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RaipurLok Sabha Speaker Shri Om Birla met with Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai at the Chief Minister’s residence in Raipur on June 18. Chief Minister Shri Sai extended a warm welcome and honoured him by presenting a traditional shawl and a commemorative memento. He also gifted a coffee table book showcasing Chhattisgarh’s rich cultural heritage and the world-renowned Bastar Dussehra festival.

Welcoming Shri Om Birla to Chhattisgarh, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai stated that his contribution towards strengthening democratic traditions, upholding parliamentary values and enhancing the effectiveness of public representatives has been inspiring. He expressed confidence that under Shri Birla’s leadership and guidance, democratic institutions would become even stronger and the foundations of democracy would continue to deepen.

During the meeting, discussions were held on various contemporary issues related to the state’s development, good governance, the effective implementation of public welfare schemes, the promotion of democratic values, and matters of public interest.

Chhattisgarh Legislative Assembly Speaker Dr Raman Singh, Union Minister of State Shri Tokhan Sahu, Parliamentary Affairs Minister Shri Kedar Kashyap, Member of Parliament Shri Brijmohan Agrawal and other public representatives were also present.

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शॉल, स्मृति-चिन्ह एवं बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट कर किया स्वागत

रायपुर,  लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विश्वविख्यात बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भी उन्हें भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला के छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाने, संसदीय मर्यादाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा जनप्रतिनिधियों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने में उनका योगदान प्रेरणादायी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री बिरला के नेतृत्व और मार्गदर्शन से लोकतांत्रिक संस्थाएं और अधिक सशक्त होंगी तथा लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी। सौजन्य मुलाकात के दौरान राज्य के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन तथा जनहित से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप तथा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

 

अहिंसा, करुणा, सत्य और आत्मसंयम के संदेश की आज पूरे विश्व को आवश्यकता : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष ने आचार्य पदारोहण एवं सहस्त्रावधान तपस्या महोत्सव में जैन मुनियों का लिया आशीर्वाद

रायपुर/लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित आचार्य पदारोहण एवं सहस्त्रावधान तपस्या महोत्सव में शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने जैन मुनियों का आशीर्वाद प्राप्त कर आचार्य पद पर प्रतिष्ठित हो रहे पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि आचार्य पद केवल एक पद नहीं, बल्कि तप, त्याग, ज्ञान और समाज को दिशा देने वाली साधना का सर्वोच्च प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर और जैन दर्शन के सिद्धांत आज भी मानवता को शांति, आत्मसंयम, करुणा और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं। वर्तमान समय में जब विश्व तनाव और संघर्षों से जूझ रहा है, तब जैन दर्शन की शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक हो गई हैं।

श्री बिरला ने कहा कि पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पदारोहण संपूर्ण जैन समाज के लिए गौरव का क्षण है। वहीं शतावधानी हंसभद्र मुनि जी महाराज ने अपनी विलक्षण स्मरणशक्ति, ज्ञान और साधना के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। उनके तप और साधना से समाज को नई दिशा मिल रही है।

उन्होंने कहा कि भौतिक संसाधन केवल सुविधाएं प्रदान कर सकते हैं, लेकिन जीवन का वास्तविक सुख आत्मनियंत्रण, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक साधना से प्राप्त होता है। जैन संतों का तपस्वी जीवन समाज को प्रेरणा देता है और मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने सभी जैन संतों, साध्वियों और श्रद्धालुओं को नमन करते हुए महोत्सव के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर पहली बार आयोजित हो रहा यह आचार्य पदारोहण महोत्सव प्रदेश के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा, साधना और संस्कृति का यह विराट आयोजन पूरे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर बन गया है। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए संत-साध्वियों, श्रद्धालुओं एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ धन्य हुआ है और इस आयोजन से पूरे प्रदेश में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पद पर पदारोहण उनके ज्ञान, तप, संयम, साधना और समाज के प्रति समर्पित जीवन का सम्मान है। उन्होंने 14 वर्षीय बाल मुनि शतावधानी हंसभद्रमुनि जी महाराज को भी नमन करते हुए कहा कि इतनी कम आयु में उनकी अद्भुत स्मरणशक्ति, एकाग्रता और ज्ञान-साधना सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। एक साथ हजार प्रश्नों को स्मरण रखना और उनका क्रमवार उत्तर देना असाधारण उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रायपुर का यह इंडोर स्टेडियम ज्ञान, साधना और अध्यात्म का तीर्थस्थल प्रतीत हो रहा है। जैन संतों ने सदैव अहिंसा, करुणा, सत्य और आत्मसंयम का संदेश दिया है, जिसकी आज पूरे विश्व को आवश्यकता है। भगवान महावीर स्वामी का ‘जियो और जीने दो’ का संदेश वर्तमान समय में और अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि है तथा राज्य सरकार सर्वधर्म समभाव की भावना के साथ सभी वर्गों के कल्याण और प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जैन मुनिगण कठिन तप, उपवास और संयम के माध्यम से समाज को प्रेरणा देते हैं। उन्होंने लंबी पदयात्रा और तपस्या के बाद रायपुर पहुंचे साधु-संतों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि प्रदेश के लिए यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि इतने बड़े आध्यात्मिक आयोजन में देशभर के संत-साध्वी और श्रद्धालु एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि जैन संतों का त्याग, तपस्या और अनुशासित जीवन समाज को सदैव प्रेरित करता है।विनयकुशल मुनि जी के आचार्य पदारोहण का यह आयोजन लोगों को अध्यात्म और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करेगा।

कार्यक्रम में सकल जैन श्रीसंघ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्री विजय बघेल, श्रीमती कमलेश जांगड़े, श्री महेश कश्यप, विधायक श्री राजेश मूणत सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

बलौदाबाजार में तीन दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर शुरू, पहले ही दिन उमड़े हितग्राही

​'विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के' कार्यक्रम के तहत 20 जून तक प्रदेशभर में लगेंगे शिविर

​कैबिनेट मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने किया शुभारंभ, हितग्राहियों को मौके पर ही बांटे गए चेक

​रायपुर,18 जून 2026/

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पूरे प्रदेश में "विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के" कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को जिला मुख्यालय बलौदाबाज़ार के नगर भवन में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने तीन दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर का शुभारंभ किया।
शिविर में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों ने करोड़ों नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का काम किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश का पूरा प्रशासनिक अमला पूरी तन्मयता के साथ जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान में जुटा हुआ है।
​राजस्व अनुविभाग स्तर पर आयोजित यह विशेष शिविर 18 जून से 20 जून 2026 तक चलेंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस अवसर पर कलेक्टर ने भी जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे इन शिविरों में पहुंचकर अधिक से अधिक संख्या में शासकीय योजनाओं का लाभ उठाएं।

​मौके पर ही मिला योजनाओं का

​शिविर के पहले ही दिन आम जनता में भारी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम के दौरान 'प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना' के तहत हितग्राही स्वजाना डोंगरे और उर्मिला डोंगरे को मंच से चेक प्रदान किए गए। उद्घाटन दिवस पर ही जिले के सभी अनुविभागों से विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 55 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। ​शिविर में केंद्र और राज्य सरकार की सभी प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं के लिए 'ऑन-द-स्पॉट' पंजीकरण की व्यवस्था की गई है, जिनमें ​आयुष्मान भारत योजना एवं आयुष्मान वय वंदना योजना,​प्रधानमंत्री सूर्यघर (मुफ्त बिजली) योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं जल जीवन मिशन,​प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना व कौशल विकास योजना​विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं शामिल हैं।
​ ​नागरिको की सुविधा के लिए​शिविरों का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न केंद्रों पर किया जा रहा है। इसके तहत बलौदाबाज़ार और भाटापारा के नगर भवन, तथा सिमगा के सामुदायिक भवन में आम नागरिक पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं, कसडोल अनुविभाग के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के सभागार और पलारी अनुविभाग के लिए स्थानीय नगर भवन में इस विशेष शिविर की व्यवस्था की गई है।
इस कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जनप्रतिनिधियों से किया व्यापक पौधरोपण का आह्वान

रायपुर, 18 जून 2026/ प्रदेश में कुपोषण की समस्या के समाधान और जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ‘‘सुपोषण वृक्ष–मुनगा’’ के रोपण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों से वर्षा ऋतु के दौरान बड़े पैमाने पर मुनगा (सहजन) का पौधरोपण कर ‘‘घर-घर मुनगा, हर घर सुपोषण’’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस संबंध में जारी अपने पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश को सुपोषित बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों एवं हितग्राहियों के घरों में ‘‘सुपोषण वृक्ष–मुनगा’’ लगाने की परिकल्पना की गई है।

उन्होंने बताया कि मुनगा एक अत्यंत पौष्टिक एवं बहुउपयोगी पौधा है, जिसके पत्ते, फलियां और अन्य भाग पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन ‘ए’ और विटामिन ‘सी’ सहित अनेक आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने के कारण इसे ‘‘मदर ट्री’’ के नाम से भी जाना जाता है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि मुनगा का नियमित सेवन बच्चों, महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में सहायक है। यह शरीर को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने के साथ-साथ एनीमिया जैसी समस्याओं की रोकथाम में भी मददगार सिद्ध होता है।

श्रीमती राजवाड़े ने सभी जनप्रतिनिधियों से वर्षा ऋतु में जल स्रोतों के आसपास, ग्राम पंचायत परिसरों, सार्वजनिक स्थलों तथा हितग्राहियों के घरों में मुनगा पौधों का रोपण सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से संचालित यह अभियान प्रदेश में सुपोषण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा तथा लोगों में पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक बनेगा।

उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर ‘‘सुपोषित छत्तीसगढ़’’ के निर्माण में योगदान देने की अपील की है।

‘‘नशा मुक्त भारत अभियान-विकसित भारत की पहचान’’ थीम पर होंगे जागरूकता कार्यक्रम

प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ, सभी विभागों की सहभागिता से चलाया जाएगा अभियान

रायपुर, 18 जून 2026/ छत्तीसगढ़ समाज कल्याण विभाग द्वारा 17 जून से 26 जून तक प्रदेशभर में नशा मुक्त भारत सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना है।

समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने बताया कि इस वर्ष “नशा मुक्त भारत अभियान-विकसित भारत की पहचान” थीम के अंतर्गत सप्ताह भर विविध गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध जनभागीदारी को बढ़ावा देने और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सभी विभागों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की गई है।
सप्ताह के दौरान स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सेमिनार, समूह चर्चा, शपथ ग्रहण, जागरूकता रैलियां तथा संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नशा छोड़ चुके व्यक्तियों की प्रेरणादायक सफलता की कहानियों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।

महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मानव श्रृंखला, शपथ कार्यक्रम और जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। वहीं खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा फुटबॉल एवं हॉकी प्रतियोगिताएं तथा मैराथन आयोजित कर युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जाएगा।
नेहरू युवा केंद्र एवं विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जिले स्तर पर ओपन माइक प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य, लोकगीत, भाषण, समूह चर्चा, नशामुक्ति शपथ-पत्र वितरण तथा सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर चस्पा करने जैसी गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।

इसी कड़ी में आज महानदी भवन मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और समाज को नशामुक्त बनाने के अभियान में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

नशा मुक्त भारत सप्ताह के दौरान आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेशभर में जनजागरूकता का वातावरण निर्मित कर युवाओं को सकारात्मक जीवन मूल्यों और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित किया जाएगा।

भारत माता वाहिनी योजना के विस्तार, नशामुक्ति केन्द्रों की मॉनिटरिंग एवं पुनर्वास व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने पर जोर

राज्य में 5 जिलों में नए नशामुक्ति केन्द्र खोले जाएंगे

रायपुर, 18 जून 2026/छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान (भारत माता वाहिनी योजना) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं आगामी कार्ययोजना की समीक्षा के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने की।

बैठक में समाज कल्याण विभाग के संचालक श्री रणवीर शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान राज्य में संचालित शराब व्यसन मुक्ति अभियान की प्रगति, नशापीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास, नशामुक्ति केन्द्रों के संचालन तथा भविष्य की कार्ययोजना से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में राज्य स्तरीय समिति की पूर्व बैठक 6 अक्टूबर 2023 के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। साथ ही प्रत्येक विकासखण्ड की एक हजार से अधिक जनसंख्या वाली नवीन ग्राम पंचायतों में भारत माता वाहिनी के गठन एवं विस्तार संबंधी प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया, जिससे नशामुक्ति अभियान को ग्रामीण स्तर तक और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

समिति ने नशापीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए संचालित 15 बिस्तरों वाले एकीकृत पुनर्वास केन्द्रों की क्षमता 15 से बढ़ाकर 50 बिस्तर करने का सुझाव दिया । केन्द्रों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए यह भी निर्णय लिया गया कि जिन जिलों में ऐसे केन्द्र संचालित नहीं हैं, वहां उनकी स्थापना एवं संचालन के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत राज्य के 5 जिलों में नए नशामुक्ति केन्द्र खोले जाने की दिशा में भी पहल की जाएगी। 5 नये नशामुक्ति केंद्र मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सुकमा, बेमेतरा, कोरबा जिलों में खोले जायेंगे।

बैठक में संचालित नशामुक्ति केन्द्रों की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीसीटीवी कैमरा एवं बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली स्थापित करने संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। समिति का मानना है कि इससे केन्द्रों की कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनेगी।

इस अवसर पर वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान अभियान अंतर्गत किए गए कार्यों तथा व्यय की समीक्षा भी की गई। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना, आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं से संबंधित प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में एनसीओआरडी (NCORD) एवं एनएमबीए (NMBA) के प्रभावी क्रियान्वयन में योजनांतर्गत गठित समूहों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। समिति ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सभी विभागों, सामाजिक संगठनों तथा समुदाय की सहभागिता आवश्यक है।

बैठक के दौरान नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से विभागीय समन्वय को और मजबूत करने, पुनर्वास सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने तथा समुदाय आधारित जनजागरूकता गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया।

अधिकारियों को फील्ड में जाकर गुणवत्ता और निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

रायपुर. 18 जून 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में विभाग के प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा की। विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े, कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्माणाधीन सड़कों, पुलों और भवनों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा फील्ड में जाकर कार्य की गुणवत्ता व समय-सीमा में पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तथा निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने को कहा।

विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े ने सचिव श्री बंसल को कोरिया जिले की बहुप्रतीक्षित सड़कों और पुलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इनके निर्माण से जिलेवासियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कोरिया जिले और वहां के नागरिकों के लिए प्रस्तावित महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों से लोक निर्माण विभाग के सचिव को अवगत कराने के साथ ही विकासखंड मुख्यालय सोनहत में सर्किट हाउस के निर्माण का भी आग्रह किया।

श्री बंसल ने विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े और कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव द्वारा प्रस्तुत सुझावों व प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा प्रक्रिया का विधिवत पालन करते हुए एकीकृत प्राक्कलन शासन को भेजने को कहा, ताकि निविदा प्रक्रिया समय पर प्रारंभ की जा सके।

वर्ष 2006 में आवासीय परियोजना हेतु आबंटित भूमि पर निजी बिल्डर द्वारा किया जा रहा था अवैध निर्माण

रायपुर, 18 जून 2026/छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने अपनी परिसंपत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए सेजबहार फेस-1 कॉलोनी स्थित मंडल की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाकर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया है। कार्रवाई के दौरान निजी बिल्डर द्वारा बिना अनुमति निर्मित की जा रही सड़क को हटाया गया।

दीनदयाल आवास योजना के अंतर्गत कलेक्टर रायपुर के आदेश 03 फरवरी 2006 के माध्यम से ग्राम सेजबहार एवं ग्राम दतरेंगा की कुल 21.538 हेक्टेयर (लगभग 53.19 एकड़) भूमि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को आवासीय परियोजना विकसित करने के लिए आबंटित की गई थी। इस भूमि में ग्राम सेजबहार के खसरा क्रमांक 162/1 के भाग तथा ग्राम दतरेंगा के खसरा क्रमांक 341/1 एवं 341/3 शामिल हैं। परियोजना के लिए विकास अनुज्ञा 17 मई 2006 को स्वीकृत की गई थी।

1435 एलआईजी आवासों के निर्माण का था प्रावधान

स्वीकृत ले-आउट के अनुसार परियोजना क्षेत्र में कुल 1435 एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) आवासों का निर्माण प्रस्तावित था। मंडल द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण एवं अभिलेख परीक्षण में पाया गया कि 1435 प्रस्तावित आवासों में से 1327 आवास स्वीकृत ले-आउट के अनुरूप निर्मित किए गए, जबकि 39 आवास स्वीकृत अभिन्यास से पृथक निर्मित पाए गए। इस प्रकार कुल 1366 आवासों का निर्माण किया गया।

भूमि विवाद के कारण नहीं बन सके 79 आवास

निरीक्षण, अभिलेख परीक्षण तथा पूर्व अधिकारियों एवं अभियंताओं से प्राप्त जानकारी के अनुसार निर्माण अवधि के दौरान भूमि विवाद उत्पन्न होने के कारण स्वीकृत ले-आउट में दर्शाए गए भवन क्रमांक 1287 से 1345 तथा 1412 से 1431 तक कुल 79 आवासों का निर्माण नहीं हो सका। सातवें चरण के अंतर्गत अनुबंध क्रमांक 41, दिनांक 07 अगस्त 2006 के तहत 192 आवासों के निर्माण का प्रावधान था, जिसके अंतर्गत 193 एलआईजी आवासों का निर्माण किया गया। विवादित क्षेत्र में स्थित 79 आवासों का निर्माण न होने के कारण उनका विक्रय भी नहीं किया गया।

सीमांकन के दौरान सामने आया अतिक्रमण

हाल ही में मंडल द्वारा अपनी लगभग 18 हेक्टेयर भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराया गया। सीमांकन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि एक निजी बिल्डर द्वारा मंडल की भूमि के हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा कर सड़क निर्माण किया जा रहा है। सीमांकन रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद मंडल ने तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की।

अवैध सड़क हटाकर भूमि को कराया अतिक्रमणमुक्त

कार्यपालन अभियंता संभाग क्रमांक-3, सेजबहार रायपुर श्री नितेश कश्यप के नेतृत्व में मंडल की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। इस दौरान संपदा अधिकारी श्री अमृत लाल बरमन, सहायक अभियंता श्री हेमंत निषाद, उप अभियंता श्रीमती निकिता मिश्रा, श्री अनुपम राठौर, श्री पेमेन्द्र ध्रुव, श्री अमय विक्रम तथा श्री कमलेश दास सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में अनधिकृत सड़क को हटाकर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया।

भूमि पर विकसित होगी नई आवासीय परियोजना

मंडल के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित भूमि मंडल की महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है तथा भविष्य में इस क्षेत्र में नई आवासीय परियोजना विकसित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि मंडल अपनी भूमि एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार के अतिक्रमण के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रखी जाएगी।

44 सहकारी समितियों में 9,285 मीट्रिक टन उर्वरक और 6,836 क्विंटल बीज का भंडारण

10 हजार से अधिक किसानों को 37.79 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित

रायपुर, 18 जून 2026/ खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जशपुर जिले में खाद, बीज एवं कृषि ऋण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कृषि एवं सहकारिता विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले की आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में कृषि आदानों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। साथ ही कालाबाजारी, जमाखोरी और उर्वरकों के अवैध विक्रय पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।

उप संचालक कृषि श्री एम.आर. भगत ने बताया कि किसानों को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसाओं के अनुरूप उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, हरी खाद और जैविक विकल्पों को अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है, जिससे भूमि की उर्वरता बनी रहे और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके। विभागीय अमला गांव-गांव पहुंचकर किसानों को वैज्ञानिक खेती और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी जानकारी भी दे रहा है।

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले में सहकारी समितियों की संख्या 24 से बढ़ाकर 44 कर दी गई है। इससे किसानों को खाद एवं बीज प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है और समय तथा परिवहन व्यय दोनों में कमी आई है।

वर्तमान में जिले की 44 सहकारी समितियों में 9,285 मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है। इनमें से 3,681 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसी प्रकार 6,836 क्विंटल धान बीज का भंडारण किया गया है, जिसमें से 1,872 क्विंटल बीज किसानों तक पहुंचाया जा चुका है। आगामी मांग को देखते हुए खाद एवं बीज का भंडारण लगातार बढ़ाया जा रहा है।

कृषि ऋण वितरण के क्षेत्र में भी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 10,187 किसानों को कुल 37 करोड़ 79 लाख 12 हजार रुपये का कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया है। इसमें 31 करोड़ 33 लाख 08 हजार रुपये नगद तथा 6 करोड़ 46 लाख 04 हजार रुपये वस्तु ऋण के रूप में वितरित किए गए हैं। इस सहायता से किसानों को समय पर कृषि निवेश करने और खेती की लागत वहन करने में मदद मिल रही है।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को खाद, बीज एवं कृषि ऋण की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सभी सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों की नियमित जांच की जा रही है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी लगातार निरीक्षण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

विभाग ने किसानों से वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करने, हरी खाद एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने की अपील की है, ताकि आवश्यक कार्रवाई समय पर सुनिश्चित की जा सके।

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