Google Analytics —— Meta Pixel

करतारपुर: फिर वादे से मुकरा पाकिस्तान, कल भी वसूलेगा 20 डॉलर का शुल्क Featured

करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन को लेकर पाकिस्तान फिर अपने वादे से मुकर गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, नौ नवंबर को भी पाकिस्तान श्रद्धालुओं से 20 डॉलर (लगभग 1425 रुपये) का शुल्क वसूल करेगा। इससे पहले पाकिस्तान ने कहा था कि वह नौ नवंबर को श्रद्धालुओं से शुल्क नहीं लेगा।
इससे पहले गुरुवार को पाकिस्तानी सेना ने अपने ही प्रधानमंत्री इमरान खान के फैसले को पलट दिया था। पाक सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर के अनुसार अब सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर कॉरिडोर का प्रयोग करने के लिए भारतीय पासपोर्ट की आवश्यकता होगी। इससे कुछ ही दिन पहले प्रधानमंत्री इमरान खान ने घोषणा की थी कि भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब आने के लिए महज एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी।

करतारपुर कॉरिडोर भारत के पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले में स्थित करतारपुर के दरबार साहिब से जोड़ेगा। यह गुरुद्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
 
उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे श्री श्री रविशंकर
करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर शामिल नहीं होंगे। उन्होंने पूर्व में की गई प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने उन्हें करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए न्योता भेजा था।

बता दें कि कल यानी शनिवार को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन समारोह आयोजित होना है। जिसमें शामिल होने के लिए कई भारतीय गणमान्य नागरिकों को पाकिस्तान ने न्योता भेजा है।
कल होगा उद्धाटन
करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन नौ नवंबर को होने वाला है। इसे लेकर दोनों देशों के बीच समझौता हो चुका है और कई सांसद, विधायक व मंत्री करतारपुर जाने वाले पहले जत्थे का हिस्सा बनने जा रहे हैं।

पहले जत्थे में पंजाब के विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्रियों में हरसिमरत कौर व हरदीप सिंह पुरी शामिल होंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस पहले जत्थे की अगुवाई करेंगे। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की तरफ से और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पाकिस्तान की तरफ से कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे।

पिछले साल भारत और पाकिस्तान सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर की नींव रखी थी। इसे लेकर दोनों देशों के बीच कुछ विवाद भी हुआ और दोनों ने अपनी-अपनी शर्तें सामने रखीं। अंत में दोनों देश एक समझौते पर पहुंच गए, जिसे करतारपुर समझौता के नाम से जाना गया है।

Rate this item
(0 votes)

Ads

R.O.NO. 13784/149 Advertisement Carousel

MP info RSS Feed

फेसबुक