ईश्वर दुबे
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नागपुर. दिसंबर महीने में क्रिसमस की छुट्टियों का आनंद उठाने के लिए बड़ी संख्या में परिवार तैयार रहते हैं लेकिन ऐसे कई परिवारों को इस बार निराशा हाथ लग सकती है क्योंकि छुट्टियां लगने के समय रेलगाड़ियों में जगह नहीं मिलने वाली है. आगामी 25 से 31 दिसंबर के दौरान चेन्नई, केरल, मुंबई और पुणे की ओर जाने वाली गाड़ियों में प्रतीक्षा सूची बहुत लंबी है. विशेष रूप से केरल एक्सप्रेस में सर्वाधिक तो उसके साथ ही साथ मुंबई जाने वाली दूरंतो में भी प्रतीक्षा सूची बड़ी है. आमतौर पर हर साल केरल की ओर जाने वालों की संख्या ज्यादा ही होती है. क्रिसमस की छुट्टियां मनाने के लिए जाने वालों ने अपनी टिकट पहले ही बुक करा रखी है.
अब जिन लोगों ने बाद में अपनी यात्रा की योजना बनाई है उनके हाथ में निराशा ही आने वाली है. अर्थात उन्हें वेटिंग टिकट मिल रहा है. स्लीपर सहित थर्ड एसी में वेटिंग बढ़ी हुई है. इस कारण सामान्य को घोर निराशा मिल रही है. केरल एक्सप्रेस में 195 वेटिंग क्रिसमस का उतसव पूरे भारत में मनाया जाता है लेकिन केरल और गोवा में इस उत्सव में अत्यधिक उत्साह रहता है. यहां पर क्रिसमस का आनंद उठाने के लिए बड़ी संख्या में लोग जाते हैं.
इस कारण केरल एक्सप्रेस में प्रतीक्षा सूची सबसे ज्यादा लंबी है. 12625 केरल एक्सप्रेस में स्लीपर - 118 से 195, थर्ड एसी में 91 वेटिंग, 12296 संघमित्रा एक्स्प्रेस की स्लीपर क्लास में 34 से 146 वेटिंग, थर्ड एसी में 54 वेटिंग तथा ट्रेन क्रमांक 12652 संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में 25 वेटिंग है. ट्रेन क्रमांक 12290 नागपुर - मुंबई दूरंतो एक्सप्रेस में स्लीपर में 44 से 160, थर्ड एसी में 37 प्रतीक्षा सूची है. इसी तरह ट्रेन क्रमांक 12136 नागपुर - पुणे एक्स्प्रेस में स्लीपर क्लास में 109 से 132, थर्ड एसी में 83 वेटिंग है.
ट्रेन क्रमांक 12114 नागपुर-पुणे गरीबरथ में स्लीपर- 126 से 194, थर्ड एसी में 127 वेटिंग है. इस वजह से अब जिन्होंने यात्रा की योजना बना रखी है उन्हें निराशा ही हाथ लगने वाली है. दलालों पर संदेह गहराया दीपावली के दिनों में दलालों ने बड़ी संख्या में टिकटें निकालकर उन्हें यात्रियों को बेची थी, यह बात बाद में प्रकाश में आई थी. यात्रियों के लिए नकली आधार कार्ड भी जारी करने की बात आरपीएफ और रेलवे प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से की गई कार्रवाई में स्पष्ट हुआ था. अब प्रतीक्षा सूची बढ़ते जाने से दलालों पर फिर से संदेह गहरा रहा है.