ईश्वर दुबे
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कहानी सेवा की : अपने आर्थिक संबल के लिए बिहान से जुड़कर प्रतिमा ने अपनाया किराने का व्यवसाय
रायपुर, 04 अक्टूबर 2026 राज्य में महिलाओ को आर्थिक तौर पर मजबूत करने के लिए पूरे देष में लागू की गई राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिषन बिहान योजना से जुड़कर लाखों महिलाओं का दैनिक जीवन पूरी तरह से बदल रहा है। ऐसे ही एक सामान्य जीवन से निकलकर अपने लिए खुद की किराना दुकान चलाने वाली कोरिया जिले की प्रतिमा सूर्यवंषी अब अपने ही परिवार के लिए एक मजबूत आर्थिक सहारा हैं उनकी लखपति दीदी बनने की कहानी कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत दूरस्थ गांव धनपुर में अन्य घरेलू महिलाओं के लिए प्रेरणा का कारण बन रही है।
कुछ करने की चाह
एक सामान्य किसान परिवार की महिला होने से श्रीमती प्रतिमा सूर्यवंषी भी खेत और घर के चूल्हे चौके तक ही सीमित रहती थीं। परिवार के पास अन्य आय के स्रोत ना होने से हमेषा आर्थिक संकट सामने खड़ा रहता था। ऐसे मे ंएक दिन गांव में बिहान से जुड़ने और उसके फायदे बताने के लिए कुछ महिलांए आई। इनसे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिषन बिहान योजना के बारे मे जानकर प्रतिमा के मन में स्वयं को स्थापित करने की चाह जगी।
स्व सहायता समूह से शुरूआत
बिहान की मैदानी टीम की समझाइष पर गांव की महिलाओं ने मिलकर चांद स्व सहायता समूह बनाया। प्रतिमा इससे सदस्य के तौर पर जुड़ी और इन महिलाओं ने अपने लिए मदद की राह चुनी। बिहान के माध्यम से समूह को पहले आरएफ और फिर सीआईएफ से मदद प्राप्त हुई। इसके बाद प्रतिमा ने समूह के माध्यम से दो लाख रूपए का बैंक ऋण प्राप्त किया।
किराना का व्यवसाय
अपने व्यवसाय के चयन पर खुषी व्यक्त करते हुए प्रतिमा ने बताया कि यह मुख्यालय से दूर का गांव है इससे गांव मे हर दिन दैनिक उपयोग का सामान ही सबसे ज्यादा जरूरी होता था। इसी सोच के साथ उन्होने अपने घर पर ही किराने का व्यवसाय आरंभ किया और दैनिक जीवन की हर जरूरत की चीजें रखीं। जल्द ही उनका यह कार्य गांव में स्थापित हो गया और अब इससे अच्छी आय सुनिश्चित हुई है।
जगदलपुर और दंतेवाड़ा में दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदाय हेतु लगेंगे वृहद शिविर
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने दिए निर्देश
नक्सल हिंसा में आईईडी विस्फोटों से प्रभावित नागरिकों के पुनर्वास के लिए किए जाएंगे हरसंभव कार्य
रायपुर, अक्टूबर 2026/ बस्तर संभाग के दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायता प्रदान करने सहित उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जगदलपुर और दंतेवाड़ा में वृहद दिव्यांग शिविरों का आयोजन होने जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को शिविरों की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद और विशेष रूप से आईईडी विस्फोटों की वजह से अपने अंग गंवा चुके नागरिकों के पुनर्वास के लिए यह अभियान एक मिशन के रूप में संचालित किया जा रहा है। सरकार का मुख्य संकल्प इन शिविरों के माध्यम से आईईडी पीड़ितों को हरसंभव सहायता, कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके जीवन से हिंसा के दर्द और निशानों को हमेशा के लिए मिटाना है।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास होना चाहिए कि क्षेत्र का कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के माध्यम से हितग्राहियों की अंतिम सूची तैयार की जाए, जिसमें आईईडी विस्फोट से प्रभावित दिव्यांगजनों का अलग से विवरण शामिल हो। उन्होंने शिविर स्थलों पर कृत्रिम अंग (आर्टिफिशियल लिंब), ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, कैलिपर्स और श्रवण यंत्र जैसी आवश्यक सामग्रियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया कि यदि किसी हितग्राही के पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं है, तो स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग द्वारा मौके पर ही प्रमाणीकरण की सुविधा दी जाए, जिससे उपकरण वितरण में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि जगदलपुर और दंतेवाड़ा में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों को "सेवा संकल्प अभियान" के अंतर्गत भव्य रूप से संचालित किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित जिला कलेक्टरों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) को निर्देश दिया कि प्रेस वार्ता, सोशल मीडिया और स्थानीय इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से इस सकारात्मक पहल का सघन प्रचार-प्रसार करें, जिससे दूर-दराज के जरूरतमंदों तक इसकी सूचना पहुंच सके। शिविरों में पहुंचने वाले दिव्यांगजनों की सहायता के लिए स्काउट-गाइड के स्वयंसेवकों को तैनात करने के साथ-साथ उनके लिए सुगम परिवहन, भोजन और पेयजल के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, उप मुख्यमंत्री ने भविष्य की कार्ययोजना पर बल देते हुए कहा कि ग्राम सभाओं के माध्यम से गांवों में सुरक्षा का पूर्ण सत्यापन कर उन्हें "आईईडी-मुक्त ग्राम" घोषित करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ा जाए।
बस्तर संभाग के दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जगदलपुर तथा दंतेवाड़ा में वृहद दिव्यांग शिविरों का आयोजन होने जा रहा है। कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उप मुख्यमंत्री के समक्ष इन शिविरों की विस्तृत प्रशासनिक कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), संभाग के समस्त कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और स्वास्थ्य एवं नगरीय निकाय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कमिश्नर ने जानकारी देते हुए बताया कि पहला तीन दिवसीय शिविर 5 से 7 अक्टूबर तक जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें 5 अक्टूबर को बस्तर, 6 अक्टूबर को नारायणपुर व कोंडागांव तथा 7 अक्टूबर को कांकेर जिले के चयनित हितग्राही शामिल होंगे। जगदलपुर शिविर के लिए कुल 2,953 हितग्राहियों को चिह्नित किया गया है। इसके पश्चात, 15 से 17 अक्टूबर तक दंतेवाड़ा के पुलिस लाइन परिसर में शिविर आयोजित होगा, जहां दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों के 846 हितग्राहियों को कृत्रिम अंग, कैलिपर्स व सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से प्रारंभ होगा।
बस्तर-सरगुजा के दुर्गम अंचलों में आवागमन की नई राह, 13 जिलों के 106 मार्गों पर दौड़ रहीं 107 बसें
एक वर्ष में योजना की बसों ने तय किया 24 लाख किलोमीटर का सफर
हाट-बाजार, अस्पताल, स्कूल और जिला मुख्यालय तक पहुंच हुई आसान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिला नया संबल
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा - अंतिम छोर के गांव तक सुरक्षित और सुलभ परिवहन पहुंचाना हमारी प्राथमिकता
दूसरे चरण में आठ नए जिलों के अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार की तैयारी, 4,368 बस सुविधा विहीन गांवों को जोड़ने का लक्ष्य
रायपुर अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचलों और दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों को सुरक्षित, सुलभ और नियमित यात्री परिवहन से जोड़ने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने अपने संचालन का एक वर्ष पूरा कर लिया है। 04 अक्टूबर 2025 को जगदलपुर से शुरू हुई इस योजना के माध्यम से आज बस्तर और सरगुजा संभाग के 13 जिलों में 106 चयनित मार्गों पर 107 बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों ने ऐसे 850 गांवों तक नियमित यात्री बस सेवा पहुंचाई है, जहां पहले यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
एक वर्ष में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना की बसों ने लगभग 24 लाख किलोमीटर का सफर तय किया है। वर्तमान में ये बसें प्रतिदिन लगभग 17,500 किलोमीटर चल रही हैं। योजना के अधिसूचित मार्गों की कुल लंबाई करीब 5,300 किलोमीटर है। इन मार्गों की लंबाई 14 किलोमीटर से 105 किलोमीटर तक है और अधिकांश मार्गों पर प्रतिदिन दो ट्रिप संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने योजना के एक वर्ष पूर्ण होने पर कहा कि सुदूर गांव में रहने वाले नागरिक को भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बाजार और प्रशासनिक सेवाओं तक सहज पहुंच का समान अवसर मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना इसी सोच को धरातल पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी नियमित यात्री बस नहीं पहुंचती थी, वहां आज ग्रामीण तय समय पर सुरक्षित बस से स्कूल, अस्पताल, हाट-बाजार, ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक पहुंच रहे हैं। यह केवल परिवहन सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम है।
34 बसों से हुई थी शुरुआत, एक वर्ष में संख्या बढ़कर 107
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ 04 अक्टूबर 2025 को जगदलपुर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में किया था। प्रारंभ में 34 मार्गों पर बस सेवा शुरू की गई थी और करीब 250 गांवों को इससे जोड़ा गया था। एक वर्ष के भीतर इसका दायरा तेजी से बढ़ा है। अब 106 मार्गों पर 107 बसें संचालित हो रही हैं और पहली बार नियमित बस सुविधा से जुड़े गांवों की संख्या बढ़कर 850 हो गई है।
योजना के प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग को शामिल किया गया है। बस्तर संभाग में 51 मार्गों पर 50 बसें तथा सरगुजा संभाग में 55 मार्गों पर 57 बसें संचालित हैं।
बस्तर संभाग के सुकमा जिले में 8 मार्गों पर 9 बसें, दंतेवाड़ा में 7 मार्गों पर 7 बसें, बीजापुर में 11 मार्गों पर 11 बसें, नारायणपुर में 4 मार्गों पर 4 बसें, बस्तर में 5 मार्गों पर 5 बसें, कांकेर में 12 मार्गों पर 12 बसें और कोंडागांव में 8 मार्गों पर 9 बसें चल रही हैं।
इसी तरह सरगुजा संभाग के सरगुजा जिले में 8 मार्गों पर 8 बसें, सूरजपुर में 10 मार्गों पर 9 बसें, बलरामपुर में 7 मार्गों पर 7 बसें, जशपुर में 16 मार्गों पर 16 बसें, कोरिया में 6 मार्गों पर 6 बसें तथा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 4 मार्गों पर 4 बसें संचालित की जा रही हैं।
जहां कभी पिकअप था सहारा, वहां अब तय समय पर पहुंच रही बस
योजना शुरू करने के पीछे सुदूर ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की वास्तविक परिवहन जरूरत महत्वपूर्ण आधार रही। बस्तर और सरगुजा के अनेक गांवों में नियमित बस सेवा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पिकअप एवं अन्य मालवाहक वाहनों में सफर करना पड़ता था। कई बार यात्रियों को खुले हिस्से में बैठकर या खड़े होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए यह यात्रा विशेष रूप से कठिन थी।
‘करीब 60 लाख रुपए के सहायक उपकरणों से दिव्यांगजनों की राह होगी आसान, आत्मनिर्भरता को मिलेगा संबल
युवाओं से नशे और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचने, स्वस्थ दिनचर्या अपनाने तथा स्वरोजगार की ओर बढ़ने का किया आह्वान
सिन्दूर पार्क में स्थायी एवं भव्य मंच निर्माण की घोषणा
रायपुर, अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शनिवार को सिन्दूर पार्क में ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत नशामुक्त भारत अभियान एवं दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण र्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने 350 दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप करीब 60 लाख रुपए की लागत के विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों के जीवन को आसान बनाना ही सेवा का वास्तविक उद्देश्य है। इस दौरान उन्होंने युवाओं को नशे और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा कौशल, स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने सिन्दूर पार्क में स्थायी एवं भव्य मंच निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि पार्क में उपयुक्त स्थान का चयन कर ऐसा मंच विकसित किया जाए, जिसका उपयोग विभिन्न आयोजनों में किया जा सके। इससे बार-बार अस्थायी मंच और टेंट लगाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा नागरिकों को कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।
सहायक उपकरण दिव्यांगजनों की आत्मनिर्भरता का माध्यम : वित्त मंत्री श्री चौधरी
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराना केवल सामग्री वितरण नहीं है, बल्कि उनके दैनिक जीवन को अधिक सुविधाजनक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग है। ट्राय सायकल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र और ब्रेल किट जैसे उपकरण आवागमन, शिक्षा और रोजमर्रा के कार्यों में उनकी सहायता करेंगे। उन्होंने उपकरण प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को शुभकामनाएं देते हुए सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सेवा भाव और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। सेवा का वास्तविक अर्थ जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी आवश्यकता को समझना और उसे आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है।
नशे से दूर रहें युवा, अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल और कौशल में लगाएं
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नशे के विरुद्ध जागरूकता को निरंतर समाज के बीच ले जाने की आवश्यकता है। युवाओं को अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों में लगानी चाहिए। परिवार और समाज की भी जिम्मेदारी है कि नशे की ओर बढ़ रहे युवाओं को समय रहते सही दिशा प्रदान करें।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हस्ताक्षर अभियान में सहभागिता करते हुए ‘नशा सब कुछ नाश कर देता है। स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन हेतु नशामुक्ति अपनाएं’ का संदेश दिया। वित्त मंत्री श्री चौधरी सहित उपस्थित लोगों ने नशामुक्त भारत की शपथ भी ली। इस अवसर पर नशे से दूर होकर सामान्य जीवन की दिशा में आगे बढ़ रहे प्रदीप पुरी गोस्वामी एवं गुरु चरण मिश्रा को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मोबाइल और सोशल मीडिया का संतुलित उपयोग करें युवा
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने युवाओं को मोबाइल एवं सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग की सलाह देते हुए कहा कि मोबाइल ज्ञान, जरूरी काम और संवाद का उपयोगी माध्यम है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग आदत में बदल सकता है। युवाओं को सोशल मीडिया और रील्स पर आवश्यकता से अधिक समय बिताने के बजाय पढ़ाई, खेल, कौशल विकास और रचनात्मक कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार मोबाइल देखने से एकाग्रता, नींद, आंखों और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
रायगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत लघु फिल्म प्रतियोगिता का समापन, 11 राज्यों के 35 जिलों से मिली 162 प्रविष्टियां
सात सप्ताह में करीब 2 लाख लोगों तक पहुंचा साइबर जागरूकता अभियान, रूस से भी आई फिल्म की प्रविष्टि
‘संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़’ थीम पर युवाओं ने रचनात्मक फिल्मों के जरिए दिया डिजिटल सुरक्षा का संदेश
दो श्रेणियों के छह विजेताओं को कुल 3.75 लाख रुपए की पुरस्कार राशि से किया गया सम्मानित
रायपुर, अक्टूबर 2026/ साइबर अपराधों के प्रति आमजन, विशेषकर युवाओं को जागरूक करने के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता का समापन एवं सम्मान समारोह रायगढ़ के पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा रायगढ़ पुलिस द्वारा तैयार साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म ‘The Cyber Trap’ की स्क्रीनिंग की गई।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ी है। इससे बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं साइबर जागरूक बनें और ‘साइबर एम्बेसडर’ की भूमिका निभाते हुए अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करें।
श्री चौधरी ने कहा कि प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की चिन्हित सेवा गतिविधियों में साइबर जागरूकता को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। रायगढ़ पुलिस ने सिनेमा और रचनात्मकता को साइबर सुरक्षा से जोड़कर युवाओं तक प्रभावी संदेश पहुंचाने की अभिनव पहल की है।
कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल ने साइबर जागृति अभियान और तकनीक आधारित जनजागरूकता पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का उपयोग जनहित, जागरूकता और सुरक्षा के लिए किया जाना समाज को अधिक सुरक्षित बनाने में प्रभावी साबित हो सकता है।
सात सप्ताह में करीब 2 लाख लोगों तक पहुंचा अभियान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ संचालित किया गया। सात सप्ताह के दौरान रायगढ़ जिले में विभिन्न गतिविधियों और माध्यमों से करीब 2 लाख लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
इसी अभियान के अंतर्गत ‘संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़’ थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवाओं की रचनात्मकता को साइबर जागरूकता से जोड़कर डिजिटल सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था।
11 राज्यों के 35 जिलों से मिलीं 162 फिल्में, रूस से भी आई प्रविष्टि
प्रतियोगिता को देशभर से व्यापक प्रतिसाद मिला। देश के 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों के साथ रूस से भी एक फिल्म की प्रविष्टि प्राप्त हुई। प्रतियोगिता के आयोजन में रोटरी क्लब रायगढ़ का विशेष सहयोग रहा, जबकि प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios द्वारा संभाली गई।
प्रतियोगिता के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए प्रतिष्ठित फिल्मकारों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। इसमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्म ‘भूलन: द मेज़’ के निर्देशक श्री मनोज वर्मा, फिल्मकार श्री योगेंद्र चौबे तथा रंगकर्मी, फिल्म अभिनेता, डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार एवं अभिनय प्रशिक्षक श्री सुनील चिपड़े शामिल रहे।
‘दूसर छोर’ और ‘एक्सेस लिंक’ ने हासिल किया प्रथम स्थान
प्रतियोगिता की श्रेणी ‘अ’ (3 से 6 मिनट) में स्वपनिल कोटरीवार की फिल्म ‘दूसर छोर’ ने प्रथम, होमेन्द्र कुमार की फिल्म ‘जरूरत’ ने द्वितीय तथा प्रकाश पटेल की फिल्म ‘गुपचुप ठेला’ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
श्रेणी ‘ब’ (1 से 3 मिनट) में दीपक जायसवाल की फिल्म ‘एक्सेस लिंक’ प्रथम, तुषार सोलंकी की फिल्म ‘Dial 1930’ द्वितीय और समीर चन्द्रा की फिल्म ‘Golden Hour’ तृतीय स्थान पर रही।
गोवर्धनपुर पुल, मरीन ड्राइव और ऑक्सीजोन सहित शहर की विभिन्न विकास परियोजनाओं का किया निरीक्षण
गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में काम पूरा करने पर जोर, नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश
रायपुर, अक्टूबर 2026/ वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने शनिवार को शहर में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने राजीव नगर दूध डेयरी ऑक्सीजोन, गोवर्धनपुर पुल, बेलादुला मरीन ड्राइव, रपटा-स्टॉप डैम तथा एसईसीएल मरीन ड्राइव एवं पुलिया के निर्माण कार्यों का मौके पर जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्माण की गति बढ़ाई जाए और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के बाद निर्माण कार्यों के लिए अनुकूल मौसम का अधिकतम उपयोग करते हुए तेजी से काम आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए विभागीय अधिकारी नियमित रूप से कार्यों की मॉनिटरिंग करें और मौके पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।
गोवर्धनपुर पुल की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
गोवर्धनपुर पुल के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने नाराजगी जताई। उन्होंने सेतु विभाग के इंजीनियरों को निर्माण कार्य के लिए मंथली टारगेट तय करने और हर महीने निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुल निर्माण के साथ ही सड़क निर्माण और विद्युत पोल शिफ्टिंग के कार्यों में भी तेजी लाने को कहा, ताकि सभी संबंधित कार्य समन्वित रूप से पूरे हो सकें।
मरीन ड्राइव में वॉकवे की संभावनाओं पर बनेगा प्लान
बेलादुला मरीन ड्राइव में रपटा और स्टॉप डैम के निर्माण को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए। एसईसीएल मरीन ड्राइव एवं पुलिया के निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने स्वीकृत ड्राइंग और डिजाइन के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नदी के बीच वॉकवे विकसित करने की संभावनाओं का परीक्षण कर कार्ययोजना तैयार करने तथा मरीन ड्राइव की मुख्य सड़क और हाईवे से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए आवश्यक कार्यों का एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश भी दिए।
ऑक्सीजोन सहित अन्य परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
राजीव नगर दूध डेयरी ऑक्सीजोन सहित अन्य विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए वित्त मंत्री श्री चौधरी ने संबंधित विभागों को बेहतर आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी, बेहतर सामग्री के उपयोग और गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा।
निरीक्षण के दौरान महापौर श्री जीवर्धन चौहान, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित नगर निगम, हाउसिंग बोर्ड, लोक निर्माण विभाग, सेतु विभाग एवं एसईसीएल के अधिकारी, कार्यपालन अभियंता, इंजीनियर, स्थानीय पार्षद एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों का किया सम्मान, गर्भवती महिलाओं की हुई गोदभराई
हितग्राहियों ने साझा किए शासकीय योजनाओं से मिले लाभ के अनुभव
रायपुर, अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रायगढ़ के राजापारा सेक्टर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र इंदिरानगर-ए में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी शामिल हुए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र की गतिविधियों का अवलोकन किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री चौधरी ने 3 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, 3 सहायिकाओं और 3 मितानिनों को शाल, श्रीफल एवं सम्मान पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर 5 बच्चों ने बालगीत प्रस्तुत किए, वहीं दो हितग्राहियों ने शासकीय योजनाओं से मिले लाभ और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में 5 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म भी संपन्न कराई गई।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा कार्यों को जनभागीदारी से जोड़ते हुए जरूरतमंदों तक शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ का आयोजन किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के साथ ही लोगों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। उन्होंने अभियान में अधिक से अधिक सामुदायिक सहभागिता का आह्वान किया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अरुण पाण्डेय ने बताया कि ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के केंद्र के रूप में और मजबूत किया जा रहा है। जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में 7 अक्टूबर तक ये गतिविधियां जारी रहेंगी।
इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान, श्री अरुणधर दीवान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, परियोजना अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं एवं मितानिनें उपस्थित रहीं।
‘रायगढ़ की एआई उड़ान-जागरूकता से नवाचार तक’ कार्यशाला में 1500 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
आईआईआईटी नया रायपुर के सहयोग से विकसित होगा एआई इकोसिस्टम, प्रतिभाशाली युवाओं को मिलेगा विशेषज्ञ मार्गदर्शन
रायपुर, अक्टूबर 2026/ रायगढ़ के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की आधुनिक तकनीक से जोड़ने, इसके व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देने और नवाचार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए जिले में एआई एक्सीलेंस सेंटर विकसित किया जाएगा। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने आज संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम जी ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में आयोजित एक दिवसीय एआई कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर यह घोषणा की। ‘रायगढ़ की एआई उड़ान-जागरूकता से नवाचार तक’ थीम पर आयोजित कार्यशाला में 1500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आईआईआईटी नया रायपुर के सहयोग से रायगढ़ में एआई से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रस्तावित एआई एक्सीलेंस सेंटर में एआई से संबंधित गतिविधियों का चरणबद्ध विस्तार किया जाएगा। जिले के चयनित प्रतिभाशाली युवाओं को आईआईआईटी नया रायपुर के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर को युवाओं की बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। आने वाले समय में यहां एआई के लिए समर्पित स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इससे युवाओं को नई तकनीक सीखने, उसका प्रयोग करने और अपने विचारों को नवाचार में बदलने के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई और भविष्य की तकनीकों को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है। नया रायपुर में सेमीकंडक्टर इकाई और डेटा सेंटर के क्षेत्र में विकसित हो रही संभावनाएं प्रदेश के तकनीकी परिदृश्य को नया विस्तार देंगी। एआई, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों के विकास से युवाओं के लिए कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता के नए अवसर तैयार होंगे।
एआई यूनिकॉर्न पर सवाल का छात्र नैतिक ने दिया जवाब
कार्यशाला के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए एआई में ‘यूनिकॉर्न’ के संबंध में सवाल पूछा। कक्षा 12वीं के छात्र नैतिक अग्रवाल ने जवाब देते हुए बताया कि एआई तकनीक पर काम करने वाले किसी स्टार्टअप का बाजार मूल्य एक अरब डॉलर से अधिक हो जाने पर उसे ‘एआई यूनिकॉर्न’ कहा जाता है। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने नैतिक के जवाब की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
नई तकनीक को सीखें और उसका रचनात्मक उपयोग करें : सांसद श्री विजय बघेल
दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल ने युवाओं को नई तकनीकों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि एआई तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। युवाओं को इसकी जानकारी हासिल करने के साथ ही इसके सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं युवाओं को भविष्य की संभावनाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि भारत सरकार के इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत आईआईआईटी नया रायपुर के एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और जिला प्रशासन रायगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें 1500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
आईआईआईटी नया रायपुर के कुलपति एवं निदेशक प्रो. (डॉ.) ओ.पी. व्यास के नेतृत्व में एआई विशेषज्ञों की टीम ने प्रतिभागियों को एआई की वर्तमान क्षमताओं तथा शिक्षा, प्रशासन, उद्योग, व्यवसाय, रोजगार और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में इसके उपयोग की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने प्रस्तुतियों के माध्यम से रायगढ़ की स्थानीय आवश्यकताओं और समस्याओं के समाधान में एआई आधारित तकनीकों की संभावनाओं को भी समझाया। यह कार्यशाला रायगढ़ में दीर्घकालिक एआई इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत रही।
कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और चयनित प्रतिभागी उपस्थित रहे।
सारंगढ़ में मानव श्रृंखला और नुक्कड़ नाटक के जरिए गूंजा नशा मुक्त भारत का संदेश
रायपुर, अक्टूबर 2026/
‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘सेवा के 25 वर्ष’ के उपलक्ष्य में समाज कल्याण विभाग द्वारा खेलभांठा मैदान सारंगढ़ में एक विशाल नशा मुक्त भारत जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजन के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति सचेत करते हुए एक स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। इस प्रस्तुति में नशे के कारण व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली और सामाजिक ताने-बाने पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का सजीव व संवेदनशील चित्रण किया गया। तत्पश्चात खेलभांठा मैदान से एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें एनसीसी कैडेट्स, स्कूली बच्चों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने नशामुक्ति के नारों के साथ जन-जन को जागरूक किया।
रैली के उपरांत मैदान में एकत्र प्रतिभागियों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर विशाल मानव श्रृंखला बनाई और नशामुक्त भारत का संदेश बुलंद किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को स्वयं नशे से दूर रहने तथा परिवार व समाज को नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर जनजागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई। समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों ने इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया।
विकसित भारत की नींव मजबूत कर रहे बलौदाबाजार के नौनिहाल
सेवा संकल्प अभियान में रंगोली व भाषण विजेताओं का राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने किया सम्मान
रायपुर, अक्टूबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वर्णिम और आत्मनिर्भर भारत के सपने को आकार देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत बलौदाबाजार के वर्धमान स्कूल में शनिवार को जिला स्तरीय चित्रकला, रंगोली और भाषण प्रतियोगिता का रंगारंग आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक कूचियों के रंगों और ओजस्वी वाणी के शब्दों से "विकसित भारत" की एक जीवंत तस्वीर पेश की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने प्रतिभागी विद्यार्थियों के हुनर की सराहना करते हुए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित यह माहव्यापी अभियान युवाओं और बच्चों में राष्ट्र निर्माण की अलख जगाने का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि इतिहास रचने के लिए अटूट परिश्रम और निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है। आज की मेहनत ही आने वाले कल के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन को एक खुली पाठशाला बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके जीवन दर्शन से सीख लेकर हर वर्ग आगे बढ़ सकता है। साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी और विकसित राज्य बनाने की दिशा में हर स्तर पर प्रतिबद्धता से कार्य किया जा रहा है।
प्रतियोगिता के परिणामों में प्रतिभा की अद्भुत चमक देखने को मिली। रंगोली प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग (कक्षा 1ली से 8वीं) में निधि यादव ने पहला, पुष्पांजलि कन्नौजे ने दूसरा तथा गरिमा सोनकर ने तीसरा स्थान हासिल किया, वहीं वरिष्ठ वर्ग (कक्षा 9वीं से 12वीं) में रेखा प्रथम, दीपाक्षी पटेल द्वितीय और नंदिनी तृतीय स्थान पर रहीं। भाषण प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में सौम्या वर्मा, देविका वर्मा और प्रियांशु साहू ने क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि वरिष्ठ वर्ग में लाभा वर्मा ने बाजी मारी, रागिनी श्रीवास दूसरे और गीतिका गोस्वामी तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं चित्रकला के कनिष्ठ वर्ग में हिमांशी साहू प्रथम, कुसुम कोशले द्वितीय और विद्या साहू तृतीय स्थान पर रहीं, तथा वरिष्ठ वर्ग में तन्वी मलाकी ने पहला, सृष्टि सोनी ने दूसरा और साक्षी पूरेना ने तीसरा स्थान अर्जित किया।
इस आयोजन के दौरान राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य उपाध्यक्ष, जिला पंचायत उपाध्यक्ष और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।