ईश्वर दुबे
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भोपाल । कोरोना वायरस से यात्री बैग को सुरक्षित करने भोपाल रेल मंडल ने बैग सैनिटाइजर मशीनें खरीदी हैं। यह मशीन अल्ट्रा वायलेट लैंप के जरिए कोरोना वायरस को मार डालती है। भोपाल स्टेशन पर इस तरह की तीन, इटारसी में दो और बीना, होशंगाबाद, हरदा समेत बाकी के स्टेशनों पर एक-एक मशीनें लगेंगी। ये मशीनें सप्ताह चालू हो जाएंगी। स्टेशन पर प्रवेश करने वाले यात्रियों को अपने बैग इस मशीन में सैनिटाइज कराने होंगे। यात्रियों को 45 से 55 सेकंड में अपना बैग सैनिटाइज होकर मिल जाएगा। इसके लिए यात्रियों को कुछ नहीं करना है, बल्कि मशीन को चलाने वाला ऑपरेटर वहां मौजूद रहेगा। इस तरह कोरोना से यात्री और रेलवे दोनों काफी हद तक सुरक्षित रह सकेंगे। बता दें कि भोपाल रेलवे स्टेशन पर एक मशीन प्लेटफॉर्म-एक व दूसरी प्लेटफार्म-छह की तरफ मुख्य प्रवेश द्वारों पर लगाई जानी है। दोनों के लिए स्थान का चयन पूर्व में ही किया जा चुका है। तीसरी मशीन कहां लगाई जाएगी, यह तय नहीं हुआ है। तीनों मशीनें 7 नवंबर तक चालू होनी हैं। ये मशीनें बैग स्कैनर की तरह काम करेंगी। जैसे ही यात्री स्टेशन में दाखिल होंगे, उन्हें सबसे पहले बैग सैनिटाइजर मशीन ऑपरेटर को देना होगा। वह बैग को मशीन में रखेगा, जहां अल्टा वायलेट लैंप से बैग सैनिटाइज किए जाएंगे। इस तरह बैग संक्रमण मुक्त हो जाएंगे। इस प्रक्रिया में 45 से 55 सेकंड तक का समय लगेगा। फिर बैग स्कैनर से होकर बैग को गुजारा जाएगा। कोरोना संक्रमण के चलते ट्रेनों में चादर, तकिया, कंबल नहीं दिए जा रहे हैं। रेलवे ने कुछ मंडल के स्टेशनों पर एक बार उपयोग कर नष्ट किए जाने वाले चादर, तकिया, कंबल को उपयोग में लाना चालू किया है। इन्हें स्टेशनों पर मामूली शुल्क में बेचा जा रहा है। यह सुविधा भोपाल स्टेशन पर भी शुरू होने वाली है। इसके लिए प्लेटफॉर्म-दो पर काउंटर खोला जाएगा। यात्रियों को इस सुविधा के लिए 150 से 300 रुपये शुल्क चुकाना होगा। इस बारे में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, भोपाल विजय प्रकाश का कहना है कि बैग सैनिटाइजर मशीनें खरीद ली हैं। उन्हें लगाने की तैयारी है। स्थान पूर्व से ही चिन्हित कर लिए थे। रेलवे का मकसद है कि किसी एक भी यात्री के साथ कोरोना वायरस स्टेशन व ट्रेन के अंदर तक न पहुंचे।