राममंदिर निर्माण में हो रही देरी को लेकर संत-धर्माचार्यों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आमरण अनशन से लेकर सभाओं के साथ-साथ धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन राममंदिर निर्माण की बेकरारी बयां कर रहे हैं। इसी क्रम में महाराष्ट्र के संत आनंद जी महाराज के संयोजन में शनिवार से चार दिवसीय अश्वमेध यज्ञ का शुभारंभ अयोध्या के खाक चौक परिसर में शुरू हुआ।
चार दिवसीय आयोजन में चार दिसंबर को होने वाले संत सम्मेलन में देशभर के संत-धर्माचार्य जुटेंगे और राममंदिर निर्माण की मांग बुलंद करेंगे। राममंदिर निर्माण में आ रही बाधाओं के निवारण की कामना को लेकर शनिवार से अयोध्या में अश्वमेध यज्ञ का श्रीगणेश ब्राह्मण पूजन एवं पंचांग पूजन के साथ हुआ।
दो व तीन दिसंबर को प्रात:काल से ही 1100 वैदिक ब्राह्मण पंडितों द्वारा दिनभर विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन कर राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने की कामना प्रभु से की जाएगी। यज्ञ के आयोजक महंत आनंद जी महाराज ने बताया कि राममंदिर निर्माण में हो रही देरी अब संत समाज को अखर रही है।
ये अश्वमेध यज्ञ का आयोजन राममंदिर निर्माण को लेकर जनजागरण होगा, इसके बाद राममंदिर निर्माण का रास्ता साफ होगा। कहा कि राजनीतिक ताकतें राममंदिर निर्माण में बाधा हैं, ऐसी ताकतों की बुद्धि-शुद्धि के लिए ये यज्ञ किया जा रहा है। रामलला अब टेंट में नहीं रहेंगे। संत समाज ने ये तय कर लिया है।
यदि शीघ्र ही राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त नहीं हुआ तो संत समाज राममंदिर निर्माण के लिए आगे आएगा। यज्ञ के संयोजक मंडल में शामिल महंत दिलीप दास ने बताया कि चार दिसंबर को होने जा रहे संत सम्मेलन में दिल्ली, महाराष्ट्र, मुंबई, गुजरात, बिहार, हरिद्वार, इलाहाबाद, नासिक सहित अन्य जिलों से संत-धर्माचार्य राममंदिर निर्माण की हुंकार भरेंगे। कहा कि ये यज्ञ राम के नाम पर सत्ता में आई सरकार को नींद से जगाने का काम करेगा, राममंदिर निर्माण में अब देरी नहीं होनी चाहिए।
विभिन्न प्रांतों से पहुंचेंगे संत-धर्माचार्य
अश्वमेघ यज्ञ में शामिल होने के लिए समारेाह के मुख्य अतिथि सुमेरु पीठाधीश्वर ज.गु.नरेंद्रानंद सरस्वती शनिवार की देर शाम अयोध्या पहुंच चुके हैं। यज्ञ के आयोजक विश्व वेदांत संस्थान के अध्यक्ष आनंद जी महाराज ने बताया कि 4 दिसंबर को होने वाले संत सम्मेलन में रामजन्मभूमि न्यास के सदस्य डॉ रामविलास दास वेदांती, डॉ.राघवेश दास वेदांती, महंत दिलीप दास, खड़ेश्वरी मंदिर के महंत रामप्रकाश दास, डॉ.देवेशाचार्य सहित रामनगरी के अन्य विशिष्ट संतों के अलावा विभिन्न प्रांतों से संत-धर्माचार्य शामिल होंगें।