ईश्वर दुबे
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Bhilai
वार्ड 28 पंजरी प्लांट में 33 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन, वार्ड 9 नवागढ़ी में 8 लाख रुपए के शेड का लोकार्पण
रिंग रोड, नालंदा परिसर, नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय सहित शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता
पंजरी प्लांट में ऑक्सीजोन और ओपन जिम की घोषणा, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण
रायपुर, अगस्त 2026/ प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के साथ रायगढ़ शहर में नागरिक सुविधाओं और अधोसंरचना के विस्तार के लिए भी लगातार योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी ने आज रायगढ़ प्रवास के दौरान नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता ऐसे विकास कार्यों को धरातल पर उतारना है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिले और रायगढ़ आने वाले वर्षों में आधुनिक, सुविधायुक्त एवं व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित हो।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने वार्ड क्रमांक 28 पंजरी प्लांट में 33 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन एवं शासकीय स्कूल में बाउंड्रीवाल निर्माण का भूमिपूजन किया। वहीं वार्ड क्रमांक 9 नवागढ़ी में 8 लाख रुपए की लागत से निर्मित शेड का लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों से स्थानीय नागरिकों को सामुदायिक गतिविधियों, शिक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध होगी।
समग्र विकास के साथ नागरिक सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। विकास का उद्देश्य केवल बड़े निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि ऐसी सुविधाएं विकसित करना है, जिनसे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आने वाले वर्षों में रायगढ़ शहर में 10 ऑक्सीजोन विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे शहर में हरित क्षेत्र का विस्तार होगा और नागरिकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ऑक्सीजोन के साथ सार्वजनिक स्थलों पर स्वास्थ्य, व्यायाम एवं मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जाएगा।
रिंग रोड से मजबूत होगी शहर की अधोसंरचना
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की बढ़ती जरूरतों और यातायात के दबाव को देखते हुए शहर की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 600 करोड़ रुपए की लागत से रिंग रोड के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। रिंग रोड के निर्माण से शहर के यातायात को बेहतर बनाने के साथ ही भविष्य के अधोसंरचना विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में नालंदा परिसर का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा जिले में नर्सिंग महाविद्यालय एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय खोलने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ में प्रयास विद्यालय पहले से संचालित है और आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि जिलेवासियों को उच्च गुणवत्ता की सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।
पंजरी प्लांट में ऑक्सीजोन और ओपन जिम की सौगात
पंजरी प्लांट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने क्षेत्रवासियों के लिए पर्यावरण एवं स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण सौगात की घोषणा की। उन्होंने उपभोक्ता फोरम के पास ऑक्सीजोन विकसित करने तथा ओपन जिम स्थापित करने की घोषणा की। इससे क्षेत्र के नागरिकों को हरित वातावरण के साथ व्यायाम एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि हरित रायगढ़ के निर्माण में जनभागीदारी महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, श्री सुरेश गोयल, श्री पावन अग्रवाल, श्री आशीष ताम्रकार सहित पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
7 से 17 अगस्त तक आयोजित होंगे राज्यस्तरीय देशभक्ति कार्यक्रम
रायपुर, अगस्त 2026 / देश भर में 'हर घर तिरंगा' अभियान 9 से 17 अगस्त 2026 तक मनाया जा रहा है। इस वर्ष यह राष्ट्रव्यापी उत्सव 'वंदे मातरम्' के 150वें वर्ष के स्मरणोत्सव को समर्पित है, जिससे देशभक्ति का माहौल और अधिक बढ़ गया है । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में इस वर्ष का स्वतंत्रता पर्व जनभागीदारी और राष्ट्रप्रेम का व्यापक जनआंदोलन बनने जा रहा है। संस्कृति विभाग द्वारा केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत 7 से 17 अगस्त तक प्रदेशभर में 'हर घर तिरंगा' अभियान, 'वंदे मातरम्' गायन और विभिन्न सांस्कृतिक व देशभक्ति कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया जाएगा।
9 से 17 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा' और 7 से 15 अगस्त तक 'वंदे मातरम्' गायन
संस्कृति विभाग के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में 9 से 17 अगस्त 2026 तक 'हर घर तिरंगा' अभियान चलाया जाएगा, जबकि 7 से 15 अगस्त तक 'वंदे मातरम्' गायन और संबंधित सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित होंगी। 15 अगस्त को ध्वजारोहण के बाद पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर सामूहिक राष्ट्रगान और वंदे मातरम् गायन होगा।
तिरंगा यात्राएं, रैलियां और मैराथन
अभियान के दौरान सभी जिला मुख्यालयों, विकासखंडों, ग्राम पंचायतों और शैक्षणिक संस्थानों में तिरंगा यात्राएं, बाइक व कार रैलियां, मशाल रैलियां तथा तिरंगा मैराथन आयोजित की जाएंगी। इनमें जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों, पुलिस, NCC, NSS, स्काउट-गाइड और आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रहेगी।
तिरंगा सेल्फी, कॉन्सर्ट और ऑडियो-वीडियो बूथ
तिरंगा सेल्फी नागरिक अपने घरों पर फहराए गए तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर 'हर घर तिरंगा' पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा कैनवास, तिरंगा मेले और देशभक्ति कॉन्सर्ट आयोजित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्वदेशी उत्पादों व कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेशभर में ऑडियो और वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक स्वयं वंदे मातरम् गाकर अपनी रिकॉर्डिंग अपलोड कर सकेंगे।
14 अगस्त को मनाया जाएगा 'विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस'
14 अगस्त को भारत विभाजन की विभीषिका और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को याद करते हुए विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इस अवसर पर राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर देशभक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के प्रभावी क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग और मूल्यांकन को मिलेगी नई गति
रायपुर, अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण( सीजीएसडीएमए) में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) एवं राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमति शम्मी आबिदी ने बताया कि राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, मानसून अवधि की तैयारियों तथा आपदा प्रतिक्रिया तंत्र के बारे में बताया। राज्य में बाढ़, अतिवृष्टि, आकाशीय बिजली एवं भूस्खलन जैसी मौसमी आपदाओं की तैयारियों की समीक्षा की। राज्य एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की कार्यप्रणाली तथा समन्वय व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी दी। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं जिला प्रशासन के मध्य त्वरित प्रतिक्रिया एवं समन्वय को और सुदृढ़ बनाने पर विचार किया गया। इसी तरह से पूर्व चेतावनी प्रणाली सचेत प्लेटफॉर्म एवं सेल ब्रॉडकास्ट आधारित अलर्ट प्रणाली की प्रभावी उपयोग की भी समीक्षा की गई। एनडीएमए के संयुक्त सलाहकार श्री संजीव सही द्वारा राज्य में किये जा रहे आपदा प्रबंधन कार्यों में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग पर प्रकाश डाला।
मॉक एक्सरसाइज, क्षमता निर्माण, सामुदायिक जागरूकता तथा संसाधनों की उपलब्धता पर चर्चा हुई। इसी तरह से आगामी मानसून अवधि के दौरान संवेदनशील जिलों में बेहतर समन्वय एवं त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने, पूर्व तैयारी को मजबूत करने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।
बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बाढ़ नियंत्रण को लेकर कान्फ्रेंस
कैम्पा मद के अन्तर्गत कार्यो की समीक्षा
रायपुर, अगस्त 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में कैम्पा (CAMPA) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आज आयोजित की गई। बैठक में वनों के संरक्षण, पर्यावरण विकास और वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बढ़ेगी विकास की गति
मुख्य सचिव ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कैम्पा मद के तहत वन क्षेत्रों में पुल-पुलियों, पहुंच मार्गों और आवश्यक भवनों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने विशेष रूप से नक्सल मुक्त हुए क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया, ताकि इन सुदूर क्षेत्रों तक शासन की पहुंच और विकास का लाभ त्वरित गति से पहुंच सके।
वर्ष 2026-27 के लिए 713.73 करोड़ रुपये की कार्ययोजना अनुमोदित
बैठक के दौरान विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि वर्ष 2026-27 के लिए 713 करोड़ 73 लाख रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को अनुमोदित कर अंतिम स्वीकृति हेतु केंद्र सरकार (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय) को भेज दिया गया है, जिसमें से 436 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इसके अलावा बैठक में वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान हुए कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
पर्यावरण व वन्यजीव संरक्षण पर ध्यान
छत्तीसगढ़ में कैम्पा निधि से किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि राज्य में सिंचित व असिंचित वृक्षारोपण, क्षतिपूर्ति वनीकरण, बांस वनों की पुनर्स्थापना, वनों के घनत्व में वृद्धि के लिए सिल्वीकल्चरल कार्य, वन्यप्राणी प्रबंधन, चरागाह विकास, चेक डैम व तालाबों के माध्यम से भू-जल संरक्षण और कनेक्टिविटी सुधार के कार्य निरंतर जारी हैं।
इस उच्च स्तरीय बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पीसीसीएफ श्री अरूण पाण्डेय, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण सचिव श्री अंकित आनंद, कैंपा सीईओ श्रीमती शालिनी रैना सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 67.20 लाख माताओं और बहनों के खातों में डीबीटी के माध्यम से अंतरित किए 630.55 करोड़ रुपये
महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का मजबूत संकल्प, योजना के तहत अब तक 19,444.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का वितरण
महतारी वंदन योजना मातृशक्ति के सम्मान, आत्मनिर्भरता और परिवारों की समृद्धि का अभियान - मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 67 लाख 20 हजार 125 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 630 करोड़ 55 लाख 54 हजार 300 रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार तथा संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की उन प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि जब माताएं और बहनें आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं, तब परिवार मजबूत होता है, बच्चों का भविष्य सुरक्षित होता है और समाज विकास की नई दिशा में आगे बढ़ता है। इसलिए मातृशक्ति का सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह योजना केवल प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। प्रदेश के लाखों परिवारों में यह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उपयोग हो रही है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भूमिका और अधिक सशक्त हुई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अनेक महिलाएं महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का सदुपयोग करते हुए अपने बच्चों की शिक्षा पर खर्च कर रही हैं। कई माताएं अपनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में नियमित निवेश कर रही हैं। वहीं बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, डेयरी, किराना दुकान, सब्जी विक्रय, पशुपालन, अगरबत्ती निर्माण तथा अन्य छोटे स्वरोजगार शुरू कर अपनी आय बढ़ाई है। इससे वे न केवल परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी प्रस्तुत कर रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। महतारी वंदन योजना इसी सोच का परिणाम है, जिसमें हर महीने बिना एक हजार रुपए की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। डीबीटी व्यवस्था ने पारदर्शिता बढ़ाई है और महिलाओं में शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वरोजगार, कौशल विकास तथा वित्तीय समावेशन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना इन सभी प्रयासों का महत्वपूर्ण आधार बनकर महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सम्मान प्रदान कर रही है।
1 मार्च 2024 से पूरे प्रदेश में लागू है योजना : 30 किस्तों में 19,444.33 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
महतारी वंदन योजना का शुभारंभ 1 मार्च 2024 को किया गया था। आज जारी की गई 30वीं किस्त के बाद योजना के अंतर्गत वितरित कुल राशि बढ़कर 19 हजार 444 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक हो गई है।महतारी वंदन योजना का प्रभाव अब प्रदेश के लाखों परिवारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है, घरेलू निर्णयों में उनकी भागीदारी मजबूत हुई है तथा बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ा है। अनेक परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों तथा छोटे-छोटे व्यवसायों के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करना प्रारंभ किया है। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण ही समावेशी विकास की सबसे मजबूत आधारशिला है। महतारी वंदन योजना इसी सोच को साकार करते हुए मातृशक्ति के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती प्रदान कर रही है तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
रायपुर, अगस्त 2026/कार्यालय आयुक्त चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य भवन, नवा रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय एवं निजी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में संचालित स्नातक पाठ्यक्रम (एमबीबीएस/बीडीएस) में प्रवेश वर्ष 2026 के प्रथम चरण काउंसिलिंग हेतु ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किये गये हैं।
सूचना के अनुसार सभी आवेदकों को ऑनलाईन आवेदन करने से पूर्व क्रमांक RULE-503/30/2025/MED, छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) स्नातक प्रवेश नियम, 2025 का, विशेषकर आरक्षण, काउंसिलिंग प्रक्रिया एवं बॉण्ड से संबंधित प्रावधानों का, पूर्णतः अध्ययन करने की सलाह दी गई है। यह नियमावली वेबसाइट www.cgdme.in एवं
https://cgdme.admissions.nic.in/
पर उपलब्ध है।
ऑनलाईन आवेदन शुल्क अनारक्षित (UR) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी के आवेदकों के लिए 1000 रुपये, अनुसूचित जनजाति (ST) एवं अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी के आवेदकों के लिए 500 रुपये तथा अप्रवासी भारतीय (NRI) श्रेणी के आवेदकों के लिए 10,000 रुपये निर्धारित की गई है, जो अप्रतिदेय (Non Refundable) होगी। पंजीयन राशि (सुरक्षा निधि) संबंधी विवरण के लिए सूचना के पेज क्रमांक 2 पर दी गई तालिका देखने को कहा गया है।
ऑनलाईन आवेदन 09 अगस्त 2026 को सुबह 11:00 बजे से प्रारंभ होकर 16 अगस्त 2026 को रात्रि 11:59 बजे तक चलेगा। वहीं च्वाइस फिलिंग एवं लॉकिंग की प्रक्रिया भी 09 अगस्त 2026 को सुबह 11:00 बजे से शुरू होकर 17 अगस्त 2026 को रात्रि 11:59 बजे तक जारी रहेगी।
आयुक्त चिकित्सा शिक्षा द्वारा जारी इस सूचना में आवेदकों से अपील की गई है कि ऑनलाईन आवेदन से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए वेबसाइट www.cgdme.in एवं
https://cgdme.admissions.nic.in/
का अवलोकन करें।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बदलते बस्तर की प्रेरक तस्वीर : आत्मसमर्पित महिलाओं ने किया रैंप वॉक
प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
हथकरघा हमारी संस्कृति, रोजगार और आत्मनिर्भरता की सशक्त पहचान - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
नवाचारों से 'लोकल टू ग्लोबल' की यात्रा होगी और सशक्त: इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का शुभारंभ
रायपुर अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने रेशम, हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी एवं माटीकला बोर्ड के विभिन्न हितग्राहियों तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को 10 करोड़ 90 लाख रुपये से अधिक की अनुदान एवं पुरस्कार राशि वितरित की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ के नए प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड 'कोशल फैब' का शुभारंभ करते हुए उसके लोगो एवं कैटलॉग का विमोचन किया। साथ ही उन्होंने हथकरघा इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का भी शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों, विशेषकर बुनकरों एवं शिल्पकारों को, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त 1905 को प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में इस दिवस को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ का कोसा, बस्तर की बुनाई तथा प्रदेश के पारंपरिक हथकरघा उत्पाद देश-दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हथकरघा उत्पादों को 'लोकल टू ग्लोबल' की नई पहचान दिलाना है। इसके लिए आधुनिक डिज़ाइन, कौशल उन्नयन, प्रशिक्षण, ब्रांडिंग, विपणन तथा नए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत किए गए अधिकांश वादों को राज्य सरकार ने पूरा किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। किसानों को धान खरीदी की अंतर राशि का भुगतान, भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण तथा तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका योजना का पुनः संचालन सरकार की जनकल्याणकारी सोच का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह एवं भ्रष्टाचार-मुक्त शासन व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। ई-ऑफिस व्यवस्था, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और घर बैठे शासकीय सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना तथा आत्मनिर्भर और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।
सुशासन, नीति निर्माण और साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रणाली को मिलेगा बढ़ावा
रायपुर, अगस्त 2026/ योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ शासन एवं भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर (IIM Raipur) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य सुशासन, प्रभावी नीति निर्माण, संस्थागत क्षमता विकास, साक्ष्य-आधारित निर्णय, अनुसंधान तथा सतत विकास के क्षेत्रों में अकादमिक एवं व्यावसायिक सहयोग को मजबूत करना है।
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, राज्य नीति आयोग की ओर से सचिव श्री भुवनेश यादव एवं आईआईएम रायपुर की ओर से निदेशक-प्रभारी प्रो. संजीव पराशर ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, नीति अनुसंधान, परामर्श, डेटा एनालिटिक्स, शोध एवं दस्तावेजीकरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा।
प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पर जोर
एमओयू के अंतर्गत शासकीय अधिकारियों के लिए नेतृत्व विकास, मिड-कैरियर एग्जीक्यूटिव एवं कस्टमाइज्ड मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किए जा सकेंगे। इकोनोमेट्रिक्स, रिसर्च मेथडोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पब्लिक पॉलिसी, नेतृत्व एवं प्रबंधकीय कौशल जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण दिए जाएंगे।
नीति अनुसंधान और डेटा आधारित निर्णय को बढ़ावा
दोनों संस्थान नीति अनुसंधान, प्रभाव आकलन, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन, बेंचमार्किंग, संस्थागत सुदृढ़ीकरण, रणनीतिक परामर्श और डेटा आधारित निर्णय सहयोग के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। छत्तीसगढ़ की विकास प्राथमिकताओं से जुड़े शोध, केस स्टडी, पॉलिसी ब्रीफ एवं शोध रिपोर्ट भी तैयार की जा सकेंगी।
लाइव एनालिटिक्स प्रोजेक्ट और विद्यार्थियों की सहभागिता
आईआईएम रायपुर के फैकल्टी एवं विद्यार्थियों द्वारा डेटा एनालिटिक्स आधारित लाइव प्रोजेक्ट, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, गवर्नेंस इनोवेशन एवं एप्लाइड रिसर्च किए जा सकेंगे। विद्यार्थियों को समर इंटर्नशिप, फील्ड इमर्शन, लाइव कंसल्टिंग, एक्शन रिसर्च एवं कैपस्टोन प्रोजेक्ट के माध्यम से शासकीय योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
ज्ञान एवं विशेषज्ञता का होगा आदान-प्रदान
एमओयू के तहत संयुक्त कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, पॉलिसी डायलॉग, स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन एवं राउंडटेबल आयोजित किए जाएंगे। आईआईएम रायपुर के विशेषज्ञों, शासकीय अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों की प्रशिक्षण, शोध एवं परामर्श गतिविधियों में सहभागिता होगी। लागू नियमों के अधीन अकादमिक संसाधन, शोध प्रकाशन, डेटाबेस, गैर-गोपनीय डेटा एवं तकनीकी विशेषज्ञता भी साझा की जा सकेगी।
यह समझौता छत्तीसगढ़ में नीति निर्माण एवं शासन व्यवस्था को अधिक डेटा-आधारित, शोधपरक और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। आईआईएम रायपुर की अकादमिक विशेषज्ञता और राज्य नीति आयोग एवं योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की नीतिगत समझ के समन्वय से राज्य की विकास प्राथमिकताओं पर अनुसंधान, नवाचार एवं प्रभावी नीति सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।