मांग में लगाए जाने वाला सिंदूर ऐसे कर सकता है आपकी लाइफ Change Featured

हमारे देश में मांग में सिंदूर भरना सुहागिन महिलाओं का प्रतीक माना जाता है। विवाह के समय वधू को लाल वस्त्र पहनाना तथा मांग में सिंदूर भरने का संस्कार प्रचलित है। भारतीय परंपरा का कोई भी पक्ष रूढि़वादिता नहीं है। अज्ञानवश इसका वैज्ञानिक पक्ष सबके न तो समझ ही आ सकता था और अल्प शिक्षा के कारण जनमानस को समझाया भी नहीं जा सकता था। इसे कार्यान्वित करने के लिए हमने इसे धार्मिक अनुष्ठानों व रीति रिवाजों से जोड़ दिया जो परंपरा एवं संस्कृति का अभिन्न अंग बन गए।

 
मांग में जहां सिंदूर भरा जाता है वह जगह मर्म का स्थान है। स्त्री के शरीर में यह हिस्सा पुरुष शरीर की तुलना में अधिक संवेदनशील व कोमल होता है। इस भाग की सुरक्षा का विशेष प्रबंध हमारे प्राचीन चिकित्सकों ने पहले से ही किया हुआ है। सिंदूर में पारा तथा लैड ऑक्साइड की कुछ मात्रा होती है। यह मिश्रण स्त्री के शरीर में वैद्युतिक उत्तेजना को नियंत्रित तो करता ही है साथ में मर्मस्थान को बाहरी संक्रमण तथा दुष्प्रभाव से बचाता है। जिन महिलाओं को ब्लॅड प्रैशर की समस्या है उन्हें सिंदूर अवश्य लगाना चाहिए। हमने अपने ज्योतिषीय उपायों में जिन्हें भी ये सुझाव दिए हैं, उनका रक्तचाप नियंत्रित हुआ है।
अगर आप आए दिन आर्थिक तंगी से परेशान रहते हैं तो एकाक्षी नारियल पर सिंदूर लगाकर उसे लाल वस्त्र में बांधकर उसकी पूजा करें और फिर उसे मां लक्ष्मी से धन की प्रार्थना करते हुए अपने व्यवसाय स्थल सुरक्षित जगह पर रख दें। इसके प्रभाव से धन की समस्या दूर होने लगेगी।

 

अगर सूर्य और मंगल आपके लिए मारक ग्रह है और उनकी महादशा या अंतर्दशा चल रही है, तो सिंदूर को बहते जल में प्रवाहित करें। ऐसा करने से संबंधित ग्रह का प्रभाव कम हो जाता है और सूर्य तथा मंगल शुभ फल देने लगते हैं।
अगर रक्त संबंधी किसी रोग से पीड़ित हैं, तो सिंदूर को अपने ऊपर से वारकर बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। यह उपाय कम से कम पांच बार करेंगे तो शीघ्र ही रोग शांत हो जाएगा।

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