ईश्वर दुबे
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वॉशिंगटन/नई दिल्ली. भारत ने इसी महीने रूस के साथ एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने पर समझौता किया। इसके बाद से ही देश पर अमेरिका की तरफ से प्रतिबंधों की तलवार लटक रही है। अब इस परिस्थिति से निकालने के लिए खुद वॉशिंगटन ने नई दिल्ली को अनाधिकारिक सुझाव दिया है। अमेरिका ने कहा है कि अगर भारत उससे एफ-15 लड़ाकू विमान खरीदने पर हामी भर दे तो वह कानूनी प्रतिबंधों से बच सकता है।
इंडियन एक्सप्रेस अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में ही अमेरिका ने भारत को प्रतिबंध से बचने के लिए एफ-15 खरीदने की सलाह दी थी।
भारत ने अभी तक एफ-15 विमान खरीदने के लिए अमेरिका से हामी नहीं भरी है। दरअसल, एफ-15 पहले ही तीन दशकों से पाकिस्तानी एयरफोर्स में सेवाएं दे रहा है। ऐसे में भारत एफ-15 खरीदने पर दिलचस्पी नहीं दिखा रहा।
दूसरी तरफ अमेरिका का कहना है कि भारत को जिन विमानों का प्रस्ताव दिया गया है वे पाकिस्तान के ब्लॉक-50/52 से एडवांस ब्लॉक-70 मॉडल हैं। इसके अलावा भारत का तर्क है कि एफ-15 लड़ाकू विमान स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल के अनुकूल नहीं है।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत को दोनों तरफ संतुलन बनाने के लिए कह रहे हैं। वे चाहते हैं कि अगर भारत को प्रतिबंधों में छूट चाहिए तो उसे अमेरिका के साथ रूस से बेहतर समझौता करना होगा।
अमेरिका ने भारत को एफ-15 और एफ-18 दोनों विमानों का प्रस्ताव दिया है, लेकिन एफ-15 की तकनीक भारत को देना ट्रम्प प्रशासन के लिए आसान होगा। कुछ समय पहले ही भारत ने 114 लड़ाकू विमान खरीदने के लिए रिक्वेस्ट फॉर इन्फॉर्मेशन (आरएफआई) जारी की थी। एेसे में अमेरिका एफ-15 विमान खरीदने के लिए भारत पर दबाव बनाना चाहता है।