समाचार एजेंसी के 2 रिपोर्टर 500 दिन बाद जेल से रिहा, 7 साल की सजा सुनाई गई थी

यंगून. म्यांमार की जेल में करीब डेढ़ साल से बंद रॉयटर्स समाचार एजेंसी के दो रिपोर्टर को रिहा कर दिया गया है। दोनों को सरकारी गोपनीयता कानून तोड़ने का दोषी पाया गया था। कोर्ट ने उन्हें सात साल की सजा सुनाई थी। बताया जा रहा है कि 17 अप्रैल से शुरू हो रहे म्यांमार के नववर्ष से पहले राष्ट्रपति ने उन्हें माफी दे दी।
न्यूज एजेंसी ने चश्मदीदों के हवाले से बताया कि मंगलवार को वा लोन (33) और क्‍याव सो (29) को यंगून की जेल से बाहर आते देखा गया। उन्हें सितंबर 2017 में सजा सुनाई गई थी। वे 12 दिसंबर 2017 से जेल में थे।
नववर्ष से पहले राष्ट्रपति कैदियों को माफी देते हैं
म्यांमार के राष्ट्रपति विन मिंट ने अप्रैल में जानकारी दी थी कि बौद्ध नव वर्ष त्यौहार तिंगयान के दौरान मानवीय आधार पर 16 विदेशी कैदियों को माफी दिए जाने की संभावना है। हालांकि, इनमें रॉयटर्स के दोनों पत्रकारों का नाम नहीं था।
रोहिंग्या संकट पर रिपोर्टिंग कर रहे थे
दोनों रिपोर्टर म्‍यांमार में रोहिंग्‍या संकट से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे थे। सितंबर 2017 में गिरफ्तारी के पहले दोनों ने रखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ सेना के अत्याचार के खिलाफ रिपोर्टिंग की थी। दोनों को उस समय कानून तोड़ने का आरोपी माना गया था जब उनके हाथ कुछ गोपनीय दस्तावेज हाथ लगे थे।

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