newscreation

newscreation

 किसानों से चर्चा कर खेती किसानी की तैयारी की जानकारी ली
रायपुर. महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के गावों का दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों से चर्चा कर खेती किसानी की तैयारी की जानकारी ली और नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु ग्रामीणों को मास्क वितरण किया।

    विकास कार्यों के भूमिपूजन में ग्राम परसाडीह(ज) में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में अहाता निर्माण, सहकारी समिति भवन के सामने सीमेंटीकरण, ग्राम अछोली में शासकीय हाईस्कूल में अहाता निर्माण,सामुदायिक भवन निर्माण, ग्राम चिखली में सामुदायिक भवन निर्माण, ग्राम कोड़ेकसा में शासकीय हाईस्कूूल में अहाता निर्माण, ग्राम खड़बत्तर में शासकीय प्राथमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण और ग्राम गोटीटोला में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य शामिल हैं।
मंत्री श्रीमती भेंडिया ने किसानों से धान बुवाई की प्रगति, खाद-बीज सहित अन्य सामग्रियों की उपलब्धता की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि खाद-बीज की कोई समस्या नहीं है। श्रीमती भेंडिया ने किसानों से कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को अरहर बीज मिनीकिट उपलब्ध कराया जा रहा है, अपने खेतों के मेड़ में अरहर लगाएं। उन्होंने किसानों को कोदो, कुटकी तथा मक्का की फसल लेने के साथ वृक्षारोपण के लिए भी प्रेरित किया। श्रीमती भेंड़िया ने किसानों से कहा कि नामंातरण, सीमंाकन तथा राजस्व संबंधी लंबित प्रकरणों से अवगत कराएं। किसानों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का हर संभव प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिकों सहित जिलास्तरीय अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।

रायपुर. माता-पिता के लिए अपनी संतान के स्वास्थ्य और सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं होता, परन्तु कभी-कभी अज्ञानता, निर्धनता, जागरूकता के अभाव जैसे कई कारणों से कुपोषण बच्चों को अपना शिकार बना लेता है। ऐसे बच्चों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 02 अक्टूबर 2019 से शुरू किया गया मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान वरदान साबित हो रहा है। इस अभियान के तहत् शिशुओं, किशोरियों, युवतियों और महिलाओं को कुपोषण और एनीमिया से मुक्ति दिलाने के निर्णायक कदम का दूरस्थ अंचलांे मे अच्छा प्रतिसाद मिला है। अब यहां कुपोषित से सामान्य स्थिति में आने वाले बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है।
    आदिवासी जिले कोण्डागांव के ऐसे ही दूरस्थ अंचल मर्दापाल के सीमावर्ती ग्राम बेचा में रहने वाले किसान दम्पत्ति पिता श्री राजूू राम कोर्राम और मां श्रीमती सुकारो बाई मरकाम की डेढ़ वर्षीय पुत्री सरस्वती समुचित खान-पान के अभाव में कुपोषण की चपेट मे आ गई थी। कुपोषण की वजह से आई कमजोरी से वह चल-फिर भी नहीं पा रही थी। इसकी जानकारी मिलने पर स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुश्री रजबती बघेल और सुपोषण अभियान के नोडल श्री प्रकाश बागड़े ने बच्ची को सतत् निगरानी में रखते हुए उसके पोषण का उचित प्रबंध किया। उन्होंने बच्ची सरस्वती का पंजीयन कर उसे प्रोटीन युक्त पोषण आहार जैसे अण्डा, चना, सोयाबड़ी, फल और अन्य समाग्रियां वैकल्पिक रूप से उपलब्ध कराने की शुरूवात की। इसके साथ ही सरस्वती को कोण्डागांव के पोषण पुर्नवास केन्द्र भेजा गया फलस्वरूप उसके स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन आना शुरू हो गया। अब नन्ही सरस्वती बिना किसी सहारे के चल फिर रही है। उसके शरीर मे रक्त के मात्रा और वजन मंे वृद्धि हुई है। उचित देखभाल से उसके स्वास्थ्य मे लगातार सुधार हो रहा है।
    उल्लेखनीय है कि कोण्डागांव मे स्थापित पोषण पुर्नवास केन्द्र मे दूर-दराज के गांव जैसे कड़ेनार, कुदूर, कारसिंग, नुगाली, के कुपोषित शिशुओं को रखने की व्यवस्था की गई है। यहां उपचार के अलावा बच्चों को पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य स्थिति मे लाने तक रखा जाता है। इन प्रयासो से कुपोषण की दर में तेजी से गिरावट देखने को मिल रही है।

श्रम हित के आंदोलनों में मेरा पूर्ण समर्थन : सांसद महंत
कोरबा। कोल इंडिया ने हसदेव अरण्य क्षेत्र के 4 कोल ब्लाकों को नीलामी से हटाने का निर्णय लिया है। कोल इंडिया का यह निर्णय श्रमिक हित में मजदूर संगठनों के द्वारा किए जा रहे आंदोलन और इससे बने दबाव का ही यह परिणाम है। शुरूआती परिणाम बेहतर आए हैं और इसके लिए कोरबा सांसद ने श्रमिक संगठनों के आंदोलन को पूरा समर्थन देने की बात कही है।
कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा है कि केन्द्र की सरकार द्वारा देश के 41 कोल ब्लाक जिनमें से 9 कोल ब्लाक छत्तीसगढ़ के भी शामिल हैं, इस कोयले को निर्यात की मंशा से बाहरी कंपनियों, उद्योगों को बेचने के लिए सरकार ने निर्णय लिया है। इस निर्णय के खिलाफ देशभर में श्रमिक संगठनों के द्वारा 2 से 4 जुलाई तक 72 घंटे की सफल हड़ताल की है जिसका मेरे द्वारा एवं पार्टी संगठन के द्वारा पूर्ण समर्थन किया गया है। सांसद ने बताया कि श्रमिक आंदोलन के तेवर व दबाव का ही असर रहा है कि कोल इंडिया ने हसदेव अरण्य क्षेत्र में स्थित 4 कोल ब्लाकों को नीलामी से हटाने का निर्णय किया है। यह निर्णय श्रमिक आंदोलनों की शुरूआती जीत है और श्रम हित के आंदोलनों में हमेशा मेरा पूरा साथ रहेगा।

एस डी एम जांजगीर , पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त कार्यवाही,
जांजगीर-चांपा.  जिले की तहसील बलौदा के अन्तर्गत ग्राम नवगवां मे आज अलसुबह  हसदेव नदी पर अवैध करते पाए जाने पर 12 ट्रेक्टरों को जप्त करने की कार्रवाई की गई।  कलेक्टर श्री यशवंत कुमार के निर्देश पर जांजगीर एस डी एम श्रीमती मेनका प्रधान, खनिज और पुलिस  की संयुक्त टीम के साथ आज उत्खनन करने वालों  के खिलाफ  बलौदा क्षेत्र के हसदेव नदी के तटों पर स्थित रेत घाटों का सघन निरीक्षण किया। रेत के अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई कार्यवाही हेतु सुबह 4.30 बजे से गश्त किया गया। इस दौरान ग्राम नवगवां की  रेत घाट में 12 ट्रेक्टर अवैध परिवहन करते पाए गए। इन सभी ट्रेक्टरों  तत्काल जब्त करने की कार्रवाई की गई। रेत का अवैध परिवहन करने वाले सभी 12 ट्रेक्टरों  को बलौदा थाने मे खड़ा कर थाना प्रभारी को सुपुर्दगी में दिया गया है। इस कार्यवाही मे जांजगीर एस डी एम श्रीमती मेनका प्रधान के अलावा एस डी ओ पी दिनेशवरी नंद, नायब तहसीलदार बलौदा किशन मिश्रा, सहायक उपनिरीक्षक बलौदा  लम्बोदर  और पुलिस कर्मी, खनिज विभाग से श्री जाड़े और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

दिन भर स्वीकार की जन्मदिन की बधाईयां
चांपा। छ.ग. की पिछली विधानसभा में उत्कृष्ट विधायक पुरस्कार से सम्मानित जांजगीर-चाम्पा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक तथा छ.ग. राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर के अध्यक्ष मोतीलाल देवांगन का जन्मदिवस सादगीपूर्वक रविवार 05 जुलाई को मनाया गया। विधायक देवांगन अपने जन्मदिवस के अवसर पर रविवार 05 जुलाई को सुबह 9 बजे देवांगन पारा स्थित मां सम्लेश्वरी मंदिर पहुंचे और सपरिवार मत्था टेककर और पूजा-अर्चना करते हुए क्षेत्र की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। पूर्व विधायक देवांगन ने इसके पश्चात सुबह 11 बजे देवांगन पारा स्थित अपने निवास में नगर और क्षेत्र से आये बुनकर साथियों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी में केक काटकर अपना जन्मदिन सादगीपूर्वक मनाया। उन्होंने लोगों से जन्मदिन की बधाईयां स्वीकार की। वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण 24 मार्च से लागू लाॅकडाउन के चलते पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन ने अपना जन्मदिन बेहद सादगीपूर्वक मनाया। उनके कुछ समर्थकों ने उन्हें शाल पहनाकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। पूर्व विधायक देवांगन को उनके जन्मदिवस पर बड़ी संख्या में मौजूद कांग्रेस नेताओं, क्षेत्र के सरपंचों, कार्यकर्ताओं, नागरिकों के अलावा ग्रामीणों क्षेत्रों से आये लोगों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर जन्मदिन की बधाईयां दी। उन्होंने निवास पर दिन भर समर्थकों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं सहित आम जनता से जन्मदिवस की बधाईयां स्वीकार की। पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन को उनके जन्मदिन पर बधाई देने के लिए उनके निवास पहुंचने वालों में जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता नागेन्द्र गुप्ता, उपाध्यक्ष गणेश मोदी, ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी चाम्पा के अध्यक्ष अवधेश गुप्ता, ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी नवागढ़ के अध्यक्ष भागवत कश्यप, ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी जांजगीर ग्रामीण के अध्यक्ष रामकिंकर शुक्ला, नगर पालिकाध्यक्ष जय थवाईत, उपाध्यक्ष हरदेव देवांगन, नवागढ़ नगर पंचायत के अध्यक्ष भुवनेश्वर केशरवानी, प्रेस क्लब अध्यक्ष शैलेश शर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष श्रीमति शांति सोनी, पार्षद तमिन्द्र देवांगन, डुग्गु प्रधान, पुसऊ सिंह सिदार, रंजन कैवत्र्य, वरिष्ठ इंका नेता सत्यनारायण देवांगन, गुलाबचंद देवांगन, रमेश धामेचा, इंका नेता उपकार सिंह ढिल्लो, ओमप्रकाश देवांगन (बबलू), मो. अली, अंजुम अंसारी,  राजकुमार सोनी, रितेश शर्मा, मो. अली, सुनील साधवानी, शिल्पराज देवांगन सुदेश अहीर, भीषम राठौर, भालचंद्र तिवारी, कुंवर भिवेन्द्र बहादूर सिंह, किशन लाल सोनी, पूर्व पार्षद विजय सोनी, पुरूषोत्तम देवांगन, शिवनंदन साहू, सहित एन.एस.यू.आई. के आकाश तिवारी, जगन्नाथ देवांगन, शांति देवांगन, भीषम देवांगन, सचिन देवांगन, अंशुमान दुबे, भूपेन्द्र देवांगन, जगदीश देवांगन, विपिन देवांगन, सुरेश देवांगन, गाड़ाराय देवांगन, राजू देवांगन, राजेश देवांगन, राजेन्द्र देवांगन, भीम देवांगन, अखिलेश देवांगन, कोमल देवांगन, पुष्पेन्द्र देवांगन, तनिष्क देवांगन, विनोद देवांगन, रूपेश साहू, शेखर सोनी, राजन गुप्ता, ओमप्रकाश देवांगन(गप्पू), भूपेन्द्र पटेल, ऋषि देवांगन, बलराम देवांगन, परमेश्वर राठौर, भूपेन्द्र साहू, संतोष साहू,वाजिद खान, अब्दुल वहाब, अनिल गोंड़, हरदेव टंडन, अनिल राठौर, श्रीमती हेमलता राठौर, रविन्द्र द्विवेदी, शिशिर द्विवेदी, समीर द्विवेदी, जनपद सदस्य धनपत खरे, हरदी सरपंच गौरव सिंह, जितेन्द्र कश्यप, पिंकी सिंह, राजेश सिंह, घनश्याम कश्यप, सुरेन्द्र पाण्डेय, सुनीता महंत, दिनेश पाण्डेय, दिनेश दुबे, गोपाल साहू, प्रेमशंकर साहू, संतोष कश्यप, नारायण यादव, चंद्रकुमार कंवर, छतराम साहू, रामनारायण राठौर, रविन्द्र राठौर, शिवकुमार कश्यप, जगत पटेल, बुधराम सूर्यवंशी, दिलीप कश्यप, हीरामणी कश्यप, उमाकांत राटौर, दिलीप यादव, द्वारिका डडसेना आदि प्रमुख थे। इसके अतिरिक्त पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन को उनके जन्मदिवस पर क्षेत्र एवं प्रदेश के अनेक कांग्रेस नेताओं ने भी मोबाईल पर काॅल कर जन्मदिन की बधाई दी।

नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों नई राजनीतिक बिसात बिछाई जा रही है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सूबे में अपनी सियासी जमीन वापस पाने के लिए योगी सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक पर मोर्चा खोले हुए हैं. प्रियंका की बढ़ती सक्रियता से योगी सरकार परेशान भले ही दिख रही हो लेकिन राजनीतिक जानकार मानते हैं कि कांग्रेस की मजबूती सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी के लिए चुनौती नहीं बल्कि एक अवसर है. यही वजह है कि योगी सरकार भी राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी से ज्यादा कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों को अहमियत दे रही है.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस तीस साल से ज्यादा समय से सत्ता से दूर है. 2022 का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रियंका गांधी ने पुराने चेहरों को साइडलाइन कर अपनी पसंद की टीम तैयार की और उसके बाद बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. सूबे के तमाम मुद्दों पर प्रियंका योगी सरकार पर हमलावर हैं. कांग्रेस की ये सक्रियता बीजेपी से ज्यादा सपा और बसपा के लिए बेचैनी लेकर आई है.
लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार सुभाष मिश्रा कहते हैं कि कांग्रेस प्रदेश में जमीनी स्तर पर अभी इतनी मजबूत नहीं है कि अपने दम पर सत्ता हासिल कर सके. इस बात को बीजेपी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बखूबी समझते हैं. बसपा प्रमुख मायावती बीजेपी सरकार के प्रति नरम रुख अख्तियार किए हुए हैं. उनके साइड हो जाने के बाद सूबे में राजनीति योगी बनाम अखिलेश के तौर पर देखी जा रही है. ऐसे में योगी आदित्यनाथ की भी रणनीति यही होगी कि बीजेपी और योगी विरोधी वोट विपक्ष में किसी एक दल के साथ न जुड़े. यही वजह है कि बीजेपी ढूंढ-ढूंढ कर कांग्रेस को मौका दे रही है.
सुभाष मिश्रा कहते हैं कि सूबे में कांग्रेस उतनी आक्रामक नहीं थी, जितना उसे सीएम योगी ने बना दिया है. प्रवासियों के लिए बस के मामले से लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की गिरफ्तारी तक देखें तो साफ तौर पर पता चलता है कि कैसे बीजेपी सरकार कांग्रेस को आक्रामक होने के लिए मुद्दा थाली में सजा कर दे रही है. दूसरी ओर सपा को नजरअंदाज किया जा रहा है. योगी सरकार के इस कदम का सियासी संदेश साफ है कि विपक्ष के तौर पर कांग्रेस राज्य में अहम भूमिका में है. हालांकि, सुभाष मिश्रा यह भी कहते हैं कि बीजेपी को यह दांव महंगा भी पड़ सकता है, क्योंकि शहरी क्षेत्रों में सपा-बसपा का आधार नहीं है बल्कि बीजेपी और कांग्रेस का है. ऐसे में अगर मुस्लिम-ब्राह्मण और एंटी बीजेपी वोट एकजुट हुआ तो बीजेपी के लिए तगड़ा झटका साबित हो सकता है.
गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करने के बाद भी कांग्रेस को सिर्फ 7 सीटें मिली थीं. वहीं पिछले साल लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री के बाद भी यूपी में कांग्रेस एक सीट पर सिमटकर रह गई थी. खुद राहुल गांधी की अमेठी सीट कांग्रेस के हाथों से छिन गई थी. ऐसे में योगी सरकार का कांग्रेस को तरजीह देने के पीछे अखिलेश और मायावती की राजनीति को कमजोर करना भी एक कारण हो सकता है.
हालांकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू इससे इत्तेफाक नहीं रखते. वे कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी होने के नाते जनता की आवाज बनने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस कार्यकर्ता आवाम के मुद्दों को लेकर सड़कों पर संघर्ष करने से लेकर लाठी खाने और जेल तक जा रहे हैं. प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में आने के बाद से ही कांग्रेस सूबे में फ्रंटफुट पर है. वो किसी पार्टी की पिछलग्गू बनकर नहीं चल रही है. सीएए का मुद्दा हो या फिर सोनभद्र हत्याकांड में मारे गए लोगों के परिवार से मिलने का मामला हो या किसान से लेकर नौजवानों तक के अन्य मुद्दे अथवा प्रदेश की बेटियों को इंसाफ दिलाने का मामला कांग्रेस सबसे आगे नजर आई है जबकि सीबीआई और ईडी के डर से सपा-बसपा खामोश हैं.
अजय कुमार लल्लू कांग्रेस की मजबूत होती जमीन से योगी को राजनीतिक फायदे से इनकार करते हैं. वह कहते हैं कि सूबे में आज हर कोई परेशान है. पिछले 30 साल से सपा, बसपा और बीजेपी की सरकारें रही हैं. इन तीनों दलों ने जाति और धर्म के नाम पर राजनीति की है और सूबे को पीछे ले जाने का काम किया है. प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की राजनीतिक जमीन मजबूत हो रही है और लोगों में उम्मीद जगी है. इसी के चलते बीजेपी से लेकर सपा और बसपा तक बेचैन और परेशान नजर आ रहे हैं. दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री अताउर्रहमान कहते हैं कि कांग्रेस और बीजेपी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और दोनों की मिलीभगत है. सूबे की जनता इस बात को समझती है कि योगी आदित्यनाथ का विकल्प सपा प्रमुख अखिलेश यादव हैं. ऐसे में विपक्ष के वोटों में कन्फ्यूजन पैदा करने के लिए बीजेपी सोची समझी रणनीति के तहत कांग्रेस को बढ़ाने का काम कर रही है. हालांकि, प्रदेश की जनता इस बात को बेहतर तरीके से समझ रही है और चुनाव में इस बात का जवाब भी देगी.वहीं, वरिष्ठ पत्रकार अमिता वर्मा कहती हैं कि कांग्रेस की समस्या वही पुरानी है. कांग्रेस के पास बड़े नेताओं की भरमार है, पर जमीन पर कार्यकर्ताओं का अकाल है. इस वजह से कांग्रेस के अभियान परवान नहीं चढ़ पाते. प्रियंका आगे-आगे तो उनकी पार्टी के 'दूसरी-तीसरी लाइन' के युवा नेता कंधे से कंधा मिलाकर पीछे-पीछे चलते नजर आते हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और उनके ही जैसे गुमनाम या कम जान-पहचान वाले युवा नेता दिख रहे हैं जबकि कांग्रेस के पुराने और दिग्गज नेता साइड लाइन हैं.

अमेरिकी नौसेना ने ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के आधार पर चीन पर पलटवार किया है। न्यूज रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के पास एंटी एयरक्राफ्ट वाहक हथियारों का बड़ा जखीरा है और दक्षिण चीन सागर पूरी तरह से चीनी सेना के कब्जे में है। अमेरिकी नौसेना ने कहा कि इससे वे डरे नहीं हैं।
चीन के ग्लोबल टाइम्स ने एक ट्वीट में लिखा, "चीन के पास DF-21D और DF-26 जैसे हथियारों की लंबी शृखंला मौजूद है। दक्षिण चीन सागर पूरी तरह से एलपीए की मुट्ठी में है। इस इलाके में किसी भी अमेरिकी एयरक्राफ्ट वाहक की गतिविधि से PLA खुश हो जाएगी: विशलेषक"
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी नौसेना के एक अधिकारी ने लिखा, 'दक्षिणी चीन सागर में अमेरिकी नौसेना का दो विमान वाहक मौजूद है। #USSNimitz और #USSRonaldReagan भयभीत नहीं हैं।' आपको बता दें कि जवाब के साथ हैशटैग #AtOurDiscretion का इस्तेमाल किया गया।
अमेरिका ने अपने दो विमान वाहक को दक्षिणी चीन सागर में यूएसएस रोनॉल्ड रीगन और यूएसएस निमित्ज को सैन्य अभ्यास के लिए भेजा है। यह अभ्यास लंबे समय से नियोजित है, लेकिन चीन ने भी पैरासेल द्वीप समूह के पास सैन्य अभ्यास आयोजित किया है, जिसकी अमेरिका और अन्य देशों द्वारा आलोचना की गई है। दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में दो परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विमान वाहकों के अमेरिकी नौसेना के संचालन ने इसे और बल दिया है।  हांगकांग सहित कई क्षेत्रों में वाशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव बढ़ गया।
कोरोना वायरस को लेकर भी दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप
अमेरिका ने कोरोनो वायरस को लेकर भी लगातार चीन पर हमला बोला है। वॉशिंगटन ने बीजिंग पर दुनिया से जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। चीन ने मई में ट्विटर पर एक संक्षिप्त वीडियो के साथ जवाब दिया, जिसमें कहा गया था कि वाशिंगटन कोरोनो वायरस प्रकोप पर बीजिंग से सावधानी के शब्दों को नहीं सुनता है।
एनिमेटेड वीडियो को गुरुवार को फ्रांस में चीनी दूतावास द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किया गया और इसका शीर्षक था "वन्स अपॉन ए वायरस"। वीडियो में चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका कार्टून और आंकड़ों के साथ एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहा है। वीडियो में चीनी पक्ष का कहना है कि उसने जनवरी में एक नए वायरस की खोज के बारे में बताया, अमेरिका ने इसका कोई ध्यान नहीं रखा।
एक मिनट 39 सेकंड के वीडियो में चीन को जनवरी में अपने लॉकडाउन की घोषणा करते हुए दिखाया गया है और अमेरिका इसे बर्बर करार दे रहा है।
 

काठमांडू । नेपाल में जारी राजनीतिक घमासान में दो दिन की राहत मिल गई है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे को लेकर मामला स्टेंडिंग कमेटी की बैठक टलने से दो दिन के लिए टल गया है। इस बीच, विभिन्न दलों की बैठकों का दौर जारी रहा।
पार्टी के कई सीनियर लीडर चाहते हैं कि इस मसले का हल आपसी सहमति से निकाला जाए। इस बीच, खबर है कि नेपाल के प्रधानमंत्री ओली राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी से मिलने शीतल निवास पहुंचे हैं।
ओली के मुख्य विरोधी और सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के कार्यकारी अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड के बीच शनिवार को 3 घंटे बातचीत हुई। दोनों के बीच हुई चर्चा से ही सोमवार को होने वाले राजनीतिक फेरबदल का निचोड़ निकलेगा। सूत्रों के मुताबिक, दोनों ही नेताओं पर यह दबाव है कि वो पार्टी में किसी तरह की टूट न होने दें।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल में ओली की पार्टी दो फाड़ की कगार पर पहुंच गई है। पार्टी का दूसरा धड़ा भारत से विरोध नहीं चाहता। इस बीच, ओली ने दूसरे धड़े के बड़े नेताओं से मुलाकात की और सहयोग मांगा। बुधवार को प्रचंड की अध्यक्षता में पार्टी की स्थाई समिति की बैठक में 44 में से 33 सदस्यों ने ओली के इस्तीफे की मांग की थी। इसके बाद गुरुवार को ओली के इस्तीफे पर सहमति नहीं होने पर समिति की बैठक टाल दी गई थी। इस बीच, ऐसी भी चर्चा है कि ओली नई पार्टी बना सकते है। उन्होंने नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी-यूएमएल के नाम से पार्टी का रजिस्ट्रेशन भी कराया हुआ है। ऐसे में दो दिन की राहत के बाद सोमवार को ही नेपाल में राजनीति का बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है।
 

कुवैत की नेशनल असेंबली की कानूनी और विधायी समिति ने अप्रवासी कोटा बिल के मसौदे को मंजूरी दे दी है। इस बिल के कारण करीब आठ लाख भारतीयों को कुवैत छोड़ना पड़ सकता है। गल्फ न्यूज ने स्थानीय मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि नेशनल असेंबली की कानूनी और विधायी समिति ने निर्धारित किया है कि अप्रवासी कोटा बिल का ड्राफ्ट संवैधानिक है।

इस बिल के अनुसार, कुवात में भारतीयों की आबादी 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। बिल को संबंधित समिति में स्थानांतरित करने की बात कही गई है ताकि इसके लिए एक व्यापक योजना बनाई जाए।

आउटलेट ने बताया कि इसस बिल के कारण करीब 8,00,000 भारतीयों को कुवैत छोड़ना पड़ सकता है। आपको बता दें कि कुवैता में भारतीय समुदाय सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है, जिसकी कुल संख्या तकरीबन 15 लाख है।

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के साथ ही वहां प्रवासियों के खिलाफ बयानबाजी शुरू हो चुकी थी। इसके बाद स्थानीय शासन और सरकारी अधिकारियों ने कुवैत से विदेशियों की संख्या कम करने की बात कही। जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार, कुवैत में कोरोनो वायरस के 49,000 से अधिक मामले सामने आए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले महीने कुवैत के प्रधानमंत्री, शेख सबा अल खालिद अल सबाह ने अप्रवासियों की आबादी 70 से घटाकर 30 प्रतिशत तक करने का प्रस्ताव रखा।

पूर्वी लद्दाख में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के साथ लंबे समय से जारी गतिरोध के बीत भारत ने कम ऊंचाई पर अधिक देर तक उड़ान भरने वाले अमेरिकी सशस्त्र प्रीडेटर-बी ड्रोन खरीदने में रुचि दिखाई है। यह ड्रोन ना सिर्फ खुफिया जानकारी इक्ट्ठा करता है, बल्कि लक्ष्य का पता लगाकर उसे मिसाइल और लेजर गाइडेड बम से नष्ट कर देता है।
फिलहाल भारत पूर्वी लद्दाख में इज़राइली हेरोन ड्रोन का इस्तेमामल करता है, जो कि निहत्था है। वहीं, चीन की बात करें तो उसके पास विंग लूंग II सशस्त्र ड्रोन है। इसके अलावा वह पाकिस्तान को भी सप्लाई करने की तैयारी में है। पाकिस्तान वायु सेना द्वारा उपयोग के लिए 48 सशस्त्र ड्रोन का संयुक्त रूप से उत्पादन करने के लिए चीन के साथ करार कर रहा है। विंग लूंग II के सैन्य संस्करण जीजे -2 को हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों से लैस बताया गया है। वर्तमान में सीमित सफलता के साथ लीबिया के सिविल वॉर में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
हालांकि अमेरिका ने चार अरब डॉलर से अधिक के 30 सी गार्डियन बेचने की पेशकश की है। राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाकारों को लगता है कि सर्विलांस और टारगेट पर हमला के लिए एक ही ड्रोन हो न कि अलग-अलग। भले ही भारतीय नौसेना अमेरिका के साथ बातचीत में मुख्य भूमिका निभा रही है, लेकिन भारतीय सेना प्रिडेटर-बी के पक्ष में है।
अमेरिका भारत की उच्च तकनीकी हथियारों की आपूर्ति के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही साथ भारत के द्वारा एस-400 मिसाइल सिस्टम रूस से खरीदने से नाखुश भी है। उसे डर है कि सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली भारत मास्को तक पहुंचा सकता है। चीन ने पहले ही रूस से एस-400 प्रणाली का अधिग्रहण कर लिया है और वर्तमान में इसे अरुणाचल प्रदेश में तैनात किया है।
भले ही नोएडा स्थित कुछ भारतीय प्राइवेट कंपनी medium-altitude long-endurance (MALE) ड्रोन विकसित करने की प्रक्रिया में हैं, लेकिन वे सशस्त्र ड्रोन हासिल करने की क्षमता से अभी दूर हैं। लद्दाख में किए गए कई प्रयोग तिब्बत के पठार पर उच्च-वेग से चलने वाली हवाओं में खो जाने वाले ड्रोन के साथ पूरी तरह से सफल नहीं हुए हैं। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की योजना है कि इस साल के अंत तक Male Rustom ड्रोन प्रोटोटाइप का उत्पादन किया जाएगा।
 

Page 1 of 1124

फेसबुक