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2022 तक भेजा जाएगा गगनयान मिशन, 7 दिन स्पेस में रह सकेंगे भारतीय एस्ट्रोनॉट
भारत इस मिशन में सफल हुआ तो ऐसा करने वाला चौथा देश होगा
राकेश शर्मा 1984 में अंतरिक्ष यात्रा करने वाले पहले भारतीय थे, लेकिन मिशन रूस का था
नई दिल्ली। पहले भारतीय गगनयान मानव मिशन के लिए मंत्रिमंडल ने 10 हजार करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी है। केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस अभियान के तहत 3 एस्ट्रोनॉट को 7 दिनों के लिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इससे पहले 1984 में राकेश शर्मा अंतरिक्ष यात्रा करने वाले पहले भारतीय थे, लेकिन यह रूस का मिशन था।
मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर किया था ऐलान
गगनयान कार्यक्रम के तहत 3 क्रू मेंबर्स को 7 दिनों के लिए अंतरिक्ष में भेजा जाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर इस अभियान का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था- 2022 में आजादी के 75 साल पूरे होने से पहले भारत अंतरिक्ष में मानव मिशन के साथ गगनयान भेजेगा।
इसरो चेयरमैन के. सिवन ने भास्कर के साथ बातचीत में कहा था- गगनयान के लिए डिजाइन तैयार हो चुका है। अभी हम अपनी क्षमताओं के आकलन में लगे हैं। समूचे सिस्टम को अधिक से अधिक स्वदेशी बनाएंगे।
इसरो गगनयान के लिए आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा स्पेस पोर्ट पर अपना सबसे बड़ा रॉकेट जीएसएलवी मार्क 3 स्थापित करना चाहता है। इसके जरिए 3 अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस में भेजा जाएगा।
स्पेस एजेंसी अपनी इस योजना को अगले 40 महीनों के भीतर खत्म करना चाहती है। शुरुआती चरणों के दौरान एजेंसी पहले दो मानव रहित अंतरिक्ष यान भेजना चाहती है। इसके बाद मानवयुक्त अंतरिक्ष यान भेजने की योजना है, जो 5-7 दिनों तक पृथ्वी की निचली कक्षा में रहेंगे।
चेयरमैन के सिवन ने कहा- 2022 तक गगनयान की डेडलाइन है। यह बेहद कसा हुआ कार्यक्रम है, लेकिन इसरो इसे हर हाल में तय सीमा के भीतर अंजाम देगा। इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले अंतरिक्षयात्रियों को व्योमनॉट्स कहा जाएगा। यह शब्द संस्कृत के व्योमÓ से लिया गया है, जिसका अर्थ अंतरिक्ष है

शहर के बीच कॉलोनी में हाथियों के घुसने के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम
एसईसीएल मानिकपुर कॉलोनी की नर्सरी में पहुंची मादा हाथी अपने बच्चों के साथ
वन विभाग की टीम पहुंची, हाथियों के दल को बाहर निकालने की मशक्कत जारी
काेरबा. जंगल से भटक कर पहली बार शहर में हाथियों का दल अंदर घुस आया है। एसईसीएल की मानिकपुरी कॉलोनी की नर्सरी में मादा हाथी अपने तीन बच्चों के साथ मंगलवार रात आ धमकी है। इसके चलते लोगों में दहशत है। सूचना मिलने पर बुधवार सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची है। वहां अभी भी हाथियों को बाहर जंगल की ओर निकालने की मशक्कत जारी है।
ट्रैफिक कंट्रोल को पुलिस से मांगी गई सहायता
जानकारी के मुताबिक, शहर में पहली बार जंगली हाथियों का दल घुसा है। नाटीखार जंगल होते हुए सोमवार त दादर खुर्द बस्ती पहुंचा, वहां से मंगलवार त एसईसीएल की मानिकपुर कॉलोनी ,पुरानी पोखरी के पास घूमता रहा। इसके बाद सुबह बीच शहर गर्ल्स कॉलेज के पीछे, हेलीपैड के पास झाड़ियों में हाथी डेरा डाले हुए हैं।
दरअसल एक मादा हाथी और एक शावक रात 9 बजे कॉलोनी के भीतर देखे गए थे। पुरानी देसी शराब भट्टी के आगे बाजार के पास से कॉलोनी जाने वाले मार्ग पर हाथियों को देखे जाने से स्थानीय लोगों में दहशत है। रात को ही लोग घरों से बाहर निकल आए और वन विभाग को सूचना दी।
हाथियों के कॉलोनी में घुसने के बाद लोगों में दहशत का माहौल, सड़क पर निकले।
इसके बाद से ही वन विभाग की टीम, पुलिस और एसईसीएल का सुरक्षा अमला रात से ही चौकसी बरत रहे हैं। साथ ही लोगों को सतर्क रहने की भी हिदायत दी गई है। सुबह हेलीपैड से घंटाघर तक लोगो का मजमा लगा रहा। बताया जा रहा कि हाथी जशपुर की ओर से झुंड से बिछड़ के पहुंचे हैं। मौके पर कोरबा डीएफओ एस वेंकटाचलम भी पहुंच गए हैं।
चार जंगली हाथियों के शहर के बीचों-बीच होने से वन विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन की भी नींद उड़ गई है। हाथियों के इस दल को शहर से वापस जंगल में खदेड़ने के लिए वन विभाग की ओर से पुलिस की भी सहायता ली जा रही है। वहीं शहर की ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए भी सहायता मांगी है, ताकि सुरक्षित तरीके से बगैर जनहानि के हाथियों को जंगल में खदेड़ा जा सके।

अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष बोले-उद्योगपतियों के गुलाम, किसानों के लिए पैसे नहीं
किसानों की कर्जमाफी, टाटा से अधिगृहित जमीन लौटाने पर प्रदेश सरकार की तारीफ की
रायपुर. अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया ने केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार माल्या और नीरव मोदी जैसे उद्योगपतियों की है। मुठ्‌ठीभर उद्योगपतियों के गुलाम बन गए हैं। किसानों के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं। वहीं तोगड़िया ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार की तारीफ की।
बनाएंगे राजनीतिक दल, लोकसभा में सभी सीटों पर लड़ेगी चुनाव
दो दिवसीय प्रदेश दौरे पर रायपुर आए परिषद के अध्यक्ष तोगड़िया ने बुधवार को किसानों के कर्ज माफी और समर्थन मूल्य 2500 रुपए दिए जाने पर प्रदेश सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय किसान परिषद के नेतृत्व में भाजपा सरकार के समय जगदलपुर से रायपुर तक 300 किमी की पदयात्रा का नतीजा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने टाटा को लोहंडीगुडा में किसानों की अधिग्रहित जमीन वापस देने का फैसला लिया।
उन्होंने कहा कि टाटा के 18 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट में किसान को सिर्फ 40 करोड़ दिए गए थे। भाजपा के शासन में किसानों से लूट थी। गुजरात में टाटा को नैनो कार का प्लांट लगाने जमीन और 20 हजार करोड़ आधे प्रतिशत में ब्याज पर भाजपा सरकार ने कर्ज दिया था। छत्तीसगढ़ कि तरह गुजरात में भी नैनो के लिए अधिग्रहित जमीन वापस किसान को दी जानी चाहिए।
तोगड़िया ने कहा कि किसानों की जमीन उद्योगों के लिए अधिग्रहण के विरोध में 28 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। किसानों की गेंहू और धान का देश भर में 2500 रुपए समर्थन मूल्य लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कुछ उद्योगपतियों का 2.41 हजार करोड़ रुपए कर्ज माफ किया गया।
बैंक को 4 लाख रुपए करोड़ दिए गए, लेकिन किसान के लिए पैसा नहीं है। मुट्ठी भर उद्योगपति के गुलाम बन गए हैं। वालमार्ट को अनुमति देकर छोटे व्यापारी को नुकसान कर रहे हैं। जनवरी के आखिरी और फरवरी के पहले सप्ताह राजनीतिक पार्टी का ऐलान करूंगा जो सभी लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ेगी।

इंदौर. मंगलवार को टीम कमलनाथ में 28 विधायकों के मंत्री पद की शपथ ग्रहण लेने के बाद कुछ विधायकों में नाराजगी देखी जा रही है। बुधवार को जयस (जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन) प्रमुख और मनावर से कांग्रेस के विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर वादा-खिलाफी का आरोप लगाया है। अलावा ने कहा- भाजपा सरकार को सत्ता से दूर करने के लिए हमने कड़ी मेहनत की है। हमें सरकार में भागीदारी दी जाना चाहिए।
इसके बारे में राहुल गांधी से बात करूंगा, इसके बाद आगे क्या करना है इस पर फैसला लिया जाएगा। अलावा ने कहा - चुनाव से पहले कमलनाथ ने उनसे सरकार बनने पर मंत्रिमंडल में शामिल करने का वादा किया था। उन्हें ये नहीं भूलना चाहिए की प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने में आदिवासियों ने कितना योगदान दिया है।
चुनाव से पहले राहुल गांधी से बात हुई थी, जिसके बाद जयस ने कांग्रेस का साथ दिया और मैं कांग्रेस की ओर से मैदान में उतरा। हम तो 80 विधानसभा सीट पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी में थे, लेकिन कांग्रेस के आश्वासन के बाद हमने ऐसा नहीं किया। अलावा ने कहा - शिवराज सरकार को चौथी बार सत्ता में आने देने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हमने शिवराजजी के समक्ष अपनी कुछ मांगें रखी थीं, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया था। जो सरकार आदिवासियों के हित के लिए काम नहीं कर रही थी, उसे तो हमें खारिज करना ही था। कांग्रेस ने हमारी बात मानी और हमें सरकार में शामिल करने का आश्वासन भी दिया था।
मंत्री को हराया था : धार जिले की मनावर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते हीरालाल अलावा ने पहले जयस के टिकट पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिलों में प्रत्याशी उतारने की बात कही थी। हीरालाल की इस घोषणा के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने उनसे मुलाकात कर उन्हें मनावर से कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया था। हीरालाल ने भाजपा की बड़ी नेता और प्रदेश सरकार में मंत्री रंजना बघेल को शिकस्त दी है।
अलावा ने ट्वीट के जरिए भी जताई थी नाराजगी : जयस प्रमुख और मनावर से कांग्रेस के विधायक डॉ. हीरा अलावा ने मंत्रिमंडल गठन से पहले एक ट्वीट कर सरकार में शामिल नहीं करने को लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने लिखा था- जयस ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। वादे के मुताबिक जयस की भागीदारी सरकार में होनी चाहिए, जयस को अनदेखा करना कांग्रेस की बड़ी भूल होगी।

भोपाल. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कैबिनेट की पहली ही बैठक में साफ कर दिया है कि वचन पत्र के सभी बिंदुओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। उन्होंने मंत्रियों को साफ कर दिया है कि वह अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करेंगे। सरकार में लापरवाही और सुस्ती के प्रति जीरो टॉलरेंस रहेगा। जनसेवा सरकार का प्राथमिक दायित्व है।
वल्लभ भवन मंत्रालय में मंत्री परिषद और अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा- सभी विभाग समयबद्ध कार्ययोजना बना लें। मुझे किसी तरह की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। अगर शिकायत मिली तो अफसर को हटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। नए नजरिए के साथ व्यवस्था को देखें, जहां भी परिवर्तन और नवाचार जरूरी हैं, उन पर अमल करें। इसके साथ ही हर कैबिनेट में एक विभाग को प्रेजेंटेशन देना होगा। गुरुवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में कृषि विभाग का प्रेजेंटेशन देखा जाएगा।
विभाग के संचालन की जिम्मेदारी विभाग के मंत्री की : मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि जनहित के कार्य बिना किसी हीला-हवाली के त्वरित हों। नियमानुसार होने वाले कार्य नियमित कार्यप्रणाली से ही हों, ये सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष केवल ऐसे विषय लाए जाएं, जो नियमित व्यवस्था में नहीं हो सकते। विभाग के संचालन का दायित्व विभागीय मंत्री का होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा- जनसेवा सरकार का प्राथमिक दायित्व है। हालांकि ये बैठक अनौपचारिक थी। इसका कोई एजेंडा नहीं रखा गया था। गुरुवार को फिर से कैबिनेट की मीटिंग रखी गई है, जिसमें एजेंडे के साथ ही विभागवार प्रेजेंटेशन भी दिए जाएंगे। बैठक से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ और मंत्री मिंटो हॉल गए, जहां पर वह महात्मा गांधी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी को हरकत-उल-हर्ब ए इस्लाम के सक्रिय होने का अंदेशा
यूपी के अमरोहा पहुंची एनआईए टीम ने इनपुट के आधार पर जानकारियां जुटाईं
लखनऊ/ दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को उत्तरप्रदेश और दिल्ली में 16 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
एजेंसी को शक है कि आतंकी संगठन आईएसआईएस जैसा मॉड्यूल हरकत-उल-हर्ब ए इस्लाम सक्रिय हो रहा है। इसके बाद ही इनपुट के आधार पर उत्तरप्रदेश के अमरोहा के सैदपुरइम्मा गांव और दिल्ली के जाफराबाद में छापेमारी की गई। यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि बुधवार को एनआईए के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया। संदिग्धों पर एजेंसी की काफी वक्त से नजर थी। उन्होंने बताया कि उत्तर भारत में बम धमाकों की साजिश रचने के आरोप में अमरोहा से 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। वहीं, अन्य 5 को पूर्वोत्तर दिल्ली से हिरासत में लिया गया।

मऊ के घोसी से भाजपा सांसद हरिनारायण राजभर
लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मऊ जिले के घोसी से भाजपा सांसद हरिनारायण राजभर ने रामलला के लिए प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत आवास मांगा। उन्होंने कहा- फैजाबाद के डीएम को भी मैं पत्र लिखूंगा कि प्रभु श्रीराम के लिए प्रधानमंत्री आवास मुहैया कराया जाए। मोदी सरकार की मंशा है कि कोई बिना छत के न रहे। प्रभु राम तिरपाल में हैं। उनको भी प्रधानमंत्री आवास मिलना चाहिए।
सांसद ने यह भी कहा कि बाबरी ढांचे को गिराने के लिए जिस तरह की कारसेवा हुई थी, ठीक उसी तरह की कारसेवा राम मंदिर निर्माण के लिए होनी चाहिए। यह भी कहा कि लोगों की आस्था का फैसला सुप्रीम कोर्ट और सरकार नहीं कर सकती।
सरकार और गृहमंत्री से नहीं मिला जवाब
उन्होंने बताया, 'Óसंसदीय बोर्ड की बैठक में भी हमने इस मुद्दे को उठाया था। पूछा था कि राम मंदिर का निर्माण कब तक होगा? कोई जवाब नहीं मिला। गृहमंत्री से भी मिला था, लेकिन उन्होंने भी कोई उचित जवाब नहीं दिया। देश में करोड़ों हिन्दुओं को राम मंदिर निर्माण के लिए खुद आगे आकर एक और कारसेवा करनी चाहिए।ÓÓ

खदान से पानी निकालने के लिए कर्मचारी 100 हॉर्स पावर की मशीन का इंतजार कर रहे हैं।
मेघालय की खदान के अंदर पानी भरने से फंसे बच्चे, राहुल का आरोप- उपकरणों की कमी के चलते बचाव का काम बाधित
मेघालय के अफसर ने कहा- रेस्क्यू के लिए हमारे पास पर्याप्त बल नहीं
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुल पर फोटो खिंचवाना छोड़कर मेघालय की खदान में फंसे 15 नाबालिगों को बचाना चाहिए। मेघालय की कोयला खदान में पानी भरने से 13 दिसंबर से कई बच्चे फंसे हुए हैं।
Óबच्चे जीवन के लिए संघर्ष कर रहेÓ
राहुल ने ट्वीट किया, 15 नाबालिग पानी से भरी खदान में जिंदगी के लिए दो हफ्ते से संघर्ष कर रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री बोगीबील पुल पर फोटो खिंचा रहे हैं। उनकी सरकार ने बचाव के लिए हाईप्रेशर पंप्स देने से इनकार कर दिया है। मैं पीएम से अपील करता हूं कि नाबालिगों को बचाएं।
राहुल ने रिपोट्र्स का हवाला देते हुए यह भी कहा कि उपकरणों की कमी के चलते 15 बच्चों को बचाने का काम बाधित हो रहा है। खदान में अचानक से लाइतीन नदी के पानी घुसने के चलते बच्चे उसमें फंसे हुए हैं।
उधर, मेघालय के एक गृह विभाग के वरिष्ठ अफसर ने बताया कि खदान ईस्ट जैंतिया हिल जिले में स्थित है, वहां पुलिस फोर्स को भेजा गया है। हमारे पास इस समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त बल नहीं है।
मोदी ने कल किया था पुल का उद्घाटन
मोदी ने मंगलवार को असम के डिब्रूगढ़ में देश के सबसे लंबे रेल-रोड पुल बोगीबील का उद्घाटन किया था। यह ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तर और दक्षिण तट को जोड़ेगा। पुल की लंबाई 4.94 किमी है। पुल से मिलिट्री टैंक गुजर सकते हैं। जरूरत पडऩे पर लड़ाकू विमान भी पुल पर लैंड कर सकते हैं। मोदी ने कहा, यहां कुछ लोग ऐसे होंगे,जो 16 साल पहले भी यहां आए होंगे, जब अटलजी ने इसका शिलान्यास किया था। दुर्भाग्यवश 2004 में सरकार जाने के बाद कई प्रोजेक्टों की तरह यह भी अटक गया। अटलजी की सरकार को दोबारा मौका मिलता तो यह ब्रिज 2007-08 में ही बन जाता। 2014 में सरकार बनने के बाद हमने सारी बाधाओं को दूर किया और गति दी।ÓÓ

भाजपा महासचिव ने कहा- हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह सुनवाई करेगा
रविशंकर प्रसाद ने कहा- सबरीमाला-समलैंगिकता पर जल्द फैसला आ सकता है तो राम मंदिर पर क्यों नहीं
उन्होंने कहा- बाबर का संविधान में जिक्र नहीं, हमें उनकी इबादत नहीं करनी चाहिए
नई दिल्ली। भाजपा महासचिव राम माधव ने बुधवार को कहा कि राम मंदिर पर अध्यादेश का विकल्प हमेशा खुला है। उन्होंने कहा कि अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। अदालत ने इसकी सुनवाई के लिए 4 जनवरी तय की है। हमें आशा है कि अदालत इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह सुनवाई करेगा और जल्द फैसला सुनाएगा। अगर ऐसा नहीं होता है, तो हम दूसरा रास्ता अपनाएंगे। इससे पहले केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी सुप्रीम कोर्ट से राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह करने की मांग की।
Óसबरीमाला पर फैसला जल्द आ सकता है तो राम मंदिर पर क्यों नहीं?Ó रविशंकर प्रसाद मंगलवार को अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद की 15वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब सबरीमाला मामले में जल्द फैसला आ सकता है, तो सालों से अटके इस मामले में क्यों नहीं?
प्रसाद ने कहा कि मैं कानून मंत्री के नाते नहीं, बल्कि एक आम नागरिक के तौर पर सुप्रीम कोर्ट से मामले पर जल्द फैसला देने की अपील करता हूं। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह, इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर और जस्टिस एआर मसूदी भी मौजूद थे।
उन्होंने कहा, इस मामले में इतने सबूत हैं कि अच्छी बात हो सकती है। लेकिन लोग मेरे पास आते हैं और पूछते हैं कि समलैंगिकता पर 6 महीने में, सबरीमाला पर 5-6 महीने में, अर्बन नक्सल पर 2 महीने में फैसला हो जाता है। हमारे रामलला का विवाद 70 सालों से कोर्ट में अटका है। 10 साल से सुप्रीम कोर्ट के पास है, इसमें सुनवाई क्यों नहीं होती?ÓÓ
कानून मंत्री ने कहा , 'Óहम बाबर को क्यों पूजें, उसकी इबादत नहीं होनी चाहिए।ÓÓ उन्होंने संविधान की प्रति को दिखाते हुए कहा कि इसमें राम, कृष्ण और अकबर का भी जिक्र है, लेकिन बाबर का नहीं। उन्होंने कहा कि भारत में इस तरह की बात कर दो तो नया विवाद खड़ा हो जाता है।
अयोध्या विवाद पर 4 जनवरी को होनी है सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर 4 जनवरी को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में 3 जजों की बेंच इस मामले में सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर में इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया था।

भोपाल/ग्वालियर. पहाड़ों में बर्फबारी होने से मैदानी इलाकों में गलन वाली सर्दी का असर बढ़ गया है। एक सप्ताह से प्रदेश के लगभग 42 जिलों में न्यूनतम पारा 10 डिग्री के नीचे चल रहा है। लिहाजा, लोग दिन और दिन ठंड में ठिठुर रहे हैं। सर्दी का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल संभाग समेत बुंदेलखंड के कुछ जिलों में देखा जा रहा है।
ग्वालियर में उत्तर से बर्फीली हवा आने के कारण दिन में भी सर्दी सता रही है। सोमवार को भी ग्वालियर-चंबल संभाग शीतलहर की चपेट में हैं। पर्यटन स्थल पचमढ़ी और खजुराहों में बीते एक सप्ताह से न्यूनतम पारा 2 डिग्री चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिन इसी तरह का मौसम बना रहेगा।
इंदौर में थोड़ी राहत : यहां मौसम का मिजाज एकदम से बदल गया है। दो दिन पहले तक जहां दिन-रात का तापमान सामान्य से कम चल रहा था। सुबह-शाम कंपकंपी का एहसास हो रहा था, वह मौसम अब बदल गया है। तापमान सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा हो गया है। रविवार को अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री दर्ज हुआ, वहीं शनिवार रात को 11.8 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि दो दिन बाद फिर ठंड लौटेगी। तापमान 7 से 8 डिग्री के बीच रहेगा। 31 दिसंबर तक मौसम कंपकंपाने वाला ही रहेगा।
सागर में तापमान 10 डिग्री से नीचे : शहर में लगातार 8 दिन से रात का तापमान 6 से 10 डिग्री के बीच बना हुआ है। इससे पहले 1996 में 9 से 14 दिसंबर तक छह दिन तक रात का तापमान 5.8 से 7.8 डिग्री के बीच रहा था। यहां 10 दिन पहले 13 दिसंबर से रात के तापमान के लुढ़कने का सिलसिला शुरू हुआ था। 14 दिसंबर को यह 10 डिग्री से नीचे 9.2 डिग्री, 15 को भी 9.2 डिग्री और फिर 16 दिसंबर को यह 9.2 डिग्री से गिरकर 6.5 डिग्री पर पहुंच गया। तब से यह शनिवार तक 10 डिग्री और इससे नीचे ही रहा। रविवार को भी रात का तापमान 10 डिग्री ही रहा।
खजुराहो में तापमान 2 डिग्री पर पहुंचा : एक सप्ताह से लगातार ही न्यूनतम तापमान 2 डिग्री के आसपास है। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री और न्यूनतम 2.0 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि शनिवार को अधिकतम 24.4 और 2.0 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया था। अधिकतम तापमान में 0.2 की गिरावट हुई है।
भोपाल : पिछले सीजन में 25 जनवरी को रात का तापमान 6.6 डिग्री दर्ज किया गया था। यानी यह रात सबसे सर्द थी। लेकिन इस बार दिसंबर में ही दो बार रात का तापमान 19 और 20 दिसंबर को इससे कम 6.0 और 6.2 डिग्री तक पहुंच चुका है। यानी इस बार दिसंबर पिछले सीजन के जनवरी से भी ज्यादा ठंडा है। दरअसल, अभी सुबह 6.30 बजे के बाद सूर्योदय हो रहा है। सूरज उगने के बाद भी पारा 8 डिग्री पर रहता है। तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री कम किया जा रहा है। ऐसा मौसम जनवरी में ही होता है, लेकिन इस बार दिसंबर में ऐसे हालात बने। लगातार दस दिन से रात का तापमान सामान्य से कम है।
दिन के तापमान में तीन दिन से इजाफा : दिन के तापमान में तो तीन दिन से इजाफा हो रहा है, लेकिन रात का तापमान 7-8 डिग्री के आसपास ही बना हुआ है। शाम 5 बजे के बाद मौसम में ठंडक हो जाती है। सुबह 7 बजे तक पारा तेजी से लुढ़क रहा है। इस वजह से सुबह सात बजे तक ठंडक बनी रहती है। रविवार को भी रात का तापमान 8.1 डिग्री दर्ज किया गया। इसमें सिर्फ 0.1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। ठंडक के कारण पिछले 72 घंटे में भी इसमें सिर्फ 1.1 डिग्री का इजाफा हो सका।

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