ईश्वर दुबे
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नई दिल्ली ।कांग्रेस में घमासान जारी है। पार्टी ने बयानबाजी कर रहे वरिष्ठ नेताओं को अनुशासन के दायरे में रहकर बात करने की नसीहत दी है। वहीं, वरिष्ठ नेताओं के बयान पर पलटवार कर रहे पार्टी नेताओं को भी चुप रहने की सलाह दी है। इस बीच, वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के बयान के बाद हंगामा जारी है। हरियाणा कांग्रेस के नेता कुलदीप विश्नोई ने आजाद पर पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया है। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस की नई पीढ़ी ने वरिष्ठ नेताओं से अनुशान सीखा है। ऐसे में वह अनुशासन तोड़ते हैं, तो दुख होता है। यह नेता सीडब्लूसी के नामित सदस्य हैं। पार्टी के अंदर कई ऐसे मंच है, जहां वह अपनी बात रख सकते हैं। ऐसे में सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी करें, तो गलत है। उन्होंने इन नेताओं के बयानों पर पलटवार की भी निंदा की है। वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद का नाम लिए बगैर पवन खेड़ा ने कहा कि वह सीडब्लूसी के नामित सदस्य हैं। संगठन और सरकार में भी कई पदों पर रहे। खेड़ा ने कहा कि जिन्होंने चुनाव की मांग की है, उनका युवा कांग्रेस के चुनाव के बारे में क्या कहना है। कांग्रेस का दावा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के अंदर विभिन्न मंचों पर हार की समीक्षा पर चर्चा हुई है। कांग्रेस कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य कुलदीप विश्नोई ने गुलाम नबी आजाद पर पार्टी को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेता और कार्यकर्ता आजाद के इस षडयंत्र को कभी कामयाब नहीं होने देंगे। विश्नोई ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा कि गुलाम नबी आजाद चाहते हैं कि पार्टी में नीचे से ऊपर तक चुनाव होना चाहिए। आजाद जब जम्मू-कश्मीर युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बने, तब चुनाव की बात क्यों नहीं की। इसके बाद लगातार संगठन और सरकार में विभिन्न पदों पर रहे हैं, पर उन्होंने कभी चुनाव की बात नहीं की। गुलाम नबी आजाद को इतिहास याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि वह सिर्फ तीन चुनाव जीते हैं, जबकि गांधी परिवार ने उन्हें पांच बार राज्यसभा भेजा है।