक ही व्यक्ति को टिकट देने के पक्ष में है। सूत्रों के मुताबिक यादव कसरावद से चुनाव लड़ें और पांच महीने बाद होने वाले लोकसभा चुनाव में उनके भाई सचिन यादव को खंडवा संसदीय सीट से उतारा जाए। अब तक 9 राउंड की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में प्रत्याशी चयन को लेकर क्राइटेरिया सिर्फ जीतने वाले उम्मीदवारों को टिकट देने तक सीमित रहा।
भाजपा में भी माथापच्ची- 90 सीटों के सामाजिक व जातिगत समीकरणों पर चर्चा : सर्वे, संगठन के फीडबैक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सुझावों को सामने रखकर भाजपा में प्रत्याशी चयन की कवायद तेज हो गई है। सीएम हाउस में शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे और संगठन महामंत्री सुहास भगत के साथ बड़े नेताओं के बीच हर सीट पर देर रात तक चर्चा चली। बताया जा रहा है कि पार्टी ने करीब 90 सीटों पर जातिगत व
सामाजिक समीकरण के साथ सभी विषयों पर बात की। शनिवार को नेता फिर बैठेंगे। रविवार को शाम चार बजे प्रदेश चुनाव समिति की बैठक बुलाई गई है, जिसमें ज्यादातर सीटों पर पैनल के नामों को सिंगल किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री व प्रदेश संगठन के नेता केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष चर्चा के लिए दिल्ली जा सकते हैं। भाजपा सूत्रों का कहना है कि प्रत्याशियों की पहली सूची 1 या 2 नवंबर को आ सकती है।
बेटे के टिकट के लिए नेताओं से मिलीं ताई : लोकसभा अध्यक्ष व इंदौर से सांसद सुमित्रा महाजन ने शुक्रवार को भोपाल में प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रदेश अध्यक्ष व मुख्यमंत्री से मुलाकात की। साथ ही बेटे मंदार महाजन के लिए इंदौर-तीन सीट से दावेदारी रखी। बताया जा रहा है कि उन्होंने 2013 का भी हवाला दिया कि तब भी मंदार क्षेत्र में सक्रिय थे। अभी भी हैं। उन्हें टिकट दिया जा सकता है।
भोपाल. मिसरोद इलाके में एक साध्वी से उसके ही परिचित ने ज्यादती कर दी। आरोपी ने चाय में नशे की दवा मिलाकर वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता ने दो महीने बाद मिसरोद थाने पहुंचकर ज्यादती का मामला दर्ज कराया।
साध्वी का मिसरोद इलाके में आश्रम हैं। वे उसकी प्रमुख हैं। पुलिस के अनुसार 22 अगस्त की रात करीब 9 बजे उनका परिचित जसपाल सिंह घर पर आया। उसके अनुरोध पर वे चाय बनाकर ले आईं। उसके बाद वे बिस्किट लेने चली गईं। लौटने के बाद उन्होंने साथ में चाय पी। कुछ देर बाद उन्हें बेहोशी छाने लगी। इसी का फायदा उठाकर उसने उनसे गलत काम किया। वारदात के बाद आरोपी ने धमकाते हुए किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
गुरु के पास मेरठ चली गई थीं साध्वी : घटना के बाद महिला अपने गुरु के पास मेरठ चली गई। यहां गुरु से बात कर उन्हें पूरी घटना के बारे में बताया। उनके कहने पर गुरुवार को भोपाल लौटने के बाद उन्होंने मिसरोद थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
मिसरोद टीआई संजीव चौकसे के अनुसार होशंगाबाद रोड की एक पॉश कॉलोनी में साध्वी का आश्रम है। इसमें 40 वर्षीय साध्वी अपने शिष्यों के साथ रहती हैं। दो साल पहले मिसरोद इलाके में भागवत कथा वाचन के दौरान मंडीदीप के इंदिरा नगर निवासी जयपाल सिंह राजपूत पिता ठाकुर सिंह से उनकी पहचान हुई थी। इसके बाद वह साध्वी को कथास्थल तक लाने-ले जाने का काम करने लगा। वह उन्हें दीदी कहता था।
बिस्किट लेने गए तो चाय में मिलाया : मिसरोद टीआई संजीव चौकसे के अनुसार, बीते 22 जुलाई को जयपाल साध्वी के आश्रम में पहुंचा। उसने चाय पीने की इच्छा जाहिर की। साध्वी ने चाय बनाई और दोनों पीने लगे। इसी दौरान जयपाल ने बिस्किट मांगे, साध्वी बिस्किट लेने के लिए अंदर कमरे में गई। इस बीच आरोपित ने उनकी चाय में नशीला पदार्थ मिला दिया। इसे पीने से साध्वी बेसुध हो गई। जयपाल ने इसका फायदा उठाया और साध्वी के साथ दुष्कर्म कर भाग गया। होश आने पर साध्वी ने जब आरोपित को फोन किया तो वह धमकाने लगा।
जान से मारने की धमकी दी : तीन अगस्त को आश्रम पर आकर धमकाया साध्वी ने पुलिस को बताया है कि जयपाल को जब पता चला कि पुलिस में उसकी शिकायत करने वाली है, तो वह तीन अगस्त को उनके आश्रम आ धमका। यहां गाली-गलौज कर अपनी लाइसेंसी पिस्टल दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। टीआई चौकसे का कहना है कि जयपाल की तलाश में मंडीदीप पुलिस से भी सहयोग मांगा गया है।
मुंबई। फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे’ को मराठा मंदिर में लगे हुए 23 वर्ष हो गए हैं और उसने यहां अपने प्रदर्शन के, लगातार 1200 हफ्ते पूरे कर लिए हैं। शाहरुख खान और काजोल अभिनित यह फिल्म वर्ष 1995 में रिलीज हुई थी। शाहरुख ने बुधवार को ट्विटर पर इस प्यार के लिए सभी का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा, ‘‘23 वर्ष पहले शुरू हुआ यह खास सफर आज भी जारी है। आपके प्यार ने राज और सिमरन के प्यार को बड़े पर्दे पर लगातार 1200 हफ्ते तक जिंदा रखा। इतने वर्षों से बिना शर्त के हमसे प्यार करने के लिए शुक्रिया। ‘डीडीएलजे’ के 23 वर्ष..।’’ अदाकारा काजोल ने भी ट्वीट में लिखा, ‘‘1200 हफ्ते पूरे और सफर अब भी जारी है। ‘डीडीएलजे’ को इतने वर्षों तक प्यार देने के लिए आप सभी का शुक्रिया। ‘डीडीएलजे’ कई ... कई वर्षों के लिए...। हम सभी के लिए वह थी, वह है और हमेशा एक खास फिल्म रहेगी।’’आदित्य चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने वर्ष 2015 में 20 वर्ष पूरे किए थे।