ईश्वर दुबे
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Bhilai
नयी दिल्ली। दूरसंचार कंपनियों के कुल राजस्व में बीते साल यानी 2018 में 7.13 प्रतिशत की कमी आई है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई)ने बुधवार को यह जानकारी दी। इस दौरान सरकार को दूरसंचार आपरेटरों से मिलने वाली लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम शुल्क में भी क्रमश: 10.29 प्रतिशत और 17.7 प्रतिशत की गिरावट आई है। ट्राई की 2018 में दूरसंचार सेवाओं के प्रदर्शन के बारे में जानकारी देने वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि बीते साल कंपनियों का दूरसंचार सेवाओं की बिक्री से अर्जित समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) 10 प्रतिशत घटकर 1,44,446 करोड़ रुपये रह गया, जो 2017 में 1,60,814 करोड़ रुपये था।
दूरसंचार सेवाओं के कुल एजीआर में एक्सेस सेवाओं का हिस्सा 71.19 प्रतिशत रहा। एक्सेस सेवाओं में सकल राजस्व, एजीआर, लाइसेंस शुल्क और एसयूसी में क्रमश: 8.88 प्रतिशत, 16.13 प्रतिशत, 16.20 प्रतिशत और 17.82 प्रतिशत की गिरावट आई। ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार एक्सेस सेवाओं से भारती एयरटेल का एजीआर सालाना आधार पर 26.95 प्रतिशत, वोडाफोन का 8.12 प्रतिशत और आइडिया का 65.61 प्रतिशत घटा। पिछले साल अगस्त में वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के परिचालन का विलय हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान रिलायंस जियो का एजीआर 316.5 प्रतिशत बढ़कर 31,097 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों का दूरसंचार सेवाओं से एक्सेस एजीआर में हिस्सा घटकर 9.66 प्रतिशत पर आ गया। इससे पिछले साल यह 10.23 प्रतिशत रहा था।