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कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव से मुख्यमंत्री ने की आत्मीय बातचीत

"आपने देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है, आगे भी नई ऊंचाइयां हासिल करें" – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर  जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली राजनांदगांव निवासी एवं छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव से वीडियो कॉल के माध्यम से आत्मीय बातचीत कर उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ज्ञानेश्वरी यादव को रजत पदक जीतने पर पुनः बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता वर्षों की कठिन साधना और निरंतर परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ज्ञानेश्वरी भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत और छत्तीसगढ़ का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आपसे प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से पहले भी मुलाकात हुई थी और आज आपकी सफलता पर पुनः बात करके अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आपने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आपकी उपलब्धि प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रदेश की प्रतिभाएं विश्व मंच पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

ज्ञानेश्वरी यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आत्मीय स्नेह, प्रोत्साहन और शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का आशीर्वाद और प्रदेशवासियों का स्नेह उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव निवासी ज्ञानेश्वरी यादव छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। खेल और सेवा, दोनों क्षेत्रों में उनका समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतकर उन्होंने भारत और छत्तीसगढ़ दोनों का मान बढ़ाया है।

टंडवा में वर्षों पुरानी मांग पूरी: 8 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

​रायपुर,  जुलाई 2026/रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड अंतर्गत ग्राम टंडवा में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कुल 8.32 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान मंत्री श्री वर्मा ने ग्राम टंडवा में 444.55 लाख रुपये की लागत से बनने वाली दैहानपारा से झोपड़ा पारा बैकुंठ सड़क (2.675 किमी) और 387.69 लाख रुपये की लागत वाली टंडवा से बैकुंठ सड़क (2.65 किमी) का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में 5 लाख रुपये के साइकिल स्टैंड और 10 लाख रुपये के प्रार्थना शेड का लोकार्पण भी संपन्न हुआ।

​ मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की वर्षों पुरानी सड़क निर्माण की मांग अब पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में भी इस मार्ग को स्वीकृति दिलाई गई थी, लेकिन तात्कालिक परिस्थितियों के कारण काम रुक गया था। अब न केवल सड़क की स्वीकृति मिली, बल्कि बोनस के रूप में दो प्रमुख सड़कों की सौगात मिली है। इस मार्ग के बनने से विद्यार्थियों, कामगारों, दुकानदारों और आम जनता को आवागमन में समय की बचत होगी और बड़ी सुविधा मिलेगी।​ उन्होंने पंचायत क्षेत्र के कार्यों का ब्योरा देते हुए बताया कि विगत ढाई वर्षों के कार्यकाल में पंचायत में लगभग 77 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्य कराए गए हैं। इनमें शेड निर्माण, महतारी सदन, पीडीएस भवन, उद्यान विकास, शौचालय, साइकिल स्टैंड और स्मार्ट क्लास जैसे जनहितकारी कार्य शामिल हैं।

​छात्रों व युवाओं को दिया जीवन का संदेश

​ छात्र जीवन, प्रशासनिक तथा राजनीतिक अनुभवों को साझा करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राजनीति का असली अर्थ जनसेवा, गरीबों के आंसू पोंछना और विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, न कि सत्ता का प्रदर्शन करना। ​छात्रों और युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति का कद उसकी तारीफ या बुराई से तय नहीं होता, बल्कि उसके कर्मों से तय होता है। हमें पूरी ईमानदारी और लगन से काम करते रहना चाहिए। रामचरितमानस में भी कहा गया है कि 'परहित सरिस धर्म नहीं भाई'—अर्थात दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सबसे बड़ा धर्म है।

​इस अवसर पर जिला और जनपद पंचायत अध्यक्ष, सरपंच, अन्य जनप्रतिनिधिगण, शाला के प्राचार्य, शिक्षकगण, ग्रामीण सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Raipur, July 28, 2026/Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, accompanied by his wife Smt. Kaushalya Sai, visited the world-renowned and historic Bhoramdeo Temple today, where he offered prayers to Lord Shiva and performed customary rituals. Circumambulating the temple, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai prayed for the peace, prosperity, progress and overall welfare of the people of Chhattisgarh.

On the occasion, Shri Sai also participated in the ongoing five-day Maha Chatur Shuddhi Sahasra Kalasham Mahaanushthan, joining the sacred rituals amidst Vedic chants and offering prayers for the state's progress, social harmony and well-being of people of the state.

Addressing the gathering, Chief Minister Shri Sai said that Bhoramdeo stands as a proud symbol of Chhattisgarh's rich cultural heritage, Sanatan traditions and spiritual consciousness. He added that such grand Vedic ceremonies not only preserve and pass on India's ancient spiritual traditions to future generations but also strengthen the values of positive energy, communal harmony and public welfare.

Shri Sai further said that the holy month of Shravan, dedicated to the worship of Lord Shiva, will commence on July 30. Recalling his association with the annual Kanwar Yatra, he said that for the past two years he had the privilege of welcoming Kanwar pilgrims at Bhoramdeo Dham with Deputy Chief Minister Shri Vijay Sharma by showering flower petals upon them. Describing the Kanwar Yatra as a vibrant expression of India's cultural traditions, he announced that he would once again personally visit Bhoramdeo Dham this year to greet the devotees with a floral welcome.

Chief Minister further said that the five-day Mahaanushthan, which began on July 25 under the aegis of the Shri Mahadivya Desham Foundation, is being organised with the collective prayer for the happiness, prosperity and spiritual well-being of Kabeerdham district and the entire state of Chhattisgarh.

According to the Foundation's head, Shri Rajeev Rakul Swami (Kerala), the rituals are based on the ancient Vedic tradition of purification and re-energisation of consecrated temples. The ceremonies are being conducted in accordance with the prescribed rituals and procedures described in the Bhagwan Parashuram Srotam and the Agama Shastras.

On the occasion, Pandariya MLA Smt. Bhavana Bohra, other public representatives, administrative officials, Vedic scholars and a large number of devotees were also present.

Delegation includes traditional tribal leaders, Bastar Pandum artists, Padma Shri awardees and community representatives

Raipur, July 28, 2026/ A 164-member delegation from Bastar left for New Delhi on Tuesday to showcase the region's rich tribal heritage, social traditions and transformation on the national stage. The delegation comprises Paragana Manjhis, Manjhis, Chalkis, community leaders, prominent tribal youth artists from Bastar Pandum 2026, representatives of tribal communities and Padma Shri awardees from Bastar.

The delegation will meet President Smt. Droupadi Murmu at Rashtrapati Bhavan on July 30 and present Bastar's rich cultural heritage, folk traditions and traditional social institutions.

The delegation will convey that Bastar has moved beyond its image of violence and fear and entered a new phase of peace, development and public confidence. It will highlight how the region's youth are earning recognition across the country through their culture, traditions and talent.

The representatives will also inform the President that sustained development initiatives by the government and the continuous efforts of the security forces have led to significant progress in the fight against Naxalism, opening new opportunities in education, tourism, employment and improving the quality of life in the region.

On behalf of the people of Bastar, the delegation will express gratitude to the President and convey that the region is now identified not only for its natural beauty and tribal heritage but also for peace, development, democratic participation and renewed hope. They will emphasise that today's Bastar represents opportunity, confidence and progress.

Deputy Chief Minister Shri Vijay Sharma extended his best wishes to the delegation stating that it represents not only Bastar but also the rich tribal culture, traditions and heritage of the entire state. Bastar's folk culture, customs and social values reaching Rashtrapati Bhavan is a matter of pride for Chhattisgarh.

Shri Sharma added that Bastar is undergoing a profound transformation. Once known for the shadow of Naxalism, the region is now emerging as a centre of peace, development, education, tourism, sports and cultural resurgence.

He said the delegation's visit to the country's highest constitutional institution would showcase this positive change and also convey the gratitude of the people of Bastar for the support received in the decisive fight against Naxalism. The visit, he added, would send a strong message that Bastar today stands for trust, development, culture and new opportunities rather than fear.

अपैक्स बैंक एवं जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्षों के साथ मंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

रायपुर, 28 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई गति देने और बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ अपैक्स बैंक एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अध्यक्ष व वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए।

डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर विस्तृत चर्चा

प्रदेश के किसानों को बेहतर, पारदर्शी और आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री श्री कश्यप ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी पारदर्शिता और समय पर पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए। सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के साथ-साथ डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। सहकारी संस्थाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने के संबंध में विभिन्न सुझावों पर चर्चा की गई।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ है सहकारिता- मंत्री केदार कश्यप

सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयासरत है। सहकारिता व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए इसे मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी बैंकों के अध्यक्षों, पदाधिकारियों एवं अधिकारियों से आपस में बेहतर समन्वय बनाकर काम करने का आह्वान किया, ताकि प्रदेश का सहकारिता क्षेत्र अधिक सशक्त और जनहितैषी बन सके।

उप मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का किया शुभारंभ

छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी जुटे

राज्य में खेलों और खिलाड़ियों के लिए बेहतर इको-सिस्टम तैयार करने कर रहे मंथन

रायपुर. 28 जुलाई 2026. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी भागीदारी कर रहे हैं। वे दिनभर अलग-अलग कई सत्रों में राज्य में खेल और खिलाड़ियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने, खेल प्रतिभाएं को तराशने, उन्हें अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराने, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए तैयार करने तथा खेल अधोसंरचना को मजबूत करने रोडमैप पर मंथन करेंगे।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के पहले सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए खेल एक अहम उपक्रम साबित होगा। राज्य में खेल और खिलाड़ियों के विकास से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के ज्यादा मौके मिलेंगे, उनका सर्वांगीण विकास होगा और वे एक मजबूत मानव संसाधन के रूप में तैयार होंगे, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की तरक्की और बेहतरी के लिए राज्य शासन हर तरह से तैयार है। इसके लिए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल संघों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने राज्य की मौजूदा खेल अधोसंरचनाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हुए इनके संचालन और खिलाड़ियों के लिए उपलब्धता की सुदृढ़ व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।

श्री साव ने 'विजन टू विक्ट्री' थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में 'नेतृत्व, खेल प्रोत्साहन और प्रतिभा खोज' सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों के बीच होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य में बेहतर खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए लागू किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलों में खेल संघों के गठन, उनके व्यवस्थित व मजबूत ढांचे, नियमित गतिविधियों और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर जोर दिया।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आज यहां होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य की नई खेल नीति में शामिल किया जाएगा। उन्होंने खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने राज्य शासन द्वारा किए जा रहे आयोजनों और कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अभी 150 करोड़ रुपए से अधिक के खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।

कॉन्क्लेव के पहले सत्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम की कप्तान सुश्री किरण पिस्दा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खिलाड़ियों के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म है। राज्य में पहली बार हो रहे इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव से खिलाड़ियों को बहुत फायदा होगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने यहां रोडमैप तैयार होगा, जिसका लाभ सभी खिलाड़ियों को मिलेगा।

कॉन्क्लेव में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर श्री राजेश चौहान, ओलंपियन श्री जिन्शन जॉनसन और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया सहित अनेक स्पोर्ट्स प्रोफेशनल, सभी जिलों के खेल अधिकारी, प्रशिक्षक, पदक विजेता खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी मौजूद थे।

राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात, बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति से कराएंगे परिचित

प्रतिनिधिमंडल में मांझी, चालाकी, बस्तर पंडुम के जनजातीय कलाकार और समाज प्रतिनिधि शामिल

नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मिली ऐतिहासिक सफलता के लिए जताएंगे आभार

रायपुर, 28 जुलाई 2026/ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सामाजिक परंपराओं और बदलते बस्तर की नई तस्वीर को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से बस्तर के परगना मांझी, चालाकी, समाज प्रमुख, बस्तर पंडुम-2026 के प्रसिद्ध जनजातीय युवा कलाकार, जनजातीय समाज प्रतिनिधि तथा बस्तर के पद्मश्री सम्मान प्राप्तकर्ताओं सहित 164 व्यक्तियों का प्रतिनिधिमंडल आज दिल्ली के लिए रवाना हुआ। यह प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू से 30 जुलाई 2026 को मुलाकात करेगा तथा बस्तर की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और सामाजिक व्यवस्था से उन्हें अवगत कराएगा।

बस्तर के युवा संस्कृति, परंपराओं और प्रतिभा के बल पर देशभर में बना रहे नई पहचान

प्रतिनिधिमंडल के सदस्य राष्ट्रपति के समक्ष यह संदेश भी रखेंगे कि आज का बस्तर हिंसा और भय की पहचान से निकलकर शांति, विकास और विश्वास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। बस्तर के युवा अपनी संस्कृति, परंपराओं और प्रतिभा के बल पर देशभर में नई पहचान बना रहे हैं। वे राष्ट्रपति को बताएंगे कि शासन की विकासोन्मुखी पहल और सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों से नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है, जिससे बस्तर में शिक्षा, पर्यटन, रोजगार और जनजीवन को नई गति मिली है।

बस्तर की नई पहचान शांति, विकास और लोकतांत्रिक भागीदारी

प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के प्रति बस्तरवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए संदेश देंगे कि अब बस्तर की पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जनजातीय संस्कृति ही नहीं, बल्कि शांति, विकास, लोकतांत्रिक भागीदारी और नई उम्मीदों से भी जुड़ चुकी है। बस्तर के युवा पूरे देश को बताएंगे कि नया बस्तर अवसरों, आत्मविश्वास और प्रगति का बस्तर है।

राष्ट्रपति भवन तक पहुंचेगी बस्तर की लोकसंस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक मूल्यों की गूंज

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने दिल्ली रवाना हो रहे बस्तर के परगना मांझी, चालाकी, समाज प्रमुखों एवं युवा प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रतिनिधिमंडल केवल बस्तर का नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली विरासत का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन तक बस्तर की लोकसंस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक मूल्यों की गूंज पहुंचना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आज का बस्तर बदल रहा है। कभी नक्सलवाद की छाया से पहचाना जाने वाला बस्तर अब शांति, विकास, शिक्षा, पर्यटन, खेल और सांस्कृतिक चेतना की नई पहचान बना रहा है। हमारे युवा देश की सर्वाेच्च संवैधानिक संस्था तक पहुंचकर इस सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल माननीय राष्ट्रपति के समक्ष बस्तरवासियों की ओर से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में मिले सहयोग और देश के नेतृत्व के प्रति आभार भी व्यक्त करेगा। यह यात्रा देश को यह संदेश देगी कि बस्तर अब भय का नहीं, बल्कि विश्वास, विकास, संस्कृति और नए अवसरों का बस्तर है।

रायपुर 28 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज सपत्नीक श्रीमती कौशल्या साय के साथ विश्वप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा मंदिर की परिक्रमा कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पंच दिवसीय महा चतुर शुद्धि सहस्र कलशम् महाअनुष्ठान में भी सम्मिलित हुए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर प्रदेश की उन्नति, सामाजिक सद्भाव और लोकमंगल की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भोरमदेव छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का गौरवशाली प्रतीक है। ऐसे महाअनुष्ठान हमारी प्राचीन वैदिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भाव और लोककल्याण की भावना को भी सशक्त बनाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आगामी 30 जुलाई से भगवान शिव की आराधना का पावन श्रावण मास प्रारंभ होने जा रहा है। पिछले दो वर्षों से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के साथ भोरमदेव धाम पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक भी है।
इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के अभिनंदन के लिए वे स्वयं भोरमदेव धाम पहुंचकर पुष्पवर्षा करेंगे।

उल्लेखनीय है कि श्री महादिव्य देशम फाउंडेशन के तत्वावधान में 25 जुलाई से प्रारंभ यह पंच दिवसीय महाअनुष्ठान कबीरधाम सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ के सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक कल्याण की भावना से आयोजित किया जा रहा है। फाउंडेशन के प्रमुख राजीव राकुल स्वामी (केरल) के अनुसार यह अनुष्ठान प्राण-प्रतिष्ठित मंदिरों के शुद्धिकरण एवं दिव्य ऊर्जा के पुनर्संचार की प्राचीन वैदिक परंपरा पर आधारित है, जिसे भगवान परशुराम स्रोतम तथा आगम शास्त्रों में वर्णित विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक पंडरिया श्रीमती भावना बोहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वैदिक आचार्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

अब अंगुलिका उत्पादन से बढ़ाएंगी आमदनी

रायपुर, 28 जुलाई 2026/ स्पान संवर्धन योजना छत्तीसगढ़ शासन के मत्स्य पालन विभाग द्वारा चलाई जा रही एक कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मछली बीज (स्पान) का स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाना, आदिवासी और स्थानीय मत्स्य कृषकों को वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन सिखाना और उनकी आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत मत्स्य कृषकों को उच्च गुणवत्तायुक्त मछली बीज (स्पान) और नर्सरी जाल बिल्कुल मुफ्त दिए जाते हैं। किसानों को तालाब की तैयारी, स्पान संचयन, नर्सरी प्रबंधन और जल की गुणवत्ता सुरक्षित रखने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।

छत्तीसगढ़ शासन के मछली पालन विभाग की स्पान संवर्धन योजना बस्तर जिले के ग्रामीण किसानों के लिए आर्थिक स्वावलंबन का एक नया और सशक्त जरिया बन रही है। योजना का लाभ उठाकर बस्तर विकासखंड के ग्राम सिवनी की महिला किसान मनकी बघेल ने महज दो महीने में 15 हजार रुपये की अतिरिक्त कमाई कर क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है।

सरकारी मदद और मेहनत से मिली सफलता

मत्स्यपालन विभाग द्वारा मई माह में मनकी बघेल को मिश्रित प्रजाति के लगभग 25 हजार स्पॉन उपलब्ध कराए गए थे। इसके साथ ही तालाब की उर्वरता बढ़ाने के लिए खाद और आहार के रूप में खल्ली दी गई। मनकी ने अपने परिवार के 1 एकड़ में फैले 2 तालाबों में स्पॉन का संवर्धन किया। नियमित आहार, देखभाल और जाल चलाकर की गई निगरानी के बल पर कम समय में उच्च गुणवत्ता की मत्स्य अंगुलिकाएं तैयार हो गईं। विभाग ने तैयार मत्स्य बीज को सुरक्षित बाजार तक पहुंचाने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, पॉलिथीन बैग, बोरी और जाल निःशुल्क उपलब्ध कराए।

कम समय में बेहतर मुनाफा

मनकी बघेल के भतीजे सुखलाल बघेल ने बताया कि अब तक लगभग 30 किलोग्राम मत्स्य अंगुलिकाएं 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेची जा चुकी हैं, जिससे परिवार को 15 हजार रुपये की सीधी आय हुई है। वर्तमान में तालाब में करीब 50 किलोग्राम अंगुलिकाएं बिक्री के लिए और तैयार हैं, जिनसे आगे भी अच्छी कमाई की उम्मीद है। सुखलाल के अनुसार, अंगुलिका उत्पादन पारंपरिक मछली पालन की तुलना में अधिक लाभदायक साबित हो रहा है।

खेती के साथ मत्स्य पालन से मजबूत होगी आर्थिक स्थिति

बघेल परिवार 7 एकड़ भूमि में खरीफ सीजन के दौरान उन्नत धान और रबी सीजन में नदी किनारे 2 एकड़ में मक्का व सब्जियों की खेती करता है। इस सफल अनुभव से उत्साहित होकर परिवार ने अगले वर्ष अंगुलिका उत्पादन का विस्तार करने का फैसला किया है, जिससे कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन को भी अपनी आय का मुख्य स्तंभ बनाया जा सके।

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai to attend the Conclave's Evening Session

Deputy Chief Minister Shri Arun Sao to Inaugurate the Conclave

Raipur, July, 2026/Chhattisgarh will host its first-ever Sports Conclave on July 28 at the Courtyard by Marriott Hotel, Raipur. Sports administrators, experts, sports scientists, and renowned athletes from across the country will deliberate on a roadmap to strengthen sports infrastructure, athlete training, and sports development in the state. Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai will attend the evening session, where he will present awards to Chhattisgarh athletes who won medals at the first Khelo India Tribal Games held in the state this year. Deputy Chief Minister and Sports & Youth Welfare Minister Shri Arun Sao will inaugurate the conclave at 11:00 a.m.

The day-long conclave will feature seven thematic sessions covering athlete training, capacity building, sports science, high-performance participation, creating a supportive sporting ecosystem, improving sports facilities and strengthening sports infrastructure. The concluding session will present the key recommendations from all discussions, which will be implemented to promote sports and athlete development in Chhattisgarh.

Deputy Chief Minister Shri Arun Sao will address the inaugural session on "Leadership, Sports Promotion and Talent Identification". International kabaddi player Ms Sanju Devi, international footballer Ms Kiran Pisda, swimmer Ms Anushka Bhagat and athlete Shri Lucky Markam will share the stage with him during the session.

The conclave will deliberate on Leadership, Sports Promotion & Talent Identification, Vision 2036: Preparing India's Next Generation of Olympic Champions, Possible Pathways in Sports Development, Role of Sports Federations & Associations in the Development of Sports, From Injury to Excellence: The Role of Sports Science in Recovery and Performance, Public-Private Partnership (PPP) for Sports Infrastructure, Academies & Olympic Vision, Khelo India Mission: Building a Sporting Nation, and Medal Strategy for Chhattisgarh & State Sports Policy.

Among the keynote speakers will be Olympian Shri Jinson Johnson, eminent educationist and sports scientist Dr Ratnesh Singh, General Secretary of the Chhattisgarh Olympic Association Shri Vikram Sisodia, High Performance Analyst Shri Ronak Kothari, National Secretary of PEFI Dr Piyush Jain, and Khelo India Deputy Director General Shri Mayank Srivastava, who will share their expertise during various sessions of the conclave.

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