ईश्वर दुबे
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Bhilai
नई दिल्ली । पिछले साल भारतीय क्रिकेट में इस बात को लेकर काफी चर्चा रही थी कि आखिर कितने समय तक क्रिकेटर अपने गर्लफ्रेंड और पत्नियों को साथ रख सकते हैं। दरअसल सीओए ने पिछले साल 21 मई को मीटिंग में यह तय किया था कि अगर कोई खिलाड़ी तय समय से ज्यादा समय के लिए अपनी पत्नी और गर्लफ्रेंड को रखना चाहते हैं,तब इसके लिए उन्हें कप्तान और कोच से बात करनी होगी। हालांकि अब बीसीसीआई इसमें बदलाव करने वाली है।
बीसीसीआई के एक बड़े अधिकारी ने कहा है कि अगर खिलाड़ियों को अपने परिवार को साथ रखना है,तब उन्हें इसके लिए बीसीसीआई से बात करनी होगी। सीओए के पुराने फैसले के मुताबिक विजिटर पीरियड के बाहर अगर कोई खिलाड़ी किसी को साथ रखना चाहता है,तब उन्हें टीम के कोच और कप्तान से बात करनी पड़ती थी। हालांकि इससे सभी खिलाड़ी सहमत नहीं थे। ऐसा माना गया था कि खिलाड़ी कप्तान से इस तरह की चीजों के लिए अनुमति लेने में सहज नहीं थे। सीओए की पूर्व सदस्य डायना एडुलजी ने इस फैसले का स्वागत कर कहा, टीम के माहौल के लिए यह सही है। खिलाड़ी अब आपस में असहज महसूस नहीं करने वाले है। इस तरह के फैसले कप्तान और कोच को नहीं बल्कि बीसीसीआई को ही लेने चाहिए। कप्तान और कोच का काम खेल पर ध्यान देना है।