ईश्वर दुबे
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भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वन विभाग के साफ्टवेयर-वेबसाइट https://geoportal.mp.gov.in/forestnoc लोकार्पित की। इस साफ्टवेयर वेबसाइट के माध्यम से वन भूमि से लगी प्रतिबंधित सीमा से आगे गैर वन भूमि पर नये उद्योग, कारखाने और रोजगारमूलक प्रतिष्ठान या गतिविधियां संचालित करने के इच्छुक व्यक्ति बिना किसी दफ्तर में गये आवेदन कर सकेंगे और गैर वन भूमि प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकेंगे। इस अवसर पर वन मंत्री कुंवर विजय शाह और मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि भूमि की पड़ताल सैटेलाइट डेटा तथा जियोग्राफिक इंफोर्मेशन सिस्टम की सहायता से स्वत: हो जाएगी। यदि अधिनियमों तथा नियमों के अनुसार भूमि पर वांछित परिवर्तन करना संभव होगा, तो स्वयमेव इसका प्रमाण-पत्र भी जारी हो जाएगा। अपवादात्मक परिस्थितियों के अलावा कहीं भी आवेदक को या शासकीय अधिकारी-कर्मचारी को मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होगी। इससे विकास को गति मिलेगी। जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने तथा नस्तियों का अनुमोदन कराने से भी राहत मिलेगी। साथ ही त्रुटियों के नहीं होने से पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व होशंगाबाद के वनग्रामों से विस्थापित व्यक्तियों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें बुनियादी सुविधायें प्रदान करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा विस्थापितों को जिस भूमि में बसाया गया है, वहां सभी बुनियादी सुविधायें उपलब्ध करायी जाये। मुख्यमंत्री ने पहले विस्थापितों को दी गयी मुआवजा राशि को बढ़ाकर अतिरिक्त राशि प्रदान करने के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि विस्थापित हमारे लोग हैं। वन विभाग और जिला प्रशासन मिलकर बुनियादी सुविधायें प्रदान करें।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वन एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ वन से जुड़े रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की योजना का क्रियान्वयन किया जाये। वनोपज, पर्यटन, आदि कई क्षेत्र हैं जिनके विकास से रोजगार के अवसर बढ़ाये जा सकते हैं। बैठक में प्रमुख सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, पी.सी.सी.एफ. वन्य प्राणी श्री आलोक कुमार, ए.पी.सी.सी.एफ. श्री संजय शुक्ला, फील्ड डायरेक्टर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व श्री एल.कृष्णमूर्ति, एडिशनल सचिव वन श्री अतुल मिश्रा आदि अधिकारी मौजूद थे।