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भारत के साथ पूरी दुनिया की नज़र चन्द्रग्रहण पर, ख़ास जानकारी ज़रूर पढ़िये

News Creation (देश) : आज आधी रात के बाद वो होगा जो 149 साल पहले हुआ था.  ज्योतिष शास्त्र इसे महा संयोग कह रहा है, तो वैज्ञानिक इसे अद्भुत खगोलीय घटना कह रहें हैं. पुरे 54 हज़ार 383 दिन के बाद ये महा संयोग हो रहा है. जब गुरु पूर्णिमा पर इस साल का दूसरा चंद्रग्रहण लग रहा है. दुनिया भर से ये ग्रहण एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, और दक्षिण अमेरिका के सबसे ज्यादा हिस्सों में दिखाई देगा.

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साल के दुसरे चंद्रग्रहण को देखनें के लिए हर कोई इंतज़ार कर रहा है. अगर भारत देश की बात करें तो अच्छी खबर ये है कि रात का समय होनें की वजह से इसे हर कोई देख सकता है. वैज्ञानिकों का दावा है की भारत के लोग करीब 3 घंटे तक इस चंद्रग्रहण को देख सकतें हैं. रात करीब 1 बजकर 31 मिनट से भारतीय समयानुसार ये चंद्रग्रहण शुरू होगा, और सुबह 4 बजकर 29 मिनट पर ख़त्म हो जाएगा.

आखिर चंद्रग्रहण होता क्या है-

सूरज और चाँद के बिच हमारी पृथ्वी जब आ जाती है और जब ये तीनों बिलकुल सामानांतर होतें है, सूर्य की रौशनी चन्द्रमा तक नहीं पहुँच पाती, तो इसे चंद्रग्रहण कहा जाता है. लेकिन जब ये तीनो सामानांतर या सीधी लाइन में न हो तो इसे आंशिक चंद्रग्रहण कहा जाता है. सूर्य की परिक्रमा के समय पृथ्वी चन्द्रमा के सामनें इस तरह छिप जाता है की उसपर रौशनी नहीं होनें की वजह से चन्द्रमा पूरी तरह छिप जाता है. पृथ्वी की परछाईं की वजह से धरती से चाँद पूरी तरह से काला दिखाई देता है.

चंद्रग्रहण

भारत में इस कारण चन्द्रग्रहण देखना हो सकता है मुश्किल-

हो सकता है कि चंद्रग्रहण को देखनें की आपकी इच्छा पूरी न हो. और वो इसलिए कि पुरे देश में इनदिनों मानसून की वजह से बदली छाई हुई रह सकती है. अगर आपके आसमान में बादल घिर आये तो आपकी चंद्रग्रहण देखनें की हसरत अधूरी रह सकती है. अगर ऐसा हुआ तो चंद्रग्रहण देखना नामुमकिन हो जाएगा.

 

अगर इस बार चंद्रग्रहण न देख पाए तो उदास न हों-

अगर आप इस दफे चंद्रग्रहण देखनें से चुक गये तो साल 2021 में एक और चंद्रग्रहण लगेगा. इससे पहले इस साल का पहला चंद्रग्रहण 21 जनवरी को लगा था. वैज्ञानिकों नें इसे सुपर ब्लड वूल्फ मून नाम दिया था. सुपर ब्लड मून भारत में दिखाई नहीं दिया था. उस समय अफ्रीका, यूरोप, उत्तरीय-दक्षिणी अमेरिका और मध्य प्रशांत महासागर में ही इसे देखा गया था.

पंचांग के अनुसार तिथि

हिन्दू धर्म में ग्रहण को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. हिन्दू पंचांगों के अनुसार इस बार चंद्रग्रहण आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को, उत्तर शरह नक्षत्र में लग रहा है.

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Last modified on Tuesday, 16 July 2019 21:05

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