ईश्वर दुबे
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विश्व रक्तदाता दिवस पर राज्यपाल ने रक्तदाताओं का किया सम्मान
रायपुर, 14 जून 2026/मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है दूसरे के जीवन की रक्षा करना और यह अपने ही रक्त के एक बूंद से हो सके तो इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं है। रक्त का दान सबसे बड़ा दान होता है। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज प्रदेश के स्वैच्छिक रक्तदाताओं का सम्मान करते हुए उक्त बातें कहीं।
30 स्वैच्छिक रक्तदाताओं सहित विभिन्न संगठनों और संस्थाओं के सदस्य हुए सम्मानित
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा स्वैच्छिक रक्तदाताओं को सम्मानित करने के लिए लोकभवन में समारोह आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के अध्यक्ष राज्यपाल श्री डेका ने सर्वाधिक रक्तदान करने वाले प्रदेश के 30 स्वैच्छिक रक्तदाताओं सहित विभिन्न संगठनों और संस्थाओं के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर लोकभवन में रेडक्रॉस द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें लोकभवन के अधिकारियों- कर्मचारियों सहित अन्य लोगों ने उत्सव पूर्वक रक्तदान किया।
रक्तदाताओं ने निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर लोगों को नया जीवन दिया है
कार्यक्रम को संबोधित करने हुए राज्यपाल ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है और यह केवल स्वस्थ व्यक्ति के स्वैच्छिक दान से ही उपलब्ध हो सकता है। राज्यपाल ने कहा कि थैलेसीमिया, सिकल सेल, एनीमिया, हिमोफिलिया, कैंसर तथा दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में रक्त की आवश्यकता जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां के लोगों में जो सेवा भाव है वह दूसरी जगह देखने को नहीं मिलती। रक्तदाताओं ने वर्षो से निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर अनेक लोगों को नया जीवन दिया है। ऐसे रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणा हैं और उनकी सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण है।
राज्यपाल ने रेडक्रॉस ब्लड बैंक और उसकी टीम के कार्यो की भी सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था वर्षो से जरूरत मंदों तक जीवनदायी रक्त पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।
रेडक्रॉस स्मारिका का विमोचन
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमेन श्री तोमन साहू ने स्वागत उदबोधन दिया तथा छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. रूपल पुरोहित ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर रेडक्रॉस स्मारिका का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के उपाध्यक्ष श्री रूपेश पाणिग्रही, कोषाध्यक्ष श्री संजय पटेल, रेडक्रॉस ब्लड सेंटर रायपुर के प्रभारी डॉ. सत्यनारायण पाण्डेय, पूर्व चेयरमेन श्री अशोक अग्रवाल रेडक्रॉस के पदाधिकारी, स्वैच्छिक रक्तदाता तथा सहयोगी, संस्थानों तथा संगठनों के सदस्य उपस्थित थे।
युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियां बढ़ा रही हैं छत्तीसगढ़ का गौरव - मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर 14 जून 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय अंडर-18 हॉकी टीम के एशिया कप विजेता सदस्य श्री अवि मानिकपुरी ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अवि मानिकपुरी को अंडर-18 एशिया कप में भारत की ऐतिहासिक विजय में महत्वपूर्ण योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अवि मानिकपुरी को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इसी समर्पण और लगन के साथ आगे बढ़ते रहें तथा आने वाले समय में भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अवि की उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह साबित करती है कि अवसर और संकल्प मिलने पर छत्तीसगढ़ की प्रतिभाएं विश्व मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास और खिलाड़ियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के प्रयासों से युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के नए अवसर मिल रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर निवासी अवि मानिकपुरी भारत के उभरते हुए हॉकी खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने हाल ही में जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जिसमें अवि मानिकपुरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष श्री फिरोज अंसारी, महासचिव डॉ. मनीष श्रीवास्तव तथा अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्री मृणाल चौबे उपस्थित थे।
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प्रदेशवासी, अधिक से अधिक संख्या में दें सुझाव
शासकीय अधिकारी-कर्मचारी भी समान नागरिक संहिता के संबंध में भी अपने सुझाव दें
सुझाव आमंत्रित करने जिलों में चलाया जाए जागरूकता अभियान
समान नागरिक संहिता के बारे में 22 जून तक आमंत्रित हैं सुझाव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी के माध्यम से जिला कलेक्टर्स को किया संबोधित
Centre Notifies Dharamjaigarh–Pathalgaon–Lohardaga New Rail Line Project, Opening a New Era of Development for the Region
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai's Effort Brings Decades-Old Dream Into Reality
Raipur: A historic milestone has been achieved in the development journey of Jashpur district. With the Government of India's Ministry of Railways notifying the Dharamjaigarh–Pathalgaon–Lohardaga New Rail Line Project as a Special Railway Project, the path has been cleared for connecting Jashpur to the railway network for the first time in history.
The project is more than a railway line; it will lay the foundation for the social, economic, and industrial development of the entire region.
The ambitious railway corridor, spanning approximately 291.881 kilometres, will originate from Dharamjaigarh in Raigarh district, pass through Pathalgaon in Jashpur district and extend to Lohardaga in Jharkhand. Once completed, the project will directly connect Jashpur district to the national railway network and significantly accelerate regional development.
This landmark achievement is the result of Prime Minister Shri Narendra Modi's nationwide infrastructure expansion and the sustained efforts of Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai. The long-standing demand for railway connectivity, raised by local residents for decades, has now reached a decisive stage towards fulfilment.
According to the notification published in the Gazette of India by the Ministry of Railways, the project has been notified under the provisions of the Railways Act, 1989, in the public interest and for national infrastructure development. With the publication of the notification, the project has formally come into effect.
Forest Region to Join the Mainstream of Development
Despite being rich in natural resources and development potential, Jashpur district has remained disconnected from the railway network until now. Dependence primarily on road transport created challenges for citizens, students, farmers, traders and young people seeking employment opportunities outside the district. The new railway line will improve connectivity, offering residents safer, more accessible, and cost-effective transportation options.
New Opportunities for Farmers and Entrepreneurs
Rail connectivity will make it easier to transport Jashpur's agricultural and horticultural products to major markets across the country. Known for organic farming, aromatic rice, maize, pulses, vegetables and horticultural produce, the region is expected to benefit from improved market access and better price realisation. Lower transportation costs will increase the competitiveness of local products while creating new opportunities for trade and small-scale industries.
Tourism Set to Receive a Major Boost
Jashpur is renowned for its natural beauty, dense forests, waterfalls, religious sites and tourism destinations. Improved railway connectivity will make travel easier for tourists, leading to increased visitor footfall and expanded tourism activities. The resulting growth is expected to generate new employment opportunities in hospitality, transportation, handicrafts, local products and other service sectors.
Improved Access to Education and Healthcare
The new railway line will facilitate easier access to higher educational institutions for students. It will also help patients requiring specialised treatment reach major hospitals in larger cities more quickly. As a result, both the quality and accessibility of education and healthcare services are expected to improve significantly across the region.
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से बढ़ रही किसानों की आय, आत्मनिर्भर बन रहे मत्स्यपालक
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मत्स्य उत्पादन को मिल रही नई गति
रायपुर, छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने मत्स्य क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खोली हैं। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, आधारभूत सुविधाओं और अनुदान आधारित योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के हजारों मत्स्यपालक आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
मत्स्य पालन आज केवल परंपरागत व्यवसाय नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों के लिए आय और रोजगार का एक सशक्त साधन बन चुका है। शासन की योजनाओं से छोटे और सीमांत किसानों को भी मत्स्य व्यवसाय अपनाने का अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है।
जशपुर में मत्स्य उत्पादन का नया कीर्तिमान
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर में मत्स्य क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले ने पिछले 22 महीनों में 22 हजार 805 मीट्रिक टन मछली उत्पादन का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इससे न केवल मत्स्य उत्पादन में वृद्धि हुई है, बल्कि हजारों किसानों और मत्स्यपालकों की आय में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मत्स्य विभाग के अनुसार जिले में 18.50 करोड़ स्पॉन, 2.55 करोड़ स्टेज फ्राय तथा 2.94 करोड़ मत्स्य बीजों का संचयन किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है।
सात हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला लाभ
जिले में ग्रामीण स्तर पर 77.67 हेक्टेयर तालाबों तथा 295.27 हेक्टेयर जलाशयों का पट्टा आवंटित किया गया है। इसके साथ ही नाव, जाल, फिंगरलिंग, मत्स्य बीमा तथा विपणन सहायता जैसी सुविधाओं के माध्यम से सात हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इन प्रयासों से मत्स्यपालकों को व्यवसाय विस्तार और बेहतर आय अर्जित करने में सहायता मिल रही है।
आधुनिक तकनीक से बढ़ रही उत्पादकता
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत तालाब निर्माण, पौंड लाइनर, बायोफ्लॉक इकाइयों की स्थापना और अन्य आधुनिक मत्स्य संरचनाओं के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इससे मत्स्य उत्पादन की वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा मिला है और उत्पादन लागत कम होने के साथ उत्पादकता में भी वृद्धि हुई है।
प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट से मिल रहा नया ज्ञान
मत्स्यपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में एक्सपोजर विजिट पर भेजा जा रहा है। इन भ्रमण कार्यक्रमों के माध्यम से किसान और स्वयं सहायता समूहों के सदस्य वैज्ञानिक मत्स्य पालन, तालाब एवं बीज प्रबंधन, संतुलित आहार, रोग नियंत्रण तथा विपणन की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इससे मत्स्य व्यवसाय अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन रहा है।
आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में मजबूत कदम
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मत्स्य उत्पादन, रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में मत्स्य क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।
21 जून को रणजीता स्टेडियम में होगा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य आयोजन
रायपुर,आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम "Yoga for Healthy Ageing" निर्धारित की गई है। स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें जशपुर जिले की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी।
ऑनलाइन योग सत्र के माध्यम से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास
आयुष विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 जून 2026 को प्रातः 6:15 बजे से 7:35 बजे तक आयोजित ऑनलाइन योग सत्र के माध्यम से अधिकतम लोगों की सहभागिता के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस विशेष पहल में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार एवं पंजीयन अभियान चलाया जा रहा है। इच्छुक प्रतिभागी टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 पर मिस्ड कॉल देकर अपना पंजीयन करा सकते हैं और इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा बन सकते हैं।
21 जून को रणजीता स्टेडियम में होगा मुख्य कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून 2026 को जशपुर के रणजीता स्टेडियम में जिला स्तरीय मुख्य योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
योग संगम पोर्टल पर कर सकते हैं पंजीयन
आयुष मंत्रालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से संबंधित कार्यक्रमों के पंजीयन एवं दस्तावेजीकरण के लिए योग संगम पोर्टल-2026 प्रारंभ किया गया है। विभिन्न शासकीय विभाग, शैक्षणिक संस्थान, स्थानीय निकाय एवं सामाजिक संगठन अपने योग कार्यक्रमों का पंजीयन कर आयोजन उपरांत विवरण एवं फोटोग्राफ पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।
आयुष विभाग ने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में योग कार्यक्रमों में भाग लेकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के राष्ट्रीय प्रयास में अपना योगदान दें तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को केंद्र सरकार की अधिसूचना, विकास के नए युग में प्रवेश करेगा क्षेत्र
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सतत प्रयासों से साकार हुआ दशकों पुराना सपना
रायपुर, जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किए जाने के साथ ही जशपुर को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह केवल एक रेल परियोजना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास की नई आधारशिला है।
लगभग 291.881 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी रेल लाइन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से प्रारंभ होकर जशपुर जिले के पत्थलगांव होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक पहुंचेगी। परियोजना के क्रियान्वयन से जशपुर जिला सीधे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा और क्षेत्र के विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकसित की जा रही आधुनिक आधारभूत संरचना तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों का परिणाम है। वर्षों से क्षेत्रवासियों द्वारा उठाई जा रही रेल संपर्क की मांग अब साकार होने की दिशा में निर्णायक चरण में पहुंच गई है।
रेल मंत्रालय द्वारा भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार रेल अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के तहत सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय अवसंरचना विकास को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को अधिसूचित किया गया है। अधिसूचना के प्रकाशन के साथ ही परियोजना औपचारिक रूप से प्रभावशील हो गई है।
विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा वनांचल क्षेत्र
प्राकृतिक संसाधनों और संभावनाओं से समृद्ध जशपुर जिला अब तक रेल संपर्क से वंचित था। परिवहन के लिए मुख्यतः सड़क मार्ग पर निर्भरता के कारण आम नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नई रेल लाइन के निर्माण से जिले की कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव आएगा और लोगों को सुरक्षित, सुलभ तथा किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
किसानों और उद्यमियों के लिए खुलेगी नई संभावनाएं
रेल संपर्क स्थापित होने से जशपुर के कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन, सब्जियां और बागवानी उत्पादों के लिए पहचान रखने वाले इस क्षेत्र के किसानों को बेहतर बाजार और बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। परिवहन लागत कम होने से स्थानीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी। साथ ही व्यापार और लघु उद्योगों को विस्तार का नया अवसर मिलेगा।
पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
जशपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने वन क्षेत्रों, जलप्रपातों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों के लिए विशेष पहचान रखता है। रेल संपर्क स्थापित होने के बाद पर्यटकों की पहुंच अधिक आसान होगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होगी। इससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक बढ़ेगी पहुंच
नई रेल लाइन विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुंच को सुगम बनाएगी। वहीं गंभीर मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों तक शीघ्र पहुंचाने में भी सहायता मिलेगी। इससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ उनकी उपलब्धता और पहुंच में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
रोजगार और निवेश का नया केंद्र बनेगा क्षेत्र
रेल परियोजना के निर्माण और संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार अवसर सृजित होंगे। बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
क्षेत्रवासियों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
परियोजना की अधिसूचना जारी होने के बाद जशपुर सहित पूरे क्षेत्र में उत्साह और खुशी का माहौल है। लोगों का मानना है कि यह रेल लाइन केवल यातायात सुविधा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास, समृद्धि और नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी। दशकों की प्रतीक्षा के बाद जशपुर का रेल मानचित्र पर स्थान सुनिश्चित होना जिले के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा रेल परियोजना जशपुर के विकास को नई दिशा देने वाली आधारभूत संरचना साबित होगी, जो आने वाले वर्षों में जिले की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का सामर्थ्य रखती है।
Raipur,Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Saturday announced a major relief for National Health Mission (NHM) employees by declaring payment of wages for the 33-day strike period, while reaffirming the state government's commitment to strengthening healthcare services across Chhattisgarh. The announcement was made during the state-level convention of the Chhattisgarh National Health Mission Employees’ Association held at Balbir Singh Juneja Indoor Stadium in Raipur.
Addressing a large gathering of NHM employees, Shri Sai described them as the “backbone” of the healthcare system and acknowledged their crucial role during pandemic and in delivering medical services to people living in remote and inaccessible regions of the state. He said the contribution of NHM personnel in building a healthy Chhattisgarh is invaluable and assured them that the government respects and supports their work.
Recalling the challenges of the COVID-19 pandemic, the Chief Minister said NHM officers and employees worked tirelessly, risking their own lives to serve people during one of the most difficult periods in recent history.
Shri Sai highlighted that healthcare workers continue to overcome difficult terrain, often walking long distances and crossing rivers and streams to reach people in areas lacking proper roads and transport facilities. Referring to the ongoing “Mukhyamantri Swasth Bastar Abhiyan,” he said health teams are conducting village-level screenings across Bastar and have already covered nearly 90 percent of the population.
Linking healthcare expansion with the changing situation in Bastar in past two and half years, Chief Minister said that under the guidance of Prime Minister Shri Narendra Modi and Union Home Minister Shri Amit Shah, along with the efforts of security forces, Naxalism has been eradicated from the region. This has opened new avenues for development and public welfare, with healthcare infrastructure emerging as a key priority.
Shri Sai also outlined the significant expansion of healthcare services in the state over the last two-and-a-half years. He said the opening of new medical colleges and the recruitment of doctors and paramedical staff have substantially strengthened the healthcare system. Reiterating the government’s support for healthcare personnel, he called upon health employees to continue serving with the same commitment and dedication to help build a developed and healthy Chhattisgarh.
Health Minister Shri Shyam Bihari Jaiswal said that NHM employees have played a vital role in strengthening healthcare services from Jashpur to Sukma. He informed that several employee demands have already been fulfilled, a transfer policy has been issued, and NHM staff will now be covered under a cashless treatment scheme. He also announced life insurance benefits, including Rs 6 lakh in case of natural death and Rs 1.40 crore for accidental death or permanent disability.
The Health Minister further stated that maternal and infant mortality rates have steadily declined in the state and that recruitment of nurses is underway. Locations for 116 specialized health centres aimed at further reducing maternal and infant mortality have already been identified.
Following the Chief Minister’s announcement on strike-period wages, NHM employees and association office-bearers felicitated him with a grand welcome at the convention. The event was attended by MLA Shri Purandar Mishra, Chief Minister’s Advisor Dr. Dhirendra Tiwari, NHM Employees’ Association President Dr. Amit Kumar Miri, and a large number of health officials and employees.
Raipur, Union Minister Shri Giriraj Singh paid a courtesy visit to Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai at his residence office here on Saturday. Chief Minister welcomed Shri Singh and presented him with a shawl and memento.
During the meeting, Shri Sai said that continuous dialogue and close coordination between the Centre and state governments under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi have accelerated the pace of development and ensured that welfare schemes reach the last person in society.
He added that strong Centre-state partnership is creating new opportunities in infrastructure, industry, employment, skill development and public service delivery. Chief Minister expressed confidence that continued cooperation would further accelerate Chhattisgarh's growth and help realise the vision of a developed state.
MP Shri Brijmohan Agrawal was also present on the occasion.
Sushri Mahak's achievement is a matter of pride for entire Chhattisgarh: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai
Raipur, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Saturday felicitated Rajnandgaon's young cricketer Sushri Mahak Narwase and extended his best wishes on her appointment as vice-captain of both the T20 and ODI squads of the Indian Under-19 Women's Cricket Team for the upcoming Sri Lanka tour.
Sushri Mahak Narwase paid a courtesy visit to Chief Minister, who congratulated her on the achievement and honoured her with a shawl and memento.
Describing the achievement as a matter of pride for the entire state, Chief Minister said Sushri Mahak's success reflects the growing presence of Chhattisgarh's daughters in sports and other fields at the national level. He said her accomplishment, earned through hard work, discipline and dedication, will inspire young people across the state, especially girls.
Expressing confidence in her future performance, Shri Sai said Sushri Mahak would bring laurels to both Chhattisgarh and the country in upcoming international competitions. He encouraged the young cricketer to continue striving for greater heights in her sporting career.
Chief Minister said the state government is continuously working to promote sporting talent and provide better opportunities to athletes. He added that Sushri Mahak's selection as vice-captain of the Indian Under-19 women's team reflects the improving sports ecosystem in the state.
Sushri Mahak Narwase thanked Chief Minister for the honour and his warm wishes.
Union Minister Shri Giriraj Singh, MP Shri Brijmohan Agrawal, Sushri Mahak's father Shri Radheshyam Narwase, Mayor Shri Madhusudan Yadav, coach Shri Manoj Tiwari and other officials were present on the occasion.
रायपुर :बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत एल-051 टी-05 से एंचोडा तक निर्मित 8.50 किलोमीटर सड़क ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आई है। वर्ष 2018-19 में स्वीकृत इस परियोजना के तहत 8.50 किलोमीटर मिट्टीकरण एवं मुरूमीकरण सड़क तथा 4 पुलियों का निर्माण किया गया है। कार्य अंतिम चरण में है और इसके जून माह में पूर्ण होने की संभावना है।
पहले पगडंडियों और कच्चे रास्तों का था सहारा
सड़क निर्माण से पहले एंचोडा और आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन के लिए पगडंडियों, जंगल के रास्तों और कच्चे मार्गों पर निर्भर रहना पड़ता था। बरसात के मौसम में कीचड़ और जलभराव के कारण स्थिति और अधिक कठिन हो जाती थी।
स्कूली बच्चों को विद्यालय पहुंचने में परेशानी होती थी। मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाना चुनौतीपूर्ण था। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने और आवश्यक सामग्री लाने में अतिरिक्त समय और खर्च करना पड़ता था। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को भी गांव तक पहुंचने में कठिनाई होती थी।
सड़क बनने से बदली गांव की तस्वीर
नई सड़क बनने के बाद एंचोडा का संपर्क मुख्य मार्ग, बाजार, स्वास्थ्य केंद्र और विकासखंड मुख्यालय से सीधे जुड़ गया है। अब ग्रामीण कम समय में अपनी आवश्यकताओं के लिए मुख्यालय तक पहुंच पा रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए स्कूल जाना आसान हुआ है, किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिल रही है और जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो पा रही हैं।