ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
Google Analytics —— Meta Pixel
ईरान ने अमेरिकी जासूसी ड्रोन को मार गिराया था, जिसकी वजह से ट्रम्प ने प्रतिबंध लगाए
ईरान ने कहा- अमेरिका के यह प्रतिबंध हमारे प्रति उसके शत्रुतापूर्ण रवैया को दिखाते हैं
राष्ट्रपति ट्रम्प बोले- हम ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे
वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को ईरान पर और कड़े प्रतिबंध लगाए। अब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी और उनकी सेना के आठ शीर्ष सैन्य कमांडर अमेरिका में वित्तीय सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाएंगे। ईरान द्वारा बीते बुधवार को अमेरिकी जासूसी ड्रोन मार गिराए जाने के बाद ट्रम्प ने यह फैसला लिया। इससे पहले ट्रम्प ने शुक्रवार को ईरान पर हमला करने के भी आदेश दिए थे। लेकिन, 10 मिनट पहले आदेश वापस ले लिया था।
ट्रम्प ने सोमवार को प्रतिबंध लगाने वाले कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे। हमने अब तक इस मामले में काफी संयम दिखाया, लेकिन आगे ईरान पर दबाव बनाए रखेंगे। जब ट्रम्प से पूछा गया कि क्या यह कदम ईरान के हमले का जवाब है, इस पर उन्होंने हां में जवाब दिया और कहा कि यह तो होना ही था। मैं कुछ ऐसे ईरानियों को जानता हूं, जो न्यूयॉर्क में रहते हैं और अच्छे लोग हैं।
इस पर ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसवी ने कहा, ‘‘प्रतिबंध लगाने से अमेरिका के साथ राजनयिक संबंध हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी सभी तंत्रों को नष्ट करने में लगे हैं।’’
अमेरिका ने कई बार ईरान पर साइबर अटैक किए
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने पिछले दिनों ईरान के मिसाइल कंट्रोल सिस्टम और जासूसी नेटवर्क पर कई बार साइबर हमले किए। इससे पहले ट्रम्प ने ट्वीट कर कहा था- ‘‘ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते! ओबामा की खतरनाक योजना के तहत वे बहुत ही कम सालों में न्यूक्लियर के रास्ते पर आ गए। अब बगैर जांच के यह स्वीकार्य नहीं होगा। हम सोमवार से ईरान पर बहुत सारे प्रतिबंध लगाने जा रहे हैं। हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब ईरान से प्रतिबंध हट जाएंगे और वह फिर से एक समृद्ध राष्ट्र बन जाएगा।’’
ईरान ने कहा- कभी अमेरिका के आगे नहीं झुकेंगे
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत माजिद तख्त रवांची ने सोमवार को कहा कि अमेरिका जब तक ईरान को प्रतिबंधों के दबाव की धमकी देता रहेगा, ईरान उसके साथ वार्ता नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर दबाव डाला है। उसने हम पर और प्रतिबंध लगाए हैं। जब तक उसकी यह रणनीति रहेगी तब तक ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत नहीं हो सकती।”
‘ईरान पर प्रतिबंध उसकी शत्रुता की ओर इशारा करता है’
रवांची ने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए नए प्रतिबंध पश्चिमी एशियाई देश के प्रति उसकी शत्रुतापूर्ण रवैये को दर्शाता है। अमेरिका का यह फैसला ईरान के लोगों और वहां के नेताओं के प्रति उसकी शत्रुता का प्रतीक है। अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कानून-व्यवस्था का सम्मान नहीं करता है।