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छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की पहल, देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

बीटूबी बैठक में पर्यटन कारोबारियों के बीच व्यावसायिक साझेदारी पर जोर, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार से किया गया सम्मानित

छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध - श्री राजेश अग्रवाल

रायपुर,  सितंबर 2026/ विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट, नवा रायपुर में किया गया। आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश-विदेश के पर्यटन बाजार से जोड़ना, पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देना तथा प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाना था। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों, विशेषकर पड़ोसी राज्यों के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स, होम-स्टे संचालकों तथा विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे, एलियांज इंडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगदीप भगत, छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री जसप्रीत भाटिया, श्री कपिल जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., होटल मेफेयर के जीएम श्री नीलेश, जिला पंचायत जीपीएम के सीईओ श्री मुकेश रावटे सहित पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि एवं पर्यटन मंडल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। छत्तीसगढ़ के पास बस्तर की जीवंत जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत, राजिम की धार्मिक आस्था, भोरमदेव की स्थापत्य कला और बारनवापारा का वन्यजीवन जैसी विविध पर्यटन संपदाएं हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, कारीगरों एवं कलाकारों के लिए बाजार तथा ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार करना भी है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस’ पर्यटन कारोबारियों को देश-विदेश के पर्यटन बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। इससे व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने, नए पर्यटन बाजारों से जुड़ने, नए टूर पैकेज विकसित करने तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अधिक से अधिक पर्यटकों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र में पर्यटन विकास जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।

पर्यटन मंडल अध्यक्ष ने बताया आयोजन का उद्देश्य

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव या औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों और विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने तथा छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव में हुए शामिल, विभिन्न क्षेत्रों की युवा प्रतिभाओं का किया सम्मान

युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और रचनात्मकता से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

रायपुर,  सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आज की जनधारा मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव’ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर प्रदेश का नाम रोशन करने वाली युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया। उन्होंने आज की जनधारा की 36वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रकाशित ‘आज की जनधारा साहित्यिक वार्षिकी-2026’ का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का युवा प्रतिभाशाली, परिश्रमी और संभावनाओं से भरपूर है। युवाओं की नई सोच, ऊर्जा और रचनात्मकता प्रदेश के भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति है। युवाओं को अपनी बात सीधी, सच्ची और साहस के साथ रखनी चाहिए तथा अपने विचारों और कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ युवाओं के सामने अवसरों का नया संसार खुला है। आवश्यकता इस बात की है कि वे अपनी प्रतिभा को पहचानें, बड़े लक्ष्य तय करें और पूरे आत्मविश्वास के साथ उन्हें हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और नए विचारों को साकार करने के लिए व्यापक अवसर मिल रहे हैं। आज भारत का युवा नवाचार, स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक, खेल, कला-संस्कृति सहित हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। छत्तीसगढ़ के युवाओं में भी अपार सामर्थ्य है और वे अपनी प्रतिभा तथा परिश्रम से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम बना है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, पोषण और जनभागीदारी के संदेश का उल्लेख करते हुए ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनगा पोषण का सहज और स्थानीय स्रोत है। इसे जनभागीदारी से घर-घर तक पहुंचाकर स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूत किया जा सकता है।

प्रकृति और संस्कृति छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पहचान

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक समृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा प्रदेश प्रकृति की अनुपम देन से समृद्ध है। यहां के वन, पहाड़, जलप्रपात, गांवों का सहज जीवन और विविध लोक परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने मधेश्वर पहाड़ और वहां की शिवलिंग सदृश प्राकृतिक संरचना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में अनेक ऐसे स्थल हैं, जिनमें पर्यटन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली आत्मा यहां के गांवों, लोकजीवन और संस्कृति में बसती है। सादरी सहित प्रदेश की विभिन्न बोलियां, लोककला, लोकगीत और नागपुरी संगीत हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाते हैं। नई पीढ़ी को आधुनिकता के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी जड़ों, भाषा-बोली और सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़े रहना चाहिए।

संघर्ष से ही मिलता है आगे बढ़ने का संबल

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने जीवन के अनुभव युवाओं के साथ साझा करते हुए कहा कि कम उम्र में ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया था और परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। उन्होंने खेती-बाड़ी करते हुए परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं और अपने छोटे भाइयों की शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया। जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें संघर्ष करना और जिम्मेदारियों से पीछे न हटना सिखाया।

उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा अनुकूल नहीं होतीं, लेकिन कठिनाइयों से घबराने के बजाय उनका सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। परिश्रम, धैर्य और संकल्प के साथ किया गया प्रयास व्यक्ति के लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते खोलता है।

रायपुर  सितंबर 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित निरंजन धर्मशाला में श्री अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने श्री अशोक सिंघल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का स्मरण करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का संपूर्ण जीवन समाज को संगठित करने, सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय स्वाभिमान को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित रहा। वे कुशल संगठनकर्ता थे और समाज की सामूहिक शक्ति पर उनका अटूट विश्वास था। उन्होंने अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने तथा भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के प्रति चेतना जागृत करने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण की आकांक्षा को व्यापक जनभावना से जोड़ने और इसके लिए समाज को एकजुट करने में श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आज अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे अनेक पीढ़ियों का संघर्ष, तप, त्याग और समर्पण जुड़ा हुआ है। श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का योगदान भी इस यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल्यों के प्रति समाज में जागरूकता और स्वाभिमान का भाव सुदृढ़ करने के लिए जीवनपर्यंत कार्य किया।

प्रभु श्रीराम और छत्तीसगढ़ का संबंध अत्यंत आत्मीय : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम से छत्तीसगढ़ का संबंध केवल आस्था का नहीं, बल्कि अत्यंत गहरा और आत्मीय है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। वनवास काल में प्रभु श्रीराम ने लंबा समय छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर व्यतीत किया। माता शबरी की अनन्य भक्ति से जुड़ी शिवरीनारायण की धरती सहित प्रदेश के अनेक स्थान आज भी रामायणकालीन स्मृतियों और जनआस्था को संजोए हुए हैं।

उन्होंने कहा कि इसी आत्मीय संबंध के कारण अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा का अवसर छत्तीसगढ़ के लिए भी विशेष भावनात्मक महत्व रखता था। उस समय पूरे प्रदेश में उत्सव और उल्लास का वातावरण था। छत्तीसगढ़ से 11 ट्रक सुगंधित चावल अयोध्या भेजकर प्रदेशवासियों ने अपनी श्रद्धा अर्पित की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेशवासियों की इसी आस्था को ध्यान में रखते हुए श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की है। योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से रामलला के दर्शन कर चुके हैं और यह क्रम निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का जन्म शताब्दी वर्ष उनके विराट व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को उनके जीवन से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर है। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि दृढ़ संकल्प, संगठन और समाज के प्रति समर्पण के माध्यम से व्यापक परिवर्तन की दिशा में कार्य किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के तीन दिवसीय समारोह का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की धरती से होना प्रदेशवासियों के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित संतों को नमन करते हुए कहा कि संतों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन सदैव समाज को सही दिशा प्रदान करता है।

इस अवसर पर संत परमात्मानंद जी महाराज, संत श्री युधिष्ठिर लाल जी, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, श्री अम्बरीश , श्री टोपलाल वर्मा, श्री राजाराम, श्री कुलवंत सिंह सैनी सहित संतगण, देश-विदेश से आए पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

घोटिया और नारायणपाल पहुंचकर देखी बाढ़ की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं होने के दिए निर्देश

वन मंत्री श्री कश्यप जगदलपुर के राहत शिविर में प्रभावित परिवारों से मिले, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की ली जानकारी

रायपुर,  सितम्बर 2026/ वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर के बाढ़ प्रभावित घोटिया और नारायणपाल क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का मौके पर जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और अधिकारियों को नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मंत्री श्री कश्यप ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर कमी नहीं होनी चाहिए। प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखते हुए उन्हें समय पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

मंत्री श्री कश्यप ने जगदलपुर टाउन हॉल में बनाए गए राहत शिविर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में रह रहे बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उनकी आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की। उन्होंने शिविर में नाश्ता, भोजन, पेयजल और आवश्यक दवाइयों सहित उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।

वन मंत्री श्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत शिविर में रह रहे परिवारों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहें और प्रभावित परिवारों की जरूरतों के अनुसार तत्काल सुविधाएं मुहैय्या कराई जाएं।

वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संकट की इस घड़ी में बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहना और प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडे भी उपस्थित थे।

लखना, बेमता और बलौदीखुर्द का दौरा कर जताया संबल

हर संभव मदद का दिया भरोसा

​रायपुर, सितंबर 2026 प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं आपदा प्रबंधन कार्यों को गति देने के लिए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज लखना, बेमता और बलौदीखुर्द गांवों का सघन दौरा किया। उन्होंने बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनका हालचाल जाना और पीड़ितों को ढांढस बंधाते हुए आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस विपदा की घड़ी में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
​अपने दौरे के दौरान राजस्व मंत्री ने गांव-गांव में बाढ़ के पानी से हुए नुकसान का प्रत्यक्ष जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से आत्मीय चर्चा करते हुए उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। ग्रामीणों को भरोसा दिलाते हुए श्री वर्मा ने कहा कि आपदा की इस कठिन परिस्थिति में शासन-प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। किसी भी प्रभावित परिवार को असहाय नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फसल, मकान एवं जन-धन के नुकसान का निष्पक्ष और त्वरित आकलन कराया जा रहा है, ताकि सभी पीड़ितों को नियमानुसार जल्द से जल्द राहत राशि और सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
​निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री वर्मा ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही फसल क्षति, मकानों के नुकसान और पशु हानि का पारदर्शी सर्वे तुरंत पूरा करने के आदेश दिए गए, ताकि मुआवजा वितरण में कोई देरी न हो। संक्रामक बीमारियों के खतरे को देखते हुए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को गांवों में विशेष कैंप लगाने और कीटनाशकों का छिड़काव कराने की बात भी कही।
​आपदा के समय सीधे अपने बीच पहुंचे राजस्व मंत्री की इस संवेदनशीलता और त्वरित पहल से लखना, बेमता एवं बलौदीखुर्द के ग्रामीणों ने मंत्री श्री वर्मा का आभार प्रकट किया। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित राजस्व और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

सूरजगढ़ एवं परसापाली के प्रभावित ग्रामीणों को राहत शिविरों में किया जा रहा शिफ्ट, अन्य तटीय क्षेत्रों में भी प्रशासन अलर्ट

रायपुर, सितम्बर 2026/ महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुसौर विकासखंड अंतर्गत महानदी के तटीय क्षेत्रों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

पुसौर विकासखंड में महानदी के तटीय इलाके में स्थित गांव सूरजगढ़ और परसापाली में बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया जा रहा है। सूरजगढ़ गांव में प्रभावित करीब 450 लोग ग्रामीणों को पड़ीगांव राहत शिविर में शिफ्ट किया जा रहा है। शिविर में भोजन, पेयजल सहित आवश्यक व्यवस्थाएं प्रशासन द्वारा की जा रही हैं। इसी तरह परसापाली में भी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित लोगों के लिए छिछोर उमरिया के स्कूल भवन में राहत शिविर बनाया गया है। यहां भी प्रभावित ग्रामीणों को पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा महानदी के अन्य तटीय क्षेत्रों में भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। तटीय इलाकों में बाढ़ की संभावना को देखते हुए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

एसडीएम श्री महेश शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारी मौके पर पहुंचकर जलस्तर, प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और राहत व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। पुसौर जनपद पंचायत के सीईओ, पंचायत सचिव, पटवारी तथा पशुपालन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौके पर उपस्थित रहकर राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों से जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी के आसपास जाने से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

रायपुर,  सितम्बर 2026/ जिले के जनपद पंचायत बस्तर के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंगारपाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 138 वां संस्करण पूरे उत्साह के साथ सुना गया। इस विशेष प्रसारण के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री श्री केदार कश्यप मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता देखने को मिली। ग्रामीणों ने वन मंत्री के साथ बैठकर देश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक बदलावों और जन-सरोकारों से जुड़े विषयों को सुना।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष बघेल तथा जिला पंचायत सदस्य श्री निर्देश दीवान प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा क्षेत्र के विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

पोषक तत्वों से भरपूर मुनगा स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण

प्रदेशभर में अब तक कुल 10 लाख 29 हजार 831 मुनगा के पौधे का वितरण

स्थानीय स्तर पर सहज उपलब्ध संसाधनों और जनभागीदारी को जोड़ने वाली पहल की प्रशंसा

रायपुर,  सितम्बर 2026/ कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की एक स्थानीय पहल अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने पोषण की चुनौती से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और जनभागीदारी को जोड़ने वाली इस पहल की सराहना की।

छत्तीसगढ़ में सितंबर माह को पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 12 सितंबर को ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान की शुरुआत की। अभियान का उद्देश्य मुनगा के पौधे को घर-घर पहुंचाने के साथ उसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति परिवारों को जागरूक करना है।

मुनगा या सहजन छत्तीसगढ़ में स्थानीय स्तर पर सहज उपलब्ध है। पोषक तत्वों से भरपूर मुनगा स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। विटामिन ए, सी, कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व के साथ ही औषधीय गुणों से युक्त है। मुनगा को अपने भोजन में पौष्टिक आहार के रूप में शामिल करने की पहल बेहतरीन है। मुनगे के पेड़ को पेड़ तेजी से बढ़ता है और अपेक्षाकृत कम देखभाल की जरूरत होती है। मुनगा पोषण, औषधीय गुणों एवं हरियाली के दृष्टिगत महत्वपूर्ण पौधा माना गया है। स्थानीय भोजन और पोषण से जोड़ते हुए राज्य सरकार ने इसे कुपोषण के खिलाफ अभियान का हिस्सा बनाया है। खासतौर पर महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण के लिए ध्यान केंद्रित कर ’हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान चलाया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों को इस अभियान का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है, जहां पोषण जागरूकता के साथ परिवारों को मुनगा के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

’हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान के तहत प्रदेशभर में विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों एवं जनमानस के घरों के लिए व्यापक तौर पर मुनगे के पौधे का वितरण किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रदेशभर में अब तक कुल 10 लाख 29 हजार 831 मुनगा के पौधें का वितरण का किया गया है। जिलों में क्रमशः बस्तर जिले में 25,244, कांकेर जिले में 43,071, दंतेवाड़ा में 7,056, नारायणपुर में 21,224, बीजापुर में 15699, सुकमा में 4,835, कोंडागांव में 31983, सरगुजा में 43754, कोरिया में 19022, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 11939, सूरजपुर में 64599, बलरामपुर में 27107, जशपुर जिले में 1,62271 पौधे लगाएं गए है।

इसी प्रकार रायपुर जिले में 23948, महासमुंद में 6420, धमतरी में 48833, बलौदाबाजार में 28398, गरियाबंद में 10527, दुर्ग में 42474 राजनांदगांव जिले में 3480, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 21991, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 39222, कबीरधाम में 75776, बेमेतरा में 19575, बालोद में 50933, बिलासपुर में 14965, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 43007, जांजगीर-चांपा में 57653, सक्ती में 6425, कोरबा में 1,01,002, रायगढ़ में 41,776, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 9,824, मुंगेली जिले में 6,518 पौधे लगाएं गए है।

इस पहल की खास बात यह है कि इसमें किसी महंगे या बाहरी संसाधन के बजाय स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध पौधे को पोषण अभियान का माध्यम बनाया गया है। यानी घर के आंगन में लगा एक पौधा परिवार के भोजन में पोषण बढ़ाने के साथ कुपोषण के खिलाफ जागरूकता का भी जरिया बने। ‘हर घर मुनगा’ को केवल पौधरोपण अभियान के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसके जरिए पौधरोपण, पोषण जागरूकता, आंगनबाड़ी सेवाओं और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

संजू देवी ने राज्य सरकार के सहयोग और प्रोत्साहन के लिए जताया आभार

रायपुर.  सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने जापान में इन दिनों चल रहे एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी से वीडियो कॉल पर बात कर बधाई दी। श्री साव ने बातचीत के दौरान संजू देवी की स्वर्णिम सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए उनसे कहा कि आपने देश के साथ छत्तीसगढ़ को भी गौरवान्वित किया है। आपकी मेहनत, संघर्ष और खेल के प्रति जुनून प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने संजू देवी को आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश को अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व है। बातचीत के दौरान संजू देवी ने आगे बढ़ने और अपने खेल को निखारने के लिए राज्य शासन तथा खेल विभाग की ओर से मिले सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए आभार जताया।

श्री साव ने कहा कि संजू देवी की यह सफलता उनके समर्पण और लगातार संघर्ष का परिणाम है। खेल के प्रति उनका जुनून प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। खासकर खेलों में आगे बढ़ने का सपना देख रही बेटियों को उनकी उपलब्धि नई प्रेरणा देगी।

बिलासपुर के बहतराई खेल अकादमी में प्रशिक्षण ले रही कोरबा की संजू देवी भारतीय कबड्डी टीम की महत्वपूर्ण सदस्य है। भारत की ओर से खेलते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों में तीसरी स्वर्णिम सफलता हासिल की है। उन्होंने कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप में भी भारत को विजेता बनाने में उम्दा प्रदर्शन किया था।

 

प्रशिक्षण के बाद सरेंडर नक्सल युवाओं ने चक्रधर समारोह, रायगढ़ के समापन समारोह में दी प्रभावशाली प्रस्तुति

हिंसा से प्रभावित अतीत से निकलकर इन युवाओं का रंगमंच से जुड़ना एक सकारात्मक कदम

रायपुर,  सितम्बर 2026/ नारायणपुर जिला प्रशासन द्वारा पुनर्वासित एवं मुख्यधारा से जुड़ रहे युवाओं को कला एवं रंगमंच के माध्यम से सशक्त करने की दिशा में एक अभिनव पहल की गई। जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD), नई दिल्ली के साथ समन्वय कर नारायणपुर में 30 दिवसीय प्रस्तुतिपरक नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित कराई गई।

जिला प्रशासन की पहल पर NSD, नई दिल्ली की टीम द्वारा पुनर्वासित सरेंडर नक्सल युवाओं एवं स्थानीय युवाओं को 30 दिनों तक नाट्य एवं कला का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को अभिनय, रंगमंच, प्रस्तुति एवं कला की विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

इस 30 दिवसीय प्रशिक्षण का उद्देश्य पुनर्वासित युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना, उनमें आत्मविश्वास विकसित करना तथा उन्हें कला एवं संस्कृति के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ना रहा। मूल कार्यशाला में 100 पुनर्वासित आदिवासी युवा तथा 25 स्थानीय युवा शामिल हुए थे।

प्रशिक्षण से मंच तक का सफर

30 दिवसीय प्रशिक्षण के उपरांत पुनर्वासित युवाओं ने तैयार की गई नाट्य एवं कला प्रस्तुति का मंचन किया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सरेंडर नक्सल युवाओं ने रायगढ़ में आयोजित चक्रधर समारोह के समापन समारोह में भी अपनी प्रस्तुति दी। यह प्रस्तुति उनके लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक मंच पर अपनी कला और प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर रही।

हिंसा से प्रभावित अतीत से निकलकर इन युवाओं का रंगमंच और कला के माध्यम से अपनी पहचान बनाना, उनके पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ने की प्रक्रिया में एक सकारात्मक कदम के रूप में सामने आया है।

जिला प्रशासन द्वारा इस पहल की परिकल्पना युवाओं को उनकी प्रतिभा के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने तथा बस्तर की कला एवं संस्कृति को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।

नारायणपुर जिला प्रशासन और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली के इस समन्वित प्रयास ने पुनर्वासित युवाओं के लिए कला को अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के एक प्रभावी माध्यम के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल प्रस्तुत की है।

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